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                            <item>
                <title>जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>📍 <em>लखनऊ | संवाददाता</em></strong></blockquote>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong>  स्थापना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन (UPMSCL) की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और आधुनिक उपकरण पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जा सकें।<br />कारपोरेशन को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना गया था, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और कथित बिचौलियों के गठजोड़ ने खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर इसे कथित रूप से भ्रष्टाचार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178039/uttar-pradesh-medical-supply-corporation-ventilator-scam-2"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/photo-1.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>📍 <em>लखनऊ | संवाददाता</em></strong></blockquote>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong> स्थापना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन (UPMSCL) की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और आधुनिक उपकरण पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जा सकें।<br />कारपोरेशन को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना गया था, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और कथित बिचौलियों के गठजोड़ ने खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर इसे कथित रूप से भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-1.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="614" height="840"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ICU वेंटीलेटर टेंडर में ‘खेल’</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ताजा मामला जेम (GeM) पोर्टल पर जारी टेंडर संख्या <strong>GEM/2025/B/5823357</strong> से जुड़ा है, जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों के लिए <strong>221 ICU वेंटीलेटर</strong> खरीदे जाने हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस टेंडर में कुल 11 कंपनियों ने भाग लिया है। इनमें शामिल <strong>Heidelco Medicore Pvt. Ltd.</strong> पर आरोप है कि यह कंपनी अलग-अलग टेंडरों में अपनी पहचान बदलकर हिस्सा लेती रही है—कभी खुद को निर्माता, तो कभी अधिकृत वितरक बताकर।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार कंपनी ने खुद को <strong>Sysmed Medical Technologies Pvt. Ltd., चंडीगढ़</strong> का अधिकृत वितरक बताया है और जिस वेंटीलेटर मॉडल की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया गया है, वह <strong>Topnotch TV-15</strong> है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-2.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="634" height="897"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>KGMU की रिपोर्ट ने खड़े किए सवाल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान <strong>किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU)</strong> ने पूर्व में एक अन्य टेंडर (<strong>GEM/2026/R/647614</strong>) में इसी मॉडल के वेंटीलेटर को गुणवत्ता और सर्विस से जुड़े कारणों से खारिज कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">KGMU की तकनीकी समिति द्वारा की गई जांच में निम्न बिंदुओं पर आपत्ति जताई गई थी:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>उपकरण की <strong>परफॉर्मेंस मानकों पर खरा न उतरना</strong></li>
<li><strong>क्लिनिकल उपयोग में विश्वसनीयता की कमी</strong></li>
<li><strong>सर्विस और मेंटेनेंस सपोर्ट कमजोर होना</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इसके बावजूद वही मॉडल दोबारा टेंडर प्रक्रिया में शामिल होना कई सवाल खड़े करता है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>‘मेड इन इंडिया’ के नाम पर चीनी उत्पाद?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">आरोप यह भी है कि जिस वेंटीलेटर को भारतीय कंपनी के नाम से पेश किया जा रहा है, वह वास्तव में चीन की कंपनी <strong>Shenzhen Mindray Bio-Medical Electronics Co. Ltd.</strong> का उत्पाद है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह न केवल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन भी हो सकता है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>GFR 144(XI) की अनदेखी?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">भारत सरकार के <strong>GFR 144(XI)</strong> नियम के अनुसार, सुरक्षा कारणों से चीनी कंपनियों और उनसे जुड़े उत्पादों की सरकारी खरीद पर सख्त प्रतिबंध है, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी से अनुमति न ली जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में बिना स्पष्ट खुलासे के चीनी उत्पाद को भारतीय कंपनी के माध्यम से पेश करना नियमों की अवहेलना माना जा सकता है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-3.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="662" height="468"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>विभागीय जिम्मेदारी और निगरानी पर सवाल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री <strong>ब्रजेश पाठक</strong> के पास है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सूत्रों का दावा है कि:</strong></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>एक आउटसोर्स कर्मचारी <strong>उज्ज्वल कुमार</strong> कथित रूप से खरीद प्रक्रिया में प्रभावशाली भूमिका निभा रहा था</li>
