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                <title>Panchayat Corruption - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Panchayat Corruption RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पंखुडी टेलीकाम एण्ड कम्प्यूटर्स की दुकान के फर्जी फर्म पर धड़ल्ले से सचिव विवेक कुमार कर रहे सरकारी भुगतान- सूत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केविकास खण्ड बहादुर में तैनात सचिव विवेक कुमार के लूट - खसोट का धीरे - धीरे पर्दाफाश हो रहा है । *नौकरी चली जाए लेकिन कमीशन न छूटे* की नीति पर सचिव विवेक कुमार कार्य कर रहे हैं । </div>
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<div>सूत्रों की माने तो सचिव विवेक कुमार अपने अधीन 10 ग्राम पंचायतों में पंखड़ी नामक फर्जी फर्म फीड करवाया है और उसी फर्जी फर्म पर 10 ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों के नाम पर ग्राम प्रधान की मिलीभगत करके फर्जी तरीके से सरकारी खाते से भुगतान कराते हैं एवं ग्राम प्रधान सचिव व पंखड़ी दुकानदार आपस में</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185915/secretary-vivek-kumar-is-making-government-payments-indiscriminately-on-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260821-wa0069-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केविकास खण्ड बहादुर में तैनात सचिव विवेक कुमार के लूट - खसोट का धीरे - धीरे पर्दाफाश हो रहा है । *नौकरी चली जाए लेकिन कमीशन न छूटे* की नीति पर सचिव विवेक कुमार कार्य कर रहे हैं । </div>
<div> </div>
<div>सूत्रों की माने तो सचिव विवेक कुमार अपने अधीन 10 ग्राम पंचायतों में पंखड़ी नामक फर्जी फर्म फीड करवाया है और उसी फर्जी फर्म पर 10 ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों के नाम पर ग्राम प्रधान की मिलीभगत करके फर्जी तरीके से सरकारी खाते से भुगतान कराते हैं एवं ग्राम प्रधान सचिव व पंखड़ी दुकानदार आपस में सरकारी धन को बांट लेते हैं ।</div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें कि पंखुड़ी टेलीकाम एण्ड कम्प्यूटर्स की दुकान फुटहिया - कलवारी मार्ग पर निकट - बेइली चौराहे पर स्थित है । पंखुड़ी टेलीकाम की दुकान आनलाइन की दुकान है और पंखुड़ी टेलीकाम ने पंखुड़ी के नाम से फर्जी फर्म बनवाया है जिस फर्म के नाम से पंखुड़ी के पास फर्म है उस फर्म से संबंधित सामाग्री की एजेन्सी पंखुड़ी के पास नही है । जब सामाग्री की एजेन्सी ही नही है तो कैसे ? बिना एजेन्सी के सामाग्री के नाम से 10 ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपए का भुगतान हो गया है जो एक जांच का विषय बना हुआ है । विवेक कुमार के द्वारा फर्जी फर्म के नाम पर फर्जी तरीके से भुगतान करने में ग्राम प्रधान, एडीओ पंचायत व खण्ड विकास अधिकारी बहादुरपुर की भूमिका अहम है । सचिव विवेक कुमार का मुख्य उद्देश्य किसी भी तरीके से सरकारी खजाने को लूटना है । सचिव विवेक कुमार पंचायत भवन पर लगे कम्प्यूटर सिस्टम से भुगतान करने के बजाए पंखुड़ी की दुकान से हमेशा भुगतान करते हैं जिसकी जांच कभी भी किसी भी अधिकारी द्वारा की जा सकती है अर्थात् 10 ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन पर लगे सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि की जा सकती है और वर्तमान समय में पंखुड़ी टेलीकाम की दुकान पर 10 ग्राम पंचायतों को मिलाकर सैकड़ों फाइल पड़ी हुई है ।</div>
<div>    सूत्रों की माने तो सचिव विवेक कुमार के अधीन 10 ग्राम पंचायतों में हुए भुगतान फर्म की यदि निष्पक्ष जांच हो जाएं तो सचिव विवेक कुमार समेत अन्य कई जिम्मेदार सलाखों के पीछे होगें । यदि सचिव विवेक कुमार के घोटाले की जांच कर कार्यवाही नहीं हुई तो आगे भी ऐसे ही सरकारी खजाने को लूटने में सचिव विवेक कुमार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे और भ्रष्टाचारियों का मनोबल बढ़ता जायेगा तब ग्राम पंचायतों का विकास होने के बजाए ग्राम प्रधानों का विकास होगा । उक्त प्रकरण में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने बताया कि मामला गंभीर है लेकिन जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
