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                <title>Employment Generation - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Employment Generation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें अधिकारी : डीएम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में सोमवार को जिला व्यापार बंधु, जिला उद्योग बंधु एवं जिला स्तरीय बैंकिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापार एवं उद्योग से जुड़ी समस्याओं के साथ ही शासन की स्वरोजगारपरक योजनाओं तथा बैंकिंग सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद व्यापारियों एवं उद्यमियों से संवाद कर उनकी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सुने। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापारियों एवं उद्यमियों से जुड़े प्रकरणों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने कहा कि जनपद में व्यापार</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186939/dm-officers-should-ensure-timely-resolution-of-problems-of-traders"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260831-wa0433.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में सोमवार को जिला व्यापार बंधु, जिला उद्योग बंधु एवं जिला स्तरीय बैंकिंग समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापार एवं उद्योग से जुड़ी समस्याओं के साथ ही शासन की स्वरोजगारपरक योजनाओं तथा बैंकिंग सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद व्यापारियों एवं उद्यमियों से संवाद कर उनकी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सुने। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापारियों एवं उद्यमियों से जुड़े प्रकरणों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने कहा कि जनपद में व्यापार और उद्योग के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उद्यमियों को अनुमतियों, योजनाओं और विभागीय प्रक्रियाओं में अनावश्यक परेशानी न हो तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लंबित आवेदनों का शीघ्र करें निस्तारण</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लंबित आवेदन पत्रों की स्थिति की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि स्वरोजगार स्थापित करने के इच्छुक पात्र युवाओं को योजनाओं का लाभ समय से मिलना चाहिए। आवेदन से लेकर ऋण स्वीकृति एवं वितरण तक की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब किसी भी दशा में न हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने अधिक से अधिक पात्र युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने विभागों और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए पात्र प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कारीगरों को कौशल विकास से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर</div>
<div style="text-align:justify;">विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लाभार्थियों के प्रशिक्षण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पात्र लाभार्थियों का प्रशिक्षण शीघ्र शुरू कराकर निर्धारित समय में पूरा कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि परंपरागत कारीगरों एवं श्रमिकों को कौशल विकास के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए योजना का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद जिला स्तरीय बैंकिंग समिति की बैठक में बैंकिंग गतिविधियों तथा रोजगारपरक एवं ऋण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों को पात्र आवेदकों के ऋण संबंधी प्रकरणों का सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों के आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित न रखे जाएं और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने में तेजी लाई जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, उपायुक्त जीएसटी, उपायुक्त उद्योग, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, व्यापारी एवं उद्यमी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 21:29:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व जनसंख्या दिवस: संख्या नहीं संतुलन है सबसे बड़ी चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस हमें केवल बढ़ती आबादी के आंकड़ों की याद नहीं दिलाता, बल्कि यह सोचने का अवसर भी देता है कि जनसंख्या किसी देश के लिए बोझ है या सबसे बड़ी ताकत। