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                <title>मरीजों की परेशानी - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>मरीजों की परेशानी RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सीएचसी डीघ की बदहाली पर उठे सवाल, अधीक्षक लगातार रहे नदारद</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>सीतामढ़ी।</strong> विकासखंड डीघ में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इन दिनों अव्यवस्थाओं का शिकार नजर आ रहा है। अस्पताल में चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की स्थिति को लेकर मरीजों और तीमारदारों में नाराजगी है। सबसे गंभीर स्थिति अधीक्षक की उपस्थिति को लेकर सामने आई है। एक स्थानीय पत्रकार ने गुरुवार को दोपहर करीब 11:30 बजे सीएचसी का निरीक्षण किया तो अधीक्षक देवेश पांडे अपने कक्ष में मौजूद नहीं मिले।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। सीएचसी में तीन ओपीडी संचालित होने के बावजूद मौके पर केवल एक ओपीडी में महिला चिकित्सक तैनात मिलीं। इससे इलाज के लिए</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186055/questions-raised-on-the-plight-of-chc-deegh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/0.004.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>सीतामढ़ी।</strong> विकासखंड डीघ में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इन दिनों अव्यवस्थाओं का शिकार नजर आ रहा है। अस्पताल में चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की स्थिति को लेकर मरीजों और तीमारदारों में नाराजगी है। सबसे गंभीर स्थिति अधीक्षक की उपस्थिति को लेकर सामने आई है। एक स्थानीय पत्रकार ने गुरुवार को दोपहर करीब 11:30 बजे सीएचसी का निरीक्षण किया तो अधीक्षक देवेश पांडे अपने कक्ष में मौजूद नहीं मिले।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। सीएचसी में तीन ओपीडी संचालित होने के बावजूद मौके पर केवल एक ओपीडी में महिला चिकित्सक तैनात मिलीं। इससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं अस्पताल का एक्स-रे कक्ष भी खाली मिला। ऐसे में जांच और उपचार की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गुरुवार के निरीक्षण के बाद शुक्रवार को एक बार फिर सीएचसी की स्थिति जानने के लिए निरीक्षण किया गया। इस दौरान भी अधीक्षक देवेश पांडे अस्पताल में मौजूद नहीं मिले। हालांकि उनके कक्ष का पंखा चलता हुआ मिला। अस्पताल कर्मियों से अधीक्षक के बारे में जानकारी ली गई तो बताया गया कि अधीक्षक साहब ज्ञानपुर में बैठक में गए हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस संबंध में जब ज्ञानपुर स्थित सीएमओ कार्यालय से संपर्क कर बैठक के बारे में जानकारी ली गई तो वहां से बताया गया कि अधीक्षक की कोई बैठक नहीं थी। इससे अधीक्षक की अनुपस्थिति को लेकर स्थिति और अधिक सवालों के घेरे में आ गई है।</div><div style="text-align:justify;">लगातार दो दिनों तक अधीक्षक के अस्पताल में मौजूद नहीं मिलने और ओपीडी व एक्स-रे जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं की स्थिति सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> क्षेत्रीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से सीएचसी की व्यवस्थाओं की जांच कराने, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी संतोष चक से बात की गई तो उन्होंने टीकाकरण का हवाला देते हुए कहा कि हो सकता है डॉक्टर टीकाकरण में हूं उनसे बात कर लीजिए वहीं पर इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डीघ से संपर्क करने की कोशिश की गई परंतु उनका फोन रिसीव नहीं हुआ फोन रिसीव न होने का बात भी सीएमओ से की गई तो उन्होंने कहा कि मैं बात करता हूं।</div></div></div></div></div><div class="WhmR8e"></div></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 22:15:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में प्रयागराज बंद, मेडिकल दुकानों पर लटके ताले।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ऑनलाइन दवा बिक्री और अवैध ई-फार्मेसी के विरोध में बुधवार को संगम नगरी की अधिकांश मेडिकल दुकानें बंद रहीं। प्रयागराज केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले शहर भर के दवा व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई। इस बंद का असर शहर के प्रमुख दवा बाजारों से लेकर मोहल्लों तक साफ दिखाई दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सुबह से ही शहर की ज्यादातर मेडिकल दुकानों के शटर बंद रहे। बालसन चौराहा, लीडर रोड और अन्य थोक दवा बाजार पूरी तरह सुनसान नजर आए। इन बाजारों में सामान्य से लेकर जीवन रक्षक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179709/prayagraj-closed-medical-shops-with-locks-hanging-in-protest-against"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260520-wa0078.