<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/83045/assembly-election-results" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Assembly Election Results - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/83045/rss</link>
                <description>Assembly Election Results RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राष्ट्रहित और जनहित के कार्य करने वालों को ही जनादेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश में हाल ही में पाँच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों की यदि ईमानदारी से व्याख्या की जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह स्पष्ट दिखाई देता है कि जनता ने उन्हीं दलों और नेताओं को जनादेश दिया है जिनकी छवि साफ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छ और ईमानदार रही है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय जनता पार्टी को बिहार के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जो व्यापक जनसमर्थन मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके पीछे केंद्र की</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा  की नरेंद्र मोदी  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार की राष्ट्रहित और जनहित में कार्य करने वाली नीतियों की बड़ी भूमिका रही है। इन नीतियों के कारण देश न केवल आंतरिक रूप से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178740/mandate-only-for-those-working-in-national-interest-and-public"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/hindi-divas2.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश में हाल ही में पाँच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों की यदि ईमानदारी से व्याख्या की जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह स्पष्ट दिखाई देता है कि जनता ने उन्हीं दलों और नेताओं को जनादेश दिया है जिनकी छवि साफ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छ और ईमानदार रही है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय जनता पार्टी को बिहार के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जो व्यापक जनसमर्थन मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके पीछे केंद्र की</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा  की नरेंद्र मोदी  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार की राष्ट्रहित और जनहित में कार्य करने वाली नीतियों की बड़ी भूमिका रही है। इन नीतियों के कारण देश न केवल आंतरिक रूप से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अधिक मजबूत और सशक्त हुआ है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विधानसभा चुनावों के परिणाम देश के राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि इक्कीसवीं सदी के आधुनिक और जागरूक भारत में जात-पात और धर्म के नाम पर राजनीति कर सत्ता प्राप्त करना अब आसान नहीं रहा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज का मतदाता पंच से लेकर प्रधानमंत्री तक के चुनाव में विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा और सुशासन की गारंटी चाहता है। वह उसी व्यक्ति और दल को अपना समर्थन देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो उसकी अपेक्षाओं पर खरा उतरता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में डेढ़-दो दशक पहले तक कई राज्यों में जातिवाद और धर्म आधारित राजनीति के सहारे सरकारें बनती रही हैं। इसका परिणाम यह हुआ कि प्राकृतिक संसाधनों और व्यापारिक संभावनाओं से सम्पन्न कई राज्य भी भय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भूख और भ्रष्टाचार के प्रतीक बनकर रह गए।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र में प्रधानमंत्री</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नरेंद्र मोदी </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद देश की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। जाति और धर्म की राजनीति करने वाले दलों का जनाधार लगातार कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और उनकी व्यक्तिगत ईमानदार छवि के कारण भारत आज विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश आंतरिक और बाहरी दोनों स्तरों पर अधिक सुरक्षित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सक्षम और आत्मनिर्भर बनता जा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज यदि देश के दो दर्जन के आसपास राज्यों में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अथवा उसके सहयोगी दलों की सरकारें है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसके पीछे केंद्र सरकार की विश्वसनीय और जनहितकारी छवि का महत्वपूर्ण योगदान है। इस नेतृत्व ने देशवासियों के मन में व्याप्त भय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भूख और भ्रष्टाचार के वातावरण को कम करने का प्रयास किया है तथा विकसित और सुरक्षित भारत का विश्वास जगाया है। लगातार आ रहे विधानसभा चुनावों के परिणाम विपक्षी दलों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश हैं। यदि उन्हें राजनीति में प्रासंगिक बने रहना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो जात-पात और धर्म की संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोजगार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा और जनकल्याण जैसे मुद्दों पर जनता का विश्वास जीतना होगा।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दरअसल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आज देश का मतदाता स्वार्थ और तुष्टिकरण की राजनीति से अधिक राष्ट्रहित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास और सुशासन को महत्व देने लगा है। यही कारण है कि केवल सत्ता प्राप्ति के उद्देश्य से की जाने वाली राजनीति को जनता लगातार नकारती जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>अरविंद रावल</strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178740/mandate-only-for-those-working-in-national-interest-and-public</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178740/mandate-only-for-those-working-in-national-interest-and-public</guid>
                <pubDate>Sat, 09 May 2026 17:58:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/hindi-divas2.jpg"                         length="137237"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज़ाद भारत का सर्वाधिक मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के चौथे सबसे बड़े राज्य पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण का मतदान सम्पन्न होने के साथ ही पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणामों पर अब सबकी निगाहें चार मई को होने वाली मतगणना पर टिक गई हैं। बिहार से शुरू हुए मतदाता सूची के शुद्धिकरण (पुनरीक्षण) के बाद वहां हुई बंपर वोटिंग ने मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि का संकेत दिया था। इसी क्रम में चुनाव आयोग ने विपक्ष के विरोध के बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराया।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177669/highest-voter-turnout-of-independent-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/images-(2)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के चौथे सबसे बड़े राज्य पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण का मतदान सम्पन्न होने के साथ ही पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणामों पर अब सबकी निगाहें चार मई को होने वाली मतगणना पर टिक गई हैं। बिहार से शुरू हुए मतदाता सूची के शुद्धिकरण (पुनरीक्षण) के बाद वहां हुई बंपर वोटिंग ने मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि का संकेत दिया था। इसी क्रम में चुनाव आयोग ने विपक्ष के विरोध के बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराया।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम बंगाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">असम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव से पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया गया। इस प्रक्रिया में हजारों-लाखों मतदाता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने के कारण सूची से बाहर हुए। इसके बावजूद इन पांचों राज्यों में रिकॉर्ड मतदान हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो लोकतांत्रिक चेतना और नागरिक सहभागिता का मजबूत संकेत है। यह स्थिति राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ाने वाली है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम बंगाल में इस बार लगभग </span>92 <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिशत मतदान दर्ज होना अपने आप में ऐतिहासिक है। यह न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस जनादेश का सेहरा किसके सिर बंधता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्रता के बाद से पश्चिम बंगाल में कभी भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं बनी। यहां कांग्रेस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वामपंथी दलों और पिछले डेढ़ दशक से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। इस बार का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके परिणाम राज्य ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी तय कर सकते हैं।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि भाजपा इस चुनाव में सफलता प्राप्त करती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह उसके लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी और विपक्षी दलों के लिए बड़ा झटका। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में लौटती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वे राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की सबसे मजबूत नेता के रूप में उभर सकती हैं। यह भी विचारणीय है कि बढ़ता मतदान प्रतिशत कहीं न कहीं मतदाताओं के बढ़ते विश्वास और लोकतंत्र में उनकी आस्था को दर्शाता है। चाहे इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक छवि और नेतृत्व का प्रभाव हो या स्थानीय मुद्दों की भूमिका एक बात स्पष्ट है कि देश का मतदाता अब पहले से अधिक जागरूक और सक्रिय हो चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">                                                                                                                                  <strong><span lang="hi" xml:lang="hi">                                   अरविंद रावल</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177669/highest-voter-turnout-of-independent-india</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177669/highest-voter-turnout-of-independent-india</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:16:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/images-%282%298.jpg"                         length="90318"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        