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस देश के पास अपनी आबादी के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और संसाधनों की कितनी प्रभावी व्यवस्था है। वर्ष 1990 में जब विश्व जनसंख्या दिवस पहली बार व्यापक रूप से मनाया गया था, तब दुनिया की आबादी लगभग 5.3 अरब थी। आज यह 8 अरब से अधिक हो चुकी है। इन तीन दशकों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183103/population-day-balance-is-the-biggest-challenge-not-numbers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(2).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस हमें केवल बढ़ती आबादी के आंकड़ों की याद नहीं दिलाता, बल्कि यह सोचने का अवसर भी देता है कि जनसंख्या किसी देश के लिए बोझ है या सबसे बड़ी ताकत। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस देश के पास अपनी आबादी के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और संसाधनों की कितनी प्रभावी व्यवस्था है। वर्ष 1990 में जब विश्व जनसंख्या दिवस पहली बार व्यापक रूप से मनाया गया था, तब दुनिया की आबादी लगभग 5.3 अरब थी। आज यह 8 अरब से अधिक हो चुकी है। इन तीन दशकों में विश्व की जनसंख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, लेकिन इसके साथ ही एक नया संकट भी सामने आया है। कई देशों में आबादी तेजी से बढ़ रही है, जबकि अनेक विकसित देशों में जन्मदर इतनी कम हो गई है कि वहां जनसंख्या घटने और समाज के बूढ़ा होने की चुनौती पैदा हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत आज दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार देश की जनसंख्या लगभग 1.46 से 1.47 अरब के बीच पहुंच चुकी है। हालांकि अच्छी बात यह है कि भारत की वार्षिक जनसंख्या वृद्धि दर लगातार घट रही है और कुल प्रजनन दर भी प्रतिस्थापन स्तर के आसपास या उससे नीचे आ गई है। इसका अर्थ यह है कि अब भारत अनियंत्रित जनसंख्या विस्फोट के दौर से निकलकर जनसंख्या संतुलन के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। इसलिए आज आवश्यकता केवल जनसंख्या नियंत्रण की नहीं, बल्कि दूरदर्शी जनसंख्या प्रबंधन की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बीते दशकों में जनसंख्या तेजी से बढ़ने के पीछे कई कारण रहे। चिकित्सा सुविधाओं में सुधार, टीकाकरण, बेहतर अस्पताल, स्वच्छता और पोषण के कारण मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई। शिशु एवं मातृ मृत्यु दर भी घटी, जिससे अधिक बच्चे जीवित रहने लगे। दूसरी ओर लंबे समय तक जन्मदर अपेक्षाकृत ऊंची बनी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की कमी, परिवार नियोजन के प्रति सीमित जागरूकता, बाल विवाह, पुत्र प्राप्ति की सामाजिक मानसिकता, गरीबी, बड़े परिवार को सामाजिक प्रतिष्ठा मानने जैसी धारणाओं ने भी जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा दिया। कई परिवारों में बच्चे भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और श्रम शक्ति के रूप में देखे जाते रहे, जिससे परिवार का आकार बड़ा होता गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनसंख्या वृद्धि का प्रभाव केवल लोगों की संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं रहता। इसका सीधा असर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, जल, खाद्यान्न, ऊर्जा, परिवहन और पर्यावरण पर पड़ता है। यदि जनसंख्या वृद्धि आर्थिक विकास से अधिक तेज हो जाए तो विकास योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक समान रूप से नहीं पहुंच पाता। सरकारें सड़क, अस्पताल, विद्यालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करती हैं, लेकिन बढ़ती आबादी के कारण उनकी मांग लगातार बढ़ती रहती है। परिणामस्वरूप संसाधनों पर दबाव बढ़ जाता है और विकास का लाभ अपेक्षाकृत कम दिखाई देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि जनसंख्या का दूसरा पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि किसी देश की आबादी में युवाओं का अनुपात अधिक हो तो वह देश आर्थिक दृष्टि से तेजी से आगे बढ़ सकता है। भारत की लगभग दो-तिहाई आबादी कार्यशील आयु वर्ग में है। यही भारत का सबसे बड़ा जनसांख्यिकीय लाभांश है। यदि इन युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल, रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलें तो भारत विश्व अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी कार्यशक्ति बन सकता है। यही कारण है कि आज अनेक विकसित देश भारतीय इंजीनियरों, डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य पेशेवरों की ओर उम्मीद से देख रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">दुनिया का जनसांख्यिकीय परिदृश्य तेजी से बदल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जापान, दक्षिण कोरिया, इटली, जर्मनी और चीन जैसे देशों में जन्मदर लगातार घट रही है। कई देशों में स्थिति ऐसी हो गई है कि वहां जनसंख्या को बनाए रखने के लिए सरकारें लोगों को अधिक