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऑनलाइन दवा बिक्री और अवैध ई-फार्मेसी के विरोध में बुधवार को संगम नगरी की अधिकांश मेडिकल दुकानें बंद रहीं। प्रयागराज केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले शहर भर के दवा व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई। इस बंद का असर शहर के प्रमुख दवा बाजारों से लेकर मोहल्लों तक साफ दिखाई दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुबह से ही शहर की ज्यादातर मेडिकल दुकानों के शटर बंद रहे। बालसन चौराहा, लीडर रोड और अन्य थोक दवा बाजार पूरी तरह सुनसान नजर आए। इन बाजारों में सामान्य से लेकर जीवन रक्षक दवाओं तक की बिक्री होती है, लेकिन बंदी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रयागराज के अलावा आसपास के जिलों से दवा खरीदने पहुंचे लोग भी दिनभर इधर-उधर भटकते रहे और कई लोगों को बिना दवा लिए ही वापस लौटना पड़ा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दवा व्यापारियों ने बैठक कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे और मध्यम स्तर के मेडिकल स्टोर संचालकों का कारोबार तेजी से प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार प्रयागराज में करीब 6 हजार दवा लाइसेंस हैं और लगभग सभी दुकानदारों ने इस विरोध में अपनी दुकानें बंद रखीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि मरीजों की सुविधा को देखते हुए स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल परिसर स्थित मेडिकल स्टोर खुले रहे, ताकि इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित न हों। इसके अलावा कुछ निजी फार्मेसी जैसे Apollo Pharmacy में दवाएं उपलब्ध रहीं, लेकिन शहर के अधिकांश हिस्सों में मेडिकल सेवाएं लगभग ठप रहीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान चेयरमैन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट उत्तर प्रदेश राणा चावला ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट की भावना के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी कंपनियां भारी छूट देकर ऑनलाइन दवाएं बेच रही हैं, जिससे देशभर के करीब 16 लाख दवा व्यापारियों और केमिस्टों की आजीविका प्रभावित हो रही है।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 21:21:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएचसी कचनरवा में डॉक्टर नदारद, लोगों ने किया जोरदार प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कोन/ सोनभद्र -</strong> नव सृजित विकास खण्ड कोन/ सीएचसी चोपन अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कचनारवा चिकित्सक विहीन है। बतातें चलें कि उक्त स्वास्थ्य केन्द्र पर एक फर्मासिस्ट, एक संविदा एएनम, एक चतुर्थ </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  श्रेणी कर्मचारी और एक चिकित्सक की नियुक्ति है पर विडंबना है कि उक्त स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक वर्षों से लगभग समय गायब रहते हैं। मिली जानकारी के अनुसार चिकित्साधिकारी महीनें में कभी एक दिन के लिए आकर महीने भर की कागजी कोरम पूरा कर लेते हैं। जिसके क्रम में सोमवार को स्थानीय लोगों द्वारा जोरदार प्रदर्शन कर चिकित्सक की नियमित ड्यूटी लगाने व ऐसे लापरवाह चिकित्साधिकारी के</div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179466/people-missing-doctors-in-phc-kachnarwa-staged-a-strong-demonstration"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001619695.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कोन/ सोनभद्र -</strong> नव सृजित विकास खण्ड कोन/ सीएचसी चोपन अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कचनारवा चिकित्सक विहीन है। बतातें चलें कि उक्त स्वास्थ्य केन्द्र पर एक फर्मासिस्ट, एक संविदा एएनम, एक चतुर्थ </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> श्रेणी कर्मचारी और एक चिकित्सक की नियुक्ति है पर विडंबना है कि उक्त स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक वर्षों से लगभग समय गायब रहते हैं। मिली जानकारी के अनुसार चिकित्साधिकारी महीनें में कभी एक दिन के लिए आकर महीने भर की कागजी कोरम पूरा कर लेते हैं। जिसके क्रम में सोमवार को स्थानीय लोगों द्वारा जोरदार प्रदर्शन कर चिकित्सक की नियमित ड्यूटी लगाने व ऐसे लापरवाह चिकित्साधिकारी के उपर नकेल कसने की मांग किया है। वहीं वरिष्ट समाज सेवी जोखन प्रसाद व गंगा प्रसाद सहित कैलास राम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के उपर आरोप लगाया है कि पीएचसी कचनारवा पर जब चिकित्सक की ड्यूटी है तो आखिर किन कारणों से हॉस्पिटल में नहीं दिखते हैं जबकि स्थानीय लोग ईलाज के लिए दर दर की ठोकर खा रहे हैं और झोला छाप डॉक्टरों की शरण में जाकर जान तक गंवाने को मजबूर हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था पर सवालिया निशान लगना लाजिमी हैं। गौरतलब है कि पीएचसी कचनारवा लगभग 12 किलोमीटर चारों तरफ से घिरा है यहाँ भोली भाली जनता ईलाज के लिए परेशान है पर विभाग के कान तक इसकी आवाज सुनाई नहीं दे रही है और वहीं इन दिनों हॉस्पिटल अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहा है यहाँ न तो शौचालय