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                <title>Digital Safety - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Digital Safety RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पुलिस आयुक्त कानपुर ने की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ संवाद एवं समन्वय बैठक </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> दिनांक 20.08.2026 को पुलिस आयुक्त  द्वारा पुलिस आयुक्त कार्यालय स्थित सभागार में जनपद के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ संवाद एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा एवं अपर पुलिस उपायुक्त/स्टाफ ऑफिसर  योगेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर द्वारा निर्मित ‘Silent Crimes’ फिल्म का प्रदर्शन किया गया तथा पुलिस के अनुभवों, सामाजिक जिम्मेदारियों एवं जन-जागरूकता में सोशल मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में जनपद के विभिन्न मुद्दों को सकारात्मक रूप से उजागर करने एवं जनहित से जुड़े विषयों पर जागरूकता फैलाने में सोशल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185763/police-commissioner-kanpur-held-communication-and-coordination-meeting-with-social"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002224443.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> दिनांक 20.08.2026 को पुलिस आयुक्त  द्वारा पुलिस आयुक्त कार्यालय स्थित सभागार में जनपद के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ संवाद एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा एवं अपर पुलिस उपायुक्त/स्टाफ ऑफिसर  योगेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर द्वारा निर्मित ‘Silent Crimes’ फिल्म का प्रदर्शन किया गया तथा पुलिस के अनुभवों, सामाजिक जिम्मेदारियों एवं जन-जागरूकता में सोशल मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में जनपद के विभिन्न मुद्दों को सकारात्मक रूप से उजागर करने एवं जनहित से जुड़े विषयों पर जागरूकता फैलाने में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका की सराहना की गई। टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, AI एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित एवं सावधानीपूर्वक उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा सकारात्मक एवं रचनात्मक कंटेंट के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया। इन्फ्लुएंसर्स द्वारा अपने अनुभव एवं स्टोरी साझा की गईं तथा जनहित के मुद्दों पर त्वरित संवाद एवं आपसी समन्वय बनाए रखने पर सहमति बनी। युवाओं की तकनीकी समझ, नई सोच एवं सृजनात्मक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए समाज में सकारात्मक संदेश एवं जागरूकता प्रसारित करने में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 17:32:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस ने साइबर  जागरुकता अभियान के तहत लोगों को किया जागरूक*</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
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<div><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)। </strong>साइबर जागरूकता अभियान  के तहत तरघौना गांव में लोगों को वर्तमान मे हो रहे पैसों  की धोखाधडी/साइबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधों और साइबर अपराध के प्रति लोटन कोतवाली पुलिस द्वारा जागरूक किया गया। बुधवार को थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा  के नेतृत्व में साइबर सेल टीम ने तरघौना गांव के लोगों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत  साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी। अपराधों के रोकथाम के लिए शासन द्वारा जारी  हेल्पलाइन नंबर</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182469/6a4527e1c7508"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260627-wa00051.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
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<div><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)। </strong>साइबर जागरूकता अभियान  के तहत तरघौना गांव में लोगों को वर्तमान मे हो रहे पैसों  की धोखाधडी/साइबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधों और साइबर अपराध के प्रति लोटन कोतवाली पुलिस द्वारा जागरूक किया गया। बुधवार को थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा  के नेतृत्व में साइबर सेल टीम ने तरघौना गांव के लोगों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत  साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी। अपराधों के रोकथाम के लिए शासन द्वारा जारी  हेल्पलाइन नंबर 1930 और एनसीआरपी  पोर्टल पर रिपोर्टिंग निर्देशों से अवगत कराया गया ।सभी ऑनलाइन खातों के लिए एक ही पासवर्ड का उपयोग करने से बचें। व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी कभी भी किसी अज्ञात फोन कॉल या ईमेल पर साझा न करें।अज्ञात स्रोतों से आए लिंक पर क्लिक करने या अटैचमेंट खोलने से बचें।अपने सभी उपकरणों पर एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करें और उसे अपडेट रखें।सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतें।</div>