बच्चे पैदा करने पर आर्थिक प्रोत्साहन, कर में छूट, नकद सहायता, मुफ्त शिक्षा और अन्य सुविधाएं दे रही हैं। इन देशों के सामने सबसे बड़ी चुनौती वृद्ध होती आबादी और घटती कार्यशील जनसंख्या है। कम युवा होने के कारण उद्योगों, अस्पतालों और सेवा क्षेत्रों में श्रमिकों की कमी महसूस होने लगी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत के लिए यह स्थिति एक महत्वपूर्ण सीख है। लंबे समय तक "हम दो हमारे दो" का संदेश सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया गया और इसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आया। आज देश की प्रजनन दर काफी कम हो चुकी है। इसलिए भविष्य की नीतियां बनाते समय केवल जनसंख्या घटाने पर जोर देना उचित नहीं होगा। यदि जन्मदर लगातार बहुत नीचे चली गई तो आने वाले दशकों में भारत भी वृद्ध होती आबादी की चुनौती का सामना कर सकता है। विशेषज्ञ पहले ही संकेत दे चुके हैं कि यदि संतुलन नहीं बनाया गया तो भारत अमीर बनने से पहले बूढ़ा हो सकता है। इसका अर्थ यह है कि आर्थिक विकास की गति उस स्तर तक पहुंचने से पहले ही बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ने लगेगी और कार्यशील आबादी का अनुपात घट जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">इसलिए अब आवश्यकता संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देश में ऐसी नीतियां बननी चाहिए जो छोटे और जिम्मेदार परिवार को प्रोत्साहित करें, लेकिन साथ ही अत्यधिक गिरती जन्मदर को भी रोका जा सके। परिवार नियोजन का उद्देश्य केवल बच्चों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और सक्षम परिवार बनाना होना चाहिए। प्रत्येक बच्चे को बेहतर पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराना ही वास्तविक जनसंख्या नीति की सफलता होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल आबादी नहीं, बल्कि मानव संसाधन के प्रभावी उपयोग की है। यदि करोड़ों युवा बेरोजगार रहेंगे तो जनसांख्यिकीय लाभांश बोझ बन जाएगा। वहीं यदि उन्हें आधुनिक तकनीक, डिजिटल कौशल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विनिर्माण, अनुसंधान, कृषि और सेवा क्षेत्रों में अवसर मिलेंगे तो यही युवा भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बना सकते हैं। आने वाले वर्षों में वैश्विक श्रम बाजार में भारत की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी क्योंकि विकसित देशों में कार्यबल लगातार घट रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनसंख्या और पर्यावरण के बीच भी गहरा संबंध है। बढ़ती आबादी के कारण जल संकट, प्रदूषण, जंगलों की कटाई, कृषि भूमि पर दबाव और ऊर्जा की मांग बढ़ती है। इसलिए सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप ऐसी विकास नीतियां आवश्यक हैं जिनमें संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संपदा सुरक्षित रह सके। जनसंख्या प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व जनसंख्या दिवस का वास्तविक संदेश यही है कि केवल लोगों की संख्या बढ़ना या घटना ही महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समान अवसर उपलब्ध हों। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति है। यदि यह शक्ति सही दिशा में आगे बढ़ी तो देश आर्थिक महाशक्ति बनने की क्षमता रखता है। लेकिन यदि शिक्षा, रोजगार और संसाधनों का संतुलित विकास नहीं हुआ तो यही अवसर चुनौती में बदल सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता भय या उत्साह में किसी एक छोर पर खड़े होने की नहीं, बल्कि संतुलित और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की है। जनसंख्या न तो केवल समस्या है और न ही केवल संपत्ति। वह एक ऐसी शक्ति है जिसे सही नीति, दूरदर्शी योजना और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा आधार बनाया जा सकता है। विश्व जनसंख्या दिवस हमें यही संदेश देता है कि भविष्य की सफलता केवल जनसंख्या की संख्या से नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता, उत्पादकता और संतुलित विकास से तय होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:27:28 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दासिया में बन रहे इथेनॉल प्लांट सभी मानकों का हो रहा पालन,अक्टूबर 2026 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य- निदेशक रोहन जायसवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती  जिले में रुधौली विधानसभा क्षेत्र के दासिया गांव में निर्माणाधीन अनीता डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्तावित इथेनॉल प्लांट को लेकर सोमवार को रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक निजी होटल में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कंपनी के निदेशक रोहन जायसवाल और अन्य अधिकारियों ने परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए इसे पर्यावरण अनुकूल एवं आधुनिक तकनीक पर आधारित बताया।