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                <title>IGRS शिकायत - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>IGRS शिकायत RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;">  काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181682/fake-payment-of-rs-5-crore-using-ai-photo-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781878450387.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;"> काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह आरोप लगाया है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियंता, सहायक अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियरों ने सिल्ट सफाई और अन्य कार्यों के नाम पर लगभग 5 करोड़ सरकारी धन का भारी भ्रष्टाचार और बंदरबांट किया गया है। सरकार की मंशा के उलट बड़े पैमाने पर पैसे का दुरुपयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच हो और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने 12 अप्रैल 2026 को जनसुनवाई (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें सहायक अभियंता चतुर्थ मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।  आरोप है कि निविदा शर्तों का खुला उल्लंघन करते हुए बिना कोई वास्तविक काम किए सरकारी धन का गबन किया गया। ट्रेजरी से अवैध भुगतान, कार्यस्थल बदलना, हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन का इस्तेमाल न करना, और AI से फर्जी फोटो जेनरेट कर विभाग को गुमराह करना मुख्य आरोप हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों पर AI से काम दिखाया, जमीन पर बदहाल है हाल</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने कई तकनीति बिंदुओं पर सिंचाई विभाग में धांधली के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बाणगंगा नहर प्रणाली और जमींदारी नहर प्रणाली की पट्टियों पर सड़क की गड्ढामुक्ति और नवीनीकरण का काम कागजों पर दिखाया गया लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। AI की मदद से बनाई गई तस्वीरों को असली कहकर पेश किया गया। बस्ती के अधीक्षण अभियंता, गंडक बाढ़ मंडल ने 11 सितंबर 2025 को जारी निविदा (नंबर-03/2025-26) जारी की। इसके तहत सिद्धार्थनगर जिले में नहरों और सड़कों की मरम्मत का काम 2.40 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाना था। काम में अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, बानगंगा बैराज, अलीदापुर पश्चिमी नहर, बजहा सागर, बटुआ सागर समेत कई नहरों और नौगढ़ कालोनी के सर्विस रोड को गड्ढामुक्त करना था।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1781878450406.jpg" alt="सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान" width="1080" height="556"></img></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> निर्माण स्थल की कुल लंबाई 13.9 किलोमीटर थी। काम पूरा करने की समयसीमा सिर्फ एक महीने की रखी गई थी। निविदा में साफ शर्त थी कि काम हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन से ही होना चाहिए। ठेकेदार को प्लांट अपनी या लीज पर होने का शपथ-पत्र भी देना था।सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना जमीन पर हुए किसी काम के ट्रेजरी से भुगतान पूरा कर लिया गया। वाउचर इसकी पुष्टि करते हैं कि धन उस काम के लिए निकाला गया जो जमीन पर हुआ ही नहीं। यह राजकीय धन का खुला गबन है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  जयंत्री पांडेय ने इस पूरे मामले में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है।  सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना किसी ठोस काम के ट्रेजरी से पूरा पैसा निकाल लिया गया। वाउचर दिखाते हैं कि पैसे तो निकल गए, लेकिन जमीन पर काम हुआ ही नहीं। यह खुला गबन है। अधिशासी अभियंता के पत्रांक 1829 में निविदा में तय जगहों, अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, सिसवा नेउरा आदि पर काम नहीं कराया गया। अधिशासी अभियंता के एक पत्र में दूसरी जगहों का जिक्र किया गया, जिसका फायदा उठाकर असल काम स्थल पर कुछ नहीं किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> फर्जी फोटो और AI का इस्तेमालः काम न होने के बावजूद मालविका जैसल पर आरोप है कि उन्होंने AI टूल और मोबाइल एडिटिंग से फर्जी तस्वीरें बनाईं और विभाग को गुमराह किया। इन फर्जी तस्वीरों के आधार पर भुगतान को वैध ठहराने की कोशिश की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह अनिश्चित है कि काम कहीं हुआ भी या सिर्फ कागजों पर घर की खेती कर सरकारी पैसा बांट लिया गया।जयंत्री पांडेय ने कहा है कि तकनीकी शर्तों का उल्लंघन किया गया है। निविदा शर्त 31 का खुला उल्लंघन किया गया है। बिना हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन के काम दिखाया गया। शर्त साफ थी कि काम इन्हीं मशीनों से होना है। बिना प्लांट के सड़क निर्माण तकनीकी रूप से मानकहीन है।