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                <title>Ganga River - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Ganga River RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों एवं बाढ़ चौकियों का अधिकारियों ने किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>जिलाधिकारी शैलेश कुमार के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०)/प्रभारी अधिकारी आपदा शुभांगी शुक्ला एवं उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर अरुण दीक्षित द्वारा आज जनपद में गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों छिछुआ, धनतुलसी एवं अन्य स्थानों पर स्थापित बाढ़ चौकियों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंचकर गंगा नदी के जलस्तर, बाढ़ की संभावित स्थिति तथा बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया।<br /><br />निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी सतर्कता बरतते हुए बाढ़ प्रभावित एवं संभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185706/officials-inspected-the-coastal-areas-and-flood-posts-of-river"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260819-wa0039.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>जिलाधिकारी शैलेश कुमार के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०)/प्रभारी अधिकारी आपदा शुभांगी शुक्ला एवं उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर अरुण दीक्षित द्वारा आज जनपद में गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों छिछुआ, धनतुलसी एवं अन्य स्थानों पर स्थापित बाढ़ चौकियों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंचकर गंगा नदी के जलस्तर, बाढ़ की संभावित स्थिति तथा बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया।<br /><br />निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी सतर्कता बरतते हुए बाढ़ प्रभावित एवं संभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बाढ़ चौकियों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, आवश्यक संसाधनों तथा कर्मचारियों की तैनाती के संबंध में भी जानकारी ली गई।<br /><br />प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर प्रभावी निगरानी के लिए जनपद में 22 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बाढ़ से संबंधित सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान करने तथा किसी भी आपात स्थिति में विभागीय समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।<br /><br />आज 19 अगस्त 2026 को गंगा नदी का जलस्तर 75.52 मीटर दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा गंगा नदी के जलस्तर तथा तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जलस्तर में होने वाले परिवर्तन की नियमित जानकारी प्राप्त कर आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।<br /><br />प्रभारी अधिकारी आपदा ने बताया कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित ब्लॉकों में रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात की गई हैं तथा पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित अथवा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।<br /><br />बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखते हुए राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, पंचायत एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने तथा प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।<br /><br />जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि गंगा नदी एवं उसके आसपास के निचले तथा तटवर्ती क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। नदी के जलस्तर में वृद्धि अथवा किसी भी आकस्मिक स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित तहसील प्रशासन को दें।किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 05414-250223/250308 अथवा हेल्पलाइन नंबर 1077 पर सूचना दी जा सकती है। </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 21:32:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बलिया: गंगा कटान रोकने के लिए निर्माणाधीन बाढ़ ठोकर का डीएम ने किया निरीक्षण, 24 जुलाई तक कार्य पूरा करने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
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<p style="text-align:justify;"><strong>बलिया।</strong>  बैरिया तहसील के ग्राम दुबेछपरा में गंगा नदी के कटान को रोकने के लिए निर्माणाधीन बाढ़ ठोकर का जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर बाढ़ ठोकर की चौड़ाई और गहराई की नाप कराई। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ ठोकर की चौड़ाई 15 मीटर तथा गहराई 12 मीटर निर्धारित की गई है। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में प्रयुक्त पत्थरों की गुणवत्ता के संबंध में भी जानकारी ली। इस पर बाढ़</p></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183361/6a5647738edf0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001053143.webp" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
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<div class="a3s aiL">
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<div>
