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                <title>Healthcare Monitoring - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>टेबल पर सोया वार्ड बॉय,जांच के नाम पर महज खानापूर्ति</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong>      मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले के दौरान ऐहार स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वार्ड बॉय के चिकित्सा कक्ष की टेबल पर लेटे होने का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई अब सवालों के घेरे में है।मामले में विभागीय जांच के बाद कर्मचारी से स्पष्टीकरण लेकर भविष्य में पुनरावृत्ति पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दे दी गई।ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पूरे मामले में कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया? सीएचसी अधीक्षक डॉ. नवीन कुमार के अनुसार,जांच में कर्मचारी के तेज बुखार</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186918/the-ward-boy-slept-on-the-table-just-a-gratification"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260831-wa0302.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong>   मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले के दौरान ऐहार स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वार्ड बॉय के चिकित्सा कक्ष की टेबल पर लेटे होने का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई अब सवालों के घेरे में है।मामले में विभागीय जांच के बाद कर्मचारी से स्पष्टीकरण लेकर भविष्य में पुनरावृत्ति पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दे दी गई।ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पूरे मामले में कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया? सीएचसी अधीक्षक डॉ. नवीन कुमार के अनुसार,जांच में कर्मचारी के तेज बुखार से पीड़ित होने की बात सामने आई।दवा लेने के समय स्वास्थ्य केंद्र पर कोई मरीज नहीं था,इसलिए बुखार के चलते वह चिकित्सा कक्ष में लेट गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विभाग ने इसी आधार पर उसका स्पष्टीकरण लिया है।लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू भी सवाल खड़े करता है।यदि कर्मचारी इतना बीमार था कि ड्यूटी के दौरान आराम करना पड़ा,तो उसे बाकायदा चिकित्सकीय अवकाश या आराम की व्यवस्था क्यों नहीं दी गई? और यदि वह ड्यूटी पर था,तो एसी वाले चिकित्सा कक्ष में टेबल पर लेटकर आराम करना क्या स्वास्थ्य मेले की ड्यूटी का हिस्सा माना जाएगा? स्वास्थ्य मेले का उद्देश्य ग्रामीण मरीजों को एक ही स्थान पर जांच,उपचार और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था।ऐसे विशेष आयोजन में कर्मचारी की जिम्मेदारी सामान्य दिनों से कम नहीं,बल्कि अधिक होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बावजूद वायरल वीडियो में सामने आए दृश्य ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।विभाग ने भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी जरूर दी है,लेकिन मौजूदा मामले में किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।ऐसे में स्पष्टीकरण लेकर मामला निपटाने की कार्रवाई कितनी प्रभावी है और क्या इससे व्यवस्था में कोई वास्तविक सुधार होगा,यह बड़ा सवाल बना हुआ है।अब देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को सिर्फ स्पष्टीकरण और चेतावनी तक सीमित रखता है या ड्यूटी के दौरान कर्मचारी के आचरण और स्वास्थ्य केंद्र की निगरानी व्यवस्था की वास्तविक जिम्मेदारी भी तय करता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 21:18:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>पीएचसी का 30 प्रतिशत निरीक्षण रात्रि के समय किए जाने के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश  अमित कुमार घोष की अध्यक्षता एवं मण्डलायुक्त  सौम्या अग्रवाल की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग की मण्डलीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा करते हुए  मण्डलायुक्त के द्वारा वर्ष 2023-25 के मध्य हुई सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु एवं गम्भीर रूप से घायलों का विवरण दिया गया । सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कैसे कमी लायी जा सकती है तथा एम्बुलेंस की लोकेशन मैपिंग कराकर एम्बुलेंस की रिस्पांश टाइम किस प्रकार घटाया जा सकता है एवं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177398/instructions-given-to-conduct-30-percent-inspection-of-phc-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260424-wa0431.