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                <title>योग जागरूकता - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>योग जागरूकता RSS Feed</description>
                
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                <title>योग दिवस: सिर्फ इवेंट बनकर न रह जाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">  </p>
<blockquote class="format2"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">21<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi">  को </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi">वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस देशभर में मनाया गया। राजधानी दिल्ली के साथ साथ देश के हर शहर और कस्बों में हजारों जगहों पर कार्यक्रम हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता में विशेष सत्र में शामिल हुए। तस्वीरें अच्छी आईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बयानबाजी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगले दिन सब सामान्य हो गया। अब सवाल ये है कि क्या योग दिवस सिर्फ एक दिन का इवेंट बनकर रह गया है या इसका जमीनी असर भी दिख रहा है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीकवाद: जो दिखता है- हर साल </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून को योग दिवस का मतलब हो जाता है: सरकारी</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181923/yoga-day-should-not-remain-just-an-event"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images.jpeg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format2"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi">वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस देशभर में मनाया गया। राजधानी दिल्ली के साथ साथ देश के हर शहर और कस्बों में हजारों जगहों पर कार्यक्रम हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता में विशेष सत्र में शामिल हुए। तस्वीरें अच्छी आईं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बयानबाजी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अगले दिन सब सामान्य हो गया। अब सवाल ये है कि क्या योग दिवस सिर्फ एक दिन का इवेंट बनकर रह गया है या इसका जमीनी असर भी दिख रहा है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीकवाद: जो दिखता है- हर साल </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को योग दिवस का मतलब हो जाता है: सरकारी अधिकारी मैट पर बैठे हुए फोटो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल-कॉलेज में अनिवार्य ड्रिल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया पर सेलेब्स के वीडियो</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विदेशों में भारतीय दूतावासों के कार्यक्रम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये सब जरूरी है। इसने योग को ग्लोबल ब्रांड बनाया। </span>2014<span lang="hi" xml:lang="hi"> से पहले योग को "हिंदू प्रैक्टिस" कहकर खारिज किया जाता था। आज </span>190+ <span lang="hi" xml:lang="hi">देश इसे मनाते हैं। यूएन ने </span>2014<span lang="hi" xml:lang="hi"> में </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। लेकिन प्रतीकवाद की सीमा यही है कि वो एक दिन में ही खत्म हो जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जमीनी हकीकत: आंकड़े क्या कहते हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">सकारात्मक पक्ष- आयुष मंत्रालय के मुताबिक </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक </span>1.2<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख से ज्यादा योग इंस्ट्रक्टर ट्रेंड हो चुके हैं। अब योग को भी स्कूलों में शामिल किया जाने लगा है। सीबीएसई ने </span>6-12<span lang="hi" xml:lang="hi"> क्लास में योग को पार्ट बनाया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मेडिकल टूरिज्म-</span>,  <span lang="hi" xml:lang="hi">ऋषिकेश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">केरल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैसूर में योग-आयुर्वेद के लिए विदेशी आ रहे हैं। ये </span>8000<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ का इंडस्ट्री बन गया है। इसका एक कमजोर पक्ष यह है कि ग्रामीण भारत में इसकी पहुंच बहुत कम या ना