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                <title>Indian Culture and Nature - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर धरा का किया गया जलाभिषेक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी प्रयागराज।</strong> बुधवार को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर परमार्थ त्रिवेणी पुष्प,अरैल, प्रयागराज में प्रकृति, पर्यावरण एवं जल संरक्षण को समर्पित एक प्रेरणादायी जलाभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती का प्रेरणादायी उद्बोधन  हुआ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, संजय स्वामी, राष्ट्रीय सह संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली, स्वामी वेद विद्यानन्द जी, योगी शुक्राई नाथ जी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों, पूज्य संतों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों एवं पर्यावरणविदों की गरिमामयी उपस्थिति रही।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्वामी चिदानन्द सरस्वती  ने अपने आशीर्वचन में कहा कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176954/jalabhishek-of-earth-was-done-on-the-occasion-of-world"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260422-wa0315.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी प्रयागराज।</strong> बुधवार को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर परमार्थ त्रिवेणी पुष्प,अरैल, प्रयागराज में प्रकृति, पर्यावरण एवं जल संरक्षण को समर्पित एक प्रेरणादायी जलाभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती का प्रेरणादायी उद्बोधन  हुआ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, संजय स्वामी, राष्ट्रीय सह संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली, स्वामी वेद विद्यानन्द जी, योगी शुक्राई नाथ जी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों, पूज्य संतों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों एवं पर्यावरणविदों की गरिमामयी उपस्थिति रही।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्वामी चिदानन्द सरस्वती  ने अपने आशीर्वचन में कहा कि पृथ्वी केवल ग्रह नहीं, हमारी माता है। पृथ्वी केवल संसाधनों का भंडार नहीं, बल्कि समस्त जीवन का आधार है। यदि धरती सुरक्षित है, तो मानवता, संस्कृति, सभ्यता और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित है। जल, जंगल, जमीन और जीवन ये सब एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। यदि हम पृथ्वी को बचाना चाहते हैं तो हमें जल संरक्षण, वृक्षारोपण और सतत जीवनशैली को अपनाना होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव प्रकृति को पूजनीय माना है। हमारे वेदों, उपनिषदों और सनातन परंपरा में पृथ्वी, नदियों, पर्वतों और वृक्षों को देवतुल्य सम्मान दिया है।स्वामी जी ने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि हर व्यक्ति अपने जीवन में जल बचाने, प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने, वृक्ष लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु व्यक्तिगत संकल्प ले। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि बिन अर्थ (पृथ्वी), सब व्यर्थ। यह सम्पूर्ण जीवन का शाश्वत सत्य है। यदि पृथ्वी न हो, तो न जीवन होगा, न जल होगा, न वायु होगी, न अन्न होगा और न ही यह सुंदर संसार होगा। हमारी हर साँस, हर धड़कन, हर आशा और हर भविष्य पृथ्वी पर ही आधारित है। इसलिए पृथ्वी का संरक्षण केवल पर्यावरण की बात नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पद्मश्री एवं पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी जी ने कहा कि पृथ्वी को बचाने का समय अभी है। यदि हमने आज प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें क्षमा नहीं करेंगी। उन्होंने युवाओं से विज्ञान, संस्कार और संवेदनशीलता के साथ पर्यावरण संरक्षण में आगे आने का आह्वान किया।महापौर गणेश केशरवानी ने प्रयागराज को स्वच्छ, हरित बनाने के लिए नगर निगम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">संजय स्वामी ने शिक्षा के माध्यम से पर्यावरण चेतना को जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम के अंतर्गत पवित्र जल से पृथ्वी एवं प्रकृति के प्रतीक स्वरूप जलाभिषेक किया गया तथा सभी ने मिलकर “धरती बचाओ, जल बचाओ, भविष्य बचाओ” का संकल्प लिया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस दिव्य अवसर पर अशोक मेहता , अपर महाधिवक्ता, विधायक जवाहर लाल राजपूत,प्रो कपिलदेव मिश्रा पूर्व कुलपति रानीदुर्गावती, प्रो राजाराम यादव, पूर्व कुलपति,  अनामिका चौधरी, सुबेदार इमृतलाल, गंगा टास्कफोर्स,न्यायमूर्ति सुधीरनारायण अग्रवाल, स्वामी मदनगोपाल दास जी और अनेक विभूतियों की  उपस्थिति रही।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 20:16:54 +0530</pubDate>
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