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                <title>Medical Infrastructure - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Medical Infrastructure RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>प्रयागराज को मिलेगा लखनऊ की तर्ज पर आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने रविवार को प्रयागराज स्थित स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड सहित विभिन्न विभागों का भ्रमण किया और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उनके साथ मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने वार्डों में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की मौजूदगी तथा अन्य</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184547/prayagraj-will-get-a-modern-super-specialty-hospital-on-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260802-wa0132.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने रविवार को प्रयागराज स्थित स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड सहित विभिन्न विभागों का भ्रमण किया और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उनके साथ मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने वार्डों में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की मौजूदगी तथा अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मीडिया से बातचीत करते हुए बृजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रयागराज की स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में लखनऊ की तर्ज पर एक आधुनिक एवं बड़े सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना की जाएगी, जिससे गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को लखनऊ या अन्य महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे प्रयागराज सहित आसपास के जनपदों के लाखों लोगों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, बेहतर व्यवस्थाएं और मरीजों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 20:18:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुफ्त दवा योजना पर संकट नहीं समाधान की जरूरत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल केवल एक चिकित्सा संस्थान नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लाखों मरीजों की उम्मीद का सबसे बड़ा केंद्र है। हर दिन हजारों मरीज दूर-दराज के गांवों और कस्बों से यहां इस विश्वास के साथ पहुंचते हैं कि उन्हें बेहतर इलाज के साथ सरकार की निशुल्क दवा योजना का लाभ मिलेगा। लेकिन जब इलाज के बाद डॉक्टर की लिखी दवाएं अस्पताल के काउंटर पर उपलब्ध नहीं होतीं तो मरीज और उसके परिजनों की चिंता कई गुना बढ़ जाती है। हाल के दिनों में जीवनरक्षक दवाओं सहित बड़ी संख्या में दवाओं की अनुपलब्धता की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182978/free-medicine-scheme-is-not-a-crisis-but-a-solution"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/medicines_1534214900_1732846876853.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल केवल एक चिकित्सा संस्थान नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लाखों मरीजों की उम्मीद का सबसे बड़ा केंद्र है। हर दिन हजारों मरीज दूर-दराज के गांवों और कस्बों से यहां इस विश्वास के साथ पहुंचते हैं कि उन्हें बेहतर इलाज के साथ सरकार की निशुल्क दवा योजना का लाभ मिलेगा। लेकिन जब इलाज के बाद डॉक्टर की लिखी दवाएं अस्पताल के काउंटर पर उपलब्ध नहीं होतीं तो मरीज और उसके परिजनों की चिंता कई गुना बढ़ जाती है। हाल के दिनों में जीवनरक्षक दवाओं सहित बड़ी संख्या में दवाओं की अनुपलब्धता की खबरें सामने आई हैं। यह स्थिति निश्चित रूप से चिंता का विषय है और इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गरीब और मध्यम वर्ग का बड़ा हिस्सा सरकारी अस्पतालों पर निर्भर रहता है। निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदना हर परिवार के लिए आसान नहीं होता। विशेष रूप से कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए नियमित दवाएं जीवन का आधार होती हैं। यदि ऐसी दवाएं समय पर नहीं मिलें तो बीमारी बढ़ सकती है और आर्थिक बोझ भी कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि निशुल्क दवा योजना को राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में गिना जाता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जयपुर के एसएमएस अस्पताल में जिन मरीजों को एक काउंटर से दूसरे काउंटर तक भेजा गया, कई दिनों बाद आने के लिए कहा गया या फिर बाहर से दवा खरीदने की सलाह दी गई, उनकी परेशानी को सहज रूप से समझा जा सकता है। जो मरीज सैकड़ों किलोमीटर दूर से किराया खर्च करके अस्पताल पहुंचता है, उसके लिए केवल दवा ही नहीं बल्कि दोबारा आने-जाने का खर्च भी बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे मरीजों के सामने यह प्रश्न खड़ा हो जाता है कि वह इलाज कराए या परिवार का खर्च चलाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह भी सच है कि यह समस्या केवल जयपुर तक सीमित नहीं दिखाई देती। प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में समय-समय पर कुछ दवाओं की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं। कहीं सप्लाई में देरी होती है तो कहीं खरीद प्रक्रिया पूरी होने तक मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। इससे सरकार की अच्छी योजनाओं की छवि प्रभावित होती है। जनता यह नहीं देखती कि कमी किस स्तर पर हुई है। उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि अस्पताल पहुंचने पर दवा मिलनी चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हालांकि इस पूरे विषय को केवल आलोचना के दृष्टिकोण से देखना भी उचित नहीं होगा। राजस्थान सरकार ने पिछले कई वर्षों में चिकित्सा सुविधाओं का उल्लेखनीय विस्तार किया है। