<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/83344/dowry-death-case" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>दहेज हत्या मामला - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/83344/rss</link>
                <description>दहेज हत्या मामला RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दहेज हत्या मामले में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उतरांव पुलिस ने दहेज हत्या के मामले में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक थाना उतरांव पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 90/2026 धारा 80(2)/85 भारतीय न्याय संहिता एवं 3/4 डीपी एक्ट से संबंधित वांछित अभियुक्त यादवेन्द्र प्रसाद पुत्र राजेन्द्र प्रसाद निवासी ग्राम दमगढ़ा थाना उतरांव को शुक्रवार 15 मई 2026 को थाना क्षेत्र के दगमढ़ा तिराहा से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179333/wanted-accused-arrested-in-dowry-murder-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260515-wa0094.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उतरांव पुलिस ने दहेज हत्या के मामले में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक थाना उतरांव पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 90/2026 धारा 80(2)/85 भारतीय न्याय संहिता एवं 3/4 डीपी एक्ट से संबंधित वांछित अभियुक्त यादवेन्द्र प्रसाद पुत्र राजेन्द्र प्रसाद निवासी ग्राम दमगढ़ा थाना उतरांव को शुक्रवार 15 मई 2026 को थाना क्षेत्र के दगमढ़ा तिराहा से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बताया गया है कि गिरफ्तार अभियुक्त ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर पीड़िता को दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया था। आरोप है कि प्रताड़ना के बाद पीड़िता की हत्या कर दी गई। पीड़िता पक्ष द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना उतरांव में मुकदमा दर्ज किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान यादवेन्द्र प्रसाद (35 वर्ष) निवासी ग्राम दमगढ़ा थाना उतरांव कमिश्नरेट प्रयागराज के रूप में हुई है।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179333/wanted-accused-arrested-in-dowry-murder-case</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179333/wanted-accused-arrested-in-dowry-murder-case</guid>
                <pubDate>Sat, 16 May 2026 17:45:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260515-wa0094.jpg"                         length="75310"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'फॉर्च्युनर के लिए महिला की जान ले ली और  आरोपी पति को जमानत दे दी'</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज- </strong>दहेज के लिए पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे गंभीर अपराध के आरोपी पति को जमानत देते वक्त हाईकोर्ट ने तथ्यों को पर गौर नहीं किया और सिर्फ इस आधार पर जमानत दे दी कि एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई.</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने इस बात पर भी चिंता जताई कि पिछले कुछ सालों में दहेज की वजह से शादीशुदा महिलाओं के साथ क्रूरता, हत्या और आत्महत्या जैसे मामलों में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178549/woman-killed-for-fortuner-and-accused-husband-granted-bail"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/images245.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज- </strong>दहेज के लिए पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे गंभीर अपराध के आरोपी पति को जमानत देते वक्त हाईकोर्ट ने तथ्यों को पर गौर नहीं किया और सिर्फ इस आधार पर जमानत दे दी कि एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई.</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने इस बात पर भी चिंता जताई कि पिछले कुछ सालों में दहेज की वजह से शादीशुदा महिलाओं के साथ क्रूरता, हत्या और आत्महत्या जैसे मामलों में बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि खासतौर पर ऐसे मामले उत्तर प्रदेश में देखे गए हैं. कोर्ट ने कहा कि 2023 के डेटा के अनुसार दुनियाभर में 6,156 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 2,122 उत्तर प्रदेश और 1,143 बिहार के हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'हमें यह देखकर अत्यंत दुख हुआ कि हाईकोर्ट ने दहेज हत्या जैसे संगीन अपराध में आरोपी को जमानत देते वक्त तथ्यों पर गौर नहीं किया. हमारा मानना है कि कोर्ट ने अभियुक्तों के पक्ष में अपने विवेक का प्रयोग करने में घोर त्रुटि की है.' कोर्ट ने कहा कि यह मामला महिलाओं के साथ दहेज को लेकर बढ़ती क्रूरता को दर्शाता है.