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                <title>Pilgrimage News India - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>आर डी प्रॉपर्टीज के तत्वावधान में लगा श्रद्धालुओं के लिए छठा वार्षिक भंडारा, हजारों भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गोवर्धन (मथुरा)। </strong>गुरु पूर्णिमा मेले के पावन अवसर पर गिरिराज धाम गोवर्धन में श्रद्धा, आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। लाखों श्रद्धालु देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी गिरिराज महाराज के दर्शन और सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए गोवर्धन पहुंच रहे हैं। पूरे परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है और वातावरण "गिरिराज महाराज की जय", "राधे-राधे" तथा भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि से भक्तिमय बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरु पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संस्थाओं द्वारा भंडारों का आयोजन किया जा रहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184256/6a6a0f2dcef70"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-27-at-9.01.36-pm-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोवर्धन (मथुरा)। </strong>गुरु पूर्णिमा मेले के पावन अवसर पर गिरिराज धाम गोवर्धन में श्रद्धा, आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। लाखों श्रद्धालु देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी गिरिराज महाराज के दर्शन और सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए गोवर्धन पहुंच रहे हैं। पूरे परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है और वातावरण "गिरिराज महाराज की जय", "राधे-राधे" तथा भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि से भक्तिमय बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरु पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संस्थाओं द्वारा भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। इन्हीं सेवा कार्यों की श्रृंखला में आर डी प्रॉपर्टीज के तत्वावधान में श्रद्धालुओं के लिए छठे वार्षिक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे में हजारों की संख्या में परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजकों की सेवा भावना की सराहना की।</p>
<p style="text-align:justify;">भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध एवं सात्विक भोजन की विशेष व्यवस्था की गई। इसके साथ ही भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए ठंडा पेयजल, छाछ, शरबत एवं अन्य आवश्यक सामग्री भी निःशुल्क वितरित की गई। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं ने इस सेवा को अत्यंत सराहनीय बताते हुए आयोजकों को धन्यवाद दिया। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि लंबी परिक्रमा के दौरान ऐसे भंडारे उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करते हैं और सेवा की यह परंपरा ब्रज की पहचान है।</p>
<p style="text-align:justify;">आर डी प्रॉपर्टीज के संस्थापक गुड्डा ठाकुर उर्फ सौदान सिंह ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों से लगातार यह विशाल भंडारा आयोजित किया जा रहा है और भविष्य में भी यह सेवा कार्य निरंतर जारी रहेगा। उनका कहना था कि ब्रज की सेवा और गिरिराज महाराज के भक्तों की सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल भोजन वितरण करना ही नहीं, बल्कि परिक्रमा करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक सेवा प्रदान करना है। इसी भावना के साथ सभी कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और समर्पण से दिन-रात सेवा में जुटे हुए हैं। भंडारे में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का स्वागत प्रेम और आदर के साथ किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सेवा कार्य को सफल बनाने में जयवीर चौधरी, नीतू ठाकुर, अजय कौशिक, ठाकुर मुकेश, हेम सिंह ठाकुर, राजेश ठाकुर, छोटू ठाकुर, माधव शर्मा, बीके ठाकुर, गोविंद ठाकुर सहित समस्त ब्रजवासियों का विशेष सहयोग रहा। सभी कार्यकर्ता भोजन वितरण, पेयजल व्यवस्था, छाछ एवं शरबत वितरण तथा श्रद्धालुओं की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में पूरे उत्साह के साथ लगे रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">भंडारे में सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं का लगातार आना-जाना लगा रहा। परिक्रमा करने वाले भक्तों ने भोजन प्रसाद ग्रहण करने के बाद आयोजकों को आशीर्वाद दिया और उनकी सेवा भावना की प्रशंसा की। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि ब्रज में आने पर उन्हें हर कदम पर सेवा और अपनापन देखने को मिलता है, जो इस भूमि की सबसे बड़ी विशेषता है।