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश  अमित कुमार घोष की अध्यक्षता एवं मण्डलायुक्त  सौम्या अग्रवाल की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग की मण्डलीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा करते हुए  मण्डलायुक्त के द्वारा वर्ष 2023-25 के मध्य हुई सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु एवं गम्भीर रूप से घायलों का विवरण दिया गया । सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कैसे कमी लायी जा सकती है तथा एम्बुलेंस की लोकेशन मैपिंग कराकर एम्बुलेंस की रिस्पांश टाइम किस प्रकार घटाया जा सकता है एवं गोल्डेन ऑवर में घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके, के बारे में बनाये गये प्लान के बारे में विस्तार से बताया, ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अपर मुख्य सचिव के द्वारा मण्डल के समस्त जनपदों में स्थित स्वास्थ्य इकाइयों का अन्य जनपदों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई विजिट के उपरांत  स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता, चिकित्सालयों में मूलभूत अवसरंचना, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, क्रिटिकल इक्यूपमेंट की उपलब्धता, स्टाफ की उपस्थिति, बायोमेडिकल डिस्पोजल, पेयजल, वेटिंग एरिया, टॉयलेट, इंटरनेट, साफ-सफाई, हाई रिस्क प्रेगनेंसी, टीकाकरण, मातृ एवं बाल मृत्यु दर, एफआरयू, विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार से निर्देशित किया कि सभी जनपदों में संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये तथा आमजन को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराया जाये।  </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मण्डल के सभी चारों मुख्य चिकित्साधिकारियों को चिकित्सालयों में मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित किए जाने में लापरवाही बरतने आवश्यक, इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाने में दिलचस्पी न लिए जाने पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश मण्डलायुक्त को दिए है। उन्होंने मेडिकल कालेज प्रतापगढ़ के प्राचार्य के बिना पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहने पर उनका स्पष्टीकरण प्राप्त करने   सुविधाओं की वृद्धि में अपेक्षित प्रगति न पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मुख्य चिकित्साधिकारियों को  बिना इंडेंट जनरेशन के कोई भी औषधि आपूर्ति होगी, तो सम्बंधित मुख्य चिकित्साधिकारी व चिकित्सा अधीक्षक के विरूद्ध कार्यवाही की चेतावनी दी।। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में अपर मुख्य सचिव ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों से चादरों के धुलाई की व्यवस्था  की जानकारी लेते हुए सभी चिकित्सालयों में चादरों की धुलाई में उच्च क्वॉलिटी सुनिश्चित करने के साथ ही बेड की संख्या के अनुरूप चादरों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के लिए कहा है। धुलाई केन्द्रों में चादरों की हो रही धुलाई कार्य का नियमित रूप से निरीक्षण करने के लिए भी कहा है। उन्होंने निष्प्रयोज्य योग्य एम्बुलेंस को निष्प्रयोज्य घोषित करने की कार्यवाही कराते हुए सभी की 03 माह के अंदर नीलामी कराये जाने तथा सभी चिकित्सालयों में किसी भी प्रकार का स्कै्रप डम्प नहीं पाया जाये, का निर्देश दिया है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एएनसी रजिस्टेªशन के सापेक्ष शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए कहा है। उन्होंने हाईरिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की गहनता से मानीटरिंग करने के निर्देश दिए ह है तथा प्रसव के मामलों में 48 घण्टे तक चिकित्सालय में अवश्य भर्ती रखने के लिए कहा है। उन्होंने मातृ मृत्यु व शिशु मृत्यु की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने  सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फूलपुर में बेड एक्यूपेंसी, मात्र 19.40 प्रतिशत पाये जाने तथा एसएनसीयू पीडब्लूडी कौशाम्बी में संस्थागत प्रसव में औसत स्टे ड्यूरेशन 2.3 ऑवर ही होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और सुधार लाए जाने के निर्देश दिए है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराये जाने।  जनपद फतेहपुर व कौशाम्बी की सीएचसी में थ्राम्बोलिसिस की संख्या शून्य होने तथा मेडिकल कालेज फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रयागराज में अत्यधिक कम संख्या में थ्राम्बोलिसिस होने एवं हार्ट अटैक के आंकड़ों की कम संख्या में रिपोर्टिंग होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अपर मुख्य सचिव ने अपर निदेशक से 15 दिन में सभी मुख्य चिकित्साधिकारी के द्वारा सभी सीएचसी, पीएचसी का औचक निरीक्षण करने तथा किए जाने वाले निरीक्षणों में कम से कम 30 प्रतिशत निरीक्षण रात्रि के समय किए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाये जाने हेतु अपना शत-प्रतिशत प्रयास करने के लिए कहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हेतु निरंतर मानीटरिंग की जाये तथा जनता की शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जाये। इस अवसर पर महानिदेशक परिवार कल्याण, अपर निदेशक श्री डॉ0 राकेश शर्मा, मण्डल के सभी मुख्य चिकित्साधिकारी, सभी मेडिकल कालेजों के प्राचार्य, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:40:41 +0530</pubDate>
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