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, जिला अस्पतालों का सुदृढ़ीकरण, मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना और निशुल्क जांच योजना जैसी पहल ने लाखों गरीब परिवारों को राहत दी है। यदि ये योजनाएं नहीं होतीं तो गरीब मरीजों का इलाज और भी कठिन हो जाता। इसलिए यह कहना उचित होगा कि योजना में कमी नहीं है बल्कि उसके क्रियान्वयन के कुछ हिस्सों में सुधार की आवश्यकता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अस्पताल प्रशासन का यह कहना भी महत्वपूर्ण है कि कुछ दवाएं राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड से उपलब्ध नहीं हो पातीं तो स्थानीय स्तर पर खरीद की जाती है। कई बार आपूर्ति करने वाली कंपनियों की ओर से विलंब होने के कारण अस्थायी समस्या उत्पन्न हो जाती है। यदि वास्तव में ऐसा है तो इसका समाधान भी प्रशासनिक स्तर पर संभव है। दवाओं की उपलब्धता का नियमित आकलन, समय रहते नई खरीद प्रक्रिया और वैकल्पिक व्यवस्था से इस प्रकार की कठिनाइयों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्वास्थ्य व्यवस्था जितनी बड़ी होती है, चुनौतियां भी उतनी ही अधिक होती हैं। राजस्थान जैसे विशाल राज्य में करोड़ों लोगों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना आसान कार्य नहीं है। दवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है और कई बार अनुमान से अधिक मरीज आने के कारण स्टॉक जल्दी समाप्त हो जाता है। इसलिए इस समस्या को केवल लापरवाही कह देना भी पूरी तस्वीर नहीं दर्शाता। आवश्यकता इस बात की है कि स्वास्थ्य विभाग, अस्पताल प्रशासन और दवा आपूर्ति एजेंसियां मिलकर ऐसी व्यवस्था विकसित करें जिससे आवश्यक दवाओं का भंडार हमेशा सुरक्षित रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">तकनीक का बेहतर उपयोग भी इस दिशा में बड़ा समाधान बन सकता है। यदि सभी सरकारी अस्पतालों में दवाओं का ऑनलाइन स्टॉक रियल टाइम अपडेट हो तो यह पहले ही पता चल जाएगा कि कौन सी दवा कितनी मात्रा में बची है और कब नई खेप की आवश्यकता होगी। इससे आपूर्ति में होने वाली देरी को काफी हद तक रोका जा सकता है। मरीजों को भी मोबाइल या हेल्पलाइन के माध्यम से यह जानकारी मिल सके कि संबंधित दवा किस अस्पताल में उपलब्ध है। इससे उन्हें अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">साथ ही अस्पतालों में मरीजों के साथ संवाद की व्यवस्था भी बेहतर होनी चाहिए। यदि किसी दवा की अस्थायी कमी है तो मरीज को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि दवा कब तक उपलब्ध होगी या उसका सुरक्षित विकल्प क्या है। कई बार जानकारी के अभाव में मरीज अधिक परेशान हो जाता है। संवेदनशील व्यवहार और स्पष्ट सूचना भी आधी समस्या का समाधान कर देती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस विषय में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की भी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्हें केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहने के बजाय स्थानीय स्तर पर समस्याओं की जानकारी सरकार तक पहुंचानी चाहिए। जहां भी दवा की कमी हो, वहां तत्काल समाधान के लिए प्रयास होने चाहिए। स्वास्थ्य सेवा राजनीति का नहीं बल्कि मानवता का विषय है। इसलिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सरकार के सामने यह अवसर भी है कि वह इस घटना को एक चेतावनी के रूप में लेकर पूरे प्रदेश में दवा आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करे। जिन अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं की कमी है वहां तत्काल अतिरिक्त स्टॉक भेजा जाए। खरीद प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा तेज बनाया जाए। जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होती है, वहां जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए। इससे जनता का विश्वास और मजबूत होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अंततः किसी भी कल्याणकारी सरकार की पहचान केवल योजनाएं बनाने से नहीं बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने से होती है। राजस्थान की निशुल्क दवा योजना लाखों लोगों के लिए वरदान रही है और इसे और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। यदि दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित हो जाए तो गरीब मरीजों को न तो जेब से खर्च करना पड़ेगा और न ही इलाज अधूरा छोड़ने की मजबूरी होगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक सकारात्मक कदम उठाए हैं और उनका लाभ भी समाज को मिला है। अब आवश्यकता इस बात की है कि दवा आपूर्ति से जुड़ी कमियों को शीघ्र दूर किया जाए ताकि कोई भी मरीज केवल दवा की अनुपलब्धता के कारण पीड़ा न झेले। एक संवेदनशील और उत्तरदायी स्वास्थ्य व्यवस्था ही विकसित राजस्थान की पहचान बनेगी, जहां इलाज के साथ भरोसा भी हर मरीज को समान रूप से प्राप्त हो।