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                <title>Police Inaction - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Police Inaction RSS Feed</description>
                
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                <title>सीएम साहब ! मुझे इंसाफ चाहिए... </title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">हाकिम के शहर में इंसाफ की खातिर एक बेबस गरीब महिला दर-दर भटक रही है।  मामला राजधनी के  गुड़म्बा थाना क्षेत्र अंतर्गत मिश्रपुर का है। दो वक्त की रोटी के लिए घरों में काम करने वाली कामगार महिला के भरोसे का शातिर ठगों ने कत्ल कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />बहला-फुसला कर उसका आधार और पैन कार्ड हासिल कर लिया। इसके बाद छह लाख रुपए का बैंक लोन लेकर डकार गए। जब बैंक ने अपना पैसा मांगा, तब उस कामगार महिला को पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">असल लड़ाई इसके बाद शुरू हुई। धोखाधड़ी की शिकायत लेकर 'खादी' से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181688/cm-sir-i-want-justice"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-20-at-15.30.04.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">हाकिम के शहर में इंसाफ की खातिर एक बेबस गरीब महिला दर-दर भटक रही है।  मामला राजधनी के  गुड़म्बा थाना क्षेत्र अंतर्गत मिश्रपुर का है। दो वक्त की रोटी के लिए घरों में काम करने वाली कामगार महिला के भरोसे का शातिर ठगों ने कत्ल कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />बहला-फुसला कर उसका आधार और पैन कार्ड हासिल कर लिया। इसके बाद छह लाख रुपए का बैंक लोन लेकर डकार गए। जब बैंक ने अपना पैसा मांगा, तब उस कामगार महिला को पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">असल लड़ाई इसके बाद शुरू हुई। धोखाधड़ी की शिकायत लेकर 'खादी' से लेकर 'खाकी' तक सबके पास गई। मगर, सिस्टम ऐसा कि गरीब की कोई सुनने वाला नहीं। एक तरफ विश्वासघात का दंश तो दूसरी तरफ लोन की भारी-भरकम रकम का बोझ। बेचारी महीनों से थाने के चक्कर काट रही है। नतीजा सिफर रहा। सब जगह भटकने के बाद अब इस लाचार महिला को सिर्फ सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की आस है। </p>
<p style="text-align:justify;"><br /> आधार-पैन के जरिए फर्जी लोन </p>
<p style="text-align:justify;"><br />गुड़म्बा थाना के मिश्रपुर में रहने वाले अमित कुमार की पत्नी सन्ध्या पेशे से घरेलू कामगार महिला है। किसी तरह मेहनत-मजदूरी करके वह पति के साथ मिलकर जीवन गुजार रही है। </p>
<p style="text-align:justify;"><br />ठगी का शिकार हुई पीड़िता सन्ध्या ने बताया कि वह एक घर में पिछले कई साल से सागर रस्तोगी के यहां घरेलू काम कर रही थी। समय के साथ-साथ घर वालों के साथ मजबूत रिश्ते बन गए। उसे रस्तोगी परिवार पर पूरा भरोसा था, लेकिन यहीं उसके साथ धोखा हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़िता ने बताया कि खेल की शुरुआत नवंबर 2024 में हुई। सागर और उसकी पत्नी शुभी ने सन्ध्या से किसी सरकारी योजना का लाभ दिलाने के बहाने  उसका आधार और पैन कार्ड  मंगवा लिया। उसने दस्तावेज दे दिए। करीब डेढ़ साल कोई हरकत नहीं हुई। तभी अचानक मई 2026 को उसके पति अमित कुमार के पास बैंक ऑफ बड़ौदा से एक फोन आता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बैंक वालों ने कहा कि उसने छह लाख रुपए का लोन लिया था। उसकी किश्त नहीं जमा हो रही है। यह सुनते ही सन्ध्या के पैरों तले जमीन खिसक गई। बैंक में सम्पर्क करके उसने बताया कि छह लाख रुपए का कोई लोन उसके द्वारा नहीं लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब बैंक वालों ने उसके दस्तावेज दिखाए तो पति-पत्नी के होश उड़ गए। दोनों समझ गए कि वे ठगी का शिकार हुए हैं। महिला का यह भी दावा है कि बाद में एक बुलेट शोरूम से भी फोन आया, जिससे उसे वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">वहां से पीड़िता सीधे रस्तोगी परिवार के पास पहुंची और पूरी बात बताई। इस पर रस्तोगी दम्पत्ति ने पीड़िता के दस्तावेजों के सहारे बैंक लोन लिए जाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। पीड़िता का कहना है कि उसने खूब हाथ-पैर जोड़े और लोन के मसले से बाहर निकालने की गुहार लगाई। मगर, रस्तोगी परिवार ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया। </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format2">
<h4><strong> एक महीने में एफआईआर नहीं </strong></h4>
<p><br />विडंबना देखिए कि एक गरीब कामगार महिला ठगी का शिकार होती है और पुलिस एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी कर रही है। थानेदार की गणेश परिक्रमा लगाते-लगाते चप्पलें घिस गईं। खाकी वर्दी वालों का दिल नहीं पसीजा। शिकायत दर्ज करते हुए मामले की जांच करने की जहमत पुलिस ने नहीं उठाई। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत के बाद भी पुलिस ने पीड़िता से कार्यवाही से संतुष्ट है पत्र लिखवाकर पुलिस आख्या लगा कर चलता कर दिया ।</p>
<p>यह हाल तब है जब मुख्यमंत्री और डीजीपी इस तरह के धोखाधड़ी से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए पुलिस महकमे को बार-बार गाइडलाइंस जारी कर रहे हैं।  सिस्टम के आगे पीड़िता लाचार भटक रही है। पीड़िता का आरोप है कि उसने 20 मई को संबंधित पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी। बाद में उसने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।</p>
</blockquote>
<blockquote class="format2">
<h4><strong> धमकी देने का आरोप </strong></h4>
<p><br />महिला ने कुछ लोगों पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।<br /><strong>जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।</strong></p>
