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                <title>एनएसई - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>एनएसई ने किया सीईआरसी  नियम 2026 में मार्केट कपलिंग लागू करने का स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>DS Tripathi की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) ने हाल ही में इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (सीईआरसी) द्वारा जारी पावर मार्केट (ड्राफ्ट सेकंड संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना का स्वागत किया है, जो मार्केट कपलिंग लागू करने से संबंधित है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, ग्रिड इंडिया (भारत सरकार का उपक्रम) आयोग की मंजूरी से अगले 6 महीनों के भीतर पावर मार्केट कपलिंग प्रोसीजर (पीएमसीपी) तैयार करेगा, ताकि अलग-अलग पावर एक्सचेंजों में मार्केट कपलिंग को लागू किया जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस पर एनएसई ने कहा कि मार्केट कपलिंग की शुरुआत भारतीय पावर मार्केट में पारदर्शिता, कामकाज की दक्षता और एक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177408/nse-welcomes-implementation-of-market-coupling-in-cerc-rules-2026"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260427-wa0099.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>DS Tripathi की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) ने हाल ही में इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (सीईआरसी) द्वारा जारी पावर मार्केट (ड्राफ्ट सेकंड संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना का स्वागत किया है, जो मार्केट कपलिंग लागू करने से संबंधित है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, ग्रिड इंडिया (भारत सरकार का उपक्रम) आयोग की मंजूरी से अगले 6 महीनों के भीतर पावर मार्केट कपलिंग प्रोसीजर (पीएमसीपी) तैयार करेगा, ताकि अलग-अलग पावर एक्सचेंजों में मार्केट कपलिंग को लागू किया जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पर एनएसई ने कहा कि मार्केट कपलिंग की शुरुआत भारतीय पावर मार्केट में पारदर्शिता, कामकाज की दक्षता और एक समान कीमत तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। “वन नेशन, वन ग्रिड, वन प्राइस” के सिद्धांत के अनुसार, मार्केट कपलिंग लागू करना एक लंबे समय से इंतजार किया जा रहा सुधार है। बाजार से जुड़े लोगों का मानना है कि इससे पावर मार्केट और मजबूत होगा तथा सही तरीके से कीमत तय करने में मदद मिलेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मार्केट कपलिंग लागू होने के बाद, मार्केट कपलिंग ऑपरेटर (ग्रिड इंडिया) सभी तीनों स्पॉट पावर एक्सचेंजों से बोली को एक साथ इकट्ठा करेगा और एक केंद्रीकृत सिस्टम के जरिए उनका मिलान करेगा, ताकि एक ही मार्केट-क्लियरिंग प्राइस तय की जा सके। इसके बाद सभी स्पॉट एक्सचेंज अपने-अपने ट्रेड इसी एक तय कीमत के आधार पर सेटल करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह तरीका मूल रूप से एनएसई के मंथली इलेक्ट्रिसिटी फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट के तरीके से मिलता-जुलता है। इसमें किसी महीने की अंतिम सेटलमेंट प्राइस/ड्यू डेट रेट (डीडीआर) सभी तीन स्पॉट पावर एक्सचेंज (पीएक्सआईएल, आईईएक्स और एचपीएक्स) की रोज़ाना कीमतों के वॉल्यूम-वेटेड एवरेज के आधार पर तय की जाती है। यह गणना डीएएम के सभी सेगमेंट (कन्वेंशनल, ग्रीन और हाई प्राइस) और हर दिन के 96 टाइम ब्लॉक्स को ध्यान में रखकर की जाती है। इसके विपरीत, कुछ एक्सचेंज केवल रोज़ाना कीमतों का साधारण औसत लेते हैं, जिसमें ट्रेडिंग वॉल्यूम को नजरअंदाज किया जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एनएसई का डीडीआर तरीका वैज्ञानिक रूप से तैयार किया गया है, जिसमें असली ट्रेडिंग वॉल्यूम के आधार पर कीमतों को सही वेटेज दिया जाता है, जिससे ज्यादा सटीक और भरोसेमंद कीमत निकलती है। जुलाई 2025 में इलेक्ट्रिसिटी फ्यूचर्स शुरू होने के बाद से लेकर मार्च 2026 तक, पावर एक्सचेंजों में स्पॉट बिजली की कीमतों में लगभग 14% की कमी आई है, जिससे कुल मिलाकर सामाजिक लाभ बढ़ा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि, अभी मार्केट कपलिंग लागू नहीं होने के कारण कीमतों में काफी अंतर बना हुआ है। एक तरफ वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (जिसका इस्तेमाल एनएसई करता है) और दूसरी तरफ साधारण औसत कीमत (जिसका इस्तेमाल कुछ अन्य एक्सचेंज करते हैं) के बीच बड़ा फर्क देखने को मिल रहा है। 20 अप्रैल 2026 तक, अप्रैल 2026 के लिए एनएसई का मंथली मूविंग एवरेज ड्यू डेट रेट (एमएवीजीडीडीआर) लगभग ₹3,802/एमडब्ल्यूएच है, जबकि साधारण औसत तरीके से निकाली गई कीमत लगभग ₹4,442/एमडब्ल्यूएच है। इस वजह से दोनों फाइनेंशियल एक्सचेंजों के बीच बिजली की कीमत में करीब ₹600–700 प्रति एमडब्ल्यूएच का अंतर पैदा हो गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अगर मान लें कि हर महीने लगभग 1,000 एमयू बिजली की खपत होती है, तो इस अंतर की वजह से डिस्कॉम्स को हर महीने करीब ₹70 करोड़ का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। साल भर में यह असर लगभग ₹840 करोड़ तक पहुंच जाता है। चूंकि स्पॉट मार्केट में इससे भी ज्यादा मात्रा में बिजली की खरीद-फरोख्त होती है, इसलिए कुल मिलाकर डिस्कॉम्स की वित्तीय स्थिति पर इसका प्रभाव काफी बड़ा और गंभीर हो सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस विकास पर टिप्पणी करते हुए एमडी और सीईओ, एनएसई आशीष कुमार चौहान ने कहा, "यह जो नया संशोधन किया गया है और इसके तहत मार्केट कपलिंग लागू की जा रही है, यह पावर मार्केट में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। अगर मार्केट कपलिंग को जल्दी लागू किया जाता है, तो सभी 3 स्पॉट एक्सचेंज और 2 फाइनेंशियल एक्सचेंज के लिए एक समान कीमत तय हो सकेगी। इससे कीमत तय करने की प्रक्रिया और बेहतर होगी, स्पॉट और फ्यूचर्स दोनों पावर मार्केट मजबूत होंगे तथा पावर सेक्टर में ज्यादा निवेश आकर्षित होगा।"</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:55:51 +0530</pubDate>
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