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</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 18:16:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिराहिमपुर ग्राम पंचायत की त्रिनेत्र योजना में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ।</strong>  मलिहाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत बिराहिमपुर के मजरा रामपुर बस्ती में सरकार की महत्वाकांक्षी त्रिनेत्र योजना को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन ग्राम प्रधान राम शंकर कश्यप ने ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता करते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग किया। वहीं ग्राम पंचायत सचिव पर भी इस योजना में प्रधान के साथ मिलीभगत कर सरकारी धन हड़पने का आरोप है| ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई और</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260705-wa0007.jpg" alt="बिराहिमपुर ग्राम पंचायत की त्रिनेत्र योजना में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप" width="440" height="293" /></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182804/serious-allegations-of-corruption-in-trinetra-scheme-of-birampur-gram"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0006.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ।</strong> मलिहाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत बिराहिमपुर के मजरा रामपुर बस्ती में सरकार की महत्वाकांक्षी त्रिनेत्र योजना को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन ग्राम प्रधान राम शंकर कश्यप ने ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता करते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग किया। वहीं ग्राम पंचायत सचिव पर भी इस योजना में प्रधान के साथ मिलीभगत कर सरकारी धन हड़पने का आरोप है| ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई और समाचार भी प्रकाशित हुआ, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260705-wa0007.jpg" alt="बिराहिमपुर ग्राम पंचायत की त्रिनेत्र योजना में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप" width="440" height="293"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों के अनुसार, त्रिनेत्र योजना के तहत गांव में 16 CCTV कैमरे लगाए गए। आरोप है कि इन कैमरों की खरीद और स्थापना के नाम पर करीब 2 लाख रुपये का भुगतान दिखाया गया, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि बाजार में इन कैमरों की वास्तविक कीमत लगभग 35 से 40 हजार रुपये के बीच है। ऐसे में ग्रामीणों ने सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं की निजता पर सबसे बड़ा सवाल</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का सबसे गंभीर आरोप यह है कि CCTV कैमरों का उपयोग गांव की सुरक्षा के बजाय महिलाओं और युवतियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रतिदिन रात के समय प्रधान के कुछ करीबी लोग CCTV की रिकॉर्डिंग देखते हैं, जबकि ऐसा कार्य केवल अधिकृत सरकारी अधिकारियों द्वारा ही किया जाना चाहिए। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह महिलाओं की निजता, सम्मान और उनके मौलिक अधिकारों से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार की गई और खबरें भी प्रकाशित हुईं, लेकिन आज तक किसी भी स्तर पर जांच शुरू नहीं की गई। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान का कार्यकाल समाप्त हो जाने के कारण अधिकारी अब कार्रवाई से बच रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने प्रशासन से सवाल किया है कि क्या किसी ग्राम प्रधान, नेता या जनप्रतिनिधि का कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद उसके कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच नहीं होगी? क्या सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप केवल समय बीत जाने से समाप्त हो जाते हैं, या फिर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने मांग की है कि त्रिनेत्र योजना के पूरे खर्च का तकनीकी एवं वित्तीय ऑडिट कराया जाए, CCTV कैमरों की खरीद से जुड़े सभी अभिलेखों की जांच की जाए, रिकॉर्डिंग तक किस-किस की पहुंच रही इसकी भी जांच हो और यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अब पूरा मामला प्रशासन की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई पर टिका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस मामले में भी कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकार की योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:29:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भ्रष्टाचार छिपाने हेतु जांच अधिकारी अरुण कुमारपटेल नही प्रेषित कर रहे जांच रिपोट </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केकप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारीअरुण कुमार पटेल को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारीअरुण कुमार पटेल ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181852/to-hide-corruption-investigating-officer-arun-kumar-patel-is-not"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0099.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केकप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारीअरुण कुमार पटेल को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारीअरुण कुमार पटेल ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नहीं सौंपी है।