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                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:19:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महराजगंज तराई पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार युवक को दिलाए 65 हजार रुपये वापस</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</div>
<div>  </div>
<div><strong>बलरामपुर। </strong>थाना महराजगंज तराई पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति को बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए 65 हजार रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है।</div>
<div>जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम जयनगरा निवासी फिरोज खान का मोबाइल 14 मई 2026 को हैक हो गया था, जिसके बाद उनके बैंक खाते से 65 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।</div>
<div>शिकायत प्राप्त होते ही साइबर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181507/maharajganj-terai-police-returned-65-thousand-rupees-to-a-youth"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0621.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</div>
<div> </div>
<div><strong>बलरामपुर। </strong>थाना महराजगंज तराई पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति को बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए 65 हजार रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है।</div>
<div>जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम जयनगरा निवासी फिरोज खान का मोबाइल 14 मई 2026 को हैक हो गया था, जिसके बाद उनके बैंक खाते से 65 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।</div>
<div>शिकायत प्राप्त होते ही साइबर हेल्पडेस्क थाना महराजगंज तराई सक्रिय हो गई। उपनिरीक्षक आदित्य कुमार यादव और आरक्षी धीरज तिवारी ने त्वरित तकनीकी जांच करते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया। पुलिस की पहल पर ठगी गई धनराशि को आरोपी के खाते में तत्काल होल्ड कराया गया।</div>
<div>इसके बाद न्यायालय से रिलीजिंग आदेश प्राप्त कर बैंक के नोडल अधिकारी को भेजा गया। सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 65 हजार रुपये की पूरी धनराशि सफलतापूर्वक पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।</div>
<div>धनराशि वापस मिलने पर फिरोज खान ने खुशी जताते हुए थाना महराजगंज तराई पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण उन्हें उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकी।</div>
<div>इस सराहनीय कार्रवाई में उपनिरीक्षक आदित्य कुमार यादव, आरक्षी धीरज तिवारी, आरक्षी अर्जुन प्रसाद वर्मा तथा महिला आरक्षी पूजा सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</div>
</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:33:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति को वापस मिले 19 हजार रुपये</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले केथाना दुबौलिया की साइबर सेल टीम ने साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के खाते में 19 हजार रुपये वापस कराकर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने बस्ती पुलिस का आभार जताया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी कलवारी प्रदीप त्रिपाठी के नेतृत्व में चलाए जा रहे साइबर अपराध रोकथाम अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र के ऊंजी गांव निवासी दीनानाथ पुत्र परमात्मा साइबर ठगी का शिकार हो गए थे। उनके खाते से 19 हजार रुपये</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181133/victim-of-cyber-fraud-got-back-rs-19-thousand"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0090.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले केथाना दुबौलिया की साइबर सेल टीम ने साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के खाते में 19 हजार रुपये वापस कराकर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने बस्ती पुलिस का आभार जताया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी कलवारी प्रदीप त्रिपाठी के नेतृत्व में चलाए जा रहे साइबर अपराध रोकथाम अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र के ऊंजी गांव निवासी दीनानाथ पुत्र परमात्मा साइबर ठगी का शिकार हो गए थे। उनके खाते से 19 हजार रुपये की धनराशि निकाल ली गई थी। पीड़ित ने मामले की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर दर्ज कराई थी।