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                <title>Prayagraj Bureau - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Prayagraj Bureau RSS Feed</description>
                
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                <title>राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों की सदस्यता रद्द होगी? आप का बड़ा दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> क्या राघव चड्ढा समेत उन सभी 7 सांसदों की सदस्यता रद्द होगी जिन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़कर खुद को बीजेपी में विलय कर लिया है? कम से कम आम आदमी पार्टी ने तो यही दावा करते हुए राज्यसभा चेयरमैन से लिखित में अनुरोध किया है कि इन सभी सातों सदस्यों की सदस्यता रद्द की जाए। इसने कहा है कि संविधान के विशेषज्ञों का यही कहना है और संविधान की 10वीं अनुसूची में भी ऐसा ही लिखा है।</div>
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<div style="text-align:justify;">आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने इस मामले में रविवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा, 'संविधान के कई</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177431/aaps-big-claim-is-that-membership-of-7-mps-including"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/images-(1)13.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> क्या राघव चड्ढा समेत उन सभी 7 सांसदों की सदस्यता रद्द होगी जिन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़कर खुद को बीजेपी में विलय कर लिया है? कम से कम आम आदमी पार्टी ने तो यही दावा करते हुए राज्यसभा चेयरमैन से लिखित में अनुरोध किया है कि इन सभी सातों सदस्यों की सदस्यता रद्द की जाए। इसने कहा है कि संविधान के विशेषज्ञों का यही कहना है और संविधान की 10वीं अनुसूची में भी ऐसा ही लिखा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने इस मामले में रविवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा, 'संविधान के कई जानकारों, देश के वरिष्ठ अधिवक्ता व संविधान के विशेषज्ञ कपिल सिब्बल और पीडीटी आचार्य ने साफ़ कर दिया है कि आप को तोड़कर बीजेपी में विलय करने का फ़ैसला लेने वाले सात लोगों की सदस्यता ख़त्म होगी। ये बहुत साफ़ तौर पर है।'</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संजय सिंह ने कहा कि कपिल सिब्बल जैसे संविधान के जानकारों की राय लेकर राज्यसभा के सभापति और देश के उपराष्ट्रपति को एक याचिका भेजी है जिसमें संविधान की 10वीं अनुसूची के मुताबिक इन सातों सदस्यों की सदस्यता रद्द की जाए, इसके बारे में अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सभापति महोदय से मांग की है कि इसकी जल्द से जल्द सुनवाई करके अपनी ओर से न्यायपूर्ण फैसला दें। संविधान की 10वीं अनुसूची में भी साफ़ तौर पर लिखा गया है कि इस तरह की किसी भी तोड़फोड़ की इजाजत भारत का संविधान नहीं देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आप के पूर्व राज्‍यसभा उपनेता राघव चड्ढा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया कि पार्टी के 10 में से 7 राज्‍यसभा सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं और बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह संख्या दो-तिहाई से ज्यादा है, इसलिए वे एंटी-डिफेक्शन कानून यानी दलबदल विरोधी कानून से बच सकते हैं।बागी सांसदों में राघव चड्ढा के अलावा अशोक मित्तल, संदीप पाठक, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी, हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल हैं। इनमें से राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक शुक्रवार को ही बीजेपी में शामिल हो गए। स्वाति मालीवाल ने शनिवार को बीजेपी जॉइन करने की पुष्टि की।