<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/85090/chairman-prasar-bharati" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>chairman Prasar Bharati - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/85090/rss</link>
                <description>chairman Prasar Bharati RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रंग दे बसंती वाले अब राष्ट्र को नया रंग देंगे: प्रसार भारती का नया युग</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कभी-कभी एक निर्णय केवल पद परिवर्तन नहीं होता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे विमर्श की दिशा मोड़ देता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रसून जोशी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रसार भारती</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के चेयरमैन पद पर आगमन ऐसा ही क्षण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ सृजन और सत्ता का संगम नए अर्थ गढ़ने को तैयार दिखता है। गीतों में राष्ट्र की आत्मा को स्वर देने वाले इस रचनाकार और</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (</span><span lang="hi" xml:lang="hi">सीबीएफसी</span>) <span lang="hi" xml:lang="hi">के अध्यक्ष के हाथों में अब</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दूरदर्शन</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आकाशवाणी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की कमान है। </span>2 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">की यह नियुक्ति सीधे प्रश्न खड़ा करती है—क्या यह पारंपरिक प्रसारण को डिजिटल युग में पुनर्जीवित कर नई प्रासंगिकता देगा</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178092/rang-de-basanti-people-will-now-give-new-color-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/images1.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कभी-कभी एक निर्णय केवल पद परिवर्तन नहीं होता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे विमर्श की दिशा मोड़ देता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रसून जोशी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रसार भारती</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के चेयरमैन पद पर आगमन ऐसा ही क्षण है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ सृजन और सत्ता का संगम नए अर्थ गढ़ने को तैयार दिखता है। गीतों में राष्ट्र की आत्मा को स्वर देने वाले इस रचनाकार और</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (</span><span lang="hi" xml:lang="hi">सीबीएफसी</span>) <span lang="hi" xml:lang="hi">के अध्यक्ष के हाथों में अब</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दूरदर्शन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आकाशवाणी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की कमान है। </span>2 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">की यह नियुक्ति सीधे प्रश्न खड़ा करती है—क्या यह पारंपरिक प्रसारण को डिजिटल युग में पुनर्जीवित कर नई प्रासंगिकता देगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या सार्वजनिक मंचों को और अधिक मुखर सरकारी आख्यान में ढालेगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">असल चुनौती यही है कि यह बदलाव सूचना की स्वतंत्रता और सांस्कृतिक विरासत के बीच उस सूक्ष्म संतुलन को कैसे साधता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर लोकतंत्र की विश्वसनीयता टिकी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सृजन की राह पर बढ़ते एक रचनाकार ने अपने शब्दों से युवाओं के दिलों में गहरी छाप छोड़ी है। ‘रंग दे बसंती’ और ‘चांद सिफारिश’ जैसे गीतों ने नई पीढ़ी को जोड़ा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं विज्ञापन जगत में ‘ठंडा मतलब कोका-कोला’</span>, ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हैप्पीडेंट पैलेस’</span>, ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">दाग अच्छे हैं’ (सर्फ एक्सेल) और ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ जैसे अभियानों से उन्होंने सांस्कृतिक गहराई का नया आयाम रचा। उनकी अभिव्यक्ति में देशज मिट्टी की सुगंध और सांस्कृतिक चेतना का सजीव प्रतिबिंब दिखाई देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो शाश्वत मूल्यों को स्पर्श करता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आधिकारिक तौर पर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें दुर्लभ रचनात्मक प्रतिभा माना गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनके नेतृत्व में संस्था को नई ऊर्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्पष्ट उद्देश्य और रचनात्मक दिशा मिलने की उम्मीद है। यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब संगठन डिजिटल परिवर्तन की चुनौतियों से जूझ रहा है और उसे नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण की आवश्यकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बदलते मीडिया परिदृश्य में प्रसार भारती इस समय दोहरे संघर्ष से गुजर रही है। एक ओर डिजिटल प्लेटफॉर्म—नेटफ्लिक्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यूट्यूब और इंस्टाग्राम—युवा दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दूसरी ओर संपादकीय स्वतंत्रता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीमित संसाधन और राजनीतिक दबाव जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। इसके बावजूद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वेव्स ओटीटी और पे-पर-व्यू जैसे प्रयोग डिजिटल-फर्स्ट सोच को दर्शाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि डायरेक्ट-टू-मोबाइल ब्रॉडकास्टिंग और एआई आधारित कंटेंट निर्माण के प्रयास भविष्य की तैयारी का संकेत देते हैं। यदि रचनात्मक दृष्टि और नवाचार का सही समावेश हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो ग्रामीण भारत की अनकही कहानियों को वीआर/एआर के जरिए जीवंत