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                <title>जाति जन्म से तय होती है, विवाह या धर्म परिवर्तन से नहीं बदलती: इलाहाबाद हाईकोर्ट</title>
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                        <![CDATA[<p>  </p>
<p>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति की एक महिला से जुड़े अत्याचार के मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी व्यक्ति की जाति जन्म से निर्धारित होती है और धर्म परिवर्तन या अंतरजातीय विवाह से उसमें कोई बदलाव नहीं होता।</p>
<p>यह टिप्पणी एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज एक आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान की गई। मामला उस महिला से जुड़ा था, जिसने गैर-अनुसूचित जाति के युवक से विवाह किया था। आरोपियों का तर्क था कि विवाह के बाद महिला अपने पति की जाति में शामिल हो गई है, इसलिए एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई उचित</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169564/caste-is-determined-by-birth-does-not-change-by-marriage"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/allahabad-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति की एक महिला से जुड़े अत्याचार के मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी व्यक्ति की जाति जन्म से निर्धारित होती है और धर्म परिवर्तन या अंतरजातीय विवाह से उसमें कोई बदलाव नहीं होता।</p>
<p>यह टिप्पणी एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज एक आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान की गई। मामला उस महिला से जुड़ा था, जिसने गैर-अनुसूचित जाति के युवक से विवाह किया था। आरोपियों का तर्क था कि विवाह के बाद महिला अपने पति की जाति में शामिल हो गई है, इसलिए एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई उचित नहीं है।</p>
<p>कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि विवाह के बाद भी महिला की मूल जाति समाप्त नहीं होती और वह जन्म से प्राप्त जाति से ही पहचानी जाएगी।</p>
<h3><strong>मामला क्या है?</strong></h3>
<p>पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। इस घटना में वह स्वयं और दो अन्य लोग घायल हुए थे।</p>
<p>विशेष न्यायाधीश, अलीगढ़ द्वारा पारित समन आदेश को चुनौती देते हुए आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। इसमें उन्हें आईपीसी की धाराओं 323, 506, 452, 354 और एससी/एसटी एक्ट के तहत तलब किया गया था।</p>
<h3><strong>कोर्ट का रुख</strong></h3>
<p>हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने शिकायतकर्ता, गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही आरोपियों को तलब किया था। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी मामले में क्रॉस-केस होना शिकायत को खारिज करने का आधार नहीं बन सकता।</p>
<p>राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि शिकायत और एफआईआर एक ही दिन की घटना से संबंधित हैं, इसलिए इसे प्रतिशोध की कार्रवाई नहीं माना जा सकता।</p>
<h3><strong>फैसला</strong></h3>
<p>10 फरवरी को जस्टिस अनिल कुमार-दशम की पीठ ने दिनेश समेत नौ आरोपियों की अपील खारिज कर दी और ट्रायल कोर्ट के समन आदेश को बरकरार रखा। अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन कर सकता है, लेकिन उसकी जाति जन्म से तय होती है और विवाह से उसमें परिवर्तन नहीं होता।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 20:39:49 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी, हाई अलर्ट पर प्रशासन</title>
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                        <![CDATA[<h4 style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी (उत्तर प्रदेश):</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />वाराणसी की कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। जिला जज संजीव शुक्ला को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें ‘जुमे के दिन डेढ़ बजे’ कचहरी परिसर में विस्फोट की धमकी दी गई थी। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रशासन की त्वरित कार्रवाई</h3>
<p style="text-align:justify;">धमकी भरा मेल मिलने के बाद जिला जज ने सेंट्रल बार काउंसिल के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम को सूचना दी और प्रशासन को अलर्ट किया। इसके बाद:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>कचहरी परिसर को तुरंत खाली कराया गया</p>
</li>
<li>