आप के इन सात सांसदों की बगावत के बाद अब आप के पास राज्‍यसभा में सिर्फ 3 सांसद बचे हैं- संजय सिंह, एनडी गुप्ता और बलवीर सिंह सीचेवाल।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन सात सांसदों की बगावत पर आप के वरिष्ठ नेता और राज्‍यसभा सांसद संजय सिंह ने पहले ही कहा था, 'यह गैरकानूनी, गलत, असंवैधानिक और संसदीय नियमों के खिलाफ है। हम इनकी पूरी सदस्यता समाप्त करने की मांग करेंगे।'संजय सिंह ने कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांग रहे हैं और वे पंजाब से चुने गए 6 बागी सांसदों को वापस बुलाने की मांग करेंगे। हालांकि, संविधान में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।वरिष्ठ वकील और संविधान के विशेषज्ञ कपिल सिब्बल ने एचटी से कहा कि पार्टी खुद पहले मर्जर का फैसला नहीं ले ले तब तक कोई भी खुद से मर्जर नहीं कर सकता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पार्टी स्तर पर रेजॉल्यूशन पास करना ज़रूरी है। पूर्व लोकसभा महासचिव पीडीटी आचार्य ने एचटी से कहा कि ये 7 सांसद अयोग्यता से बच नहीं सकते। हालाँकि, सांसदों को वापस बुलाने यानी हटाने के अधिकार पर पूर्व पंजाब एडवोकेट जनरल अशोक अग्रवाल ने साफ़ किया कि 'राइट टू रिकॉल' यानी वोटर द्वारा सांसद को बीच में हटाने का अधिकार संविधान में कहीं नहीं है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:32:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बनारस की अजगरा विधान सभा सीट जहां से  कभी कोई स्थानीय नेता विधायक नहीं बन पाया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> बनारस जिला में एक अजगरा विधान सभा क्षेत्र है पहले यह सैद पुर विधान सभा के नाम पर पहचाना जाता था जबकि इस विधान सभा में अस्सी प्रतिशत वोट चोला पुर ब्लाक का था ।पर कभी भी इस सैद पुर विधान सभा क्षेत्र से चोला पुर ब्लाक का कोई नेता वह किसी भी दल का रहा हो विधायक नहीं बना बस एक बार सपा की सरकार में धरहरा से मुलायम सिंह के बहुत प्रिय राजनाथ यादव उप चुनाव जीते थे।फिर आज तक कोई नहीं दुसरा स्थानीय नेता चुनाव जीत पाया ।</div>
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<div style="text-align:justify;">नये परिसीमन में सैदपुर को बाहर करकेपूर्ण</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177410/ajgra-assembly-seat-of-banaras-from-where-no-local-leader"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/rajneeti1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> बनारस जिला में एक अजगरा विधान सभा क्षेत्र है पहले यह सैद पुर विधान सभा के नाम पर पहचाना जाता था जबकि इस विधान सभा में अस्सी प्रतिशत वोट चोला पुर ब्लाक का था ।पर कभी भी इस सैद पुर विधान सभा क्षेत्र से चोला पुर ब्लाक का कोई नेता वह किसी भी दल का रहा हो विधायक नहीं बना बस एक बार सपा की सरकार में धरहरा से मुलायम सिंह के बहुत प्रिय राजनाथ यादव उप चुनाव जीते थे।फिर आज तक कोई नहीं दुसरा स्थानीय नेता चुनाव जीत पाया ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नये परिसीमन में सैदपुर को बाहर करकेपूर्ण रूप से बनारस जिले के मतदाताओं का विधानसभा अजगरा बना दिया गया और आरक्षित हैं।फिर भी कोई चोलापुर ब्लाक का मूल विधायक नहीं बन पाया है । नहीं इस ब्लाक का को को ई नेता सांसद भी बन पाया । यह विधान सभा चन्दौली संसदीय क्षेत्र में है।चन्दौली क्षेत्र में आने से पहले यह केराकत क्षेत्र में था ।चन्दौली क्षेत्र में दोबारा सांसद महेन्द्र पाण्डेय बने पर वह भी मूल पुर से बाहरी गाजीपुर जिले  से है । पर बनारस में मकान बना लिया वहीं रहते हैं।पर मूल तो नहीं है जिस कारण से विकास से उपेक्षित रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज अजगरा विधान सभा में विधायक टी राम जो कभी मायावती के खास थे।  