रोहन जायसवाल ने कहा कि प्लांट में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार का अशोधित या हानिकारक अपशिष्ट जल बाहर नहीं छोड़ा जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी मानकों का कड़ाई</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182879/ethanol-plants-being-built-in-dacia-are-following-all-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260706-wa0065.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती  जिले में रुधौली विधानसभा क्षेत्र के दासिया गांव में निर्माणाधीन अनीता डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्तावित इथेनॉल प्लांट को लेकर सोमवार को रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक निजी होटल में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कंपनी के निदेशक रोहन जायसवाल और अन्य अधिकारियों ने परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए इसे पर्यावरण अनुकूल एवं आधुनिक तकनीक पर आधारित बताया।रोहन जायसवाल ने कहा कि प्लांट में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार का अशोधित या हानिकारक अपशिष्ट जल बाहर नहीं छोड़ा जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा तथा अपशिष्ट का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया जाएगा।एनओसी संबंधी सवालों के जवाब में कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय, प्रादेशिक और स्थानीय स्तर पर आवश्यक सभी विभागीय अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त किए जा चुके हैं। साथ ही जिला पंचायत एवं ग्राम पंचायत से भी अनुमति मिल चुकी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार शिलान्यास से पूर्व मुख्य राजस्व अधिकारी की मौजूदगी में किसानों के साथ बैठक की गई थी, जिसके बाद नियमानुसार निर्माण कार्य शुरू कराया गया।कंपनी का दावा है कि परियोजना का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और अक्टूबर 2026 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। प्लांट में किसानों से टूटे चावल, मक्का, भूसी सहित अन्य कृषि उत्पाद खरीदकर इथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब दो हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। प्रेसवार्ता के दौरान पर्यावरणीय प्रभाव, भूजल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और स्थानीय लोगों की आशंकाओं से जुड़े सवाल भी उठाए गए, जिनका कंपनी प्रतिनिधियों ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना का संचालन सभी वैधानिक और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप किया जाएगा तथा संबंधित विभागों की नियमित निगरानी भी होती रहेगी। इस अवसर पर कंपनी के प्रोपराइटर सुधीर जायसवाल, यूनिट हेड आर.के. दुबे, चीफ कंसल्टेंट पी.एन. पांडेय, तकनीकी विशेषज्ञ तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद रहे।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:58:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कौशल विकास मिशन की समीक्षा बैठक सम्पन्न</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>गोण्डा । </strong>कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति एवं रोजगार सृजन से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद के अधिक से अधिक युवक एवं युवतियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं स्वरोजगार के साथ-साथ निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर विशेष बल।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक युवा इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182617/review-meeting-of-skill-development-mission-concluded-under-the-chairmanship"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1007835135.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>गोण्डा । </strong>कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति एवं रोजगार सृजन से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद के अधिक से अधिक युवक एवं युवतियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं स्वरोजगार के साथ-साथ निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर विशेष बल।