<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/79203/labor-protest-noida" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>labour protest Noida - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/79203/rss</link>
                <description>labour protest Noida RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नोएडा हिंसा मामला: 'हाईकोर्ट जाइए, यहां पहले ही 93000 केस लंबित'</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नोएडा में 13 अप्रैल को हुए मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार एक छात्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने आकृति चौधरी की ओर से पेश वकील से कहा कि वह इलाहाबाद हाई कोर्ट में जाएं। पीठ ने कहा, आप हाईकोर्ट क्यों नहीं जाते? हर कोई अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करके यहां आता है। सुप्रीम कोर्ट में 93 हजार मामले पहले से ही  लंबित हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आकृति चौधरी के वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178831/noida-violence-case-go-to-high-court-already-93000-cases"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/noida-1778235469797.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नोएडा में 13 अप्रैल को हुए मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार एक छात्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने आकृति चौधरी की ओर से पेश वकील से कहा कि वह इलाहाबाद हाई कोर्ट में जाएं। पीठ ने कहा, आप हाईकोर्ट क्यों नहीं जाते? हर कोई अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करके यहां आता है। सुप्रीम कोर्ट में 93 हजार मामले पहले से ही  लंबित हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आकृति चौधरी के वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस ने गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए और जमानत की मांग की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि आकृति चौधरी दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा हैं। शीर्ष कोर्ट ने केशव आनंद नाम के व्यक्ति की याचिका पर पुलिस अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नोएडा की एक कोर्ट ने पहले तीन महिलाओं आकृति चौधरी, मनीषा चौहान और सृष्टि गुप्ता की शर्तों के साथ पुलिस रिमांड की अनुमति दी थी। इन पर 13 अप्रैल के औद्योगिक मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि जांच के दौरान उनके वकीलों को मौजूद रहने की अनुमति होगी। आकृति चौधरी और सृष्टि गुप्ता दोनों दिल्ली की रहने वाली हैं और उनकी उम्र 20 के आसपास है।चौधरी ने दौलत राम कॉलेज से इतिहास में स्नातकोत्तर किया है, जबकि मनीषा नोएडा की एक औद्योगिक इकाई में काम करती हैं।पुलिस ने हिरासत के लिए दायर आवेदन में कहा था कि आरोपियों के घर से अहम साक्ष्य मिलने की पूरी संभावना है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नोएडा में पिछले महीने फैक्टरी मजदूरों का विरोध प्रदर्शन वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, कई औद्योगिक इकाइयों के मजदूर लंबे समय से वेतन संशोधन की मांग को लेकर इकट्ठा हुए और नारेबाजी की। हालांकि, यह प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया क्योंकि कुछ लोगों ने कथित तौर पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, पत्थर फेंके और एक वाहन में आग लगा दी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178831/noida-violence-case-go-to-high-court-already-93000-cases</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178831/noida-violence-case-go-to-high-court-already-93000-cases</guid>
                <pubDate>Sat, 09 May 2026 22:22:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/noida-1778235469797.webp"                         length="84038"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोएडा में श्रमिक आंदोलन के नाम पर प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे भीषण दमन के खिलाफ सपाइयों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> समाजवादी मजदूर सभा बलरामपुर के तत्वाधान में जिलाध्यक्ष विशाल श्रीवास्तव के नेतृत्व में नोएडा में श्रमिक आंदोलन के नाम पर प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे भीषण दमन के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराते हुए,महामहिम राज्यपाल महोदया को संबोधित 6 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी, बलरामपुर को सौंपा गया।यह प्रदर्शन सिर्फ एक ज्ञापन नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार की श्रमिक-विरोधी नीतियों के खिलाफ सीधी चेतावनी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने अपनी दमनकारी नीति नहीं रोकी तो सड़कों पर बड़ा जनांदोलन खड़ा किया जाएगा। प्रमुख मांगें (सरकार को सीधी चुनौती)नोएडा में जारी दमनात्मक कार्यवाही पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176981/sp-lodged-a-strong-protest-against-the-severe-repression-being"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260422-wa0436.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> समाजवादी मजदूर सभा बलरामपुर के तत्वाधान में जिलाध्यक्ष विशाल श्रीवास्तव के नेतृत्व में नोएडा में श्रमिक आंदोलन के नाम पर प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे भीषण दमन के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराते हुए,महामहिम राज्यपाल महोदया को संबोधित 6 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी, बलरामपुर को सौंपा गया।यह प्रदर्शन सिर्फ एक ज्ञापन नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार की श्रमिक-विरोधी नीतियों के खिलाफ सीधी चेतावनी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने अपनी दमनकारी नीति नहीं रोकी तो सड़कों पर बड़ा जनांदोलन खड़ा किया जाएगा। प्रमुख मांगें (सरकार को सीधी चुनौती)नोएडा में जारी दमनात्मक कार्यवाही पर तत्काल रोक लगाई जाए।आंदोलन में गिरफ्तार सभी श्रमिकों को बिना शर्त रिहा किया जाए।राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों को श्रमिकों से मिलने की पूरी अनुमति दी जाए।वरिष्ठ पत्रकार सत्यम वर्मा को तत्काल रिहा किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मजदूर आंदोलन को बदनाम करने की साजिशों पर तुरंत रोक लगे।प्रदेश में ₹26,000 मासिक न्यूनतम मजदूरी लागू की जाए और मजदूरों को आधुनिक गुलामी में धकेलने वाले सभी प्रयास बंद किए जाएं।इस मौके पर जिलाध्यक्ष विशाल श्रीवास्तव ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि—नोएडा में श्रमिकों का आंदोलन कोई साजिश नहीं, बल्कि वर्षों से हो रहे शोषण, कम वेतन और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों का विस्फोट है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भाजपा सरकार की नीतियां केवल पूंजीपतियों के हित में काम कर रही हैं, जबकि मजदूरों को कुचला जा रहा है।उन्होंने आगे कहा कि महंगाई की मार से मजदूर त्रस्त है, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है। कम वेतन में परिवार चलाना आज असंभव हो चुका है। यह सरकार मजदूरों को उनके हक से वंचित कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी क्रम में जिलाध्यक्ष विशाल श्रीवास्तव ने साफ शब्दों में कहा कि यदि श्रमिकों की जायज मांगों—उचित वेतन, सुरक्षित कार्य स्थितियां और सम्मानजनक जीवन—पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो समाजवादी पार्टी प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन छेड़ेगी। पूर्व विधान परिषद परिषद प्रत्याशी डॉ भानु त्रिपाठी ने नोएडा में चल रहे प्रदर्शन को श्रमिकों के साथ लंबे समय से चले आ रहे शोषण का नतीजा बताया है और सरकार पर निशाना साधा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूर्व विधायक राम सागर अकेला ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रही फैक्‍ट्रियों में काम करने वाले लोगों के साथ पशुओं जैसा व्‍यवहार किया जाता है।इस अवसर पर श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा, विधायक गैंसडी राकेश यादव, सांसद प्रतिनिधि डॉ सुनील चौधरी, कृष्ण कुमार गिहार, कैलाश यादव, इकबाल जावेद, मनीष सोनकर, सचिन मिश्र, अनिल दूबे, सुल्तान खान, बबलू मिश्र सहित तमाम समाजवादी कार्यकर्ता उपस्थित रहे!</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/176981/sp-lodged-a-strong-protest-against-the-severe-repression-being</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/176981/sp-lodged-a-strong-protest-against-the-severe-repression-being</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 21:13:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260422-wa0436.jpg"                         length="115434"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        