</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला साल 2024 का है, जब दहेज के लिए गाजियाबाद में एक महिला की हत्या कर दी गई थी. महिला की शादी फरवरी, 2019 में प्रिंस चौधरी नाम के शख्स से हुई थी. महिला के पिता ने एफआईआर में बताया कि उन्होंने शादी में 30 लाख रुपये खर्च किए, जिसमें एक आई20 कार और 10 लाख रुपये कैश शामिल हैं. कार एक एक्सीडेंट में डैमेज हो गई थी, जिसके बाद महिला का पति और ससुराल वाले एक फॉर्च्युनर कार और 10 लाख रुपये की डिमांड करने लगे.</p>
<p style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार जब ये मांग पूरी नहीं हुईं तो ससुरालवालों ने महिला का मारना शुरू कर दिया, उसको मानसिक उत्पीड़न का शिकार बनाया गया. बाद में महिला के पिता ने 10 लाख रुपये की डिमांड पूरी कर दी. उन्होंने पति के रिश्तेदार के अकाउंट में 4 लाख रुपये ट्रांसफर किए और अलग-अलग मौकों पर 5 लाख रुपये कैश भी दिया. फिर भी ससुराल वाले महिला के साथ मारपीट करते रहे.</p>
<p style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार 11 जुलाई, 2024 को सुबह 7 बजे महिला ने रोते हुए पिता को फोन किया और बताया कि ससुराल में उसके साथ बहुत मारपीट हुई और उसको गला घोंटकर या फांसी लगाकर मारने की धमकी दी जा रही है. कुछ घंटे बाद महिला के घरवालों को एक रिश्तेदार ने फोन करके बताया कि उसको गला घोंटकर फांसी लगा दी गई है. जब महिला के पिता ससुराल पहुंचे तो वह वहां नहीं थी, उसको हॉस्पिटल ले जाया गया था, जहां पता चला कि वह मर चुकी है.</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे के अगले ही दिन शिकायत दर्ज कर दी गई, जिसमें प्रिंस सहित 8 घरवालों को आरोपी बनाया गया. जांच के बाद प्रिंस और उसके माता पिता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और दहेज निषेध अधिनयम के तहत चार्जशीट दाखिल हुई.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178549/woman-killed-for-fortuner-and-accused-husband-granted-bail</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178549/woman-killed-for-fortuner-and-accused-husband-granted-bail</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 22:12:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/images245.jpg"                         length="97837"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट के राडार पर 'इलाहाबाद हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>सुप्रीम कोर्ट ने आज इलाहाबाद हाईकोर्ट से सवाल किया कि उसने एक ऐसे व्यक्ति को ज़मानत क्यों दी, जिस पर पहली नज़र में दहेज हत्या के आरोप हैं। कोर्ट ने आरोपी पति की ज़मानत रद्द कर दी और उसे एक हफ़्ते के अंदर सरेंडर करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि ट्रायल एक साल के अंदर पूरा किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच, मृतक के पिता द्वारा दायर एक स्पेशल लीव पिटीशन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा पति को दी गई ज़मानत को चुनौती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177743/allahabad-high-court-on-the-radar-of-supreme-court"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/images-(3)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>सुप्रीम कोर्ट ने आज इलाहाबाद हाईकोर्ट से सवाल किया कि उसने एक ऐसे व्यक्ति को ज़मानत क्यों दी, जिस पर पहली नज़र में दहेज हत्या के आरोप हैं। कोर्ट ने आरोपी पति की ज़मानत रद्द कर दी और उसे एक हफ़्ते के अंदर सरेंडर करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि ट्रायल एक साल के अंदर पूरा किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच, मृतक के पिता द्वारा दायर एक स्पेशल लीव पिटीशन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा पति को दी गई ज़मानत को चुनौती दी गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">शुरुआत में, कोर्ट ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देखी, जिसमें बताया गया था कि मृतक की गर्दन के आस-पास चोट के निशान थे। जब कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के