<p><br />फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप एक पक्ष के दावों पर आधारित हैं। पुलिस की जांच और संबंधित विभागों की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस अधिकारियों की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है। <strong>स्वतंत्र प्रभात</strong>  ने पीड़िता के आरोपों के आधार पर खबर का प्रस्तुतीकरण किया है। समाचार पत्र दावों की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। फिलहाल, मामला बेहद संवेदनशील है। निष्पक्ष जांच आवश्यक है। इसके बाद असल तस्वीर सामने आएगी। गुड़म्बा प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया तो संपर्क नहीं हो सका </p>
</blockquote>
<blockquote class="format2">
<h4><strong> बैंक की लापरवाही उजागर </strong></h4>
<p><br />पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में कुछ निजी व्यक्तियों के साथ बैंक कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। उसका कहना है कि बिना उसकी जानकारी और सहमति के इतना बड़ा ऋण स्वीकृत होना कई सवाल खड़े करता है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। सिर्फ सन्ध्या ही नहीं, उसके जैसे न जाने कितने भोले-भाले लोग हर दिन इस तरह की ठगी का शिकार हो रहे हैं। कहीं न कहीं बैंक मैनेजमेंट की लापरवाही रहती है, जिससे आएदिन फर्जीवाड़ा हो रहा है। </p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1"><strong>बयान --</strong><br /> "मैंने कभी किसी प्रकार का लोन नहीं लिया। बैंक से फोन आने के बाद मुझे पूरे मामले की जानकारी हुई। मेरे दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।" — सन्ध्या, पीड़िता</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 17:16:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रतापगढ़ में दबंगों का खूनी खेल! घर पर हमला, बच्चों तक को नहीं बख्शा — पुलिस की निष्क्रियता पर बड़े सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL msg6474574702919902359">
<div>
<div lang="en-us" xml:lang="en-us">
<div class="m_6474574702919902359WordSection1" style="text-align:justify;">
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">  </p>
<blockquote class="format1"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतापगढ़ </span>| <span lang="hi" xml:lang="hi">संवाददाता</span></strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जनपद प्रतापगढ़ के थाना पट्टी क्षेत्र के ग्राम समोगरा से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां दबंगों के कथित आतंक से एक परिवार पिछले दो वर्षों से दहशत में जीने को मजबूर है। पीड़ित पंकज सिंह ने अपने ही पटीदार सर्वेश सिंह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी माता प्रेमा सिंह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तथा पड़ोसी राजेश सिंह और धर्मेश सिंह पर लगातार उत्पीड़न</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मारपीट की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पीड़ित के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे करीब </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi">  वर्षों तक सूरत (गुजरात) में रहकर व्यापार करते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन व्यापार बंद</span></p></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177857/bloody-game-of-bullies-in-pratapgarh-attack-on-house-even"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/whatsapp-image-2026-05-01-at-20.02.08.jpeg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div>
<div lang="en-us" xml:lang="en-us">
<div class="m_6474574702919902359WordSection1" style="text-align:justify;">
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतापगढ़ </span>| <span lang="hi" xml:lang="hi">संवाददाता</span></strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जनपद प्रतापगढ़ के थाना पट्टी क्षेत्र के ग्राम समोगरा से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां दबंगों के कथित आतंक से एक परिवार पिछले दो वर्षों से दहशत में जीने को मजबूर है। पीड़ित पंकज सिंह ने अपने ही पटीदार सर्वेश सिंह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी माता प्रेमा सिंह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तथा पड़ोसी राजेश सिंह और धर्मेश सिंह पर लगातार उत्पीड़न</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मारपीट की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पीड़ित के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे करीब </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्षों तक सूरत (गुजरात) में रहकर व्यापार करते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन व्यापार बंद होने के बाद लगभग दो वर्ष पहले अपने पैतृक गांव लौटे। गांव लौटने के बाद से ही विवाद की शुरुआत हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो धीरे-धीरे हिंसक घटनाओं में बदलती चली गई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">रोजाना गाली-गलौज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धमकी और दहशत का माहौल</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पंकज सिंह का आरोप है कि विरोधी पक्ष आए दिन उनके घर के सामने गाली-गलौज करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जान से मारने की धमकी देते हैं और जानबूझकर झगड़े की स्थिति बनाते हैं। इससे पूरे परिवार में लगातार भय का माहौल बना रहता है। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि उनकी पत्नी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो एक अध्यापिका हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">को स्कूल जाते समय रास्ते में रोका जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टोका-टाकी की जाती है और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं उनके </span>13<span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्षीय और </span>9<span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्षीय मासूम बच्चों को भी नहीं छोड़ा गया। आरोप है कि बच्चों को स्कूल बस स्टॉप पर डराया-धमकाया जाता है और कथित तौर पर अवैध हथियार दिखाकर मानसिक रूप से दबाव बनाया जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/whatsapp-image-2026-05-01-at-20.02.07-(1).jpeg" alt="प्रतापगढ़ में दबंगों का खूनी खेल! घर पर हमला, बच्चों तक को नहीं बख्शा — पुलिस की निष्क्रियता पर बड़े सवाल" width="720" height="1600"></img></p>