शिकायत मिलने के बाद थाना दुबौलिया के प्रभारी निरीक्षक जीवन त्रिपाठी के निर्देशन में साइबर सेल प्रभारी अजय कुमार पांडेय एवं महिला कांस्टेबल साधना पांडेय ने मामले की जांच शुरू की। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई धनराशि को होल्ड कराया। इसके बाद नई एसओपी-2 के तहत एमआरएम (मनी रिस्टोरेशन मैकेनिज्म) पोर्टल की सहायता से पूरी 19 हजार रुपये की रकम पीड़ित के खाते में वापस करा दी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रकम वापस मिलने पर दीनानाथ ने थाना दुबौलिया पुलिस और साइबर सेल टीम की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने तथा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 या एनसीसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
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<div class="hp"> </div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:05:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्टिंग।। </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी अधिवक्ता सभा के प्रदेश सचिव सुनील कुमार सरोज (एडवोकेट) के नेतृत्व में बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रयागराज को सौंपकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से की जा रही आपत्तिजनक टिप्पणियों और फोटो प्रसारण के मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में कहा गया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री अदिति यादव की तस्वीरों का सोशल मीडिया पर कथित रूप से गलत तरीके से उपयोग कर अभद्र एवं अमर्यादित टिप्पणियां की जा रही हैं। इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत गरिमा और सम्मान को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180992/objectionable-posting-against-aditi-yadav-on-social-media"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260610-wa0088.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी अधिवक्ता सभा के प्रदेश सचिव सुनील कुमार सरोज (एडवोकेट) के नेतृत्व में बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रयागराज को सौंपकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से की जा रही आपत्तिजनक टिप्पणियों और फोटो प्रसारण के मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में कहा गया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री अदिति यादव की तस्वीरों का सोशल मीडिया पर कथित रूप से गलत तरीके से उपयोग कर अभद्र एवं अमर्यादित टिप्पणियां की जा रही हैं। इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंच रही है, बल्कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे कृत्य समाज में गलत संदेश देने के साथ-साथ महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन उत्पीड़न को बढ़ावा देते हैं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए तथा उनके विरुद्ध साइबर अपराध और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में साइबर क्राइम प्रकोष्ठ को भी प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई। समाजवादी अधिवक्ता सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी महिला के सम्मान के साथ इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है और कानून के दायरे में रहकर दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने एक स्वर में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:00:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोटन पुलिस द्वारा साइबर  जागरुकता अभियान के तहत लोगों को किया गया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong> साइबर जागरूकता अभियान  के तहत कस्बा लोटन सहित गांवों के लोगों को वर्तमान मे हो रहे पैसों  की धोखाधडी/साइबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधों और साइबर अपराध के प्रति लोटन कोतवाली पुलिस द्वारा जागरूक किया गया। बुधवार को थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा  के नेतृत्व में साइबर सेल टीम के द्वारा  कस्बा लोटन सहित गांव के लोगों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत  साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी। अपराधों के रोकथाम हेतु शासन द्वारा जारी  हेल्पलाइन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180969/lotan-police-made-people-aware-under-cyber-awareness-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781100453472-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong> साइबर जागरूकता अभियान  के तहत कस्बा लोटन सहित गांवों के लोगों को वर्तमान मे हो रहे पैसों  की धोखाधडी/साइबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधों और साइबर अपराध के प्रति लोटन कोतवाली पुलिस द्वारा जागरूक किया गया। बुधवार को थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा  के नेतृत्व में साइबर सेल टीम के द्वारा  कस्बा लोटन सहित गांव के लोगों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत  साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी। अपराधों के रोकथाम हेतु शासन द्वारा जारी  हेल्पलाइन नंबर 1930 और एनसीआरपी  पोर्टल पर रिपोर्टिंग निर्देशों से अवगत कराया गया ।