<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/84425/entrepreneurship" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Entrepreneurship - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/84425/rss</link>
                <description>Entrepreneurship RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन : आत्मनिर्भर युवा, विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला </title>
                                    <description><![CDATA[ युवा शक्ति का कौशल से स्वावलंबन की ओर बढ़ता कदम ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184560/uttar-pradesh-skill-development-mission-under-the-leadership-of-chief"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong> -आदर अदीब पावेल बन्धु</strong><br /><strong>           (जिला सूचना अधिकारी)</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">युवा केवल किसी राष्ट्र की जनसंख्या का एक वर्ग नहीं, बल्कि उसके उज्ज्वल भविष्य की सबसे अमूल्य पूंजी होते हैं। जब उनके हाथों में कौशल, मन में आत्मविश्वास और सामने अवसरों का विस्तृत आकाश होता है, तब विकास का नया इतिहास रचा जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इसी विचार को आधार बनाकर कौशल विकास को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। आज उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन लाखों युवाओं के सपनों को साकार करने वाला ऐसा सशक्त सेतु बन चुका है, जो उन्हें आत्मनिर्भरता, सम्मानजनक आजीविका और राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ रहा है.</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के लिए कौशल विकास केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता का सबसे सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन को अधिक प्रभावी, आधुनिक और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया गया है। आज मिशन लाखों युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ते हुए प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का गठन उत्तर प्रदेश कौशल विकास नीति-2013 के अंतर्गत व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अधीन किया गया। मिशन का उद्देश्य 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को उनकी योग्यता और रुचि के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मिशन के अंतर्गत राज्य स्किल डेवलपमेंट फंड (SSDF), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रोजेक्ट प्रवीण जैसी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से विद्यालयों के विद्यार्थियों को नियमित पाठ्यक्रम के साथ निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक दक्षता भी विकसित हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन ने अभूतपूर्व उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। मिशन की स्थापना से अब तक 18 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जबकि 7 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रदेश सरकार कौशल विकास को सीधे रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने में सफल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है। अब तक 1,194 बृहद रोजगार मेलों के माध्यम से 4,52,976 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इनमें 8 जनपदों में आयोजित 8 वृहद रोजगार मेलों के माध्यम से 75,575 युवाओं को रोजगार मिला। इसके अतिरिक्त विश्व युवा कौशल दिवस (15 जुलाई) के अवसर पर प्रदेश के 75 जनपदों में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से 10,283 युवाओं का सेवायोजन किया गया। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />प्रदेश सरकार ने कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग किया है। प्रशिक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए 'कौशल दर्पण', 'कौशल दिशा', 'कौशल साथी' तथा 'कौशल दोस्त' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन, प्रशिक्षण, निगरानी, मूल्यांकन तथा रोजगार संबंधी सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही प्रशिक्षण केंद्रों और प्रशिक्षणार्थियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में निरंतर सुधार किया है। नई तकनीकों, डिजिटल स्किल, ग्रीन एनर्जी, स्वास्थ्य सेवाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 82 नए प्राइवेट ट्रेनिंग पार्टनर (PTPs) को मिशन से संबद्ध किया गया है। इससे युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />राज्य सरकार ने उद्योग और कौशल विकास के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया है। प्रदेश की 53 बड़ी औद्योगिक कंपनियों के साथ मिशन के समझौते किए गए हैं, जिससे