<h3 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अवैध हथियारों का खुला प्रदर्शन</span></strong></h3>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पीड़ित का कहना है कि आरोपी राजेश सिंह खुलेआम अवैध पिस्टल लेकर घूमता है और कई बार उन्हें दौड़ा भी चुका है। धर्मेश सिंह के पास भी अवैध बंदूक होने की जानकारी दी गई है। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इतना ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आरोप है कि ये लोग तेज संगीत बजाकर और सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर अपने दबदबे का प्रदर्शन करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे इलाके में डर का माहौल और गहरा होता जा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>26<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल का खूनी हमला — घर पर बोला धावा</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">घटना का सबसे भयावह पहलू </span>26<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को सामने आया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब आरोपियों ने अपने परिजनों के साथ मिलकर पीड़ित के घर पर हमला कर दिया। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बताया जा रहा है कि लाठी-डंडों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पत्थरों और नुकीले-धारदार हथियारों से लैस होकर ये लोग सीधे दरवाजे पर आ धमके और पूरे परिवार पर हमला बोल दिया। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इस हमले में पंकज सिंह और उनके </span>13<span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्षीय बेटे को चोटें आईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पत्नी और </span>9<span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्षीय छोटे बच्चे पर भी पत्थर और डंडे फेंके गए। किसी तरह सभी ने अपनी जान बचाई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">वीडियो सबूत के बावजूद कार्रवाई नहीं</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">पीड़ित का कहना है कि उन्होंने समय-समय पर इन घटनाओं के वीडियो सबूत पुलिस को दिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।</span></strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format2">
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से भी असंवेदनशील जवाब दिए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे—</span></p>
<p class="MsoNormal">“<span lang="hi" xml:lang="hi">असलहे की फोटो लेकर आओ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब कार्रवाई होगी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">और </span><span lang="hi" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">धमकी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">रहे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सच में मारेंगे नहीं</span><span lang="hi" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन बयानों ने पीड़ित परिवार की चिंता और बढ़ा दी है।</span></p>
</blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/whatsapp-image-2026-05-01-at-20.02.07.jpeg" alt="प्रतापगढ़ में दबंगों का खूनी खेल! घर पर हमला, बच्चों तक को नहीं बख्शा — पुलिस की निष्क्रियता पर बड़े सवाल" width="1600" height="717"></img></p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">खौफ में कैद परिवार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों की पढ़ाई ठप</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लगातार हो रही घटनाओं के कारण पूरा परिवार मानसिक तनाव में है। बच्चे डर के कारण स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और पत्नी भी घर से बाहर निकलने में असहज महसूस कर रही हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पीड़ित का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वे अपने ही घर में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">बड़ा सवाल — कब जागेगा प्रशासन</span>?</strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह मामला कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक तरफ आरोपियों के हौसले बुलंद हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार न्याय और सुरक्षा के लिए दर-दर भटक रहा है। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अवैध हथियारों की जांच हो और उनके परिवार को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।</span></p>
<h5 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">चेतावनी जैसी अपील</span></strong></h5>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पीड़ित का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कभी भी कोई बड़ी और गंभीर घटना घट सकती है।</span></p>
<blockquote class="format2"><strong>अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा मिल पाती है या नहीं।</strong></blockquote>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 22:06:35 +0530</pubDate>
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