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                <title>ग्रामीण बिजली समस्या - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>ग्रामीण बिजली समस्या RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>समेसी उपकेंद्र की अघोषित कटौती से 200 गांवों की ढाई लाख आबादी बेहाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नगराम।</strong>  समेसी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 200 गांवों की ढाई लाख आबादी इन दिनों अघोषित बिजली कटौती से परेशान है। भीषण गर्मी में निर्धारित रोस्टर के विपरीत बिजली कटौती और बार-बार आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उपकेंद्र के कुछ कर्मचारी मनमाने तरीके से बिजली आपूर्ति बाधित कर रहे हैं। शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों के मुताबिक दिन और रात में कई बार बिजली गुल होने से घरों में पंखे, कूलर, समर्सिबल और वाटर पंप बंद हो जाते हैं। इससे बच्चों, बुजुर्गों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185179/two-and-a-half-lakh-population-of-200-villages-are"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/light-gul-bijli.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नगराम।</strong> समेसी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 200 गांवों की ढाई लाख आबादी इन दिनों अघोषित बिजली कटौती से परेशान है। भीषण गर्मी में निर्धारित रोस्टर के विपरीत बिजली कटौती और बार-बार आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उपकेंद्र के कुछ कर्मचारी मनमाने तरीके से बिजली आपूर्ति बाधित कर रहे हैं। शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों के मुताबिक दिन और रात में कई बार बिजली गुल होने से घरों में पंखे, कूलर, समर्सिबल और वाटर पंप बंद हो जाते हैं। इससे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। बिजली आने के बाद भी वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की समस्या बनी रहती है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>रात में फाल्ट के बावजूद घंटों गुल रही बिजली</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार रात करीब 12 बजे हुसैनाबाद के पास हाईटेंशन लाइन का जंफर जल गया। आरोप है कि रात की शिफ्ट में तैनात कर्मचारियों ने समय रहते फाल्ट दूर नहीं किया, जिससे करीब 50 गांवों की बिजली रातभर बाधित रही। अवर अभियंता की फटकार के बाद सुबह जंफर बांधकर आपूर्ति बहाल की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद बुधवार सुबह 7:48 बजे बहरौली फीडर की लाइन में सीपीएल कॉलेज के पास कौआ चिपकने से ब्रेकडाउन हो गया। करीब एक घंटे बाद कौआ हटाने के बावजूद फाल्ट बना रहा। कर्मचारियों ने पेट्रोलिंग शुरू की और सुबह करीब 10:30 बजे बड़ेहा को छोड़कर अन्य गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">अवर अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि बड़ेहा में पेड़ की डाल गिरने के कारण लाइन होल्ड नहीं कर पा रही थी। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से रोस्टर के अनुसार नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने और बार-बार होने वाले फाल्ट का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:27:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धूल भरी आंधी से बदला मौसम का मिजाज, शहर से गांव तक चरमराई बिजली व्यवस्था </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, </strong>जिले में बुधवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे अचानक आई तेज धूल भरी आंधी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को जहां राहत मिली, वहीं दूसरी ओर आंधी ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिर गईं, जिससे विद्युत लाइनों के अटेंशन तार टूट गए और कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। नगर क्षेत्र में आंधी के बाद कुछ समय तक बिजली व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन देर शाम तक कई मोहल्लों में बिजली की</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179134/weather-patterns-changed-due-to-dust-storm-power-system-collapsed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260513-wa0365.