के बराबर है। एनसीआरबी का हेल्थ सर्वे कहता है कि </span>70%<span lang="hi" xml:lang="hi"> ग्रामीण लोग रोज योग नहीं करते। उनके लिए योग "शहरियों का शौक" है। क्वालिटी का सवाल- </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन के सर्टिफिकेट कोर्स से बने इंस्ट्रक्टर स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। इससे गलत प्रैक्टिस का खतरा है। निरंतरता नहीं-  </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून के बाद ज्यादातर लोग मैट समेट देते हैं। रोजाना योग करने वालों की संख्या </span>15%<span lang="hi" xml:lang="hi"> से ज्यादा नहीं बढ़ी। असर कहां दिखना चाहिए था</span>?- <span lang="hi" xml:lang="hi">योग को स्वास्थ्य नीति का हिस्सा बनना था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हुआ नहीं। नॉन-कम्यूनिकेबल डिजीज पर रोक-  भारत में डायबिटीज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हाई </span>BP, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्ट्रेस के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। </span>ICMR <span lang="hi" xml:lang="hi">कहता है कि </span>2030<span lang="hi" xml:lang="hi"> तक </span>13.4<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ लोग डायबिटिक होंगे। योग प्रिवेंटिव हेल्थ में काम करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आयुष बजट कुल हेल्थ बजट का सिर्फ </span>2.3%<span lang="hi" xml:lang="hi"> है। मानसिक स्वास्थ्य-</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">NIMHANS <span lang="hi" xml:lang="hi">के डेटा के मुताबिक भारत में </span>15% <span lang="hi" xml:lang="hi">लोग मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। योग और प्राणायाम का असर डिप्रेशन-एंग्जाइटी में साबित है। लेकिन मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में योग को मेनस्ट्रीम नहीं किया गया। स्कूलों में योग पीरियड है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन परीक्षा में नहीं पूछा जाता। बच्चे </span>45 <span lang="hi" xml:lang="hi">मिनट करके भूल जाते हैं। अगर इसे फिजिकल एजुकेशन का ग्रेड हिस्सा बनाया जाए तो आदत बने। दूसरे देशों ने क्या किया</span>?- <span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका में </span>20,000 <span lang="hi" xml:lang="hi">से ज्यादा स्कूलों में "</span>Yoga in Schools" <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोग्राम चलता है। इंश्योरेंस कंपनियां योग करने वालों को प्रीमियम में छूट देती हैं। चीन में ताई-ची को नेशनल फिटनेस प्रोग्राम बनाया। हर पार्क में सुबह ग्रुप प्रैक्टिस होती है। भारत में हम इवेंट कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन पब्लिक हेल्थ सिस्टम में योग को इंटीग्रेट नहीं किया। सवाल यह उठता है कि अब क्या करना चाहिए</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतीकवाद से हटकर पॉलिसी बनाओ। योग दिवस को सिर्फ इवेंट न रखो। हर जिला अस्पताल में योग थेरेपी सेंटर हो। आयुष्मान भारत में योग कवर हो। क्वालिटी कंट्रोल ऐसा हो जो भी योग सिखाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन सख्त हो। गलत आसन से स्पाइन इंजरी के केस बढ़ रहे हैं। ग्रामीण फोकस-  हर पंचायत में एक योग मित्र हो। जैसे आशा वर्कर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैसे ही योग वर्कर। उन्हें स्टाइपेंड मिले। डेटा पर काम करो- योग से कितने लोगों का शुगर कंट्रोल हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कितनों की दवा कम हुई - ये डेटा इकट्ठा करो। तभी पॉलिसी मेकर मानेंगे। योग दिवस का महत्व कम नहीं हुआ है। इसने भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ाई है। लेकिन अगर अगले </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">साल भी हम सिर्फ </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">जून को मैट बिछाते रहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो योग "इंस्टाग्रामेबल एक्टिविटी" बनकर रह जाएगा। योग का असली मकसद था - "योगः कर्मसु कौशलम्"। काम में कुशलता। वो कुशलता तब आएगी जब योग स्कूल की क्लास से निकलकर अस्पताल की </span>OPD, <span lang="hi" xml:lang="hi">फैक्ट्री के ब्रेक रूम और गांव के चौपाल तक पहुंचे। तस्वीरें अच्छी लगती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन बदलाव तब दिखता