<p style="text-align:justify;"><strong>बलिया।</strong> बैरिया तहसील के ग्राम दुबेछपरा में गंगा नदी के कटान को रोकने के लिए निर्माणाधीन बाढ़ ठोकर का जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर बाढ़ ठोकर की चौड़ाई और गहराई की नाप कराई। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ ठोकर की चौड़ाई 15 मीटर तथा गहराई 12 मीटर निर्धारित की गई है। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में प्रयुक्त पत्थरों की गुणवत्ता के संबंध में भी जानकारी ली। इस पर बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण में उपयोग किए जा रहे पत्थर मिर्जापुर से मंगाए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल के आसपास मौजूद हरे पेड़ों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद लेखपाल को निर्देशित किया कि पेड़ों का स्वामित्व चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">बरसात के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त मैनपावर लगाकर युद्धस्तर पर कार्य कराया जाए और हर हाल में 24 जुलाई तक रिंग बंधे का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया तो संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी बैरिया, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
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<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 20:00:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर में गंगा किनारे मिला मगरमच्छ का शव, सिर पर चोट के निशान, मार कर फेंकने का आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर में गंगा किनारे मगरमच्छ का शव मिला है। करीब 4 से 5 फीट लंबे मगरमच्छ का सिर बुरी तरह क्षतिग्रस्त था। सिर की हड्डी टूटी थी और शरीर पर भी चोट के निशान थे। मगरमच्छ का शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मामला जाजमऊ थाना क्षेत्र में मक्कू शहीद का भट्ट के पास गंगा किनारे का है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 6 बजे मोहल्ले के बच्चे गंगा किनारे क्रिकेट खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी गेंद नदी की तरफ चली गई। गेंद लेने गए बच्चों ने देखा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183244/dead-body-of-crocodile-found-on-the-banks-of-ganga"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002085922.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर में गंगा किनारे मगरमच्छ का शव मिला है। करीब 4 से 5 फीट लंबे मगरमच्छ का सिर बुरी तरह क्षतिग्रस्त था। सिर की हड्डी टूटी थी और शरीर पर भी चोट के निशान थे। मगरमच्छ का शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामला जाजमऊ थाना क्षेत्र में मक्कू शहीद का भट्ट के पास गंगा किनारे का है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 6 बजे मोहल्ले के बच्चे गंगा किनारे क्रिकेट खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी गेंद नदी की तरफ चली गई। गेंद लेने गए बच्चों ने देखा मगरमच्छ बच्चे गेंद लेने गंगा किनारे पहुंचे तो वहां मगरमच्छ का शव पड़ा देखा। बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने देखा कि मगरमच्छ के सिर की हड्डी टूटी हुई थी और शरीर पर चोट के निशान थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि मगरमच्छ गंगा में अवैध रूप से मछली पकड़ने वाले शिकारियों के जाल में फंस गया होगा। आरोप है कि जाल से निकालने के बजाय उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला किया गया। हालांकि, मगरमच्छ की मौत कैसे हुई, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। लोग बोले- गंगा में लंबे समय से हो रहा अवैध शिकार घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि गंगा में लंबे समय से अवैध तरीके से मछलियों का शिकार किया जा रहा है, लेकिन प्रभावी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div>
<div style="text-align:justify;">कार्रवाई नहीं हो रही । लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है। वन विभाग करेगा मौत के कारणों की जांच थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि वन विभाग को घटना की सूचना दे दी गई है। वन विभाग की टीम मगरमच्छ की मौत के कारणों की जांच करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 19:48:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति की बैठक सम्पन्न।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को संगम सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी के द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों एवं विभागों को आवंटित लक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से उनके द्वारा वृक्षारोपण हेतु चिन्हित स्थलों, चिन्हित स्थल का क्षेत्रफल, वृक्षारोपण हेतु लक्ष्य के सापेक्ष खोदे गये गड्ढ़ो की संख्या तथा चिन्हित स्थल पर किस विधि से व कितने पौधों का रोपण किया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182455/meeting-of-district-tree-plantation-committee-district-ganga-committee-district"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260625-wa0153.