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक युवा इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को उनकी रुचि एवं स्थानीय रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्हें रोजगार प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रोजगारपरक ट्रेडों में प्रशिक्षण पर विशेष जोर देने के निर्देश</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एग्रीकल्चर, ऑटोमेटिव, कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, मीडिया एंड इंटरटेनमेंट, प्लम्बिंग, हैंडीक्राफ्ट एंड कार्पेट, ब्यूटी एंड वेलनेस, टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी, आईटी एवं आईटीईएस, रिटेल सहित अन्य रोजगारपरक ट्रेडों में अधिक से अधिक युवक-युवतियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योगों एवं बाजार की मांग के अनुरूप संचालित किए जाएं, जिससे प्रशिक्षित युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समन्वित प्रयासों से बढ़ेगा रोजगार और आत्मनिर्भरता</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कौशल विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे जनपद में रोजगार के अवसरों का विस्तार हो तथा अधिक से अधिक युवा आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने नियमित समीक्षा एवं सतत मॉनिटरिंग पर भी विशेष बल दिया।बैठक में कौशल विकास कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन, प्रशिक्षण की गुणवत्ता, युवाओं की अधिकाधिक भागीदारी तथा रोजगार उपलब्ध कराने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला विकास अधिकारी आदित्य तिवारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए सुशील कुमार पांडेय, डीसी एनआरएलएम जे.एन. राव, जिला सेवायोजन अधिकारी, राम सिंह जिला समन्वयक कौशल विकास, अविनाश प्रताप सिंह कौशल विकास मैनेजर, दीपक  खरे कौशल विकास मैनेजर सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182617/review-meeting-of-skill-development-mission-concluded-under-the-chairmanship</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 20:01:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत ईपीएफओ द्वारा इफको फूलपुर में आयोजित हुआ समानांतर कार्यक्रम।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दया शंकर त्रिपाठी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत देशभर के लाभार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं हितधारकों को संबोधित करते हुए लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित किए जाने के अवसर पर इसके समानांतर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन ईफको फूलपुर इकाई में किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  सांसद  प्रवीण पटेल थे।  इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श सुमित कुमार, डीएलसी प्रयागराज,  पी.के. सिंह, वरिष्ठ महाप्रबंधक, ईफको फूलपुर,  विनिता सिंह, एडीएम (फाइनेंस), तथा  राहुल वर्मा, कमिश्नर, ईपीएफओ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181674/a-parallel-program-organized-by-epfo-at-iffco-phulpur-under"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001835773.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दया शंकर त्रिपाठी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत देशभर के लाभार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं हितधारकों को संबोधित करते हुए लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित किए जाने के अवसर पर इसके समानांतर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन ईफको फूलपुर इकाई में किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  सांसद  प्रवीण पटेल थे।  इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श सुमित कुमार, डीएलसी प्रयागराज,  पी.के. सिंह, वरिष्ठ महाप्रबंधक, ईफको फूलपुर,  विनिता सिंह, एडीएम (फाइनेंस), तथा  राहुल वर्मा, कमिश्नर, ईपीएफओ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 250 लाभार्थियों, नियोक्ताओं तथा विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। सभी प्रतिभागी प्रधानमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम से लाइव जुड़े और योजना के उद्देश्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  सांसद  प्रवीण पटेल जी   विभिन्न नियोक्ताओं  द्वारा नव नियुक्त 32  कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए । नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवा कर्मियों ने अपने रोजगार अवसरों के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संगठन एवं सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  ने अपने संबोधन में बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के माध्यम से देश में अब तक लगभग 70 लाख नए रोजगार सृजित किए जा चुके हैं तथा लाखों युवाओं को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। उन्होंने युवाओं की प्रतिभा, कौशल और क्षमता को विकसित भारत के निर्माण का आधार बताते हुए सरकार की रोजगार सृजन एवं कौशल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का समापन  राहुल वर्मा(क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:09:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में स्वरोजगार योजनाओं की दी गई जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> केंद्र सरकार के गौरवशाली 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के अंतर्गत मंगलवार को विकासखंड सभागार भदोही में उद्योग विभाग की ओर से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला रहे। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों, महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता को</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181333/information-about-self-employment-schemes-given-in-the-developed-india-resolution"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260616-wa0014.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> केंद्र सरकार के गौरवशाली 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के अंतर्गत मंगलवार को विकासखंड सभागार भदोही में उद्योग विभाग की ओर से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला रहे। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों, महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने लोगों से योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उपायुक्त उद्योग ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) वित्त पोषण योजना, एक उत्पाद एक व्यंजन योजना सहित अन्य स्वरोजगारपरक योजनाओं की जानकारी दी। वहीं खंड विकास अधिकारी ने ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के चयनित लाभार्थियों को सिलाई मशीन सहित विभिन्न टूलकिट वितरित किए गए। साथ ही मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत तीन लाभार्थियों को क्रमशः 25 लाख, 20 लाख और 5 लाख रुपये के डेमो चेक प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया तथा नियमित योग को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देशन में जनपद में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विभिन्न विभागों द्वारा विकसित भारत संकल्प सम्मेलन एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, लाभार्थी एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181333/information-about-self-employment-schemes-given-in-the-developed-india-resolution</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 18:58:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वावलंबन एवं स्व-रोजगार बेहतर विकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">स्वयं की क्षमता, शक्ति एवं ऊर्जा को पहचानना आज के नव युवकों के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वयं के विकास से तात्पर्य खुद के लिए अपनी क्षमता एवं योग्यता के अनुसार रोजगार की तलाश राष्ट्रीय हित में महत्वपूर्ण योगदान भी हो सकता है।भारत की विशाल आबादी के हिसाब से भारत नौजवानों का देश है और भारत सरकार के लिए इतने युवा लोगों के लिए नौकरी उपलब्ध कराना संभव भी नहीं है कि सभी युवकों के लिए समुचित नौकरी का प्रबंध या इंतजाम कर सके। ऐसे में पढ़े-लिखे नौजवानों का यह महती दायित्व बन जाता है कि वह स्वयं की क्षमता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177998/self-reliance-and-self-employment-are-better-options"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20250331-wa0163.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">स्वयं की क्षमता, शक्ति एवं ऊर्जा को पहचानना आज के नव युवकों के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वयं के विकास से तात्पर्य खुद के लिए अपनी क्षमता एवं योग्यता के अनुसार रोजगार की तलाश राष्ट्रीय हित में महत्वपूर्ण योगदान भी हो सकता है।भारत की विशाल आबादी के हिसाब से भारत नौजवानों का देश है और भारत सरकार के लिए इतने युवा लोगों के लिए नौकरी उपलब्ध कराना संभव भी नहीं है कि सभी युवकों के लिए समुचित नौकरी का प्रबंध या इंतजाम कर सके। ऐसे में पढ़े-लिखे नौजवानों का यह महती दायित्व बन जाता है कि वह स्वयं की क्षमता को पहचान कर मेक इन इंडिया या स्वावलंबी होने का भरसक प्रयास करें। स्वयं की क्षमता को पहचानने वाला व्यक्ति समाज में एक आदर्श बनकर उभरता है और उसकी  प्रसिद्धि समाज में स्वयं हो जाती है। युवक स्वयं का रोजगार बनाकर न सिर्फ खुद की बेरोजगारी दूर करता है, बल्कि वह दूसरों के लिए भी रोजगार का साधन बन जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह राष्ट्रीय हित में अत्यंत आवश्यक समीचीन तथा राष्ट्रीय विकास के लिए एक अच्छे सूचक के रूप में सामने आता है। स्वयं अपनी क्षमताओं को पहचानना एवं अपने अंदर के उद्यमी को रोजगार के लिए उपयोग में लाना मनुष्य का एक तरह का अलंकार या आभूषण ही है जो मनुष्य के लिए सुखी होने का बड़ा स्रोत है। वैसे भी नौकरी करके युवा एक तरह से परतंत्र, पराधीन हो जाता है और अपनी क्षमताओं का खुलकर प्रयोग नहीं कर पाता यही कारण है कि राष्ट्र के समग्र विकास में उसकी क्षमताओं का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है।