प्राप्त समाचार के अनुसार बीडीओ कप्तानगंज के मातहत क्रमचारी ग्राम पंचायत नरहरपुर के पानी भरे तालाब में लगी फर्जी हाजिरी की जांच तो कर लिया है । किन्तु एक सप्ताह बाद भी आख्या प्रेषित नही किया गया है।उनका यह रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जांच आख्या को दबाने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए जानबूझकर हीला-हवाली की जा रही है वही जांच अधिकारी अरुण कुमारपटेल के बोल भी बदले-बदले नजर आ रहे हैं। मीडिया से बातचीत में जांच अधिकारी अरुण कुमारपटेल ने बताया कि "आख्या नहीं दी जाएगी और कार्य शून्य होगा", जिससे पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि सुविधा शुल्क के भारी बोझ तले दबे होने के कारण जिम्मेदार अधिकारी सचिव और रोजगार सेवक पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं ।यह रिपोर्ट साफ तौर पर दर्शाती है कि कैसे धरातल पर भ्रष्टाचार की जांच को दबाने के लिए 'सुविधा शुल्क' और प्रशासनिक सांठगांठ का सहारा लिया जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले दोषियों को शह मिल रही है । वहीं बीडीओ का सचिव व रोजगार सेवक पर कानूनी कार्रवाई करने को हाथ कांप रहे हैं। सचिव रोजगार सेवक सुनील कुमार तथा प्रधान के द्वारा फर्जी हाजिरी लगाने का आरोप सत्य पाया गया लेकिन आज तक वीडियो द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं किया गया गम्भीर सवाल खड़ा हो रहा है</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 12:27:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भ्रष्टाचार छिपाने हेतु जांच अधिकारी अरुण पटेल नही प्रेषित कर रहे जांच रिपोट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के कप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नहीं सौंपी है।प्राप्त समाचार</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181475/to-hide-corruption-investigating-officer-arun-patel-is-not-sending"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0108.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्तीजिले के कप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नहीं सौंपी है।प्राप्त समाचार के अनुसार बीडीओ कप्तानगंज के मातहत क्रमचारी ग्राम पंचायत नरहरपुर के पानी भरे तालाब में लगी फर्जी हाजिरी की जांच तो कर लिया है । किन्तु एक सप्ताह बाद भी आख्या प्रेषित नही किया गया है।उनका यह रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जांच आख्या को दबाने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए जानबूझकर हीला-हवाली की जा रही है वही जांच अधिकारी के बोल भी बदले-बदले नजर आ रहे हैं। मीडिया से बातचीत में जांच अधिकारी ने बताया कि "आख्या नहीं दी जाएगी और कार्य शून्य होगा", जिससे पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि सुविधा शुल्क के भारी बोझ तले दबे होने के कारण जिम्मेदार अधिकारी सचिव और रोजगार सेवक पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं ।यह रिपोर्ट साफ तौर पर दर्शाती है कि कैसे धरातल पर भ्रष्टाचार की जांच को दबाने के लिए 'सुविधा शुल्क' और प्रशासनिक सांठगांठ का सहारा लिया जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले दोषियों को शह मिल रही है । वहीं बीडीओ का सचिव व रोजगार सेवक पर कानूनी कार्रवाई करने को हाथ कांप रहे हैं।</div></div><div class="yj6qo"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:50:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनहटी बुजुर्ग में पानी और जलकुंभी के बीच चल रहा मनरेगा कार्य प्रधान सचिन और वीडियो की मिले भगत से</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केखंड विकास अधिकारी साँऊघाट मनोज कुमार श्रीवास्तव की मिली भगत से ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में धड़ल्ले से मनरेगा फर्जीवाड़ा जारी है । महिला मेट रामावती देवी मनरेगा मजदूरों की उलूल - जुलूल (फर्जी फोटो ) फोटो लगाकर फर्जी मस्टर रोल पूर्ण कर रही है ।</div>
<div>  </div>
<div>आपको बता दें कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में तालाब खुदाई व सफाई के नाम पर दो आनलाइन मस्टर रोल जारी है जिसमें 127 मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने का कार्य महिला मेट रामावती देवी लगा रही है और ग्राम पंचायत में मनरेगा फर्जीवाड़ा करके वाह - वाही लूट रही</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180883/mnrega-work-going-on-amidst-water-and-hyacinth-in-sonhati"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260608-wa0081.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केखंड विकास अधिकारी साँऊघाट मनोज कुमार श्रीवास्तव की मिली भगत से ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में धड़ल्ले से मनरेगा फर्जीवाड़ा जारी है । महिला मेट रामावती देवी मनरेगा मजदूरों की उलूल - जुलूल (फर्जी फोटो ) फोटो लगाकर फर्जी मस्टर रोल पूर्ण कर रही है ।</div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में तालाब खुदाई व सफाई के नाम पर दो आनलाइन मस्टर रोल जारी है जिसमें 127 मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने का कार्य महिला मेट रामावती देवी लगा रही है और ग्राम पंचायत में मनरेगा फर्जीवाड़ा करके वाह - वाही लूट रही है । </div>