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, </strong>जिले में बुधवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे अचानक आई तेज धूल भरी आंधी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को जहां राहत मिली, वहीं दूसरी ओर आंधी ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिर गईं, जिससे विद्युत लाइनों के अटेंशन तार टूट गए और कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। नगर क्षेत्र में आंधी के बाद कुछ समय तक बिजली व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन देर शाम तक कई मोहल्लों में बिजली की आंखमिचौली जारी रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी खराब रही। कई गांवों में तार टूटने और फाल्ट आने के कारण देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। बिजली न रहने से लोगों को पेयजल संकट और गर्मी का सामना करना पड़ा।अचानक बदले मौसम के कारण सड़कों पर धूल का गुबार छा गया, जिससे राहगीरों को भी परेशानी हुई। कई जगहों पर छोटे पेड़ और होर्डिंग गिर गए। बिजली विभाग के कर्मचारी फाल्ट खोजने और आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आंधी के कारण कई फीडरों पर तकनीकी खराबी आई है, जिसे ठीक कराने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। आंधी के बाद मौसम सुहावना होने से लोगों ने गर्मी से राहत जरूर महसूस की, लेकिन बिजली संकट ने राहत के इस एहसास को फीका कर दिया। वहीं दूसरी ओर गैसड़ी क्षेत्र में बीते 4 मई को आए तेज आंधी-तूफान के बाद गैसड़ी विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के करीब 200 गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आंधी में लगभग 130 बिजली पोल टूट गए थे, लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। गांवों में टूटे पोल और बिजली के तार अब भी खेतों और सड़कों के किनारे पड़े हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। अधिकांश गांवों में पानी की मोटरें बंद पड़ी हैं। वहीं छात्रों की पढ़ाई और किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गैसड़ी ब्लॉक के खमरिया, परसहिया, चैपुरवा, ठुकरापुर, बिशुनपुर कला, बरगदवा कला, बानगढ़ पिपरी, लालपुर, रमवापुर और रजडेरवा समेत कई गांवों के प्रधानों और जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रधानों का कहना है कि आंधी के बाद से अब तक कोई अधिकारी या कर्मचारी गांवों का निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचा। उनका आरोप है कि नगर क्षेत्र को प्राथमिकता देकर ग्रामीण इलाकों की अनदेखी की जा रही है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 19:31:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री की 24 घंटे का ट्रांसफार्मर बदलने काआदेश हवा हवाई साबित हो रहा है</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के शंकरपुर कुदरा के विद्युत उपकेंद्र फीडर पर बड़ी लापरवाही साबित हो रही है 1 साल से जला हुआ ट्रांसफार्मर अभी तक बदल नहीं गया ग्रामीण अंधेरे में दिन काट रहे हैं भीषण गर्मी के चलते ग्रामीणों का सब्र का बात टूट चुका है विद्युत विभाग कार्यालय का कभी भी घेर हो सकता है ऐसे कर्मचारियों पर जिला प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है की 1 साल से जिला ट्रांसफार्मर अभी तक नहीं बदल गया कहीं ना कहीं सिस्टम में गुटबाजी या रुपए के चक्कर में नहीं लग पा रहा है विद्युत विभाग की भारी लापरवाही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177312/chief-ministers-order-to-replace-transformers-within-24-hours-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas18.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के शंकरपुर कुदरा के विद्युत उपकेंद्र फीडर पर बड़ी लापरवाही साबित हो रही है 1 साल से जला हुआ ट्रांसफार्मर अभी तक बदल नहीं गया ग्रामीण अंधेरे में दिन काट रहे हैं भीषण गर्मी के चलते ग्रामीणों का सब्र का बात टूट चुका है विद्युत विभाग कार्यालय का कभी भी घेर हो सकता है ऐसे कर्मचारियों पर जिला प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है की 1 साल से जिला ट्रांसफार्मर अभी तक नहीं बदल गया कहीं ना कहीं सिस्टम में गुटबाजी या रुपए के चक्कर में नहीं लग पा रहा है विद्युत विभाग की भारी लापरवाही के चलते ग्रामीणों का रौद्र रूप ना ले ले जिस अधिकारी को नतमस्तक होना पड़े​धूल फांकती फाइलें: शिकायतों का अंबार लगा, पर अधिकारियों ने सुध नहीं ली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भीषण​गर्मी का टॉर्चर: 45 डिग्री की धूप में तड़प रहे ग्रामीण और मासूम बच्चे।