है जब किसी गांव के डायबिटिक मरीज की दवा आधी हो जाए क्योंकि उसने रोज </span>30 <span lang="hi" xml:lang="hi">मिनट अनुलोम-विलोम किया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 16:27:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एवं योग सप्ताह का भव्य शुभारंभ, जनपद भर में हुए सामूहिक योग कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एवं योग सप्ताह के अंतर्गत जनपद अमेठी में सोमवार को मुख्यालय सहित सभी तहसीलों, विकास खंडों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्टेडियम अमेठी, वृद्धाश्रम पार्क गौरीगंज, टीकर माफी आश्रम तथा अन्य प्रमुख स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 15 जून से 21 जून तक चलने वाले योग सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आमजन ने सहभागिता कर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “Yoga for Healthy Ageing (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग)” निर्धारित की गई है। इस थीम का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181264/grand-inauguration-of-international-yoga-day-and-yoga-week-mass"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1-.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एवं योग सप्ताह के अंतर्गत जनपद अमेठी में सोमवार को मुख्यालय सहित सभी तहसीलों, विकास खंडों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्टेडियम अमेठी, वृद्धाश्रम पार्क गौरीगंज, टीकर माफी आश्रम तथा अन्य प्रमुख स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 15 जून से 21 जून तक चलने वाले योग सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आमजन ने सहभागिता कर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “Yoga for Healthy Ageing (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग)” निर्धारित की गई है। इस थीम का मुख्य उद्देश्य बढ़ती आयु में लोगों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना, सक्रिय जीवनशैली को प्रोत्साहित करना तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है। योग के नियमित अभ्यास से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक रूप से भी संतुलित और सकारात्मक बना रहता है। मुख्यालय स्तर पर जवाहर नवोदय विद्यालय, गौरीगंज में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विकास अधिकारी वीर भानु सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात योगा मास्टर ट्रेनर धर्मेंद्र कुमार वर्मा एवं प्रेम सुधा सिंह द्वारा आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगा मास्टर ट्रेनर धर्मेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और स्वस्थ बनाने की एक संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा व्यक्ति स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन जीने में सक्षम बनता है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग की उपयोगिता और भी बढ़ गई है। योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर न केवल वर्तमान को स्वस्थ बनाया जा सकता है, बल्कि वृद्धावस्था को भी अधिक सक्रिय, ऊर्जावान एवं सम्मानजनक बनाया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से प्रतिदिन योग करने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी योग के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी, जिला पंचायती राज अधिकारी मनोज कुमार त्यागी, क्षेत्रीय वन अधिकारी रणवीर मिश्रा, आयुर्वेद विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अनुपम श्रीवास्तव, होम्योपैथी विभाग के डॉ. प्रभात श्रीवास्तव, आयुष विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक माधवेन्द्र प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं योग साधक उपस्थित रहे। जनपद के सभी तहसील एवं विकास खंड मुख्यालयों पर भी योग सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों को योग के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी गई। आयोजकों ने बताया कि 21 जून तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, योग शिविर एवं सामूहिक योगाभ्यास आयोजित किए जाएंगे। योग सप्ताह के प्रथम दिन आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से जनपदवासियों को योग को दैनिक जीवन में अपनाने, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा स्वस्थ एवं समृद्ध समाज के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया गया। योगाभ्यास के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 19:35:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइकिल चलाएं स्वस्थ जीवन के साथ पर्यावरण व ईंधन बचाएं - डॉ राजेश सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div><strong>गोपीगंज। </strong>पर्यावरण के प्रति अटूट निष्ठा और स्वस्थ जीवन के संकल्प को आत्मसात करते हुए 'भदोही साइकिलिंग क्लब' द्वारा आयोजित 'विशाल साइकिल यात्रा' रविवार को जन-चेतना का महाकुंभ बन गई।</div>