सभी ऑनलाइन खातों के लिए एक ही पासवर्ड का उपयोग करने से बचें। व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी कभी भी किसी अज्ञात फोन कॉल या ईमेल पर साझा न करें।अज्ञात स्रोतों से आए लिंक पर क्लिक करने या अटैचमेंट खोलने से बचें।अपने सभी उपकरणों पर एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करें और उसे अपडेट रखें।सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतें।ऑनलाइन खरीददारी के लिए केवल सुरक्षित वेबसाइट्स का ही उपयोग करें। इस दौरान महिला कास्टेबल  पूजा वर्मा आदि उपस्थित रहे।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 20:00:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>1800 करोड़ की ठगी के साये में बढ़ता साइबर खतरा और 100 करोड़ के प्लान से उम्मीद की नई शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">डिजिटल युग ने जहां आमजन के जीवन को आसान बनाया है वहीं इसके साथ एक गंभीर खतरा भी तेजी से बढ़ा है और वह है साइबर अपराध। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल ने लोगों को सुविधा तो दी है लेकिन साथ ही उन्हें ठगी और धोखाधड़ी के नए जाल में भी फंसा दिया है। राजस्थान सहित पूरे देश में साइबर अपराधों की रफ्तार जिस तेजी से बढ़ी है वह चिंताजनक है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़े इस खतरे की गंभीरता को साफ तौर पर उजागर करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राजस्थान में बीते पांच सालों में साइबर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177282/cyber-threat-is-increasing-in-the-shadow-of-fraud-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/cyber-fraud-2026-01-a69ca79d079be1821cfbba3b0c62ead0-3x2.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">डिजिटल युग ने जहां आमजन के जीवन को आसान बनाया है वहीं इसके साथ एक गंभीर खतरा भी तेजी से बढ़ा है और वह है साइबर अपराध। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल ने लोगों को सुविधा तो दी है लेकिन साथ ही उन्हें ठगी और धोखाधड़ी के नए जाल में भी फंसा दिया है। राजस्थान सहित पूरे देश में साइबर अपराधों की रफ्तार जिस तेजी से बढ़ी है वह चिंताजनक है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़े इस खतरे की गंभीरता को साफ तौर पर उजागर करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजस्थान में बीते पांच सालों में साइबर क्राइम के मामलों में पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान कुल 4 लाख 49 हजार 182 शिकायतें दर्ज हुईं। यह संख्या केवल आंकड़ा नहीं बल्कि उस सामाजिक और आर्थिक संकट का संकेत है जो धीरे-धीरे गहराता जा रहा है। इन मामलों में करीब 1800 करोड़ रुपए की ठगी सामने आई है जो आम लोगों की मेहनत की कमाई पर सीधा हमला है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अगर शिकायतों के निपटान की स्थिति पर नजर डालें तो 2 लाख 25 हजार 387 शिकायतों का निपटान किया गया है जबकि 2 लाख 23 हजार 795 मामलों में कार्रवाई की गई है। इसके बावजूद 2 लाख 16 हजार 355 शिकायतें अभी भी प्रक्रिया में हैं और 4288 केस ऐसे हैं जो अब भी लंबित हैं। यह स्थिति बताती है कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए वर्तमान व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साल दर साल बढ़ते मामलों की तस्वीर और भी स्पष्ट संकेत देती है। वर्ष 2021 और 2022 में जहां शिकायतों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी वहीं 2023 में यह तेजी से बढ़कर 63 हजार 765 तक पहुंच गई। 2024 में यह संख्या 94 हजार 409 हो गई और 2025 में 1 लाख 15 हजार 2 शिकायतें दर्ज हुईं। यह लगातार बढ़ता ग्राफ बताता है कि साइबर अपराधियों के तरीके अधिक संगठित और खतरनाक होते जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिर्फ शिकायतों की संख्या ही नहीं बल्कि ठगी की रकम भी तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2022 में 158.67 करोड़ रुपए की ठगी हुई जिसमें से केवल 11 करोड़ रुपए ही वापस हासिल किए जा सके। 2023 में ठगी की राशि बढ़कर 354.55 करोड़ हो गई और रिकवरी 39.33 करोड़ तक पहुंची। 