करना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्षेत्रीय भाषाओं में पॉडकास्ट बनाना और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच तक पहुंचाना संभव है। इसी दिशा में शुरू किए गए ‘क्रिएटर्स कॉर्नर’ जैसे कार्यक्रम भी युवा डिजिटल क्रिएटर्स को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास दर्शाते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उभरती संभावनाओं के बीच आशंकाओं का साया और गहरा दिखाई देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि यह संस्था बरसों से अपनी वास्तविक स्वायत्तता के लिए जूझती रही है। हाल के वर्षों में वरिष्ठ संपादकों के क्रमशः हाशिए पर जाने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी तंत्र के बढ़ते वर्चस्व और कंटेंट से जुड़े अधिकांश पदों के रिक्त पड़े रहने जैसी स्थितियां उसकी आंतरिक चुनौतियों को उजागर करती हैं। ऐसे परिदृश्य में नेतृत्व के वैचारिक समीकरण भी स्वाभाविक रूप से बहस के केंद्र में आ खड़े होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे यह सवाल और तीखा हो जाता है कि क्या आगे की राह विविध आवाजों—विपक्ष</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आलोचना और क्षेत्रीय सरोकारों—को समान महत्व देगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">एक राष्ट्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक स्वर</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">वाले नैरेटिव को और पुख्ता </span><span lang="hi" xml:lang="hi">करेगी</span>?<span lang="hi" xml:lang="hi"> विशेषकर जब देश विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों के संवेदनशील दौर से गुजर रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब इस परिवर्तन का समय अपने आप में कई गहरे संकेत और अनुत्तरित प्रश्न समेटे हुए है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">नए युग की दहलीज पर खड़ी इस संस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती तकनीकी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उसकी जड़ में बैठी संरचनात्मक सीमाएं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो डिजिटल पुनर्जन्म की गति को थामे हुए हैं। बदलते समय के साथ तालमेल बिठाने के लिए क्लाउड-आधारित वर्कफ्लो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इमर्सिव प्रोडक्शन और हाइब्रिड डिलीवरी जैसे आधुनिक ढांचों की तत्काल आवश्यकता है। यदि नेतृत्व रचनात्मक दृष्टि के साथ-साथ संस्थागत सुधारों—जैसे संपादकीय स्वतंत्रता की गारंटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">योग्य पत्रकारों की सक्रिय भर्ती और नीतियों में पारदर्शिता—पर समान रूप से बल देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह बदलाव सचमुच ऐतिहासिक साबित हो सकता है। तब एक ऐसे सार्वजनिक प्रसारक की कल्पना साकार हो सकेगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो केवल सूचना देने तक सीमित न रहकर युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़े</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसानों की आवाज बने और वैश्विक मंच पर देश की सॉफ्ट पावर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी संस्थान का ठोस और टिकाऊ पुनर्जागरण स्वायत्तता के बिना संभव नहीं होता। जब नेतृत्व अपनी भूमिका को केवल रचनात्मक दायरे तक सीमित रखकर राजनीतिक दबावों को नजरअंदाज करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वही मंच धीरे-धीरे एक संगठित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रभावशाली लेकिन पक्षपाती प्रचार तंत्र में सिमटने लगता है। सार्वजनिक प्रसारण की पहचान निष्पक्षता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विविधता और सख्त जवाबदेही से निर्मित होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो उसकी विश्वसनीयता का आधार हैं। ऐसे संवेदनशील और निर्णायक दौर में जोशी के सामने स्पष्ट परीक्षा है—वे अपनी कविताओं से निकली संवेदनशीलता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दृष्टि और संतुलन को ठोस नीतियों में ढालकर संस्था को नई दिशा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऊर्जा और भरोसा दे सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या फिर इसे अतीत की कहानी का एक और विस्तारित अध्याय बनाकर छोड़ सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह क्षण केवल बदलाव का संकेत नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भरोसे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दृष्टि और चरित्र को फिर से गढ़ने की निर्णायक घड़ी है। प्रसून जोशी के सामने एक साथ अवसर और कसौटी खड़ी है—यदि वे डिजिटल युग की मांग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सांस्कृतिक गहराई की सच्ची समझ और संपादकीय स्वतंत्रता की ठोस मर्यादा को एक सूत्र में पिरो पाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रसार भारती</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">न सिर्फ अपनी खोई साख को पुनः अर्जित करेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की निर्भीक और विश्वसनीय आवाज बनकर उभरेगा। पर यदि यह संतुलन बिखर गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह पहल भी औपचारिकता में सिमटकर एक और राजनीतिक निर्णय बन जाएगी। अंततः फैसला इसी पर टिकेगा—क्या वे अपनी रचनात्मक चेतना को स्वतंत्र दिशा देंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या उसे सत्ता के स्वर में ढाल देंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="en-in" xml:lang="en-in"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178092/rang-de-basanti-people-will-now-give-new-color-to</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178092/rang-de-basanti-people-will-now-give-new-color-to</guid>
                <pubDate>Mon, 04 May 2026 17:07:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/images1.jpg"                         length="57122"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        