तब वह बहुजन समाज से एकबार बने विधायक मूल पुर से केराकत के है उनके काल में भी विधान सभा में कुछ नहीं हुआ एक बार सोनकर जी शहर बनारस से जाकर विधायक बन गये तब भी कुछ नहीं हुआ।आज  बहुजनसमाज से भाजपा में  आये टी राम यानि त्रिभुवनराम विधायक हैं । पर अजगार विधानसभा में कोई कारखाना नहीं  कोई उघोग नहीं लगा पाते हैं। बस यहां की जनता का वोट लेकर मौज में है ।जगरा विधानसभा में ढंग की सड़क नहीं नहीं चोलापुर में हास्पिटल सही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जो बस साधारण मरीज का ईलाज करता है बाकी सबको शहर में भेज देता है।विधायकबस बुलाने पर पार्टी के कार्यक्रम में देखें जाते हैं इसी अजगरा विधान सभा क्षेत्र का यह दूर्भाग्य है कि यहां की जनता कभी अपनों को भोजन नहीं देती है यानि चुनाव नहीं जितने देती न जाने किस विवेक से वह हमेशा बाहरी लोगो के साथ ही खड़ा होती है जो जनता को ठग रहे हे । अगर स्थानीय विधायक रहता तो उस पर जनता का दबाव भी होता और जन हित में कार्य भी होता पर यह बहुत बड़ी विडम्बना है कि जब से अजगरा विधान सभा अस्तित्व में आया है तभी से बाहरी ही विधायक बन रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अजगरा के मतदाताओं को यह सोचना चाहिए क्यों बाहरी लोगो पर भरोसा इतना करते हैं । अपनी जमीन को  किसी और को क्यों दे रहे हैं ।क्या जनता अपने जमीर को बेच देती है या अजगरा विधान सभा में मूल अजगरा विधानसभा में कोई नेता नहीं जिस पर विश्वास नहीं और बाहरी पर एतबार हो जाता है।अब समय आ रहा है अजगरा विधानसभा के लोग जागरूक बने और अंजगरा विधानसभा के मूल निवासी को अपना विधायक चुने बाहरी हटाओ अपने को गले लगाओ की निती पर चलेंगे तभी विधान सभा के हर पंचायत गांव का विकास होगा कुछ उघोग लगेंगे ।नहीं तो बाहर के लोग आपका बनाया भोजन करके आपको ही गाली देंगे की मूर्खो को मूर्ख बनाकर सत्ता का आनन्द लेते हैं । और क्षेत्र में कोई विशेष विकास नहीं होता है। जनता बस सड़क या पंचायत भवन नहीं </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब 2027नजदीक आ रहा है तो गांव के मन्दिर को कुछ विधायक जी धन देते हैं उसी पर विधायक का चरण चुम्बक बने कर जय कारा लगाते हैं।  स्वागत करते रहते है ।कभी कोई उघोग नहीं मांगा न लगा विधान सभा में कि विधानसभा के लड़कों को रोजगार मिले ।हिमाचल का एक विधान सभा क्षेत्र भारत में बहुत प्रसिद्ध है नाम हरोली है जहां का विधायक स्थानीय है उस विधान सभा क्षेत्र में केन्द्रीय विद्यालय के साथ ट्रिपल आई आई टीसरकारी महाविद्यालय है तो उघोगा की भर मार है स्थानीय युवाओं के साथ प्रदेश व देश के लोगों को नौकरी मिली है।क्या अजगरा विधानसभा में ऐसा हो सकता है क्यों नहीं अजगरा विधानसभा में सरकारी महाविद्यालय खुला ।अगर स्थानीय विधायक होगा तो अपने लोगों के बारे में सोचेगा ‌उघोग सरकारी और निजी क्षेत्र में लायेगा पर सोच बदलें जनता अपने पर विश्वास कर अपनों को विधायक बनाये।नहीं तो उधार के सिन।दूर से अजगरा कभी सुहागन का दर्जा नहीं पायेगा।वह बस उधार वाला ही कहा जायेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब 2027नजदीक आ रहा है।चुनाव होगा ही अभी नया परिसीमन होगा नहीं तो अजगरा विधानसभा सुरक्षित विधान सभा सीट ही रहेगा या जनता चुनाव आयोग को एक मुहिम चला कर पत्र भेजे की इस विधानसभा को अब ओपेन सामान्य वर्ग के लिए किया जाये जिससे सामान्य वर्ग भी चुनाव लड सके।पर अब पुनः ,वाले वहीं पुतिन कब तक बाहरी लोगों का पैर धोयेगे आजगरा के मतदाता।क्या कोई अपना नहीं जो क्षेत्र की क्विज विधानसभा में उठा सकें क्षेत्र में उघोग लगे युवाओं कि पलायन रोका जाये नशे से मुक्ति इन युवाओं को मिल सके।इस बार अंगारा विधानसभा के लोग तय कर लें अपनी धरा पर अब बाहरी नहीं चाहे किसी भी दल का हो</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:00:55 +0530</pubDate>
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