जयंत्री पांडेय ने आरोप लगाया, 'शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्त होना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों ने एस्टीमेट और NIT बदलकर उच्च अधिकारियों को बिना बताए काम कराया। कार्यस्थल हटने को शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्तीकरण और विभागीय कार्रवाई का आधार बताया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नोटिफिकेशन में प्रस्तावित नहर पट्टियों के बजाय बजट अपनी मर्जी से कहीं और खर्च करना तकनीकी अपराध है। बिना भौतिक मापन के पैसा बांट लिया गया।निविदा में जिन जगहों का जिक्र है, उनमें बटुआ सागर, बसंतपुर नहर, नौगढ़ कालोनी की पटरी, अलीदापुर पश्चिमी नहर, सिरवत कोठी, सिसवा नेउरा नहर, अतरी माइनर पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। जयंत्री पांडेय ने तस्वीरें भी साझा की हैं। बटुआ सागर में कच्चे रास्ते दिख रहे हैं, कोई मरम्मत नहीं दिख रहा है। बसंतपुर नहर पर पुरानी सड़क घास से भरी हुई है। अलीदापुर पश्चिमी नहर पर पुरानी टूटी सड़क दिख रही है। सिसवा नेउरा और अतरी माइनर पर भी कच्चे रास्ते या टूटी सड़कें हैं। फोटो में तारीखें अप्रैल 2026 की हैं, जो काम पूरा होने के बाद की स्थिति दर्शाती हैं। इन फोटो में GPS लोकेशन, एलिवेशन, समय आदि डिटेल्स मौजूद हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>जहां सफाई का दावा किया गया, वहां घास उगी है</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जयंत्री पांडेय ने केवल IGRS पर ही नहीं, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य अधिकारियों को पंजीकृत डाक से शिकायतें भेजी हैं।ट्रेजरी वाउचर की जांच कर अवैध भुगतान की रिकवरी मालविका जैसल द्वारा भेजी फोटो की फोरेंसिक जांच दोषी अधिकारियों पर तत्काल कठोर विभागीय और</div><div style="text-align:justify;">अनुशासनात्मक कार्रवाई विभागीय दस्तावेजों में क्या खामी गिनाई गई है?</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ठेकेदार को कार्यस्थल की जानकारी पहले लेनी होती है। प्री-बिड मीटिंग 18 सितंबर 2025 को बस्ती में होनी थी। टेक्निकल बिड खुलने के 24 घंटे में आपत्ति ईमेल से दर्ज करानी होती है। बजट आवंटन पर ही फाइनेंशियल बिड खुलती है। यह सिर्फ एक सड़क निर्माण का मामला नहीं है। नहर पट्टियों पर बनी सड़कें सिंचाई क्षेत्र में किसानों, आम लोगों की सुविधा के लिए होती हैं। 13.9 किमी सड़क का 4.81 करोड़ का काम अगर कागजों पर रह गया तो विकास योजनाओं का पैसा बर्बाद हो रहा है। AI का इस्तेमाल फर्जी सबूत बनाने में सरकारी विभाग में नई समस्या पैदा कर रहा है। फोरेंसिक जांच जरूरी है ताकि असली और नकली फोटो में फर्क साबित हो। शिकायककर्ता का कहना है कि विभागीय मिलीभगत से ट्रेजरी भुगतान, कार्यस्थल बदले गए, शर्तों की अनदेखी की गई। ये सभी बिंदु ऐसे हैं, जिनकी विभागीय जांच होनी चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस मामले की शिकायत अधीक्षण अभियंता गंडक बाढ़ मंडल बस्ती, मुख्य अभियंता गोरखपुर, आयुक्त बस्ती, जिलाधिकारी, एसएसपी आदि को पत्र भेज कर की गई है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format2">इस पूरे प्रकरण में जांच के लिए जो टीम गठित की गई थी ।इसी मंडल के ही अधिकारी शामिल थे । जबकि शासनादेश है कि जिस मंडल का मामला होता है उस मंडल के अधिकारियों को जांच नहीं सौंपी जानी चाहिए। जिसे शासन ने संज्ञान में लेते हुए जांच टीम निरस्त कर दी और दूसरी जांच टीम गठित कर दी है। यह जांच टीम सिद्धार्थनगर कभी धमक सकती है।</blockquote></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:58:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सचिव टीए व APO मनरेगा को मनचाहा कमीशन देकर मनरेगा फर्जीवाड़ा करने में मस्त हैं ग्राम प्रधान राज शर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जिले के हरैया विकास खंडग्राम पंचायत डुहवा मिश्र में मनरेगा घोटाला, ग्राम प्रधान राज शर्मा पर फर्जी हाजिरी का आरोप विकास खण्ड हर्रैया की ग्राम पंचायत डुहवा मिश्र में मनरेगा के नाम पर सरकारी धन की लूट का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान राज शर्मा , रोजगार सेवक नन्द किशोर मिश्रा, सचिव और TA की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा है।</div>
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<div style="text-align:justify;">*मीडिया पड़ताल में खुलासाफर्जी हाजिरी*: रोजगार सेवक नन्द किशोर मिश्रा की ID से मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है ।प्रधान की मनमानी*: ग्राम प्रधान राज शर्मा विकास कार्यों के बजाय अपनी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179833/village-head-raj-sharma-is-busy-in-committing-mnrega-fraud"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260521-wa0068.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जिले के हरैया विकास खंडग्राम पंचायत डुहवा मिश्र में मनरेगा घोटाला, ग्राम प्रधान राज शर्मा पर फर्जी हाजिरी का आरोप विकास खण्ड हर्रैया की ग्राम पंचायत डुहवा मिश्र में मनरेगा के नाम पर सरकारी धन की लूट का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान राज शर्मा , रोजगार सेवक नन्द किशोर मिश्रा, सचिव और TA की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">*मीडिया पड़ताल में खुलासाफर्जी हाजिरी*: रोजगार सेवक नन्द किशोर मिश्रा की ID से मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है ।