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                <title>Ganga River - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Ganga River RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति की बैठक सम्पन्न।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को संगम सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी के द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों एवं विभागों को आवंटित लक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से उनके द्वारा वृक्षारोपण हेतु चिन्हित स्थलों, चिन्हित स्थल का क्षेत्रफल, वृक्षारोपण हेतु लक्ष्य के सापेक्ष खोदे गये गड्ढ़ो की संख्या तथा चिन्हित स्थल पर किस विधि से व कितने पौधों का रोपण किया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182455/meeting-of-district-tree-plantation-committee-district-ganga-committee-district"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260625-wa0153.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को संगम सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी के द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों एवं विभागों को आवंटित लक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से उनके द्वारा वृक्षारोपण हेतु चिन्हित स्थलों, चिन्हित स्थल का क्षेत्रफल, वृक्षारोपण हेतु लक्ष्य के सापेक्ष खोदे गये गड्ढ़ो की संख्या तथा चिन्हित स्थल पर किस विधि से व कितने पौधों का रोपण किया जायेगा, की जानकारी लेते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों को वृक्षारोपण कराये जाने हेतु लक्ष्य के अनुसार स्थल चयन, गड्ढ़ें की खुदाई एवं अन्य आवश्यक तैयारियां कराये जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के बाद पुनः तैयारियों की समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण करने के साथ-साथ उनके संरक्षण व संवर्धन की व्यवस्था भी की जाये, जिससे उनको सूखने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस कार्य को सिर्फ विभागीय जिम्मेदारी के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति के संरक्षण हेतु अपनी नैतिक जिम्मेदारी के रूप में लें तथा ज्यादा से ज्यादा लोगो को भी वृक्षारोपण कराये जाने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सभी सम्बंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि जिन विभागों के द्वारा ज्यादा पौधरोपण किया जाना है, वे पहले से ही उसकी मांग वन विभाग को प्रेषित कर दें। उन्होंने रोपित किए जाने वाले  पौधों की सिंचाई की व्यवस्था । अधिकारियों को स्थानीय नर्सरी से समन्वय कर अच्छे गुणवत्ता के बड़े पौधों की उठान कराये जाने के लिए कहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">     गंगा नदी एवं उनकी सहायक नदियों पर कोई भी स्थायी या अस्थायी कार्य किए जाने के पूर्व ही राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) से अनुमति लिया जाना आवश्यक है, इसलिए कोई भी विभाग जैसे-पीडब्लूडी, सेतु निगम, एनएचआई व अन्य विभाग यदि कोई भी निर्माण कार्य गंगा नदी या उनकी सहायक नदियों पर या बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में करवाते है, तो कार्य के निर्माण से पूर्व ही इस सम्बंध में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से अनुमति प्राप्त करने हेतु जिला गंगा समिति के माध्यम से अनिवार्य रूप से प्रस्ताव प्रेषित करायें।  बैठक में जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी को इको सेंसिटव जोन बनाये जाने हेतु स्थल का चयन सुनिश्चित कराते हुए इस सम्बंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी श्री अरविंद कुमार यादव सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जिला पर्यावरण समिति की बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक के विरूद्ध 05 जून से 21 जून,  2026 तक चलाये गये विशेष अभियान में नगर निगम व अन्य सम्बंधित विभागों के द्वारा की गयी कार्यवाही की जानकारी लेते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के विरूद्ध लगातार कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।  चाइनिज मांझे के भण्डारण, परिवहन व बिक्री पर रोक लगाये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी  अरविंद कुमार यादव सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:46:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार में विक्रमशिला सेतु का पिलर गिरा, आवाजाही ठप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> बिहार में पुलों का गिरना कोई नई बात नहीं है. एक बार फिर से कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला है. विक्रमशिला सेतु का 133 नंबर पिलर ने जल समाधि ले ली है. इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है. दरअसल, विक्रमशिला सेतु भागलपुर और नवगछिया को जोड़ता है. बाताया जा रहा है कि भागलपुर की ओर शुरुआती हिस्से में धंसान होने के बाद करीब 33 मीटर हिस्सा गंगा नदी में समा गया. आधी रात करीब 12:50 बजे पुल के पिलर नंबर 133 के पास सड़क का एक बड़ा स्लैब अचानक टूटकर गंगा में गिर गया.</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178179/pillar-of-vikramshila-bridge-fell-in-bihar-traffic-stopped"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/178600-copy-of-17.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> बिहार में पुलों का गिरना कोई नई बात नहीं है. एक बार फिर से कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला है. विक्रमशिला सेतु का 133 नंबर पिलर ने जल समाधि ले ली है. इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है. दरअसल, विक्रमशिला सेतु भागलपुर और नवगछिया को जोड़ता है. बाताया जा रहा है कि भागलपुर की ओर शुरुआती हिस्से में धंसान होने के बाद करीब 33 मीटर हिस्सा गंगा नदी में समा गया. आधी रात करीब 12:50 बजे पुल के पिलर नंबर 133 के पास सड़क का एक बड़ा स्लैब अचानक टूटकर गंगा में गिर गया. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गनीमत रही कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और प्रशासन की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया. उस समय पुल पर कई वाहन मौजूद थे लेकिन समय रहते सभी को पीछे हटाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. ''सुरक्षा के मद्देनजर विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है. पुल के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर दी गई है. साथ ही तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है.''- नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी, भागलपुर।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 22:02:58 +0530</pubDate>
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