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:22:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>इलाज सरकारी, दवा बाजार से ! विक्रमजोत सीएचसी पर मरीजों के गंभीर आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टरों पर मरीजों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में सरकारी दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें नहीं दी जातीं और अधिकांश दवाएं बाहर की मेडिकल दुकानों से खरीदने के लिए लिख दी जाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सरोज देवी, अनीता, कमला, राम करन और गोविंद प्रसाद सहित कई मरीजों ने बताया कि वे सरकारी अस्पताल में इस उम्मीद से इलाज कराने आते हैं कि उन्हें बेहतर चिकित्सकीय सुविधा और निःशुल्क दवाएं मिलेंगी। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर अधिकांश दवाएं बाहर से खरीदने के लिए लिख देते हैं, जिससे गरीब और</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181321/serious-allegations-of-patients-on-vikramjot-chc-for-treatment-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260616-wa0017.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टरों पर मरीजों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में सरकारी दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें नहीं दी जातीं और अधिकांश दवाएं बाहर की मेडिकल दुकानों से खरीदने के लिए लिख दी जाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरोज देवी, अनीता, कमला, राम करन और गोविंद प्रसाद सहित कई मरीजों ने बताया कि वे सरकारी अस्पताल में इस उम्मीद से इलाज कराने आते हैं कि उन्हें बेहतर चिकित्सकीय सुविधा और निःशुल्क दवाएं मिलेंगी। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर अधिकांश दवाएं बाहर से खरीदने के लिए लिख देते हैं, जिससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मरीजों का कहना है कि सरकार द्वारा अस्पतालों में मुफ्त दवा उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर इसका लाभ आम लोगों को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं तो मरीजों को उनका लाभ मिलना चाहिए। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से सीएचसी विक्रमजोत की व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराकर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 18:44:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी ने एसआरएन अस्पताल व मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह के साथ स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय और मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति, अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन चिल्ड्रेन हॉस्पिटल की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सितंबर तक अस्पताल को पूरी तरह क्रियाशील करने का निर्देश दिया। साथ ही गैस पाइपलाइन, ऑक्सीजन लाइन और बेड हेड पैनल का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179998/district-magistrate-did-surprise-inspection-of-srn-hospital-and-medical"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260523-wa0122.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह के साथ स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय और मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति, अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन चिल्ड्रेन हॉस्पिटल की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सितंबर तक अस्पताल को पूरी तरह क्रियाशील करने का निर्देश दिया। साथ ही गैस पाइपलाइन, ऑक्सीजन लाइन और बेड हेड पैनल का कार्य जून तक पूरा करने को कहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने कार्डियोलॉजी विभाग के विस्तार कार्य, गायनोलॉजी विभाग, मानसिक रोग विभाग और क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सभी आवश्यक उपकरणों और संसाधनों की अग्रिम खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि भवन तैयार होते ही उनका उपयोग शुरू किया जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन गर्ल्स हॉस्टल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जिमनेजियम, योग एवं ध्यान केंद्र तथा आवासीय भवनों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, दवाओं और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों और तीमारदारों के साथ संवेदनशील और विनम्र व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. तिवारी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वी.के. पाण्डेय, मुख्य अधीक्षक सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 21:41:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>पीएचसी का 30 प्रतिशत निरीक्षण रात्रि के समय किए जाने के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश  अमित कुमार घोष की अध्यक्षता एवं मण्डलायुक्त  सौम्या अग्रवाल की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग की मण्डलीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा करते हुए  मण्डलायुक्त के द्वारा वर्ष 2023-25 के मध्य हुई सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु एवं गम्भीर रूप से घायलों का विवरण दिया गया । सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कैसे कमी लायी जा सकती है तथा एम्बुलेंस की लोकेशन मैपिंग कराकर एम्बुलेंस की रिस्पांश टाइम किस प्रकार घटाया जा सकता है एवं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177398/instructions-given-to-conduct-30-percent-inspection-of-phc-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260424-wa0431.