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को संगम सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी के द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों एवं विभागों को आवंटित लक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से उनके द्वारा वृक्षारोपण हेतु चिन्हित स्थलों, चिन्हित स्थल का क्षेत्रफल, वृक्षारोपण हेतु लक्ष्य के सापेक्ष खोदे गये गड्ढ़ो की संख्या तथा चिन्हित स्थल पर किस विधि से व कितने पौधों का रोपण किया जायेगा, की जानकारी लेते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों को वृक्षारोपण कराये जाने हेतु लक्ष्य के अनुसार स्थल चयन, गड्ढ़ें की खुदाई एवं अन्य आवश्यक तैयारियां कराये जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के बाद पुनः तैयारियों की समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण करने के साथ-साथ उनके संरक्षण व संवर्धन की व्यवस्था भी की जाये, जिससे उनको सूखने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस कार्य को सिर्फ विभागीय जिम्मेदारी के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति के संरक्षण हेतु अपनी नैतिक जिम्मेदारी के रूप में लें तथा ज्यादा से ज्यादा लोगो को भी वृक्षारोपण कराये जाने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सभी सम्बंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि जिन विभागों के द्वारा ज्यादा पौधरोपण किया जाना है, वे पहले से ही उसकी मांग वन विभाग को प्रेषित कर दें। उन्होंने रोपित किए जाने वाले  पौधों की सिंचाई की व्यवस्था । अधिकारियों को स्थानीय नर्सरी से समन्वय कर अच्छे गुणवत्ता के बड़े पौधों की उठान कराये जाने के लिए कहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">     गंगा नदी एवं उनकी सहायक नदियों पर कोई भी स्थायी या अस्थायी कार्य किए जाने के पूर्व ही राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) से अनुमति लिया जाना आवश्यक है, इसलिए कोई भी विभाग जैसे-पीडब्लूडी, सेतु निगम, एनएचआई व अन्य विभाग यदि कोई भी निर्माण कार्य गंगा नदी या उनकी सहायक नदियों पर या बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में करवाते है, तो कार्य के निर्माण से पूर्व ही इस सम्बंध में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से अनुमति प्राप्त करने हेतु जिला गंगा समिति के माध्यम से अनिवार्य रूप से प्रस्ताव प्रेषित करायें।  बैठक में जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी को इको सेंसिटव जोन बनाये जाने हेतु स्थल का चयन सुनिश्चित कराते हुए इस सम्बंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी श्री अरविंद कुमार यादव सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जिला पर्यावरण समिति की बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक के विरूद्ध 05 जून से 21 जून,  2026 तक चलाये गये विशेष अभियान में नगर निगम व अन्य सम्बंधित विभागों के द्वारा की गयी कार्यवाही की जानकारी लेते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के विरूद्ध लगातार कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।  चाइनिज मांझे के भण्डारण, परिवहन व बिक्री पर रोक लगाये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी  अरविंद कुमार यादव सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:46:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>बिहार में विक्रमशिला सेतु का पिलर गिरा, आवाजाही ठप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> बिहार में पुलों का गिरना कोई नई बात नहीं है. एक बार फिर से कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला है. विक्रमशिला सेतु का 133 नंबर पिलर ने जल समाधि ले ली है. इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है. दरअसल, विक्रमशिला सेतु भागलपुर और नवगछिया को जोड़ता है. बाताया जा रहा है कि भागलपुर की ओर शुरुआती हिस्से में धंसान होने के बाद करीब 33 मीटर हिस्सा गंगा नदी में समा गया. आधी रात करीब 12:50 बजे पुल के पिलर नंबर 133 के पास सड़क का एक बड़ा स्लैब अचानक टूटकर गंगा में गिर गया.</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178179/pillar-of-vikramshila-bridge-fell-in-bihar-traffic-stopped"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/178600-copy-of-17.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> बिहार में पुलों का गिरना कोई नई बात नहीं है. एक बार फिर से कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला है. विक्रमशिला सेतु का 133 नंबर पिलर ने जल समाधि ले ली है. इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है. दरअसल, विक्रमशिला सेतु भागलपुर और नवगछिया को जोड़ता है. बाताया जा रहा है कि भागलपुर की ओर शुरुआती हिस्से में धंसान होने के बाद करीब 33 मीटर हिस्सा गंगा नदी में समा गया. आधी रात करीब 12:50 बजे पुल के पिलर नंबर 133 के पास सड़क का एक बड़ा स्लैब अचानक टूटकर गंगा में गिर गया. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गनीमत रही कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और प्रशासन की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया. उस समय पुल पर कई वाहन मौजूद थे लेकिन समय रहते सभी को पीछे हटाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. ''सुरक्षा के मद्देनजर विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है. पुल के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर दी गई है. साथ ही तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है.''- नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी, भागलपुर।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 22:02:58 +0530</pubDate>
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