<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/83303/gas-agency" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>गैस एजेंसी - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/83303/rss</link>
                <description>गैस एजेंसी RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एक ही राज्य में KYC के अलग-अलग शुल्क? सिलचर में 150, रामकृष्णनगर में 190 रुपये लेने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> असम के अलग-अलग जिले क्षेत्रों में गैस कनेक्शन से संबंधित KYC के लिए अलग-अलग राशि लिए जाने के आरोपों ने उपभोक्ताओं के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सिलचर में जहां KYC के लिए 150 रुपये लिए जा रहे हैं, वहीं श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर में इसी प्रक्रिया के लिए 190 रुपये वसूले जाने का आरोप है। उपभोक्ताओं ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर शुल्क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार, सिलचर के गूंगुर-मेहरपुर क्षेत्र स्थित आशिया गैस सर्विस में KYC कराने के लिए</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185716/allegation-of-charging-different-kyc-fees-in-the-same-state"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1001721340-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> असम के अलग-अलग जिले क्षेत्रों में गैस कनेक्शन से संबंधित KYC के लिए अलग-अलग राशि लिए जाने के आरोपों ने उपभोक्ताओं के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सिलचर में जहां KYC के लिए 150 रुपये लिए जा रहे हैं, वहीं श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर में इसी प्रक्रिया के लिए 190 रुपये वसूले जाने का आरोप है। उपभोक्ताओं ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर शुल्क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत के अनुसार, सिलचर के गूंगुर-मेहरपुर क्षेत्र स्थित आशिया गैस सर्विस में KYC कराने के लिए कथित तौर पर 150 रुपये लिए जा रहे हैं। ग्राहकों का दावा है कि इस राशि के साथ उन्हें गैस पाइप भी दिया जा रहा है। वहीं, श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर स्थित गाजी गैस एजेंसी में इसी प्रकार की KYC प्रक्रिया के लिए 190 रुपये लिए जाने का आरोप उपभोक्ताओं ने लगाया है। एक ही सेवा के लिए शुल्क में अंतर क्यों?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उपभोक्ताओं का मुख्य सवाल है कि यदि KYC के लिए कोई निर्धारित अथवा अधिकृत शुल्क है, तो एक ही राज्य के दो अलग-अलग जिले क्षेत्रों में राशि में अंतर क्यों है। उनका कहना है कि सिलचर में 150 रुपये के साथ गैस पाइप दिए जाने की बात सामने आ रही है, जबकि रामकृष्णनगर में 190 रुपये लिए जाने के मामले में अतिरिक्त 40 रुपये किस मद में लिए जा रहे हैं, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। ग्राहकों ने मांग की है कि यदि अतिरिक्त राशि गैस पाइप, सेवा शुल्क या किसी अन्य अधिकृत मद के तहत ली जा रही है, तो संबंधित शुल्क का आधार और अधिकृत दर उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से बताई जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ का आरोप शिकायतकर्ता उपभोक्ताओं का कहना है कि KYC के नाम पर अतिरिक्त राशि लिए जाने से आम और निम्न आय वर्ग के लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उनका कहना है कि यह मामला केवल कुछ उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में गैस उपभोक्ताओं से जुड़ा जनहित का विषय है। जिला प्रशासन से जांच की मांग उपभोक्ताओं ने काछार और श्रीभूमि जिला प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उपभोक्ताओं के अनुसार, जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि: KYC के लिए निर्धारित या अधिकृत शुल्क कितना है?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिलचर और रामकृष्णनगर में अलग-अलग राशि लिए जाने की वजह क्या है? गैस पाइप अथवा अन्य सामग्री की कीमत शुल्क में शामिल है या नहीं?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सेवा शुल्क लिया जा रहा है तो उसका अधिकृत आधार क्या है? उपभोक्ताओं से ली जा रही राशि की रसीद और शुल्क का विवरण उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राहकों का कहना है कि यदि जांच में नियमों के विपरीत अतिरिक्त राशि वसूलने की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी अथवा जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, यदि दोनों स्थानों पर ली जा रही राशि में अंतर किसी वैध सेवा शुल्क, गैस पाइप या अन्य अधिकृत मद के कारण है, तो संबंधित गैस एजेंसियों और प्रशासन को इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">KYC के नाम पर अलग-अलग राशि लिए जाने के आरोपों के बीच अब उपभोक्ता प्रशासन और संबंधित गैस प्राधिकरण की जांच तथा स्पष्ट जवाब का इंतजार कर रहे हैं।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185716/allegation-of-charging-different-kyc-fees-in-the-same-state</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/185716/allegation-of-charging-different-kyc-fees-in-the-same-state</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 21:41:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1001721340-%281%29.jpg"                         length="97305"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुपौल में LPG संकट से निपटने को प्रशासन सक्रिय, कोयला वितरण और वाणिज्यिक गैस आपूर्ति शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुपौल जिला प्रशासन ने रसोई गैस (LPG) की कमी से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से वैकल्पिक ईंधन के रूप में कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से आवंटन की मांग की गई है, वहीं थोक विक्रेताओं के चयन हेतु आवेदन भी आमंत्रित किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जिला प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्राद्ध, मुंडन, उपनयन और अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178463/administration-started-active-coal-distribution-and-commercial-gas-supply-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/bihar71.