<li>टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी जांच को प्रभावित करने के प्रयास हुए</li>
<li>कथित दलालों के साथ मिलकर निर्णयों को प्रभावित किया गया</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कारपोरेशन का पक्ष</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के कर्मचारी <strong>देवव्रत कुमार आर्य</strong> ने संवाददाता से बातचीत में कहा:</p>
<blockquote>
<p>“यदि किसी कंपनी द्वारा चीनी उत्पाद को छिपाकर सप्लाई करने का प्रयास किया जाता है, तो उसकी विस्तृत जांच की जाएगी। नियमों के विरुद्ध पाए जाने पर टेंडर तत्काल निरस्त किया जाएगा।”</p>
</blockquote>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बड़े सवाल</strong></h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<blockquote class="format1">
<ul>
<li>क्या पहले से रिजेक्टेड उपकरण को दोबारा टेंडर में शामिल किया जा सकता है?</li>
<li>क्या टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी मानकों से समझौता किया जा रहा है?</li>
<li>क्या ‘मेड इन इंडिया’ के नाम पर विदेशी उत्पादों की आपूर्ति हो रही है?</li>
<li>क्या निगरानी तंत्र पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है?</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong>📢 निष्कर्ष</strong><br />यह मामला केवल एक टेंडर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न सिर्फ आर्थिक घोटाला होगा बल्कि मरीजों की जान से भी खिलवाड़ माना जाएगा।</p>
<hr />
<blockquote class="format2">✍️ <strong>(स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम अगले अंक में इस मामले से जुड़े और बड़े खुलासे करेगी…)</strong></blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 07:00:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वैसे तो शुरू से ही जीजा साले की जोड़ी के निशाने पर है लूट करने के लिए परन्तु इसके साथ साथ भ्र्ष्ट अधिकारीयों, कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लूट के संगठित गिरोह का भी अनुपम उदहारण है, नए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की भ्र्ष्ट छवि सुधरने की, क्योकि उनके पूर्ववर्ती अमित मोहन प्रसाद और कंचन वर्मा ने भी जीजा साले से मिलकर मेडिकल कारपोरेशन के मुंह पर कालिख पोतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है l </p><h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट के निशाने पर मेडिकल</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177169/big-game-in-the-tender-of-ventilator-of-uttar-pradesh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/photo-32.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वैसे तो शुरू से ही जीजा साले की जोड़ी के निशाने पर है लूट करने के लिए परन्तु इसके साथ साथ भ्र्ष्ट अधिकारीयों, कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लूट के संगठित गिरोह का भी अनुपम उदहारण है, नए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की भ्र्ष्ट छवि सुधरने की, क्योकि उनके पूर्ववर्ती अमित मोहन प्रसाद और कंचन वर्मा ने भी जीजा साले से मिलकर मेडिकल कारपोरेशन के मुंह पर कालिख पोतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है l </p><h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट के निशाने पर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन में वेंटिलेटर का टेंडर  </strong></h4><p style="text-align:justify;"><br /></p><p style="text-align:justify;">जीजा साले द्वारा इसी वेंटीलेटर के टेंडर को लूटने की योजना बनाई जा रही है इसी क्रम में जीजा साले  की जोड़ी द्वारा कोशिश की जा रही है कि कारपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण के पद पर सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़  सिद्धार्थ सिंह की तैनाती की कराई जा सके, जिससे की इस वेंटीलेटर के टेंडर में पूरा खेल किया जा सके और अच्छे जीवन रक्षक उपकरण की जगह घटिया चीनी उत्पाद प्रदेश के अस्पतालों में स्थापित किया जा सके और जनता को घटिया चीनी उपकरण के जरिये मौत के मुंह में धकेल कर जम कर लूट की जा सके, </p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-12.