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                <title>गौहाटी हाईकोर्ट - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>गौहाटी हाईकोर्ट RSS Feed</description>
                
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                <title>बराक घाटी के धोयारबंद में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर जागरूकता सभा और हस्ताक्षर अभियान।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात </strong></p><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">असम के बराक घाटी में गौहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर 21 जून रविवार को धोयारबंद रिसॉर्ट में जागरूकता सभा एवं जन-हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हाईकोर्ट बेंच डिमांड इम्प्लीमेंटेशन कमेटी, कछार जिला समिति तथा ‘यूथ्स अगेंस्ट सोशल ईविल्स’ (यासी) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।</div><div style="text-align:justify;">सभा में स्थानीय नागरिकों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, छात्रों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। आयोजन के दौरान बराक घाटी में गौहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की आवश्यकता और उसके महत्व पर विस्तार से चर्चा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181912/awareness-meeting-and-signature-campaign-for-the-demand-of-high"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001565281.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात </strong></p><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">असम के बराक घाटी में गौहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर 21 जून रविवार को धोयारबंद रिसॉर्ट में जागरूकता सभा एवं जन-हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हाईकोर्ट बेंच डिमांड इम्प्लीमेंटेशन कमेटी, कछार जिला समिति तथा ‘यूथ्स अगेंस्ट सोशल ईविल्स’ (यासी) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।</div><div style="text-align:justify;">सभा में स्थानीय नागरिकों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, छात्रों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। आयोजन के दौरान बराक घाटी में गौहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की आवश्यकता और उसके महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।</div><div style="text-align:justify;">समिति के नेताओं और वक्ताओं ने कहा कि लगभग 40 लाख लोगों की आबादी वाले बराक घाटी क्षेत्र के लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर गौहाटी जाना पड़ता है, जिससे समय, धन और श्रम की भारी हानि होती है। उन्होंने कहा कि न्याय तक आसान पहुंच नागरिकों का मौलिक अधिकार है और इसी उद्देश्य से बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की स्थापना आवश्यक है।</div><div style="text-align:justify;">वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपने संबोधन में इस मांग की ऐतिहासिक और कानूनी पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 1972 से ही इस क्षेत्र में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग उठती रही है। उन्होंने कहा कि देश के अनेक राज्यों में हाईकोर्ट की खंडपीठें स्थापित हैं, लेकिन बराक घाटी की लंबे समय से चली आ रही न्यायसंगत मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है।</div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के बाद आयोजित हस्ताक्षर अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों, व्यवसायियों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, एक ही दिन में 200 से अधिक लोगों ने गौहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच के समर्थन में हस्ताक्षर किए।</div><div style="text-align:justify;">हाईकोर्ट बेंच डिमांड इम्प्लीमेंटेशन कमेटी ने बताया कि आने वाले दिनों में श्रीभूमि और हैलाकांडी जिलों में भी जागरूकता अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रम और हस्ताक्षर अभियान चलाए जाएंगे। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसमर्थन और लोकतांत्रिक आंदोलन के बल पर बराक घाटी की यह लंबे समय से लंबित मांग एक दिन अवश्य पूरी होगी।</div><div style="text-align:justify;">यह जानकारी समिति के काछार जिला प्रचार सचिव सायन चक्रवर्ती द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 15:25:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पहुंचे सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गौहाटी उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। बता दें कि, गौहाटी उच्च न्यायालय ने मानहानि और जालसाजी के एक मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।  यह मामला असम पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज किया है। पवन खेड़ा ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, खेड़ा ने रविवार को एक स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दायर की है, और इस मामले को डायरी नंबर 25523/2026 के तौर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177433/congress-leader-pawan-kheda-reached-supreme-court-and-challenged-assam"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/8figkh4o_pawan-khera-pti_625x300_27_april_23.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गौहाटी उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। बता दें कि, गौहाटी उच्च न्यायालय ने मानहानि और जालसाजी के एक मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।  यह मामला असम पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज किया है। पवन खेड़ा ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, खेड़ा ने रविवार को एक स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) दायर की है, और इस मामले को डायरी नंबर 25523/2026 के तौर पर रजिस्टर किया गया है। शाम करीब 6.26 बजे दायर की गई यह याचिका फिलहाल 'पेंडिंग' के तौर पर लिस्टेड है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह याचिका गौहाटी हाईकोर्ट की ओर से खेड़ा को गिरफ्तारी से पहले जमानत देने से इनकार करने के दो दिन बाद आई है। जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की सिंगल-जज बेंच ने फैसला सुनाया था कि कांग्रेस नेता 'गिरफ्तारी से पहले जमानत का विशेषाधिकार पाने के हकदार नहीं हैं।'</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौहाटी हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा था कि इस मामले को सिर्फ मानहानि का मामला नहीं कहा जा सकता। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 339 के तहत पहली नजर में मामला बनने के सबूत मौजूद हैं।असम पुलिस ने उनके खिलाफ मानहानि और जालसाजी का मामला दर्ज किया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत कुमार सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने दर्ज कराया है। उन्होंने खेड़ा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। खेड़ा ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:35:31 +0530</pubDate>
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