प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। यह पहल 'स्किल टू एम्प्लॉयमेंट' मॉडल को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए मिशन ने प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ भी साझेदारी की है। उच्च तकनीकी प्रशिक्षण हेतु IIT कानपुर, MNNIT प्रयागराज, IIT BHU, NIESBUD तथा भारतेन्दु नाट्य अकादमी जैसे संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित किया गया है। वहीं सॉफ्ट स्किल, वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता विकास के लिए 7 संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं। इससे युवाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यक्तित्व विकास और उद्यमिता का प्रशिक्षण भी प्राप्त हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में दिव्यांगजनों के लिए विशेष प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0 के माध्यम से 1,182 दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसी प्रकार निराश्रित महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, अल्पसंख्यक तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को भी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />प्रदेश सरकार आधुनिक तकनीकों के अनुरूप युवाओं को तैयार करने पर विशेष बल दे रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), ड्रोन टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, आतिथ्य, परिधान निर्माण और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है। इससे प्रदेश के युवा भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बन रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong> नवभारत के निर्माण की नई दिशा </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश ने कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता-2026 के लिए प्रदेश से 1,09,249 युवाओं का पंजीकरण हुआ, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। यह उपलब्धि बताती है कि प्रदेश के युवाओं में तकनीकी दक्षता और नवाचार की क्षमता निरंतर बढ़ रही है। आगामी वर्षों के लिए भी प्रदेश सरकार ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2026-27 में 4 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 1 जुलाई 2026 तक 2 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देने का उद्देश्य निर्धारित किया गया है। साथ ही 1M1B जैसी संस्थाओं के सहयोग से विभिन्न तकनीकी एवं फ्यूचरिस्टिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है। अंत्योदय परिवारों, दिव्यांगजनों तथा वंचित वर्गों के युवाओं को विशेष प्राथमिकता देते हुए कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है। निजी आईटीआई एवं अन्य तकनीकी संस्थानों के साथ साझेदारी भी लगातार बढ़ाई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने यह सिद्ध कर दिया है कि कौशल ही आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत आधार है। लाखों युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर मिशन ने प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान की है। आधुनिक तकनीक, उद्योगों के साथ साझेदारी, डिजिटल नवाचार और रोजगारपरक प्रशिक्षण की बदौलत उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी कौशल विकास राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि युवा शक्ति के उज्ज्वल भविष्य का उद्घोष है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह मिशन लाखों युवाओं के सपनों को नई दिशा, नई गति और नई पहचान प्रदान कर रहा है। कौशल से समृद्ध युवा, आत्मनिर्भर परिवार, सशक्त समाज और विकसित प्रदेश—इन्हीं चार स्तंभों पर विकसित उत्तर प्रदेश का भव्य भविष्य निर्मित हो रहा है। यह यात्रा केवल रोजगार प्राप्त करने की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान, स्वाभिमान और समृद्धि की यात्रा है।</p>
<p style="text-align:justify;">          <br />          </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184560/uttar-pradesh-skill-development-mission-under-the-leadership-of-chief</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184560/uttar-pradesh-skill-development-mission-under-the-leadership-of-chief</guid>
