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                <title>किसान कल्याण - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>किसान कल्याण RSS Feed</description>
                
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                <title>इफको फूलपुर में अध्यक्ष संघाणी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर फहराया तिरंगा।कहा देश की प्रगति का रास्ता गांवों और खेतों से होकर गुजरता है।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो चीफ दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के  अवसर पर  इंडियन फॉर्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव( इफको ) संस्था केअध्यक्ष  दिलीप संघाणी ने इफको की फूलपुर इकाई में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। स्वतंत्रता दिवस पर  आयोजित इस गरिमामय समारोह में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और किसानों की समृद्धि के संकल्प की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">
<div>उन्होंने कहा कि देश की प्रगति का रास्ता गांवों और खेतों से होकर गुजरता है और किसानों को सशक्त किए बिना विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। श्री संघाणी ने इफको फूलपुर इकाई द्वारा उर्वरक उत्पादन, आधुनिक</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185463/president-sanghani-hoisted-the-tricolor-on-the-80th-independence-day"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/10019295531.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो चीफ दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के  अवसर पर  इंडियन फॉर्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव( इफको ) संस्था केअध्यक्ष  दिलीप संघाणी ने इफको की फूलपुर इकाई में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। स्वतंत्रता दिवस पर  आयोजित इस गरिमामय समारोह में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और किसानों की समृद्धि के संकल्प की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<div>उन्होंने कहा कि देश की प्रगति का रास्ता गांवों और खेतों से होकर गुजरता है और किसानों को सशक्त किए बिना विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। श्री संघाणी ने इफको फूलपुर इकाई द्वारा उर्वरक उत्पादन, आधुनिक कृषि तकनीकों, किसान सेवा तथा सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इफको किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के अनुरूप निरंतर कार्य कर रही है।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/10019295521.jpg" alt="इफको फूलपुर में अध्यक्ष संघाणी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर फहराया तिरंगा।कहा देश की प्रगति का रास्ता गांवों और खेतों से होकर गुजरता है।" width="420" height="280"></img></div>
<div> </div>
</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन करते हुए कहा कि आजादी केवल हमारे लिए गौरव का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की निरंतर जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति का रास्ता गांवों और खेतों से होकर गुजरता है और किसानों को सशक्त किए बिना विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<div>स्वतंत्रता दिवस पर इफको परिवार  राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए अपने संकल्प को दोहराया।   श्री संघाणी ने कहा कि आजादी के 80वें वर्ष में हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों के भारत के निर्माण के लिए और अधिक समर्पण के साथ काम करना होगा, जिन्होंने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने कहा कि किसान की समृद्धि, गांव की खुशहाली और सहकारिता की मजबूती ही आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की आधारशिला है। इफको किसानों की आय बढ़ाने, सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने, कृषि को टिकाऊ बनाने और भारतीय संस्कृति एवं ग्रामीण जीवन की समृद्ध परंपरा को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।।इफको फूलपुर में श्री संघाणी  ने स्वतंत्रता दिवस पर यही संकल्प एक बार फिर दोहराया की देश की धरती, देश के किसान और देश की समृद्धि के लिए इफको की ओर से हर संभव प्रयास जारी रहेगा</div>
<div> </div>
</div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नवनिर्मित तकनीकी भवन का उद्घाटन किया</strong></div>