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरु पूर्णिमा मेले के दौरान प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा एवं साफ-सफाई की व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिक्रमा मार्ग पर निगरानी बनाए हुए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्वयंसेवी संस्थाएं भी प्रशासन के साथ मिलकर सेवा कार्यों में सहयोग कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रजभूमि में गुरु पूर्णिमा का पर्व केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता का भी प्रतीक माना जाता है। यहां आयोजित होने वाले भंडारे समाज में परोपकार और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। आर डी प्रॉपर्टीज द्वारा आयोजित छठा वार्षिक भंडारा भी इसी सेवा परंपरा का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने गिरिराज महाराज से सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने भी आयोजकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और इन्हें आगे भी निरंतर जारी रहना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 20:05:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>श्रद्धालु चांदी समझ वैष्णो देवी में चढ़ाते हैं चढ़ावा, निकला कैंसर फैलाने वाला जहरीला धातु!</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ाए गए चढ़ावे को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है। भगवान को खुश करने के लिए श्रद्धालु चांदी का चढ़ावा चढ़ाते हैं, लेकिन अब इनकी पुष्टि ख़तरनाक जहरीला कैडमियम के रूप में हुई है। यानी वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ाए जाने वाले चांदी के चढ़ावे में बड़ा घोटाला सामने आया है। ईटी ने रिपोर्ट दी है कि देश की मिंट यानी सरकारी टकसाल ने जाँच में पाया है कि भक्तों द्वारा चढ़ाई गई चांदी में सिर्फ़ 5-6 प्रतिशत ही असली चांदी है। बाकी हिस्सा जहर जैसा जहरीला कैडमियम और सस्ता लोहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">हर साल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177029/devotees-offer-silver-to-vaishno-devi-which-turns-out-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1776762818464_vishno_devi_mandir_silver_candium.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ाए गए चढ़ावे को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है। भगवान को खुश करने के लिए श्रद्धालु चांदी का चढ़ावा चढ़ाते हैं, लेकिन अब इनकी पुष्टि ख़तरनाक जहरीला कैडमियम के रूप में हुई है। यानी वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ाए जाने वाले चांदी के चढ़ावे में बड़ा घोटाला सामने आया है। ईटी ने रिपोर्ट दी है कि देश की मिंट यानी सरकारी टकसाल ने जाँच में पाया है कि भक्तों द्वारा चढ़ाई गई चांदी में सिर्फ़ 5-6 प्रतिशत ही असली चांदी है। बाकी हिस्सा जहर जैसा जहरीला कैडमियम और सस्ता लोहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हर साल लाखों भक्त जम्मू-कश्मीर की ठंडी त्रिकुटा पहाड़ियों पर माता वैष्णो देवी के दर्शन करने जाते हैं। वे चांदी के सिक्के, गहने या अन्य चीजें खरीदकर माता को चढ़ाते हैं। भक्त सोचते हैं कि वे शुद्ध चांदी चढ़ा रहे हैं। लेकिन वे दरअसल, ऐसी जहरीली चीज चढ़ा रहे होते हैं जिसका इस्तेमाल प्रतिबंधित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दरअसल, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने हाल ही में लगभग 20 टन जमा हुई चांदी की ऑफरिंग्स को सरकारी मिंट को भेजा। मिंट के अधिकारियों ने इसे पिघलाने और स्टोर करने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन इसको टेस्ट करने वाले विशेषज्ञों ने चौंकाने वाली बात पाई। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक़, मिंट के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया है कि भक्तों द्वारा खरीदी और चढ़ाई गई इस धातु में सिर्फ 5-6 प्रतिशत ही असली चांदी है। बाक़ी कैडमियम और लोहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चांदी का भाव आजकल लगभग 2 लाख 75 हजार रुपये प्रति किलो है। वहीं रंग में चांदी जैसा ही दिखने वाला कैडमियम सिर्फ 400-500 रुपये प्रति किलो का है। लोहा तो और भी सस्ता है। श्राइन बोर्ड को उम्मीद थी कि 20 टन चांदी से करीब 500-550 करोड़ रुपये मिलेंगे। लेकिन असली चांदी की क़ीमत मुश्किल से 30 करोड़ रुपये के आसपास ही निकली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंग्रेज़ी अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार मिंट ने इस समस्या को पिछले एक साल में कई बार उठाया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा के ऑफिस और श्राइन बोर्ड को चिट्ठी लिखी है। एक चिट्ठी में मिंट ने लिखा है, 'श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के आसपास ऐसे अनैतिक काम हो रहे हैं जो भक्तों को धोखा दे रहे हैं। भक्त चांदी के सामान खरीदते हैं लेकिन उन्हें पता नहीं कि उसमें कैडमियम मिला है, जो रंग से चांदी जैसा दिखता है।'</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिंट ने आगे लिखा है कि कैडमियम बहुत जहरीला है। इससे काम करने वालों को स्वास्थ्य खतरा है और हवा व पानी में प्रदूषण फैल सकता है। इसलिए तुरंत ऐसे नकली चांदी के सामान बनाना बंद करना चाहिए। एक हालिया बैच में चढ़ावे वाली क़रीब 70 किलो चांदी मिंट को दी गई। उसमें सिर्फ 3 किलो ही असली चांदी निकली। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार मिंट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'हमें तीन महीने तक लोगों को लगाकर सामान अलग-अलग करना पड़ा। फिर भी सिर्फ छोटे-छोटे हिस्सों में ज्यादा चांदी मिली, जिसे 25 लाख रुपये की महंगी मशीन से चेक किया गया।'</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 22:24:25 +0530</pubDate>
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