<div> </div>
<div>मीडिया पड़ताल में पता चला कि ग्राम प्रधान हसीना बानों के द्वारा जिस तालाब की खुदाई व सफाई के नाम पर आनलाइन मस्टर रोल जारी करवाया गया है उस तालाब में पूर्ण रूप से पानी भरा हुआ है और चारों तरफ से जलकुंभी जकड़ा हुआ है । ग्राम प्रधान हसीना बानों व महिला मेट रामावाती देवी उच्च अधिकारियों के आंख में धूल झोंककर मनरेगा फर्जीवाड़ा करने में पूरी मस्त हैं इन लोगों को ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग के विकास कार्यों से कोई मतलब नहीं है ।</div>
<div> </div>
<div>बड़ा सवाल यह है जब तालाब में पूर्ण रूप से पानी भरा हुआ है और चारों तरफ जलकुंभी जकड़ा हुआ है तो कैसे मनरेगा कार्य होता होगा ? आखिर मनरेगा साइड पर अपलोड फोटो की जांच क्यों नहीं हो रही है ? जो जांच का विषय बना हुआ है । सचिव, तकनीकी सहायक व मनरेगा एपीओ अपने-अपने कमीशन बाजी में मस्त हैं और मनरेगा फर्जीवाड़ा में जमकर सहयोग कर रहे हैं । अब देखना यह है कि ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में पानी से भरे तालाब के नाम पर जारी आनलाइन मस्टर रोल जीरों हो पाता है या नहीं ? अर्थात् बीडीओ मनोज कुमार श्रीवास्तव के लिए ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग के मनरेगा भ्रष्टाचार को खत्म करना किसी चुनौती से कम नहीं है । उक्त प्रकरण में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने जांच कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है ।</div>
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</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:56:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेंशनधारी दरोगा ने बेटे को बीपीएल सूची में डालकर किया फ्राड निकाला शौचालय का पैसा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जिले केसाऊँघाट विकास खण्ड की तरेता ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है बल्कि मनरेगा भ्रष्टाचार का जिन्न परत दर परत खुलता जा रहा है जिसके क्रम में ही प्रधान राम सुभाव का एक और शौचालय घोटाला सामने आया है मिली जानकारी के अनुसार साऊँघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत तरेता के प्रधान राम सुभाव पेंशनधारी दरोगा हैं जिन्होनें धोखाधड़ी करके अपने लड़के को बीपीएल श्रेणी में डलवाकर शौचालय का पैसा हजम कर लिया था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सेवानिवृत्त दरोगा व वर्तमान प्रधान राम सुभाव द्वारा मात्र शौचालय का पैसा हजम नहीं किया गया है बल्कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177400/pensioner-inspector-committed-fraud-by-putting-his-son-in-bpl"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260427-wa0052.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जिले केसाऊँघाट विकास खण्ड की तरेता ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है बल्कि मनरेगा भ्रष्टाचार का जिन्न परत दर परत खुलता जा रहा है जिसके क्रम में ही प्रधान राम सुभाव का एक और शौचालय घोटाला सामने आया है मिली जानकारी के अनुसार साऊँघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत तरेता के प्रधान राम सुभाव पेंशनधारी दरोगा हैं जिन्होनें धोखाधड़ी करके अपने लड़के को बीपीएल श्रेणी में डलवाकर शौचालय का पैसा हजम कर लिया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सेवानिवृत्त दरोगा व वर्तमान प्रधान राम सुभाव द्वारा मात्र शौचालय का पैसा हजम नहीं किया गया है बल्कि अपने लड़के के साथ मिलकर घोखाधड़ी करके बीपीएल सूची में  नाम सम्मलित कराया गया है क्योंकि राम सुभाव व उनका परिवार सम्पन्न श्रेणी में है जो कि बीपीएल श्रेणी में कदापि सम्मलित नहीं हो सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसा नहीं कि भ्रष्टाचार केवल प्रधान रामसुभाव व उनके परिवार द्वारा किया गया है बल्कि इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन सेक्रेटरी की भी मिलीजुली भूमिका है जिनके सहयोग से इस भ्रष्टाचार की रूप रेखा तय हुई। यद्यपि प्रधान के भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ हो चुका है और हड़पे गए धन से शौचालय निर्माण भी शुरु हो गया है परन्तु सुविधा सम्पन्न होते हुए भी अपने परिवार का नाम बीपीएल सूची में अंकित करवाना और प्रकरण में तत्कालीन सेक्रेटरी की संलिप्तता पर कार्यवाही अभी भी शेष है है</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:43:09 +0530</pubDate>
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