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश  अमित कुमार घोष की अध्यक्षता एवं मण्डलायुक्त  सौम्या अग्रवाल की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग की मण्डलीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा करते हुए  मण्डलायुक्त के द्वारा वर्ष 2023-25 के मध्य हुई सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु एवं गम्भीर रूप से घायलों का विवरण दिया गया । सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कैसे कमी लायी जा सकती है तथा एम्बुलेंस की लोकेशन मैपिंग कराकर एम्बुलेंस की रिस्पांश टाइम किस प्रकार घटाया जा सकता है एवं गोल्डेन ऑवर में घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके, के बारे में बनाये गये प्लान के बारे में विस्तार से बताया, ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अपर मुख्य सचिव के द्वारा मण्डल के समस्त जनपदों में स्थित स्वास्थ्य इकाइयों का अन्य जनपदों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई विजिट के उपरांत  स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता, चिकित्सालयों में मूलभूत अवसरंचना, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, क्रिटिकल इक्यूपमेंट की उपलब्धता, स्टाफ की उपस्थिति, बायोमेडिकल डिस्पोजल, पेयजल, वेटिंग एरिया, टॉयलेट, इंटरनेट, साफ-सफाई, हाई रिस्क प्रेगनेंसी, टीकाकरण, मातृ एवं बाल मृत्यु दर, एफआरयू, विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार से निर्देशित किया कि सभी जनपदों में संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये तथा आमजन को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराया जाये।  </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मण्डल के सभी चारों मुख्य चिकित्साधिकारियों को चिकित्सालयों में मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित किए जाने में लापरवाही बरतने आवश्यक, इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाने में दिलचस्पी न लिए जाने पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश मण्डलायुक्त को दिए है। उन्होंने मेडिकल कालेज प्रतापगढ़ के प्राचार्य के बिना पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहने पर उनका स्पष्टीकरण प्राप्त करने   सुविधाओं की वृद्धि में अपेक्षित प्रगति न पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मुख्य चिकित्साधिकारियों को  बिना इंडेंट जनरेशन के कोई भी औषधि आपूर्ति होगी, तो सम्बंधित मुख्य चिकित्साधिकारी व चिकित्सा अधीक्षक के विरूद्ध कार्यवाही की चेतावनी दी।। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में अपर मुख्य सचिव ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों से चादरों के धुलाई की व्यवस्था  की जानकारी लेते हुए सभी चिकित्सालयों में चादरों की धुलाई में उच्च क्वॉलिटी सुनिश्चित करने के साथ ही बेड की संख्या के अनुरूप चादरों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के लिए कहा है। धुलाई केन्द्रों में चादरों की हो रही धुलाई कार्य का नियमित रूप से निरीक्षण करने के लिए भी कहा है। उन्होंने निष्प्रयोज्य योग्य एम्बुलेंस को निष्प्रयोज्य घोषित करने की कार्यवाही कराते हुए सभी की 03 माह के अंदर नीलामी कराये जाने तथा सभी चिकित्सालयों में किसी भी प्रकार का स्कै्रप डम्प नहीं पाया जाये, का निर्देश दिया है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एएनसी रजिस्टेªशन के सापेक्ष शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए कहा है। उन्होंने हाईरिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की गहनता से मानीटरिंग करने के निर्देश दिए ह है तथा प्रसव के मामलों में 48 घण्टे तक चिकित्सालय में अवश्य भर्ती रखने के लिए कहा है। उन्होंने मातृ मृत्यु व शिशु मृत्यु की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने  सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फूलपुर में बेड एक्यूपेंसी, मात्र 19.40 प्रतिशत पाये जाने तथा एसएनसीयू पीडब्लूडी कौशाम्बी में संस्थागत प्रसव में औसत स्टे ड्यूरेशन 2.3 ऑवर ही होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और सुधार लाए जाने के निर्देश दिए है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराये जाने।  जनपद फतेहपुर व कौशाम्बी की सीएचसी में थ्राम्बोलिसिस की संख्या शून्य होने तथा मेडिकल कालेज फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रयागराज में अत्यधिक कम संख्या में थ्राम्बोलिसिस होने एवं हार्ट अटैक के आंकड़ों की कम संख्या में रिपोर्टिंग होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अपर मुख्य सचिव ने अपर निदेशक से 15 दिन में सभी मुख्य चिकित्साधिकारी के द्वारा सभी सीएचसी, पीएचसी का औचक निरीक्षण करने तथा किए जाने वाले निरीक्षणों में कम से कम 30 प्रतिशत निरीक्षण रात्रि के समय किए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाये जाने हेतु अपना शत-प्रतिशत प्रयास करने के लिए कहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हेतु निरंतर मानीटरिंग की जाये तथा जनता की शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जाये। इस अवसर पर महानिदेशक परिवार कल्याण, अपर निदेशक श्री डॉ0 राकेश शर्मा, मण्डल के सभी मुख्य चिकित्साधिकारी, सभी मेडिकल कालेजों के प्राचार्य, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:40:41 +0530</pubDate>
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