वकील से इस बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया कि वे एक काउंटर-एफ़िडेविट (जवाबी हलफ़नामा) दायर करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस पारदीवाला ने कहा: "इस तरह के आरोपों और शादी के सात साल के अंदर हुई मौत के मामले में, आपको ज़मानत क्यों दी जानी चाहिए? वकील साहब, मुद्दे पर बात करें, कमज़ोर दलीलें न दें, वरना हम यहीं और अभी आपकी ज़मानत रद्द कर देंगे। आप पर दहेज हत्या का आरोप है, और आपकी पत्नी आपके ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थी। उसके शरीर पर बाहरी चोट के निशान थे। आप अपनी पत्नी की मौत के बारे में क्या सफ़ाई देंगे?"</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद जस्टिस पारदीवाला ने हाई कोर्ट से सवाल किया: "इस हाई कोर्ट में क्या दिक्कत है, यह हमारी समझ से बाहर है। जिन मामलों में ज़मानत नहीं दी जानी चाहिए, उनमें भी ज़मानत दे दी जाती है।"</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया कि वह इस बात पर भी विचार करे कि आरोपी 18 महीने से हिरासत में है। इस पर, जस्टिस पारदीवाला ने मौखिक रूप से टिप्पणी की: "आप कुछ कहना चाहते हैं, मिस्टर वकील साहब? यह हत्या का मामला है। 304B, हाँ। उसकी गला घोंटकर हत्या की गई है; क्या आप चाहते हैं कि हम इसे करके दिखाएँ? पेज 31 [पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का] पर आइए।"</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने ज़मानत रद्द करने का आदेश दिया। अपने आदेश में, कोर्ट ने कहा कि शादी फरवरी 2019 में हुई थी और पत्नी की अप्राकृतिक मौत जुलाई 2024 में हुई। कोर्ट ने आगे कहा कि यह बात निर्विवाद है कि मृतक की मौत शादी के सात साल के अंदर हुई थी और आरोप दहेज से जुड़ी मौत के हैं। ऐसे हालात में, हाई कोर्ट को भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 113B के तहत अनुमान को ध्यान में रखना चाहिए था।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया, जिसमें मृतक के शरीर पर मौत से पहले लगी चोटों का ज़िक्र था।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने साफ़ किया कि वह मामले के गुण-दोष पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता, क्योंकि अभी मुक़दमा चल रहा है और अब तक सिर्फ़ एक गवाह की ही गवाही हुई है। हालाँकि, कुल मिलाकर हालात को देखते हुए, कोर्ट इस बात से संतुष्ट था कि ज़मानत देने वाला विवादित आदेश क़ानून की नज़र में सही नहीं है। इसलिए, प्रतिवादी को दी गई ज़मानत रद्द कर दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रतिवादी को निर्देश दिया गया कि वह एक हफ़्ते के अंदर जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करे। ट्रायल कोर्ट को भी निर्देश दिया गया है कि वह एक साल के अंदर मुक़दमा पूरा करने की कोशिश करे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी जज ने तब भी निराशा ज़ाहिर की थी, जब हाई कोर्ट ने दहेज से जुड़ी मौत के एक मामले में, पहली नज़र में लगे आरोपों पर विचार किए बिना, अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए ज़मानत दे दी थी। इसके बाद, हाई कोर्ट के उस जज ने हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस से अनुरोध किया कि उन्हें ज़मानत से जुड़े मामलों की ज़िम्मेदारी न दी जाए, और सुप्रीम कोर्ट की आलोचना को "हतोत्साहित करने वाला" बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने पिछले साल एक अनोखा आदेश दिया था। उन्होंने हाई कोर्ट के एक दूसरे जज के आदेश पर आपत्ति जताई थी, जिसमें पैसे की वसूली के लिए सिविल उपाय के प्रभावी न होने के आधार पर एक आपराधिक शिकायत को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था। बेंच ने कड़ी टिप्पणियाँ करते हुए कहा कि उक्त जज से उनके रिटायरमेंट तक आपराधिक क्षेत्राधिकार वापस ले लिया जाना चाहिए और उन्हें हाई कोर्ट के किसी अनुभवी वरिष्ठ जज के साथ एक डिवीज़न बेंच में बैठाया जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177743/allahabad-high-court-on-the-radar-of-supreme-court</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177743/allahabad-high-court-on-the-radar-of-supreme-court</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 23:10:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/images-%283%293.jpg"                         length="78045"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        