<div>  </div>
<div>क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष अताउल मुस्तफा अंसारी के ओजस्वी नेतृत्व में निकली इस यात्रा का ध्येय समाज के हर वर्ग को प्रकृति और आरोग्य के प्रति जागरूक करना था। अताउल अंसारी की दूरदर्शी दृष्टि और दृढ़ इच्छाशक्ति का ही प्रताप है कि समाज के हर तबके को एक साझा मंच पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ सभी एक सुर में 'स्वच्छ, हरित और समृद्ध भारत' के निर्माण हेतु इस</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177371/ride-a-bicycle-live-a-healthy-life-and-save-environment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/420.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>गोपीगंज। </strong>पर्यावरण के प्रति अटूट निष्ठा और स्वस्थ जीवन के संकल्प को आत्मसात करते हुए 'भदोही साइकिलिंग क्लब' द्वारा आयोजित 'विशाल साइकिल यात्रा' रविवार को जन-चेतना का महाकुंभ बन गई।</div>
<div> </div>
<div>क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष अताउल मुस्तफा अंसारी के ओजस्वी नेतृत्व में निकली इस यात्रा का ध्येय समाज के हर वर्ग को प्रकृति और आरोग्य के प्रति जागरूक करना था। अताउल अंसारी की दूरदर्शी दृष्टि और दृढ़ इच्छाशक्ति का ही प्रताप है कि समाज के हर तबके को एक साझा मंच पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ सभी एक सुर में 'स्वच्छ, हरित और समृद्ध भारत' के निर्माण हेतु इस क्रांति का सारथी बन रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>भदोही साइकिलिंग क्लब की इस अभिनव पहल का आगाज़ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बड़ा चौराहा से हुआ। चेतना का यह कारवां शहीद तिराहा, कांजी हाउस, जोहरपुर से गुजरते हुए गुरुकुलम शिक्षण संस्थान, ननवगपुर जखाँव पहुंची।</div>
<div> </div>
<div>"यात्रा के गुरुकुलम शिक्षण संस्थान, ननवगपुर जखाँव पहुँचते ही वातावरण हर्ष और उल्लास से सराबोर हो गया। यहाँ गुरुकुलम शिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ राजेश सिंह और प्रबंधक रोहित सिंह के नेतृत्व में विद्यालय परिवार ने पलक-पावड़े बिछाकर साइकिल यात्रियों का भव्य स्वागत किया।</div>
<div> </div>
<div>विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा की गई पुष्पवर्षा और तालियों की गड़गड़ाहट और सभी को अंग वस्त्र भेंट ने न केवल यात्रियों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि इस स्वास्थ्य अभियान में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया। अपनों से मिले इस स्नेह और सम्मान ने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को और अधिक प्रगाढ़ बना दिया।"</div>
<div> </div>
<div>गुरुकुलम शिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ राजेश सिंह ने लोगों को समझाते हुए कहा कि, "साइकिलिंग एक बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज है जो हृदय रोगों, मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करती है। यह तनाव को कम करने और मानसिक रूप से फिट रहने में भी मददगार है।</div>
<div> </div>
<div>साइकिल से किसी भी प्रकार का धुआं या हानिकारक गैसें नहीं निकलती हैं, जिससे वायु प्रदूषण कम होता है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच साइकिल चलाना बजट के अनुकूल है। इसके रखरखाव का खर्च भी बहुत कम होता है।</div>
<div> </div>
<div>सड़कों पर साइकिलों की संख्या बढ़ने से मोटर वाहनों की भीड़ कम होगी, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी। </div>
<div>डॉ. सिंह का यह संदेश "साइकिल चलाएं, सेहत और पर्यावरण दोनों बचाएं" न केवल एक व्यक्तिगत सलाह है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है।</div>
<div> </div>