प्रधान की मनमानी*: ग्राम प्रधान राज शर्मा विकास कार्यों के बजाय अपनी जेब गर्म करने में जुटे हुए हैं ।*मिलीभगत*: मनरेगा APO, सचिव, TA की मिलीभगत से सरकारी धन का खुलेआम बंदरबांट हो रहा है *ग्रामीणों में आक्रोश*: फर्जी हाजिरी से ग्रामीण नाराज, मीडिया टीम के सामने प्रधान के भ्रष्टाचार का खुलासा किया हुआ है । बस्ती जिले में यह दूसरा मामला है जहां रोजगार सेवक की ID से फर्जी हाजिरी लग रही है। पहले निदूरी खम्हौवा में मनरेगा मजदूरों की फर्जी लगी थी और अब डुहवा मिश्र में मनरेगा फर्जीवाड़ा जारी है  इससे साफ है कि रोजगार सेवक की ID-पासवर्ड प्रधान-सचिव के पास है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">*बड़ा सवाल*: रोजगार सेवक नन्द किशोर मिश्रा की ID से हाजिरी कौन लगा रहा है? अगर रोजगार सेवक खुद शामिल है तो कार्रवाई हो, अगर ID का दुरुपयोग हो रहा है तो FIR दर्ज हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">*तुरंत कार्रवाई के लिए शिकायत करें:*</div>
<div style="text-align:justify;">1. *DDO बस्ती / CDO बस्ती* - मनरेगा में फर्जी हाजिरी व सरकारी धन की लूट की निष्पक्ष जांच करायी जा सकती हैं ?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">*लोकपाल, मनरेगा बस्ती* फर्जी मस्टर रोल की जांच के लिए शिकायत की जाती है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती।ग्राम प्रधान राज शर्मा, रोजगार सेवक नन्द किशोर मिश्रा, सचिव, TA, APO के खिलाफ जांच कराई जा सकती है ।IGRS पोर्टल / CM हेल्पलाइन 1076* पर ऑनलाइन शिकायत की जाती है ।फर्जी हाजिरी का मतलब है बिना काम के मजदूरी का भुगतान। यह सीधे-सीधे सरकारी खजाने की लूट है और धारा 420, 409 IPC के तहत अपराध है।</div>
<div style="text-align:justify;">  ग्राम प्रधान राज शर्मा के लिए मनरेगा फर्जीवाड़ा करना आम बात है क्योंकि सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम प्रधान ने कई बार फर्जी मस्टर रोल के सहारे जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को मनचाहा कमीशन देकर फर्जी भुगतान करा चुके हैं । ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई न होने से ग्राम प्रधान का मनोबल बढ़ रहा है और जिम्मेदारों पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है अब देखना यह है जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कब तक ग्राम पंचायत डुहवा मिश्र के भ्रष्टाचार पर कार्यवाही की जाती है ?</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 19:46:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोविंद नगरके ब्लॉक-8 पार्क पर कब्जे की कोशिश के खिलाफ डीएम से कार्यवाही मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> गोविन्द नगर स्थित ब्लॉक-8 के सार्वजनिक पार्क पर कथित अवैध कब्जों और निर्माण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश वीर आर्य ने जिलाधिकारी कानपुर को शिकायती पत्र देकर हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पार्क में हो रहे नए निर्माण एवं मूर्ति स्थापना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के चलते पार्क के लगभग 70% हिस्से पर कब्जा हो चुका है तथा वहां अवैध निर्माण एवं धार्मिक संरचनाएं खड़ी कर दी गई हैं। कई बार IGRS</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178854/demand-for-action-from-dm-against-attempt-to-capture-block-8"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001895508.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> गोविन्द नगर स्थित ब्लॉक-8 के सार्वजनिक पार्क पर कथित अवैध कब्जों और निर्माण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश वीर आर्य ने जिलाधिकारी कानपुर को शिकायती पत्र देकर हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पार्क में हो रहे नए निर्माण एवं मूर्ति स्थापना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के चलते पार्क के लगभग 70% हिस्से पर कब्जा हो चुका है तथा वहां अवैध निर्माण एवं धार्मिक संरचनाएं खड़ी कर दी गई हैं। कई बार IGRS पर शिकायतें किए जाने के बावजूद नगर निगम द्वारा “पुराना निर्माण” बताकर फर्जी निस्तारण किया जाता रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> प्रकाश वीर आर्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 22 अप्रैल 2026 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि न्यायालय ने स्वयं पार्क भूमि पर हुए निर्माण पर गंभीर टिप्पणी की थी तथा समस्त अतिक्रमण हटाकर पार्क को मूल स्वरूप में बहाल करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद वर्तमान में फिर से निर्माण और मूर्ति स्थापना कर कब्जा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जो न्यायालय की