राष्ट्रीय योजना मेक इन इंडिया के अंतर्गत आव्हान किया गया है कि नौजवानों को अपनी शिक्षा,तकनीकी शिक्षा एवं स्किल का उपयोग कर भारत देश के लिए हर तरह के आवश्यक वस्तुओं का स्वयं निर्माण करें एवं दूसरे नौजवानों के लिए आदर्श स्थापित करें जिससे संपूर्ण देश स्वावलंबी बने।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वयं की क्षमताओं को पहचानने वाला व्यक्ति स्वतंत्र ,स्वाभिमानी होकर स्वयं पर पूर्ण विश्वास करने वाला आत्मविश्वासी व्यक्ति होता है। ऐसे में भविष्य में राहों में जितनी भी मुश्किल है या कठिनाई आती है उसका वह अपने ज्ञान और आत्मविश्वास के साथ मुकाबला करने से नहीं चूकता है। अपनी क्षमताओं को पहचानने के कारण व्यक्ति अत्यंत सरल, सहज एवं आत्मविश्वासी होकर दूसरों की मदद करने से भी पीछे नहीं हटता। स्वयं का रोजगार तलाशने या अपने लिए कोई उद्यम बनाने में युवाओं में जो ज्ञान प्राप्त होता है फल स्वरूप वह युवा अत्यंत त्यागी तथा समाज के लिए सेवा भाव भी रखने वाला होता है। स्वावलंबन से दूसरों पर निर्भर होने की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती एवं अपने ही ज्ञान तथा क्षमता से वह उन्नति के सोपान चढ़ते जाता है, एवं राष्ट्र के लिए एक धरोहर की तरह होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">खुद की क्षमता पहचान कर अपना उद्यम डालने से न सिर्फ समाज में विकास होता बल्कि देश में भी विकास के योगदान में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होता है। ऐतिहासिक तौर पर भी खुद की क्षमता पहचानने एवं अपनी उर्जा को सही दिशा में लगाने के कारण बड़े-बड़े महापुरुषों का जन्म हुआ है। जितने भी बड़े महापुरुष हुए हैं, वे पैदाइशी महापुरुष नहीं थे उन्होंने अपनी क्षमता, शक्ति एवं ज्ञान को पहचान कर उसमें समुचित एवं निरंतर परिश्रम कर एक नए मुकाम को हासिल किया था और तब ही वे महापुरुषों की श्रेणी में शामिल हुए हैं। पौराणिक तौर पर प्रभु श्री राम ने वन गमन कर रावण का वध किया और एक धार्मिक इतिहास बनाया।</p>
<p style="text-align:justify;">अपनी क्षमताओं को पहचान कर उसे सही दिशा देने का सबसे बड़ा उदाहरण एकलव्य है जिसने जंगल में धनुर्विद्या लगातार अभ्यास करके अर्जुन की तरह बहुत बड़े धनुर्विद्या के शूरवीर बने। कोलंबस ने भी अपनी शक्ति क्षमता को पहचानते अमेरिका की खोज की और गरीब मां बाप की संतान अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने अमेरिका का सर्वोच्च पद प्राप्त किया। राइट ब्रदर्स ने अपने ज्ञान का समुचित विकास एवं उपयोग कर हवाई जहाज की खोज की। खुद की शक्ति एवं ऊर्जा के विकास और स्वावलंबन का सबसे बड़े उदाहरण महात्मा गांधी रहे जिन्होंने ना सिर्फ अपनी क्षमता को पहचाना बल्कि पूरे हिंदुस्तानियों को दिशा दिखा कर स्वतंत्रता का आह्वान कर स्वाधीनता प्राप्त की और महात्मा गांधी के रूप में भारत में स्थापित हुए। खुद की क्षमता एवं शक्ति को पहचानने से व्यक्ति भी महानता की श्रेणी में खड़ा होकर देश के विकास में एक बड़ा सोपान अर्जित करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे सिर्फ व्यक्ति ही महान नहीं बनता बल्कि देश को भी महान बनाने में उसका योगदान बहुत ज्यादा तथा महत्वपूर्ण होता है। मनुष्य अपनी क्षमताओं को वैसे तो आसानी से पहचान नहीं पाता है लेकिन यदि वह अपनी अंतर शक्ति, विशेषताओं को किसी भी उम्र में भी पहचान कर उसका देश के लिए समुचित उपयोग कर सकता है इसीलिए मेक इन इंडिया के लिए युवकों को अपनी क्षमताओं शक्ति तथा ऊर्जा को पहचान कर नए नए उद्यम लगाकर देश के विकास में सहयोग करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">यह एक सकारात्मक चरित्र विकास की प्रथम पंक्ति होती है। इससे मनुष्य में और खासकर युवा वर्ग में निर्भीकता,कठोर श्रम करने की शक्ति एवं संयम जैसी विशेषताओं का प्रादुर्भाव होता है। व्यक्ति समाज एवं राष्ट्र की उन्नति में चार चांद लग जाते हैं। उन्नत शिक्षित परिश्रमी एवं सदाचारी युवाओं से ही कोई राष्ट्र महानता की श्रेणी में पहुंच जाता है।<br /><br /><strong>संजीव ठाकुर,</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 17:41:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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