<div>गुरुकुलम शिक्षण संस्थान के प्रबंधक श्री रोहित सिंह ने आधुनिक जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज को स्वास्थ्य के प्रति सचेत किया है। उन्होंने कहा: "आज की इस आपाधापी और भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सुख-सुविधाओं को जुटाने में इतने व्यस्त हो गए हैं कि अपने शरीर के लिए समय निकालना ही भूल गए हैं।</div>
<div> </div>
<div>यह अत्यंत चिंताजनक है कि हमारी युवा पीढ़ी, जो देश का भविष्य है, व्यायाम और योग के अभाव में अल्पायु में ही बीमारियों की चपेट में आ रही है। यदि देश का युवा अस्वस्थ होगा, तो यह राष्ट्र की प्रगति के लिए एक बड़ा संकट है।"</div>
<div> </div>
<div>निदेशक डॉ राजेश सिंह और प्रबंधक रोहित सिंह ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल यात्रा को आगे बढ़ाया, जिससे सभी प्रतिभागियों में जोश भर गया।"</div>
<div> </div>
<div>"गुरुकुलम शिक्षण संस्थान से पुनः आरंभ होकर यह यात्रा ननवगपुर, जोहरपुर, कांजी हाउस, टीकापुर, मेवड़ापुर, मुजाहिद नगर, गौस नगर, नोनियानी मोहाल, सोनिया तालाब, लालापुर, जोहरपुर पसियान, नवलपुर और तिवारीपुर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुँची।</div>
<div> </div>
<div>पूरी यात्रा के दौरान साइकिल सवारों का जोश देखने लायक था। 'साइकिल चलाएं ईंधन बचाएं', 'वृक्ष लगाओ पर्यावरण बचाओ' और 'करो योग रहो निरोग' जैसे नारों से पूरा वातावरण गूँज उठा। 'हिंदुस्तान जिंदाबाद', 'भारत माता की जय' और 'वन्दे मातरम' के उद्घोष के साथ यात्रियों ने संकल्प लिया कि 'हम सबने यह ठाना है, पूरे उत्तर प्रदेश को स्वस्थ बनाना है।'</div>
<div> </div>
<div>लोगों को स्वास्थ्य और प्रकृति के प्रति जागरूक करते हुए यह विशाल यात्रा वापस गुरुकुलम शिक्षण संस्थान, ननवगपुर जखाँव पहुँची, जहाँ इसका विधिवत समापन हुआ।"</div>
<div> </div>
<div>इस मुहिम को सफल बनाने में प्रवीण श्रीवास्तव, बालेश्वर सिंह, पवन रॉय, अमन सिंह, आशीष सिंह, विपिन सिंह, कृष्णा मिश्रा, भानु सिंह, राम कुमार तिवारी, बनारसी बिंद, प्रमोद मौर्या, जगदीश यादव, परवेज अली खान, राजीव जायसवाल, सरफराज अहमद, अतुल कुमार, शिवम यादव, दीपक मौर्या, आयुष दुबे, आरुष दुबे, मोहित सरोज, सूरज सिंह, सुर्या सिंह, अनमोल तिवारी, कुलदीप तिवारी, कृष्णा पांडेय, प्रखर सिंह, कृष मिश्रा, रोहित यादव, अंशुमान सिंह, कमलेश कश्यप, श्याम सुंदर बिंद, कमर हयात, अमन गुप्ता, मुज्तबा अंसारी, हीरा बिंद, मिंशाद अली, अहेम मोदनवाल, अरशद जमाल, जिगर गुप्ता, अब्दुल कादिर, उज्जवल गुप्ता, ताहा खान, रितिक कनौजिया, मोहम्मद इमरान, रागिनी कनौजिया, अबू हुरैरा, साकेत उमरवैश्य, फैज शेख, अनिकेत मौर्या, नकिउद्दी शेख, रितिका कनौजिया, आदर्श बिंद, हिमांशु बिंद, रोहित बिंद, फैज अंसारी, रतन बिंद सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया।</div>
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<div>*काम भी जरूरी योग भी जरूरी - रोहित सिंह*</div>
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<div>गोपीगंज। पर्यावरण के प्रति अटूट निष्ठा और स्वस्थ जीवन के संकल्प को आत्मसात करते हुए 'भदोही साइकिलिंग क्लब' द्वारा आयोजित 'विशाल साइकिल यात्रा' रविवार को जन-चेतना का महाकुंभ बन गई। क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष अताउल मुस्तफा अंसारी के ओजस्वी नेतृत्व में निकली इस यात्रा का ध्येय समाज के हर वर्ग को प्रकृति और आरोग्य के प्रति जागरूक करना था। अताउल अंसारी की दूरदर्शी दृष्टि और दृढ़ इच्छाशक्ति का ही प्रताप है कि समाज के हर तबके को एक साझा मंच पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ सभी एक सुर में 'स्वच्छ, हरित और समृद्ध भारत' के निर्माण हेतु इस क्रांति का सारथी बन रहे हैं।</div>
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<div>भदोही साइकिलिंग क्लब की इस अभिनव पहल का आगाज़ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बड़ा चौराहा से हुआ। चेतना का यह कारवां शहीद तिराहा, कांजी हाउस, जोहरपुर से गुजरते हुए गुरुकुलम शिक्षण संस्थान, ननवगपुर जखाँव पहुंची।</div>
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<div>"यात्रा के गुरुकुलम शिक्षण संस्थान, ननवगपुर जखाँव पहुँचते ही वातावरण हर्ष और उल्लास से सराबोर हो गया। यहाँ गुरुकुलम शिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ राजेश सिंह और प्रबंधक रोहित सिंह के नेतृत्व में विद्यालय परिवार ने पलक-पावड़े बिछाकर साइकिल यात्रियों का भव्य स्वागत किया। विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा की गई पुष्पवर्षा और तालियों की गड़गड़ाहट और सभी को अंग वस्त्र भेंट ने न केवल यात्रियों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि इस स्वास्थ्य अभियान में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया। अपनों से मिले इस स्नेह और सम्मान ने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को और अधिक प्रगाढ़ बना दिया।"</div>