<div style="text-align:justify;">दो दिवसीय  फूलपुर दौरे के दौरान श्री संघाणी ने इफको फूलपुर संयंत्र में नवनिर्मित तकनीकी भवन का उद्घाटन किया। इस भवन से संयंत्र के सभी वरिष्ठ अधिकारी एक साथ बैठकर कार्यों की समीक्षा और समन्वय कर सकेंगे, जिससे निर्णय प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी तथा कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/1001929554.jpg" alt="इफको फूलपुर में अध्यक्ष संघाणी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर फहराया तिरंगा।कहा देश की प्रगति का रास्ता गांवों और खेतों से होकर गुजरता है।" width="450" height="300"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इफको फूलपुर इकाई के वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री पी.के. सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री संघाणी को इकाई की कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता, नई तकनीकों तथा पर्यावरण-संवेदनशील उत्पादन प्रक्रियाओं की जानकारी दी। श्री संघानी ने इकाई में अपनाई जा रही आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों की सराहना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कार्डेट किसान सभा और सहकारी बंधुओ को किया संबोधित</strong></div>
<div style="text-align:justify;">इसके पूर्व श्री संघाणी ने इफको कॉर्डेट में एक दिन पूर्व आयोजित किसान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक मजबूती में किसान की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग, जैव-उर्वरकों तथा पोषक तत्वों से युक्त उर्वरकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने पीएम प्रणाम तथा ‘उर्वरक की पाठशाला’ जैसी पहलों के माध्यम से धरती और पर्यावरण की रक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों में इफको फूलपुर की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ पर्यावरण और समृद्ध किसान ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भारत की नींव रखेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्री संघाणी ने इफको के नैनो उर्वरकों—नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक और नैनो कॉपर को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरक कृषि क्षेत्र में नई तकनीकी क्रांति का हिस्सा हैं और इनके माध्यम से कम मात्रा में अधिक प्रभावी पोषक तत्व उपलब्ध कराने के साथ-साथ मिट्टी और पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इफको फूलपुर इकाई ने अब तक नैनो यूरिया प्लस लिक्विड की 244.8 लाख बोतलें तथा नैनो डीएपी लिक्विड की 12.1 लाख बोतलें, प्रत्येक 500 मिलीलीटर, का उत्पादन किया है। इनका कुल पोषक प्रभाव लगभग 11.5 लाख मीट्रिक टन पारंपरिक उर्वरकों के बराबर है। यह उपलब्धि इफको फूलपुर की टिकाऊ कृषि और अगली पीढ़ी की उर्वरक तकनीकों के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका को रेखांकित करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने कार्यक्रम में श्री संघाणी ने किसानों एवं सहकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ आत्मीय संवाद किया तथा उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नैनो उर्वरकों और संतुलित पोषण प्रबंधन को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि “इफको की असली सफलता केवल उत्पादन के आंकड़ों में नहीं, बल्कि उस किसान के चेहरे की मुस्कान में है, जिसके खेत में बेहतर उत्पादन हो और जिसके परिवार का भविष्य सुरक्षित हो।” इफको का मानना है कि राष्ट्र की वास्तविक समृद्धि ग्रामीण भारत की प्रगति और खुशहाली में निहित है। इसी सोच के अनुरूप कॉर्डेट (कोऑपरेटिव रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट) तथा मोतीलाल नेहरू किसान प्रशिक्षण संस्थान किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इफको फूलपुर स्थानीय समुदायों से प्राप्त नीम के बीजों का उपयोग कर नीम-लेपित यूरिया, जैव-उर्वरक तथा नीम तेल का उत्पादन भी करता है। इससे एक ओर टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलता है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय आजीविका को भी मजबूती मिलती है। इफको फूलपुर इकाई केंद्रीय विद्यालय कल्याण कार्यक्रम, समन्वित ग्रामीण विकास कार्यक्रम (आईआरडीपी), महिला चेतना क्लब और ओम कल्याण समिति जैसी पहलों के माध्यम से आसपास के गांवों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान दे रही है। इन प्रयासों के अंतर्गत स्वच्छता सुविधाएं, सुरक्षित पेयजल, सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, शैक्षिक सहायता तथा आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने जैसे कार्य किए जा रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 20:16:37 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>प्राकृतिक खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने दिलाया विकसित कृषि का संकल्प।।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में शुक्रवार को "प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाकर किसानों की आय में भी वृद्धि करती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181676/emphasis-on-increasing-the-income-of-farmers-through-natural-farming"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0182-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में शुक्रवार को "प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाकर किसानों की आय में भी वृद्धि करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने तथा कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं, जैविक खाद के उपयोग, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। किसानों को प्राकृतिक खेती से मिलने वाले लाभों एवं सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सांसद प्रवीण पटेल, विधायकगण, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी), भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष, महापौर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, किसान एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने कृषि क्षेत्र को अधिक उन्नत, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों के हित में कार्य करने का संकल्प लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:14:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान दिवस में गूंजीं किसानों की समस्याएं, डीएम ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने अपनी समस्याएं और सुझाव खुलकर रखे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि किसानों एवं आमजन की शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में भारतीय किसान यूनियन (महिला प्रकोष्ठ) की जिलाध्यक्ष पम्मी सिंह ने किसान दिवस की सूचना समय पर किसानों तक न पहुंचने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त जानकारी के अभाव में किसानों की भागीदारी कम रहती है, जिससे कार्यक्रम का उद्देश्य प्रभावित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181396/farmers-problems-echoed-in-farmers-day-dm-gave-instructions-for"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260617-wa0063.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने अपनी समस्याएं और सुझाव खुलकर रखे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि किसानों एवं आमजन की शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में भारतीय किसान यूनियन (महिला प्रकोष्ठ) की जिलाध्यक्ष पम्मी सिंह ने किसान दिवस की सूचना समय पर किसानों तक न पहुंचने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त जानकारी के अभाव में किसानों की भागीदारी कम रहती है, जिससे कार्यक्रम का उद्देश्य प्रभावित होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उप कृषि निदेशक को आगामी किसान दिवस का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा सभी विकास खंडों के किसानों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राममोहन मीना को निर्देशित किया कि 30 जून को पुनः किसान दिवस आयोजित किया जाए। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों में डुग्गी और मुनादी के माध्यम से किसानों को सूचना दी जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन तक पहुंचा सकें।मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि किसान दिवस में अपनी समस्याये एवं सुझाव लिखित रूप से उपलब्ध कराये, जिससे उनका निस्तारण सम्बन्धित विभाग से समय से कराया जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसान दिवस में जेठवारा के अनंत सिंह तोमर ने भूलेख नक्शा उपलब्ध कराने और चकमार्ग पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग उठाई। वहीं पम्मी सिंह ने उसरी गांव में स्वीकृत पशु चिकित्सालय का निर्माण शुरू न होने और गोबरी-जगेसरगंज में दो वर्षों से बंद धान एवं गेहूं क्रय केंद्र को पुनः संचालित कराने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। दिलीपपुर की शीला पाल ने भैंस पालन के लिए टीन शेड निर्माण की मांग की, जिस पर डीएम ने मनरेगा के तहत कार्य कराने के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सहेरूआ गांव के रजनीकांत ने चकबंदी के बाद भूमि कब्जा एवं अंश निर्धारण की लंबित कार्रवाई का मामला उठाया, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने किसानों को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए 20 जून को प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में जनपद में एक वृहद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है।किसान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राममोहन मीना, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 19:02:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जिलाधिकारी ने सहकारी समिति बसंतपुर का किया निरीक्षण, दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन द्वारा बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लि0, बसन्तपुर विकास खण्ड बांसी का निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन द्वारा खाद वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि केन्द्र पर 500 बोरी उर्वरक का आवंटन प्राप्त हुआ है। फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार खाद का वितरण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि खाद के साथ किसी भी प्रकार की टैगिंग नही होना चाहिए। टैगिंग शत-प्रतिशत बन्द है। इस प्रकार की शिकायत मिलने पर संबधित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। इसके साथ नियमानुसार खाद</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181049/district-magistrate-inspected-the-cooperative-society-basantpur-and-gave-instructions"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781187652076.jpg" alt=""></a><br /><div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन द्वारा बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लि0, बसन्तपुर विकास खण्ड बांसी का निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन द्वारा खाद वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि केन्द्र पर 500 बोरी उर्वरक का आवंटन प्राप्त हुआ है। फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार खाद का वितरण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि खाद के साथ किसी भी प्रकार की टैगिंग नही होना चाहिए। टैगिंग शत-प्रतिशत बन्द है। इस प्रकार की शिकायत मिलने पर संबधित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। इसके साथ नियमानुसार खाद वितरण कराने का निर्देश दिया।