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1" width="942" height="628"></img></p><h4 style="text-align:justify;"><strong>जीजा साले की जोड़ी का चीनी उत्पाद से प्रेम</strong></h4><p style="text-align:justify;">हाल ही में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष के नाराजगी और वेंटीलेटर की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश के बाद वेंटीलेटर के टेंडर में हलचल मची है ताज़ा प्रकरण में लूट के निशाने पर वेंटीलेटर का टेंडर है, जेम पोर्टल के टेंडर सख्या  GEM/2025/B/5823357 EQUIPMENT ICU VENTILATOR QTY 221 के द्वारा प्रदेश के अस्पतालों के लिए वेंटीलेटर की खरीद की जानी है, उक्त टेंडर में 11 कंपनियों ने प्रतिभाग किया है जिसमे से एक कंपनी जीजा साले की HEIDELCO MEDICORE PVT LTD है, वैसे तो अधिकांश टेंडरों में HEIDELCO MEDICORE PVT LTD कंपनी अपने आप को उपकरण निर्माता बताती रही या फिर अपने आपको POCT SERVICES का अधिकृत वितरक, परन्तु इस टेंडर में कुछ नया ही खेल खेला जा रहा है, HEIDELCO MEDICORE PVT LTD ने अपने आपको SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH  का अधिकृत वितरक दिखाया है और वेंटीलेटर का मॉडल TOPNOTCH TV 15 है,</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>भारतीय कंपनी की आड़ और चीनी वेंटीलेटर</strong></h4><p style="text-align:justify;">घटिया चीनी उपकरण को उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में खपाने की कवायद कुछ इस प्रकार से की जा रही है, जेम पोर्टल के टेंडर सख्या  GEM/2025/B/5823357 EQUIPMENT ICU VENTILATOR QTY 221  में कंपनी SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH द्वारा खुद को वेंटीलेटर का निर्माता बताया है, परन्तु असली निर्माता कंपनी SHENZHEN MINDRAY BIO MEDICAL ELECTRONICS COMPANY LIMITED  है, और SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH घटिया चीनी वेंटीलेटर को फ़र्ज़ी लेबल लगाकर भारतीय उपकरण दिखाकर जीजा साले द्वारा,  HEIDELCO MEDICORE PVT LTD,LUCKNOW  कंपनी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की अस्पतालों में सप्लाई करके बड़ी लूट की तैयारी है और उत्तर प्रदेश की जनता को घटिया चीनी जीवन रक्षक उपकरण के द्वारा मौत के मुहं में धकेलने की तैयारी है, लेकिन इनको नहीं पता है की वेंटीलेटर की खरीद पर उच्च न्यायालय की पैनी नज़र है, </p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-32.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1" width="909" height="606"></img></p><p style="text-align:justify;"><strong>चीन प्रेम और साइंस हाउस मेडिकल्स भोपाल का हश्र</strong><br /> <br />अभी हाल में ही अपने चीन प्रेम के कारन और चीनी घटिया जीवन रक्षक उत्पाद को मध्य प्रदेश के अस्पतालों में सप्लाई करने के कारन कुख्यात जीजा साले की जोड़ी के सहयोगी SCIENCE HOUSE MEDICALS PVT LTD BHOPAL के निदेशक जीतेन्द्र तिवारी, सुनैना तिवारी, राजेश गुप्ता और शैलेन्द्र तिवारी अपने कर्मचारियों के साथ जेल में है और अब   लगता है की फर्जीवाड़ा करने के कारन और जीजा साले की जोड़ी से संबंधों के कारन SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH कंपनी के निदेशक हेमंत सिंगला, वीणा जॉली, अंकुर मंगला, नवदीप सिंगला भी अपने कर्मचारियों के साथ जेल जाने की तैयारी कर रहे हैं, आश्चर्यजनक यह हैं की मात्र तीन वर्ष पुरानी कंपनी वेंटीलेटर और एनेस्थीसिया जैसे बड़ी मशीनों की निर्माता बन गयी हैं I जीजा साले की जोड़ी को फायदा पहुंचने के लिए उज्जवल कुमार द्वारा वेंटीलेटर के स्पेसिफिकेशन्स में भी बड़ा बदलाव किया गया हैं</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन का पक्ष</strong></h4><p style="text-align:justify;">इस वेंटीलेटर के टेंडर के प्रकरण में संवाददाता द्वारा जब उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो मेडिकल कारपोरेशन द्वारा टेंडर में नामित बायर देवव्रत कुमार आर्य द्वारा स्वतंत्र प्रभात के संवाददाता को बताया गया  की मेडिकल कारपोरेशन चीनी उपकरण नहीं खरीदता है और यदि वेंटीलेटर के टेंडर में कोई उपकरण या कंपनी चीनी पाया जाता है तो उस निविदा को निरस्त किया जायेगा  </p><h5 style="text-align:justify;"><strong>बृजेश पाठक की जिम्मेदारी योगी की जीरो टॉलरेंस नीति</strong></h5><p style="text-align:justify;">वेंटीलेटर के टेंडर में हो रहा है इस खेल को रोकने की पूरी पूरी जिम्मेदारी बृजेश पाठक की है क्योंकि सूबे में योगी आदित्यनाथ की सरकार है और जिनकी भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की नीति है, अतः इस नीति का पूरी तरीके से पालन कराना बृजेश पाठक की जिम्मेदारी है विभागीय मंत्री होने के नाते, चुनावी वर्ष है इसलिए सरकार को हर कदम अपना फूंक फूंक कर  रखना होगा ताकि जनता में उचित संदेश जाए इमानदारी का, इस चुनावी वर्ष में कोई भी व्यक्ति शातिर दलालों के साथ अपने संबंधों का खुलासा नहीं चाहेगा<br /> <br /><strong>अगले अंक में वेंटीलेटर टेंडर में लूट और जीजा साले के चीन प्रेम पर खुलासा .......</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 08:20:49 +0530</pubDate>
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