<p>एटीएस, बीडीएस और डॉग स्क्वॉड</p></li></ul>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169511/administration-on-high-alert-due-to-threat-to-bomb-varanasi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/varansi.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी (उत्तर प्रदेश):</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />वाराणसी की कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। जिला जज संजीव शुक्ला को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें ‘जुमे के दिन डेढ़ बजे’ कचहरी परिसर में विस्फोट की धमकी दी गई थी। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रशासन की त्वरित कार्रवाई</h3>
<p style="text-align:justify;">धमकी भरा मेल मिलने के बाद जिला जज ने सेंट्रल बार काउंसिल के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम को सूचना दी और प्रशासन को अलर्ट किया। इसके बाद:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>कचहरी परिसर को तुरंत खाली कराया गया</p>
</li>
<li>
<p>एटीएस, बीडीएस और डॉग स्क्वॉड की तैनाती की गई</p>
</li>
<li>
<p>दो बार सघन तलाशी अभियान चलाया गया</p>
</li>
<li>
<p>पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद फिलहाल राहत की स्थिति है। हालांकि, प्रशासन अब भी अलर्ट मोड में है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रेलवे स्टेशन और धार्मिक स्थलों पर बढ़ी सुरक्षा</h3>
<p style="text-align:justify;">महाशिवरात्रि से पहले मिली इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए कैंट रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से<br />श्री काशी विश्वनाथ मंदिर<br />में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">वाराणसी के जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और जिला जज के बीच हाई-लेवल बैठक भी हुई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सोमवार से पहले फिर होगी जांच</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने निर्णय लिया है कि छुट्टियों के कारण कचहरी बंद रहने के बाद सोमवार को दोबारा सघन जांच के बाद ही आम लोगों को परिसर में प्रवेश दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">एडिशनल पुलिस कमिश्नर शिवहरि मीणा ने बताया कि संदिग्ध मेल के स्रोत की जांच जारी है और साइबर टीम इसमें जुटी हुई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ATS कर रही है ‘डेढ़ बजे’ वाले संदेश की जांच</h3>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश एटीएस<br />की टीम ‘जुमे के दिन डेढ़ बजे’ वाले संदेश को डिकोड करने में लगी हुई है। शुरुआती जांच में मेल की लोकेशन तमिलनाडु से जुड़ी होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पहले भी हो चुका है हमला</h3>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि इससे पहले 23 नवंबर 2007 को बनारस कचहरी में हुए बम धमाके में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें आतंकी संगठन<br /><strong>इंडियन मुजाहिदीन</strong><br />का नाम सामने आया था। वहीं, अप्रैल 2016 में भी कचहरी परिसर से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस बार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>जांच जारी, जल्द हो सकता है खुलासा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल साइबर सेल, एटीएस और पुलिस की संयुक्त टीम मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]>
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                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 19:12:36 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>जेवर एयरपोर्ट के नाम पर एक और ठगी! जमीन के फर्जी पेपर दिखाकर ठगों ने ऐंठ लिए 88 लाख; 2 अरेस्ट</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><br />राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में करोड़पति बनाने का लालच देकर एक दंपति से 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है. जालसाजों ने जमीन का फर्जी बैनामा दिखाकर यह ठगी की. पुलिस ने दो आरोपियों रतन सिंह और सोनू को गिरफ्तार किया है. पुलिस की जांच में रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारी भी रडार पर हैं.</p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में करोड़पति बनाने का लालच देकर एक दंपति से 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है. जालसाजों ने जमीन का फर्जी बैनामा दिखाकर यह ठगी की. पुलिस ने दो आरोपियों रतन सिंह</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169288/another-fraud-in-the-name-of-jewar-airport-swindlers-made"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/jewar.jpg" alt=""></a><br /><p><br />राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में करोड़पति बनाने का लालच देकर एक दंपति से 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है. जालसाजों ने जमीन का फर्जी बैनामा दिखाकर यह ठगी की. पुलिस ने दो आरोपियों रतन सिंह और सोनू को गिरफ्तार किया है. पुलिस की जांच में रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारी भी रडार पर हैं.