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 21:19:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय कृषि एक अहम मोड़ पर: अब बदलने का समय</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">आज भारतीय खेती एक ऐसे दौर में खड़ी है, जहाँ बदलाव जरूरी हो गया है। मौसम अब पहले जैसा नहीं रहा। कभी बारिश समय पर नहीं होती, कभी जरूरत से ज्यादा हो जाती है। तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। इन सबका सीधा असर खेती और किसानों की कमाई पर पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सिर्फ मौसम ही नहीं, हमारी कुछ खेती की आदतें भी परेशानी बढ़ा रही हैं। जैसे जरूरत से ज्यादा पानी इस्तेमाल करना, रासायनिक खादों पर ज्यादा निर्भर रहना और पराली जलाना। इससे मिट्टी कमजोर हो रही है और पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ रहा है। धीरे-धीरे इससे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177724/indian-agriculture-is-at-a-critical-juncture-now-is-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/whatsapp-image-2026-04-30-at-8.20.18-pm-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आज भारतीय खेती एक ऐसे दौर में खड़ी है, जहाँ बदलाव जरूरी हो गया है। मौसम अब पहले जैसा नहीं रहा। कभी बारिश समय पर नहीं होती, कभी जरूरत से ज्यादा हो जाती है। तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। इन सबका सीधा असर खेती और किसानों की कमाई पर पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सिर्फ मौसम ही नहीं, हमारी कुछ खेती की आदतें भी परेशानी बढ़ा रही हैं। जैसे जरूरत से ज्यादा पानी इस्तेमाल करना, रासायनिक खादों पर ज्यादा निर्भर रहना और पराली जलाना। इससे मिट्टी कमजोर हो रही है और पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ रहा है। धीरे-धीरे इससे फसल की पैदावार भी कम हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/whatsapp-image-2026-04-30-at-8.20.18-pm.jpeg" alt="भारतीय कृषि एक अहम मोड़ पर: अब बदलने का समय" width="527" height="351"></img></p>
<p style="text-align:justify;">भारत में बहुत बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। लेकिन यही क्षेत्र मौसम के बदलाव से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। अगर मानसून कमजोर पड़ जाए या अचानक गर्मी बढ़ जाए, तो इसका असर सिर्फ खेत तक नहीं रहता—किसानों की आय, बाजार के दाम और पूरी अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में अब “जलवायु के हिसाब से खेती” अपनाना जरूरी हो गया है। इसका मतलब है पानी का सही इस्तेमाल, मौसम के अनुसार फसल चुनना, मिट्टी की सेहत बनाए रखना और पराली जलाने से बचना। ये छोटे-छोटे कदम आगे चलकर बड़ा फर्क ला सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अच्छी बात ये है कि इस दिशा में काम शुरू हो चुका है। कई संस्थाएं किसानों को नई तकनीकें सिखा रही हैं। सरकार भी कई योजनाओं के जरिए मदद कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जैसे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत पानी बचाने पर जोर दिया जा रहा है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड से किसानों को पता चलता है कि खेत में किस तरह की खाद कितनी मात्रा में डालनी है। परंपरागत कृषि विकास योजना से जैविक खेती को बढ़ावा मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन मौसम के असर को कम करने पर काम करता है, और फसल बीमा योजना मुश्किल समय में किसानों को आर्थिक सहारा देती है।</p>
<p style="text-align:justify;">दिशा सही है, लेकिन काम को और तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। क्योंकि मौसम तेजी से बदल रहा है, तो हमें भी उतनी ही जल्दी कदम उठाने होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">सीधी बात है—आज जो फैसले हम लेंगे, वही कल की खेती तय करेंगे। अगर अभी सही कदम उठाए गए, तो हम किसानों को मजबूत बना सकते हैं, खाने की सुरक्षा बनाए रख सकते हैं और गांव की अर्थव्यवस्था को बेहतर कर सकते हैं। अब समय है—किसानों का साथ देने का, पर्यावरण को बचाने का और सही दिशा में आगे बढ़ने का।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. नवाज़ अहमद खान<br />प्रोफेसर<br />आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 20:52:22 +0530</pubDate>
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