2024 में यह आंकड़ा और भयावह हो गया जब 795.9 करोड़ रुपए की ठगी सामने आई और 104.5 करोड़ रुपए की ही रिकवरी हो पाई। इससे यह स्पष्ट होता है कि ठगी की रकम बढ़ने के मुकाबले रिकवरी की दर अभी भी बहुत कम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन आंकड़ों के बीच राहत की एक उम्मीद भी दिखाई देती है जब 2025 में 76.87 करोड़ रुपए की राशि रिकवर की गई। हालांकि यह पूरी ठगी के मुकाबले कम है लेकिन यह संकेत देता है कि यदि प्रयासों को मजबूत किया जाए तो स्थिति में सुधार संभव है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए 100 करोड़ रुपए का एक बड़ा प्लान तैयार किया है। यह योजना केवल कागजी नहीं बल्कि एक मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचा खड़ा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके तहत एक रीजनल साइबर क्राइम सेंटर स्थापित किया जाएगा जो आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित स्टाफ के साथ काम करेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस सेंटर के लिए 52 पद स्वीकृत किए गए हैं जिनमें पुलिस उपाधीक्षक से लेकर कांस्टेबल तक के पद शामिल हैं। इसके अलावा लेखाधिकारी और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की भी नियुक्ति की जाएगी। हालांकि प्रस्तावित पदों की संख्या 275 बताई गई है लेकिन वर्तमान में स्वीकृत संख्या काफी कम है जिससे यह साफ है कि आने वाले समय में स्टाफ की और जरूरत पड़ेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस योजना के तहत साइबर विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जाएंगी जिन पर लगभग 30 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इन विशेषज्ञों की भूमिका बेहद अहम होगी क्योंकि साइबर अपराध अब केवल तकनीकी नहीं बल्कि विश्लेषणात्मक चुनौती भी बन चुका है। डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ट्रैकिंग जैसे आधुनिक टूल्स के जरिए अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।100 करोड़ रुपए के इस प्लान में से लगभग 50 करोड़ रुपए संसाधनों और स्टाफ पर खर्च किए जाएंगे जबकि करीब 60 करोड़ रुपए भवन निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास पर लगाए जाएंगे। यह निवेश इस बात का संकेत है कि सरकार अब साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देने लगी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पारंपरिक पुलिसिंग के तरीके अब साइबर अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। डिजिटल अपराधों की प्रकृति तेजी से बदल रही है और अपराधी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि पुलिस भी तकनीकी रूप से सशक्त बने और आधुनिक उपकरणों का उपयोग करे। साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या का एक बड़ा कारण लोगों में जागरूकता की कमी भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई लोग फर्जी कॉल, मैसेज और लिंक के जरिए ठगी का शिकार हो जाते हैं। बैंकिंग फ्रॉड, ओटीपी शेयरिंग, फेक कस्टमर केयर और सोशल मीडिया स्कैम जैसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यदि आमजन सतर्क रहें और बुनियादी साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करें तो इन अपराधों को काफी हद तक रोका जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को भी सरल और तेज बनाने की जरूरत है। एनसीआरपी जैसे प्लेटफॉर्म पर शिकायतें दर्ज तो हो रही हैं लेकिन उनके निपटान में समय लग रहा है। यदि जांच प्रक्रिया को तेज किया जाए और तकनीकी सहायता बढ़ाई जाए तो पीड़ितों को जल्द राहत मिल सकती है।यह भी जरूरी है कि साइबर अपराधों के मामलों में राज्यों के बीच समन्वय बढ़े क्योंकि कई मामलों में अपराधी एक राज्य में बैठकर दूसरे राज्य के लोगों को निशाना बनाते हैं। ऐसे में एक मजबूत नेटवर्क और सूचना साझा करने की व्यवस्था बेहद जरूरी हो जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजस्थान में शुरू किया जा रहा यह 100 करोड़ का प्लान यदि सही तरीके से लागू होता है तो यह न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल बन सकता है। इससे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और आमजन का डिजिटल सिस्टम पर भरोसा भी मजबूत होगा। अंततः यह कहा जा सकता है कि साइबर अपराध केवल कानून व्यवस्था की समस्या नहीं बल्कि सामाजिक और तकनीकी चुनौती भी है। इससे निपटने के लिए सरकार, पुलिस और आम नागरिक तीनों को मिलकर काम करना होगा। जहां एक ओर सरकार को मजबूत ढांचा तैयार करना होगा वहीं नागरिकों को भी सतर्क रहना होगा। तभी 1800 करोड़ की ठगी जैसे आंकड़ों को भविष्य में कम किया जा सकेगा और डिजिटल भारत को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 17:45:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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