                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 22:58:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg"                         length="52654"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की दिशा में लखनऊ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 09 वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,01,414 छात्रों को रु0 421.20 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान की और विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,91,263 छात्रों को रु0 12,026.36 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक संबल मिला तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढी । दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,69,954 छात्रों को रु0 55,343.84 लाख की शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खोले और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यदि इन तीनों प्रमुख शैक्षिक योजनाओं को सम्मिलित रूप से देखा जाए तो कुल 7,62,631 छात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग रु0 67,791.40 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। O-Level एवं CCC लेवल प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,255 छात्रों को रु0 529.22 लाख की लागत से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी दक्षता युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में शादी अनुदान योजना भी विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,964 जोड़ों को रु. 992.80 लाख का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्ग परिवारोंकी बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहायता प्रदान कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यदि छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान और कौशल विकास योजनाओं को एक साथ देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि विभाग केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक संरक्षण और रोजगारपरक सशक्तीकरण का व्यापक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य योजनाओं की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। आवेदन, सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग द्वारा स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी कार्य किया गया है। पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से विभिन्न ऋण योजनाओं, मार्जिन मनी सहायता और उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रमों से युवाओं और कारीगरों को जोड़ा गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिला और आत्मनिर्भरता को बल मिला। पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े समुदायों के उत्थान हेतु भी विभाग ने प्रशिक्षण, उपकरण सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। इससे कारीगरों और लघु उद्यमियों की आजीविका सुदृढ़ हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विभाग की योजनाओं का विशेष प्रभाव देखा गया है। महिला लाभार्थियों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाई गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया है। विभाग की उपलब्धियों में नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों तक लाभ सुनिश्चित किया गया है। पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की यह व्यवस्था विभागीय कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों की प्रगति दर्शाती है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, हजारों युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण और हजारों जरूरतमंद परिवारों को शादी अनुदान प्रदान कर विभाग ने सामाजिक न्याय को मजबूत किया है। आज विभाग की योजनाएं केवल सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और अवसर की समानता का माध्यम बन चुकी हैं। शिक्षा से लेकर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक विभाग की बहुआयामी पहलें पिछड़े वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। 2,01,414 छात्रों को पूर्वदशम छात्रवृत्ति, 2,91,263 छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति, 2,69,954 छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति, 4,964 जोड़ों को शादी अनुदान तथा 4,255 युवाओं को O-Leve एवं CCC प्रशिक्षण प्रदान कर विभाग ने सामाजिक और शैक्षिक सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावशाली कार्य किया है। यह उपलब्धियां लखनऊ के समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:35:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/hindi-divas17.jpg"                         length="137242"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वदेशी अपनाने और स्वावलंबन का दिया संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong> नगर स्थित स्वावलंबन केंद्र में सोमवार को स्वदेशी जागरण मंच की ओर से बैठक आयोजित की गई।इसमें युवाओं और महिलाओं को स्वदेशी अपनाने तथा स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के प्रांत संयोजक अमित सिंह वत्स ने की। बैठक में अमित सिंह वत्स ने कहा कि युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्हें ऐसा उद्यम शुरू करना चाहिए जिससे वे दूसरों को भी रोजगार दे सकें। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार आर्थिक आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत माध्यम है। इसके लिए स्वावलंबन केंद्र से जुड़कर प्रशिक्षण और आवश्यक जानकारी प्राप्त की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182320/message-given-for-indigenous-adoption-and-self-reliance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260629-wa0327.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong> नगर स्थित स्वावलंबन केंद्र में सोमवार को स्वदेशी जागरण मंच की ओर से बैठक आयोजित की गई।इसमें युवाओं और महिलाओं को स्वदेशी अपनाने तथा स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के प्रांत संयोजक अमित सिंह वत्स ने की। बैठक में अमित सिंह वत्स ने कहा कि युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्हें ऐसा उद्यम शुरू करना चाहिए जिससे वे दूसरों को भी रोजगार दे सकें। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार आर्थिक आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत माध्यम है। इसके लिए स्वावलंबन केंद्र से जुड़कर प्रशिक्षण और आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक मजबूती में स्वदेशी की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि लोग स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करें तो स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और देश आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने सभी से दैनिक जीवन में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में मौजूद लोगों ने स्वदेशी के महत्व पर चर्चा की और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष मनोज अवस्थी, राजू सिंह एडवोकेट, पंकज पांडेय, विवेक सिंह, बाबू तिवारी, सत्यम सिंह, विष्णु प्रताप सिंह, प्रभात, त्रिलोक चंदी, सुलोचना देवी, सुशीला, रंगोली सहित अनेक लोग मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182320/message-given-for-indigenous-adoption-and-self-reliance</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182320/message-given-for-indigenous-adoption-and-self-reliance</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 22:00:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260629-wa0327.jpg"                         length="96148"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वावलंबन एवं स्व-रोजगार बेहतर विकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">स्वयं की क्षमता, शक्ति एवं ऊर्जा को पहचानना आज के नव युवकों के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वयं के विकास से तात्पर्य खुद के लिए अपनी क्षमता एवं योग्यता के अनुसार रोजगार की तलाश राष्ट्रीय हित में महत्वपूर्ण योगदान भी हो सकता है।भारत की विशाल आबादी के हिसाब से भारत नौजवानों का देश है और भारत सरकार के लिए इतने युवा लोगों के लिए नौकरी उपलब्ध कराना संभव भी नहीं है कि सभी युवकों के लिए समुचित नौकरी का प्रबंध या इंतजाम कर सके। ऐसे में पढ़े-लिखे नौजवानों का यह महती दायित्व बन जाता है कि वह स्वयं की क्षमता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177998/self-reliance-and-self-employment-are-better-options"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20250331-wa0163.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">स्वयं की क्षमता, शक्ति एवं ऊर्जा को पहचानना आज के नव युवकों के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वयं के विकास से तात्पर्य खुद के लिए अपनी क्षमता एवं योग्यता के अनुसार रोजगार की तलाश राष्ट्रीय हित में महत्वपूर्ण योगदान भी हो सकता है।भारत की विशाल आबादी के हिसाब से भारत नौजवानों का देश है और भारत सरकार के लिए इतने युवा लोगों के लिए नौकरी उपलब्ध कराना संभव भी नहीं है कि सभी युवकों के लिए समुचित नौकरी का प्रबंध या इंतजाम कर सके। ऐसे में पढ़े-लिखे नौजवानों का यह महती दायित्व बन जाता है कि वह स्वयं की क्षमता को पहचान कर मेक इन इंडिया या स्वावलंबी होने का भरसक प्रयास करें। स्वयं की क्षमता को पहचानने वाला व्यक्ति समाज में एक आदर्श बनकर उभरता है और उसकी  प्रसिद्धि समाज में स्वयं हो जाती है। युवक स्वयं का रोजगार बनाकर न सिर्फ खुद की बेरोजगारी दूर करता है, बल्कि वह दूसरों के लिए भी रोजगार का साधन बन जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह राष्ट्रीय हित में अत्यंत आवश्यक समीचीन तथा राष्ट्रीय विकास के लिए एक अच्छे सूचक के रूप में सामने आता है। स्वयं अपनी क्षमताओं को पहचानना एवं अपने अंदर के उद्यमी को रोजगार के लिए उपयोग में लाना मनुष्य का एक तरह का अलंकार या आभूषण ही है जो मनुष्य के लिए सुखी होने का बड़ा स्रोत है। वैसे भी नौकरी करके युवा एक तरह से परतंत्र, पराधीन हो जाता है और अपनी क्षमताओं का खुलकर प्रयोग नहीं कर पाता यही कारण है कि राष्ट्र के समग्र विकास में उसकी क्षमताओं का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है।