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुपौल जिला प्रशासन ने रसोई गैस (LPG) की कमी से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से वैकल्पिक ईंधन के रूप में कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से आवंटन की मांग की गई है, वहीं थोक विक्रेताओं के चयन हेतु आवेदन भी आमंत्रित किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जिला प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्राद्ध, मुंडन, उपनयन और अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए भी वाणिज्यिक LPG सिलेंडरों की आपूर्ति शुरू कर दी है। इसके लिए रसोइयों और कैटरर्स को तेल कंपनियों में निबंधन कराना अनिवार्य होगा, जो 5 से 7 दिनों में पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम आयोजित करने वाले व्यक्तियों को अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर आवश्यक सिलेंडरों की संख्या और संभावित उपस्थित लोगों की जानकारी देनी होगी।<br />सीमावर्ती क्षेत्रों में गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पड़ोसी देश में ईंधन की कमी और मूल्य अंतर के प्रभाव को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जिले में वर्तमान में 51 गैस एजेंसियों के पास 11,573 सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है, जबकि 5,386 सिलेंडर और प्राप्त होने की संभावना है। बीते 5 मई को 6,341 उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई गई, जबकि अभी 23,841 उपभोक्ताओं की बुकिंग लंबित है। प्रतिदिन औसतन 5,675 उपभोक्ताओं को LPG सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />51 में से 48 गैस एजेंसियों पर फिलहाल गैस उपलब्ध है, जबकि शेष तीन एजेंसियों—आस्था इंडेन ग्रामीण वितरक, श्री गंगा इंडेन ग्रामीण वितरक और उषा जगनाथ HP ग्रामीण वितरक—पर शीघ्र आपूर्ति होने की संभावना है। प्रशासन द्वारा 15 गैस एजेंसियों और 18 होटलों/प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर जांच की गई है।<br />घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग और कालाबाजारी के मामलों में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। साथ ही पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण जारी है, जिसमें अब तक तीन पंपों की जांच की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए 24x7 हेल्पलाइन नंबर 1906 के अलावा विभिन्न तेल कंपनियों के टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं। समाहरणालय स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां अब तक एक शिकायत प्राप्त हुई, जिसका समाधान कर दिया गया है।<br />जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में LPG, पेट्रोल और आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है तथा कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</p>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178463/administration-started-active-coal-distribution-and-commercial-gas-supply-to</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178463/administration-started-active-coal-distribution-and-commercial-gas-supply-to</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:29:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/bihar71.jpg"                         length="102418"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुपौल में LPG संकट से निपटने को प्रशासन सक्रिय, कोयला वितरण और वाणिज्यिक गैस आपूर्ति शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुपौल जिला प्रशासन ने रसोई गैस (LPG) की कमी से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से वैकल्पिक ईंधन के रूप में कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से आवंटन की मांग की गई है, वहीं थोक विक्रेताओं के चयन हेतु आवेदन भी आमंत्रित किए जा रहे हैं।   </p>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्राद्ध, मुंडन, उपनयन और अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178460/administration-started-active-coal-distribution-and-commercial-gas-supply-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/bihar7.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुपौल जिला प्रशासन ने रसोई गैस (LPG) की कमी से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से वैकल्पिक ईंधन के रूप में कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से आवंटन की मांग की गई है, वहीं थोक विक्रेताओं के चयन हेतु आवेदन भी आमंत्रित किए जा रहे हैं।   </p>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्राद्ध, मुंडन, उपनयन और अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए भी वाणिज्यिक LPG सिलेंडरों की आपूर्ति शुरू कर दी है। इसके लिए रसोइयों और कैटरर्स को तेल कंपनियों में निबंधन कराना अनिवार्य होगा, जो 5 से 7 दिनों में पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम आयोजित करने वाले व्यक्तियों को अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर आवश्यक सिलेंडरों की संख्या और संभावित उपस्थित लोगों की जानकारी देनी होगी।