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<div>गुरुकुलम शिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ राजेश सिंह ने लोगों को समझाते हुए कहा कि, "साइकिलिंग एक बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज है जो हृदय रोगों, मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करती है। यह तनाव को कम करने और मानसिक रूप से फिट रहने में भी मददगार है। साइकिल से किसी भी प्रकार का धुआं या हानिकारक गैसें नहीं निकलती हैं, जिससे वायु प्रदूषण कम होता है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच साइकिल चलाना बजट के अनुकूल है। इसके रखरखाव का खर्च भी बहुत कम होता है। सड़कों पर साइकिलों की संख्या बढ़ने से मोटर वाहनों की भीड़ कम होगी, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी। </div>
<div>डॉ. सिंह का यह संदेश "साइकिल चलाएं, सेहत और पर्यावरण दोनों बचाएं" न केवल एक व्यक्तिगत सलाह है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है।</div>
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<div>गुरुकुलम शिक्षण संस्थान के प्रबंधक श्री रोहित सिंह ने आधुनिक जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज को स्वास्थ्य के प्रति सचेत किया है। उन्होंने कहा: "आज की इस आपाधापी और भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सुख-सुविधाओं को जुटाने में इतने व्यस्त हो गए हैं कि अपने शरीर के लिए समय निकालना ही भूल गए हैं। यह अत्यंत चिंताजनक है कि हमारी युवा पीढ़ी, जो देश का भविष्य है, व्यायाम और योग के अभाव में अल्पायु में ही बीमारियों की चपेट में आ रही है। यदि देश का युवा अस्वस्थ होगा, तो यह राष्ट्र की प्रगति के लिए एक बड़ा संकट है।"</div>
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<div>निदेशक डॉ राजेश सिंह और प्रबंधक रोहित सिंह ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल यात्रा को आगे बढ़ाया, जिससे सभी प्रतिभागियों में जोश भर गया।"</div>
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<div>"गुरुकुलम शिक्षण संस्थान से पुनः आरंभ होकर यह यात्रा ननवगपुर, जोहरपुर, कांजी हाउस, टीकापुर, मेवड़ापुर, मुजाहिद नगर, गौस नगर, नोनियानी मोहाल, सोनिया तालाब, लालापुर, जोहरपुर पसियान, नवलपुर और तिवारीपुर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुँची। पूरी यात्रा के दौरान साइकिल सवारों का जोश देखने लायक था। 'साइकिल चलाएं ईंधन बचाएं', 'वृक्ष लगाओ पर्यावरण बचाओ' और 'करो योग रहो निरोग' जैसे नारों से पूरा वातावरण गूँज उठा। 'हिंदुस्तान जिंदाबाद', 'भारत माता की जय' और 'वन्दे मातरम' के उद्घोष के साथ यात्रियों ने संकल्प लिया कि 'हम सबने यह ठाना है, पूरे उत्तर प्रदेश को स्वस्थ बनाना है।' लोगों को स्वास्थ्य और प्रकृति के प्रति जागरूक करते हुए यह विशाल यात्रा वापस गुरुकुलम शिक्षण संस्थान, ननवगपुर जखाँव पहुँची, जहाँ इसका विधिवत समापन हुआ।"</div>
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<div>इस मुहिम को सफल बनाने में प्रवीण श्रीवास्तव, बालेश्वर सिंह, पवन रॉय, अमन सिंह, आशीष सिंह, विपिन सिंह, कृष्णा मिश्रा, भानु सिंह, राम कुमार तिवारी, बनारसी बिंद, प्रमोद मौर्या, जगदीश यादव, परवेज अली खान, राजीव जायसवाल, सरफराज अहमद, अतुल कुमार, शिवम यादव, दीपक मौर्या, आयुष दुबे, आरुष दुबे, मोहित सरोज, सूरज सिंह, सुर्या सिंह, अनमोल तिवारी, कुलदीप तिवारी, कृष्णा पांडेय, प्रखर सिंह, कृष मिश्रा, रोहित यादव, अंशुमान सिंह, कमलेश कश्यप, श्याम सुंदर बिंद, कमर हयात, अमन गुप्ता, मुज्तबा अंसारी, हीरा बिंद, मिंशाद अली, अहेम मोदनवाल, अरशद जमाल, जिगर गुप्ता, अब्दुल कादिर, उज्जवल गुप्ता, ताहा खान, रितिक कनौजिया, मोहम्मद इमरान, रागिनी कनौजिया, अबू हुरैरा, साकेत उमरवैश्य, फैज शेख, अनिकेत मौर्या, नकिउद्दी शेख, रितिका कनौजिया, आदर्श बिंद, हिमांशु बिंद, रोहित बिंद, फैज अंसारी, रतन बिंद सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 21:40:21 +0530</pubDate>
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