अवमानना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में मांग की गई है कि पार्क से सभी अवैध कब्जे हटाए जाएं, नगर निगम द्वारा कराई गई इंटरलॉकिंग हटाकर पार्क को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए तथा दोषी अधिकारियों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 13:16:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शादी समारोह में हुए विवाद ने पकड़ा तूल, पुलिस ने दोनों पक्षों पर की 'शांति भंग' की कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ | संवाददाता</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />राजधानी लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत बड़ी देवरिया गांव में एक शादी समारोह के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद अब पुलिसिया कार्रवाई तक पहुँच गया है। छेड़खानी और मारपीट के गंभीर आरोपों के बाद, जांच में मामला आपसी कहासुनी का पाए जाने पर पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 12 लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की है</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता मोहम्मद इरफान ने पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि 16 अप्रैल की शाम, गांव के ही निवासी साहिल ने उनकी पुत्री नसरा के साथ छेड़खानी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177267/the-dispute-in-the-wedding-ceremony-escalated-police-took-action"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/thana-chinhut.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ | संवाददाता</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />राजधानी लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत बड़ी देवरिया गांव में एक शादी समारोह के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद अब पुलिसिया कार्रवाई तक पहुँच गया है। छेड़खानी और मारपीट के गंभीर आरोपों के बाद, जांच में मामला आपसी कहासुनी का पाए जाने पर पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 12 लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की है</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता मोहम्मद इरफान ने पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि 16 अप्रैल की शाम, गांव के ही निवासी साहिल ने उनकी पुत्री नसरा के साथ छेड़खानी की। इरफान का आरोप था कि विरोध करने पर आरोपी ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही, उन्होंने एक शादी समारोह के दौरान साहिल और उसके दोस्तों द्वारा पुत्री से दुर्व्यवहार और उनके साथ मारपीट करने का भी दावा किया था।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>पुलिस जांच और जमीनी हकीकत</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">आईजीआरएस (IGRS)  के तहत मामले की जांच उप-निरीक्षक सुमित्रा कुमारी को सौंपी गई। पुलिस द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण करने और स्थानीय स्तर पर पूछताछ करने के बाद कहानी में बदलाव नजर आया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, जांच में यह पाया गया कि दोनों पक्ष एक ही गांव के एक शादी समारोह में गए थे, जहां किसी बात को लेकर उनके बीच तीखी बहस और कहासुनी हुई थी। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि आवेदक द्वारा लगाए गए छेड़खानी जैसे अन्य गंभीर आरोपों की मौके पर पुष्टि नहीं हो सकी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>पुलिस की सख्त कार्रवाई</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">दोनों पक्षों के बीच व्याप्त तनाव और भविष्य में शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए, चिनहट पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने बीएनएसएस (BNSS) की धारा 126/135 के तहत द्विपक्षीय कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित लोगों का चालान किया है:</p>
<p style="text-align:justify;"> प्रथम पक्ष: मोहम्मद इरफान, आफताब अली, फुरकान अली, रेशमा, सुकैया और काजल।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />द्वितीय पक्ष:मोहम्मद रफीक, आसिया बानो, रहिशन बानो, मोहम्मद आरिफ, साहिल और शबनम।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format2">&gt; "जांच में पाया गया कि शादी में हुए विवाद के कारण दोनों पक्षों में काफी कसीदगी है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को भारी मुचलके से पाबंद करने हेतु माननीय न्यायालय को रिपोर्ट भेजी गई है।"<br />&gt; <strong>— रिपोर्ट, थाना चिनहट</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>वर्तमान स्थिति</strong><br />पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि वर्तमान में मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। थाना प्रभारी ने जांच रिपोर्ट से सहमति जताते हुए मामले को निक्षेपित  करने की संस्तुति दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 21:53:51 +0530</pubDate>
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