<br />सीमावर्ती क्षेत्रों में गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पड़ोसी देश में ईंधन की कमी और मूल्य अंतर के प्रभाव को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिले में वर्तमान में 51 गैस एजेंसियों के पास 11,573 सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है, जबकि 5,386 सिलेंडर और प्राप्त होने की संभावना है। बीते 5 मई को 6,341 उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई गई, जबकि अभी 23,841 उपभोक्ताओं की बुकिंग लंबित है। प्रतिदिन औसतन 5,675 उपभोक्ताओं को LPG सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />51 में से 48 गैस एजेंसियों पर फिलहाल गैस उपलब्ध है, जबकि शेष तीन एजेंसियों—आस्था इंडेन ग्रामीण वितरक, श्री गंगा इंडेन ग्रामीण वितरक और उषा जगनाथ HP ग्रामीण वितरक—पर शीघ्र आपूर्ति होने की संभावना है। प्रशासन द्वारा 15 गैस एजेंसियों और 18 होटलों/प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर जांच की गई है।<br />घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग और कालाबाजारी के मामलों में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। साथ ही पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण जारी है, जिसमें अब तक तीन पंपों की जांच की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए 24x7 हेल्पलाइन नंबर 1906 के अलावा विभिन्न तेल कंपनियों के टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं। समाहरणालय स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां अब तक एक शिकायत प्राप्त हुई, जिसका समाधान कर दिया गया है।<br />जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में LPG, पेट्रोल और आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है तथा कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</p>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178460/administration-started-active-coal-distribution-and-commercial-gas-supply-to</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178460/administration-started-active-coal-distribution-and-commercial-gas-supply-to</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:14:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/bihar7.jpg"                         length="102418"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल व गैस की पर्याप्त उपलब्धता, अफवाहों से रहें दूर: डीएम</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>जनपद में पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की कमी को लेकर फैल रही भ्रामक सूचनाओं के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। गुरुवार को जिलाधिकारी शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक कर आपूर्ति व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन तथा अन्य व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। सभी आवश्यक वस्तुएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177728/dm-should-stay-away-from-rumors-about-adequate-availability-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260430-wa0004.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>जनपद में पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की कमी को लेकर फैल रही भ्रामक सूचनाओं के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। गुरुवार को जिलाधिकारी शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक कर आपूर्ति व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन तथा अन्य व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। सभी आवश्यक वस्तुएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अफवाहें फैलाकर आमजन को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह निराधार है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने जनता से अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और न ही उसे सोशल मीडिया पर साझा करें। प्रशासन लगातार सभी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है, जिससे किसी प्रकार की दिक्कत उत्पन्न न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने संचालकों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश भी दिए गए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में उपस्थित पेट्रोल पंप एवं गैस एजेंसी संचालकों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे आपूर्ति व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि सभी केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला प्रशासन ने बताया कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को पारदर्शी बनाए रखने के लिए लगातार निरीक्षण व मॉनिटरिंग की जा रही है। संबंधित विभागों को नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। अंत में प्रशासन ने जनपदवासियों से संयम बरतने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की, ताकि शांति व व्यवस्था बनी रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177728/dm-should-stay-away-from-rumors-about-adequate-availability-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177728/dm-should-stay-away-from-rumors-about-adequate-availability-of</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 20:59:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260430-wa0004.jpg"                         length="172932"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        