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                <title>public land encroachment - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>public land encroachment RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की लखनऊ में वकीलों के चैंबर गिराने के खिलाफ याचिका, कहा- अवैध निर्माण को संरक्षण नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ में वकीलों के चैंबर गिराने के खिलाफ याचिका, खारिज करदी।  कहा- अवैध निर्माण को संरक्षण नहीं।   कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें सार्वजनिक जमीन पर कथित अतिक्रमण कर और सड़कों को बाधित करके बनाए गए चैंबरों के संबंध में ध्वस्तीकरण नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।  जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सेंट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ की याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस विक्रम नाथ ने स्पष्ट किया कि केवल इसलिए अवैध निर्माण को संरक्षण नहीं दिया जा सकता, क्योंकि उस पर वकीलों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186503/supreme-court-rejects-petition-against-demolition-of-lawyers-chambers-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/supream-court1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ में वकीलों के चैंबर गिराने के खिलाफ याचिका, खारिज करदी।  कहा- अवैध निर्माण को संरक्षण नहीं।   कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें सार्वजनिक जमीन पर कथित अतिक्रमण कर और सड़कों को बाधित करके बनाए गए चैंबरों के संबंध में ध्वस्तीकरण नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।  जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सेंट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ की याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस विक्रम नाथ ने स्पष्ट किया कि केवल इसलिए अवैध निर्माण को संरक्षण नहीं दिया जा सकता, क्योंकि उस पर वकीलों का कब्जा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान जस्टिस नाथ ने निर्माण की जगह को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, "यह निर्माण कहां स्थित है पहले यह बताइए। मुख्य सड़क पर क्यों?" जस्टिस नाथ ने कहा कि किसी बार एसोसिएशन के निर्वाचित पदाधिकारी होने के आधार पर भी अनधिकृत निर्माण को बनाए रखने का अधिकार नहीं मिल जाता।  उन्होंने कहा, "आप अवैध निर्माण करते हैं और फिर कहते हैं कि मैं एसोसिएशन का निर्वाचित अध्यक्ष हूं और संचालन समिति का सदस्य हूं, इसलिए मुझे इसे जारी रखने का अधिकार है? नहीं, सभी अवैध निर्माण हटाए जाने चाहिए।" </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जस्टिस नाथ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में वरिष्ठ जस्टिस के रूप में अपने कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद अदालत परिसर के आसपास की स्थिति देखी है और उन्हें पता है कि किस तरह सड़कों पर निर्माण करके यातायात बाधित किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के 6 अगस्त के आदेश से जुड़ा है। हाईकोर्ट के सामने करीब 72 कथित अतिक्रमणकर्ताओं का मामला था जिनमें ज्यादातर अधिवक्ता बताए गए हैं। आरोप था कि लखनऊ जिला अदालत परिसर के आसपास सार्वजनिक रास्तों या सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर चैंबर और अन्य निर्माण किए गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने लखनऊ नगर निगम को संबंधित कब्जाधारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था। उन्हें निर्माण खाली करने या जमीन और निर्माण पर अपना वैध अधिकार साबित करने का अवसर दिया गया था। ऐसा नहीं कर पाने की स्थिति में निर्माण गिराने का निर्देश दिया गया था। ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। प्रस्तावित कार्रवाई 30 अगस्त को किए जाने की बात सामने आई थी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट में  मंगलवार की सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट आदिश अग्रवाला ने प्रभावित वकीलों को वैकल्पिक जगह दिए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने विवाद को मध्यस्थता के लिए भेजने की संभावना भी रखी। हालांकि, जस्टिस नाथ इस सुझाव से सहमत नजर नहीं आए। उन्होंने सवाल किया, "वकीलों के साथ मध्यस्थता?" पीठ ने अदालत परिसरों को अतिक्रमण से बचाने की जरूरत पर भी जोर दिया। जस्टिस नाथ ने कहा कि अगर अदालत परिसर पर ही अतिक्रमण हो जाए तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 21:12:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवीन परती बंजर भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर डीएम से हुई शिकायत*</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती तहसील बस्ती सदर के अंतर्गत ग्राम पंचायत वैष्णोपुर के अन्तर्गत राजस्व गांव दुधौरा में नवीन परती (बंजर भूमि ) पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को लेकर जिलाधिकारी ज्योत्सना कृत्तिका से ग्रामीणों ने शिकायत की है । ग्रामीणों ने मांग की है कि नवीन परती ( बंजर भूमि ) को राजस्व टीम द्वारा पैमाइश करा कर तत्काल अवैध अतिक्रमण हटाया जाएं । </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि ग्राम पंचायत वैष्णोपुर के राजस्व गांव दुधौरा में गाटा संख्या -158 व 159 जो राजस्व अभिलेखों में नवीन परती व आबादी के नाम से दर्ज है । सार्वजनिक उपयोग एवं उपभोग</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181008/complaint-lodged-with-dm-regarding-removal-of-illegal-encroachment-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0048.