का व्यवस्था सही और न ही कैंपस में बिजली की व्यवस्था। विषम परिस्थितियों में रात में आने वाले मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बतादें कि यहाँ चारों तरफ झाड़ी व गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जहाँ एक तरफ प्रदेश के यश्ववी मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री गरीबों के स्वास्थ्य सेवा के लिए कटिवद्ध हैं वहीं ऐसे गैर जिम्मेदार चिकित्सक के द्वारा लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जो जनहित में नहीं है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से जोखन प्रसाद, बिहारी प्रसाद यादव, गंगा प्रसाद,अमरकेश, कैलास, रघुवर प्रसाद आदि शामिल रहे। वहीं पीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी कचनारवा से सेल फोन पर पक्ष जानने का प्रयास किया गया किन्तु कॉल रीसीव नहीं हुआ बल्कि उन्होंने अपने फर्मासिस्ट को कॉल करके जानकारी जरूर ली किन्तु पत्रकारों से बात करना उचित नहीं समझा । इस बावत सी एच सी अधीक्षक चोपन ने कहा कि पता करते हैं आखिर वास्तविकता क्या है। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर पी के राय ने सेल फोन पर बताया कि पता करते हैं। आखिर सबसे बड़ा सवाल कि शीर्ष पद पर बैठे अधिकारियों को इसकी जानकारी कैसे नहीं है। लोगों के जेहन में सवाल है कि क्या लोगों को चिकित्सा सुविधा मिल पायेगी या लोग झोला छाप डॉक्टरों की शरण में जाकर अपनी जान गंवाते रहेंगे। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी से मांग किया है कि ऐसे लापरवाह डॉक्टर को तत्काल बर्खास्त कर अन्य डॉक्टर की नियुक्ति की जाय।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 18:26:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टीबी क्लीनिक का कई महीनों से नही कट रहा पर्ची, मरीज परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिला क्षय रोग अधिकारी डाo ए० के ० गुप्ता की मनमानी डियूटी टीबी मरीजों पर भारी पड़ रही है जिसके कारण टीबी क्लीनिक की ओपीडी पर्ची कई महीनों से नही कट रही है और ओपीडी पर्ची न कटने के कारण टीबी क्लीनिक पर मरीजों को ओपीडी की सुविधा नही मिल पा रही है ।  प्रदेश सरकार के सख्त निर्देशों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रहा है कहीं डाक्टर डियूटी से गायब है और कहीं स्टोर रूम से दवा गायब है तो कहीं समय से अस्पताल का संचालन नही हो रहा है ।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177960/tb-clinics-slip-not-being-issued-for-many-months-patient"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260502-wa0029.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिला क्षय रोग अधिकारी डाo ए० के ० गुप्ता की मनमानी डियूटी टीबी मरीजों पर भारी पड़ रही है जिसके कारण टीबी क्लीनिक की ओपीडी पर्ची कई महीनों से नही कट रही है और ओपीडी पर्ची न कटने के कारण टीबी क्लीनिक पर मरीजों को ओपीडी की सुविधा नही मिल पा रही है ।  प्रदेश सरकार के सख्त निर्देशों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रहा है कहीं डाक्टर डियूटी से गायब है और कहीं स्टोर रूम से दवा गायब है तो कहीं समय से अस्पताल का संचालन नही हो रहा है । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि टीबी अस्पताल बस्ती में जिला क्षय रोग अधिकारी डा० ए० के० गुप्ता है और डिप्टी सीएमओ भी है और अंबेडकर नगर जिले के रहने वाले हैं । अंबेडकर नगर जिला बस्ती से सटा होने के कारण डा० ए० के० गुप्ता का बराबर आना जाना लगा रहता है । डिप्टी सीएमओ का पद स्वास्थ विभाग में जांच-पड़ताल करना होता है अर्थात् फील्ड (क्षेत्र ) का कार्य होता है जब कोई टीबी मरीज टीबी अस्पताल में किसी कार्य के लिए जाता है तो टीबी अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा बताया जाता है कि डा० साहब  सीएमओ कार्यालय में है और जब सीएमओ कार्यालय में कोई मरीज या अन्य व्यक्ति डा० ए० के० गुप्ता से मिलने के लिए जाता है तो वहां के कर्मचारियों के द्वारा बताया जाता है कि साहब टीबी अस्पताल गये है अर्थात् डा० ए० के ० गुप्ता के डियूटी में गड़बड़ झाला चल रहा है और सीएमओ डा० राजीव कुमार अंजान बने हुए हैं । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रकार स्पष्ट है कि डा० ए० के ० गुप्ता के लापरवाही से टीबी क्लीनिक की दशा बहुत ही दयनीय होती जा रही है और टीबी परिवार इधर उधर टीबी अस्पताल परिसर में भटकने को मजबूर है । टीबी अस्पताल में मरीजों के लिए पानी पीने की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था है यदि डा० ए० के ० गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नही हुई तो आने वाले समय में टीबी मरीजों को बेहतर इलाज के लिए लोहे का चना चबाना पड़ेगा । उक्त प्रकरण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० राजीव निगम ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है जांच कराकर कार्यवाही की जायेगी ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 22:17:26 +0530</pubDate>
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