​सिस्टम फेल: 10 केवी का ट्रांसफार्मर बदलना विभाग के लिए बना 'हिमालय जीतना'।​अधिकारी बेपरवाह: जनता पसीने में तर, साहब एसी में मस्त।​खोखले वादे: हर बार मिला सिर्फ आश्वासन, हकीकत में गांव आज भी काला।​बढ़ता आक्रोश: ग्रामीणों का सब्र टूटा, अब आर-पार की होगी जंग।​अंधेरगर्दी: रात होते ही गांव में पसर जाता है खौफनाक सन्नाटा। ​क्षमता की कमी: ओवरलोडिंग से जला, पर क्षमता बढ़ाने में विभाग नाकाम. ओवर लोड लोड दिखाकर ट्रांसफार्मर नहीं लग रहे विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी मांगते हैं रुपया जिसे न देने पर 1 साल से अंधेरा है गांव में अधिकारी नहीं सुन रहे हैं</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साल भर से अंधेरा: एक साल से जला है ट्रांसफार्मर, विभाग बना तमाशबीन ग्रामीण अंधेरे में दिन-रात कट रहा है एक तरफ की रोशनी बंद कर दिया सरकार दूसरी तरफ ट्रांसफार्मर 24 घंटे का आदेश हवा हवाई साबित हुआ​धूल फांकती फाइलें: शिकायतों का अंबार लगा, पर अधिकारियों ने सुध नहीं ली। ​गर्मी का टॉर्चर: 45 डिग्री की धूप में तड़प रहे ग्रामीण और मासूम बच्चे। ​सिस्टम फेल: 10 केवी का ट्रांसफार्मर बदलना विभाग के लिए बना 'हिमालय जीतना'।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>​अधिकारी बेपरवाह: जनता पसीने में तर, साहब एसी में मस्त</strong></div>
<div style="text-align:justify;">​खोखले वादे: हर बार मिला सिर्फ आश्वासन, हकीकत में गांव आज भी काला अंधेरा ​बढ़ता आक्रोश: ग्रामीणों का सब्र टूटा, अब आर-पार की होगी जंग।​अंधेरगर्दी: रात होते ही गांव में पसर जाता है खौफनाक सन्नाटा​क्षमता की कमी: ओवरलोडिंग से जला, पर क्षमता बढ़ाने में विभाग नाकाम।​सवालों के घेरे: क्या किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा बिजली विभाग ​बदहाली का जिम्मेदार: गौरा रोहारी की दुर्दशा का असली गुनहगार विभाग।​आखिरी चेतावनी: जल्द नहीं बदला ट्रांसफार्मर तो होगा विभाग का घेराव! ग्रामीणों का गुस्सा भीषण गर्मी में सातवें आसमान पर चला गया है यह जिले में इस तरह की शिकायतें को जिलाधिकारी क्यों नहीं ध्यान देती हैं विद्युत विभाग पर शिकंजा क्यों नहीं कसा जा रहा है ऐसे विभाग के अधिकारियों का वेतन रुका हुआ है फिर भी यह विभाग लापरवाही के चलते पूरामामलाउपकेंद्रशंकरपुर,कुदरहा फीडर से है जुड़ा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">​सवालों के घेरे: क्या किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा बिजली विभाग?​बदहाली का जिम्मेदार: गौरा रोहारी की दुर्दशा का असली गुनहगार विभाग।​आखिरी चेतावनी: जल्द नहीं बदला ट्रांसफार्मर तो होगा विभाग का घेराव! दूसरा मामला जिले के विद्युत केंद्र हरैया द्वारा रात्रि में भीषण कटौती के कारण आमजन मानस बद हाल है रोस्टर के हिसाब से विद्युत वितरण नहीं हो पा रही है जबकि मुख्यमंत्री का आदेश है शाम  5:00 बजे से लेकर सुबह 5:00 तक विद्युत कटौती नहीं होगी जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को राहत मिले लेकिन विद्युत विभाग के अधिकारी जिले के जनप्रतिनिधि के दबाव में सभी फीडरॉन पर रात में भीषण कटौती करते हुए जनता को चेकिंग अवैध रसूली की जाती है भीषण कटौती से आम जनमानस परेशान है विद्युत अधिकारियों का सीयूजी सरकारी नंबर नहीं उठाता है रात में फोन बंद कर लेते हैं और पूरी रात विद्युत संचालन ठप रहता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उच्च अधिकारी द्वारा मामले को संज्ञान नहीं लिया जा रहा है जबकि विद्युत शेड्यूल के हिसाब से 22 घंटे देहात क्षेत्र में उपलब्ध कराने का आदेश हुआ विद्युत विभाग द्वारा दिन में सप्लाई जारी रखते हैं रात को भीषण कटौती के कारण आमजन मानस परेशान है कहीं चोरों से मिलकर बिजली विभाग रात में विद्युत काट देता है जिससे चोर चोरी करने में आसानी होती है लगातार एक हफ्ते से इसी तरह कटौती हो रही है भदावल गांव में चोरी हुई और मरवट लाखों का चांदी का मुकुट चोरी हो गया एक तो पुलिस के सुस्ती के कारण दूसरा कारण यह की विद्युत रात में कटौती क्यों की जाती है यही कटौती दिन में किया जाए जिससे रात में चोरों से निजात मिल पाए ना तो जिला प्रशासन इस बात को ध्यान दे रहा है ना विद्युत विभाग के उच्च अधिकारी मामले को संज्ञान ले रहे हैं कहीं चोरों से उनकी मिली भगत तो नहीं चल रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 18:20:22 +0530</pubDate>
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