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती तहसील बस्ती सदर के अंतर्गत ग्राम पंचायत वैष्णोपुर के अन्तर्गत राजस्व गांव दुधौरा में नवीन परती (बंजर भूमि ) पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को लेकर जिलाधिकारी ज्योत्सना कृत्तिका से ग्रामीणों ने शिकायत की है । ग्रामीणों ने मांग की है कि नवीन परती ( बंजर भूमि ) को राजस्व टीम द्वारा पैमाइश करा कर तत्काल अवैध अतिक्रमण हटाया जाएं । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि ग्राम पंचायत वैष्णोपुर के राजस्व गांव दुधौरा में गाटा संख्या -158 व 159 जो राजस्व अभिलेखों में नवीन परती व आबादी के नाम से दर्ज है । सार्वजनिक उपयोग एवं उपभोग की भूमि पर वीरेंद्र पुत्र रामलोचन के के द्वारा मकान बनवाकर जबरन अवैध कब्जा किया जा रहा है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों द्वारा नव निर्माण कार्य को न करने के लिए वीरेन्द्र कुमार को कहा जा रहा है लेकिन दबंग वीरेन्द्र कुमार द्वारा अवैध कब्जा करने का कार्य जारी है और मना करने वाले ग्रामीणों को गाली गलौज वीरेन्द्र कुमार दे रहा है । ग्रामीणों ने हल्का लेखपाल को सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को लेकर शिकायत की गई थी लेकिन हल्का लेखपाल ने अवैध अतिक्रमण मामले का संज्ञान नही लिया बल्कि दबंग वीरेंद्र कुमार को अवैध आक्रमण करने के लिए सहयोग किया जा रहा है । ग्रामीणों ने कलवारी थाने पर भी लिखित शिकायत की थी परन्तु कलवारी पुलिस में राजस्व विभाग का मामला बताकर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया । </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम प्रधान समेत अन्य ग्रामीणों ने दिनांक - 10-06-2026 को जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंच कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और पूरे प्रकरण की जानकारी दिया । ग्रामीणों ने बताया कि दबंग वीरेंद्र कुमार ग्राम पंचायत फूलपुर का निवासी है वह अपनी गुंडई के बल सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने पर तुला हुआ है यदि समय रहते सरकारी भूमि पैमाइश करा कर अवैध अतिक्रमण नही हटवाया गया तो बरसात का पानी गांव से बाहर नहीं जा पाएगा अर्थात् बरसात का पानी निकालने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं है । जिलाधिकारीको ज्ञापन देते समय ग्राम प्रधान किशोर कुमार समेत अन्य भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:58:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अतिक्रमण पर प्रयागराज नगर निगम का अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong>  नगर निगम ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को बड़ा अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जंक्शन के पास गेट नंबर 1 से लेकर मुख्य चौराहे तक सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से संचालित हो रही लगभग 100 से अधिक दुकानों को हटाया गया। साथ ही कई दुकानों को नगर निगम द्वारा कब्जे में भी लिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अभियान के दौरान नगर निगम की टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुकानदार अपने-अपने सामान को जल्दबाजी में समेटते नजर आए। कई लोगों ने विरोध जताने की कोशिश</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177142/prayagraj-municipal-corporations-campaign-on-encroachment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260423-wa0294.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> नगर निगम ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को बड़ा अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जंक्शन के पास गेट नंबर 1 से लेकर मुख्य चौराहे तक सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से संचालित हो रही लगभग 100 से अधिक दुकानों को हटाया गया। साथ ही कई दुकानों को नगर निगम द्वारा कब्जे में भी लिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अभियान के दौरान नगर निगम की टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुकानदार अपने-अपने सामान को जल्दबाजी में समेटते नजर आए। कई लोगों ने विरोध जताने की कोशिश भी की, लेकिन प्रशासनिक सख्ती के चलते अभियान जारी रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले भी कई बार नोटिस और चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद दुकानदारों ने अवैध कब्जा नहीं हटाया। मजबूरन प्रशासन को यह कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी। अधिकारियों ने साफ कहा कि जब्त की गई दुकानों और सामान को नियमों के तहत ही वापस किया जाएगा। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 21:06:43 +0530</pubDate>
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