राष्ट्रीय योजना मेक इन इंडिया के अंतर्गत आव्हान किया गया है कि नौजवानों को अपनी शिक्षा,तकनीकी शिक्षा एवं स्किल का उपयोग कर भारत देश के लिए हर तरह के आवश्यक वस्तुओं का स्वयं निर्माण करें एवं दूसरे नौजवानों के लिए आदर्श स्थापित करें जिससे संपूर्ण देश स्वावलंबी बने।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वयं की क्षमताओं को पहचानने वाला व्यक्ति स्वतंत्र ,स्वाभिमानी होकर स्वयं पर पूर्ण विश्वास करने वाला आत्मविश्वासी व्यक्ति होता है। ऐसे में भविष्य में राहों में जितनी भी मुश्किल है या कठिनाई आती है उसका वह अपने ज्ञान और आत्मविश्वास के साथ मुकाबला करने से नहीं चूकता है। अपनी क्षमताओं को पहचानने के कारण व्यक्ति अत्यंत सरल, सहज एवं आत्मविश्वासी होकर दूसरों की मदद करने से भी पीछे नहीं हटता। स्वयं का रोजगार तलाशने या अपने लिए कोई उद्यम बनाने में युवाओं में जो ज्ञान प्राप्त होता है फल स्वरूप वह युवा अत्यंत त्यागी तथा समाज के लिए सेवा भाव भी रखने वाला होता है। स्वावलंबन से दूसरों पर निर्भर होने की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती एवं अपने ही ज्ञान तथा क्षमता से वह उन्नति के सोपान चढ़ते जाता है, एवं राष्ट्र के लिए एक धरोहर की तरह होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">खुद की क्षमता पहचान कर अपना उद्यम डालने से न सिर्फ समाज में विकास होता बल्कि देश में भी विकास के योगदान में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होता है। ऐतिहासिक तौर पर भी खुद की क्षमता पहचानने एवं अपनी उर्जा को सही दिशा में लगाने के कारण बड़े-बड़े महापुरुषों का जन्म हुआ है। जितने भी बड़े महापुरुष हुए हैं, वे पैदाइशी महापुरुष नहीं थे उन्होंने अपनी क्षमता, शक्ति एवं ज्ञान को पहचान कर उसमें समुचित एवं निरंतर परिश्रम कर एक नए मुकाम को हासिल किया था और तब ही वे महापुरुषों की श्रेणी में शामिल हुए हैं। पौराणिक तौर पर प्रभु श्री राम ने वन गमन कर रावण का वध किया और एक धार्मिक इतिहास बनाया।</p>
<p style="text-align:justify;">अपनी क्षमताओं को पहचान कर उसे सही दिशा देने का सबसे बड़ा उदाहरण एकलव्य है जिसने जंगल में धनुर्विद्या लगातार अभ्यास करके अर्जुन की तरह बहुत बड़े धनुर्विद्या के शूरवीर बने। कोलंबस ने भी अपनी शक्ति क्षमता को पहचानते अमेरिका की खोज की और गरीब मां बाप की संतान अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने अमेरिका का सर्वोच्च पद प्राप्त किया। राइट ब्रदर्स ने अपने ज्ञान का समुचित विकास एवं उपयोग कर हवाई जहाज की खोज की। खुद की शक्ति एवं ऊर्जा के विकास और स्वावलंबन का सबसे बड़े उदाहरण महात्मा गांधी रहे जिन्होंने ना सिर्फ अपनी क्षमता को पहचाना बल्कि पूरे हिंदुस्तानियों को दिशा दिखा कर स्वतंत्रता का आह्वान कर स्वाधीनता प्राप्त की और महात्मा गांधी के रूप में भारत में स्थापित हुए। खुद की क्षमता एवं शक्ति को पहचानने से व्यक्ति भी महानता की श्रेणी में खड़ा होकर देश के विकास में एक बड़ा सोपान अर्जित करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे सिर्फ व्यक्ति ही महान नहीं बनता बल्कि देश को भी महान बनाने में उसका योगदान बहुत ज्यादा तथा महत्वपूर्ण होता है। मनुष्य अपनी क्षमताओं को वैसे तो आसानी से पहचान नहीं पाता है लेकिन यदि वह अपनी अंतर शक्ति, विशेषताओं को किसी भी उम्र में भी पहचान कर उसका देश के लिए समुचित उपयोग कर सकता है इसीलिए मेक इन इंडिया के लिए युवकों को अपनी क्षमताओं शक्ति तथा ऊर्जा को पहचान कर नए नए उद्यम लगाकर देश के विकास में सहयोग करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">यह एक सकारात्मक चरित्र विकास की प्रथम पंक्ति होती है। इससे मनुष्य में और खासकर युवा वर्ग में निर्भीकता,कठोर श्रम करने की शक्ति एवं संयम जैसी विशेषताओं का प्रादुर्भाव होता है। व्यक्ति समाज एवं राष्ट्र की उन्नति में चार चांद लग जाते हैं। उन्नत शिक्षित परिश्रमी एवं सदाचारी युवाओं से ही कोई राष्ट्र महानता की श्रेणी में पहुंच जाता है।<br /><br /><strong>संजीव ठाकुर,</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177998/self-reliance-and-self-employment-are-better-options</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177998/self-reliance-and-self-employment-are-better-options</guid>
                <pubDate>Sun, 03 May 2026 17:41:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20250331-wa0163.jpg"                         length="154899"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        