</p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में करोड़पति बनाने का लालच देकर एक दंपति से 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है. जालसाजों ने जमीन का फर्जी बैनामा दिखाकर यह ठगी की. पुलिस ने दो आरोपियों रतन सिंह और सोनू को गिरफ्तार किया है. पुलिस की जांच में रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारी भी रडार पर हैं.</p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक दंपति को भविष्य में करोड़पति बनने का झांसा देकर ठगों ने 88 लाख रुपये की ठगी की है. जालसाजों ने इस दंपति को जमीन का फर्जी बैनामा देकर यह रुपये लिए, लेकिन ना तो जमीन दी और ना ही पैसे लौटाए. बाद में ठगी का एहसास होने पर पीड़ित दंपति ने पुलिस में शिकायत दी. इसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को अरेस्ट किया है.</p>
<p>पुलिस के मुताबिक दिल्ली के लाजपत नगर निवासी सुनील कुमार जैन ने शिकायत दी है. इसमें बताया है कि कुछ लोगों ने जेवर के मोहबलीपुर क्षेत्र में 0.9680 हेक्टेयर जमीन दिखाई थी. बताया था कि यह जमीन गांव के रतन सिंह के नाम पर तर्ज है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के बाद इस जमीन के भाव आसमान छूने वाले हैं. आरोपियों ने उन्हें इन्वेस्ट करने पर भविष्य में करोडों रूपए का फायदा होने का झांसा दिया. इसी लालच में आकर उन्होंने आरोपियों के साथ सौदा कर लिया था.</p>
<h3><strong>ऐसे जीता भरोसा</strong></h3>
<p>जालसाजों ने उन्हें 17 जनवरी को जमीन से जुड़े दस्तावेज दिखाए. इसके बाद सरकारी पोर्टल पर भी जमीन के दस्तावेज दिखाकर उन्हें भरोसे में लिया. फिर जमीन का सौदा होने के बाद बैंकिंग के माध्यम से 88 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए. बाद में उन्हें पता चला की जमीन और उसके दस्तावेज सब फर्जी हैं, तब उन्हें इस ठगी का एहसास हुआ. इसके बाद उन्होंने जेवर थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी.</p>
<h4><strong>9 फरवरी को दर्ज हुआ मुकदमा</strong></h4>
<p>जेवर कोतवाली प्रभारी ने बताया कि वादी की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद और 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. जांच में पाया गया कि जेवर क्षेत्र के महोबली गांव के रहने वाले रतन सिंह ने अपने एक अन्य साथी सोनू के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है. जांच में इन आरोपियों के साथ कुछ और लोगों के भी नाम सामने आए हैं. पुलिस इन्हें तलाश कर रही है. सोनू के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी के मामले थाना जेवर में दर्ज हैं.</p>
<h3><strong>रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारी भी रडार पर</strong></h3>
<p>जमीन से जुड़ी ठगी के मामले लगातार सामने आने के बाद अब पुलिस रजिस्ट्री विभाग से कर्मचारियों की भी जांच कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमीन की खरीद फरोख्त करते समय कर्मचारियों ने जमीन की पड़ताल में लापरवाही बरती. पुलिस के यह पता करने की कोशिश कर रही है कि किन लोगों की मिलीभगत से रजिस्ट्री ऑफिस में यह बैनामा हो गया.</p>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 23:18:28 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>SRGI and Bank Of Baroda छात्रवृत्ति निकासी और दस्तावेज हेरफेर बेहद गंभीर का आरोप आप भी जानिए क्या है पूरा मामला </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<h4 style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ </strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />  लखनऊ हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता <span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शिवम मिश्रा </span>ने एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (एसआरजीआई), लखनऊ और बैंक ऑफ बड़ौदा की बीकेटी शाखा पर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकारी दस्तावेजों में जालसाजी और छात्रवृत्ति राशि के गबन का मामला उठाया है। अधिवक्ता शिवम मिश्रा ने मीडिया को जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया है कि वर्ष 2018 में उनके साथ बैंकिंग धोखाधड़ी की गई और कॉलेज प्रशासन ने रिकॉर्ड में हेरफेर कर अपनी संलिप्तता छिपाने का प्रयास किया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मिश्रा का कहना है कि वे 10 जनवरी 2018 से 20 दिसंबर 2019 तक न्यायिक हिरासत में थे। इस</p>...]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169260/allegations-of-scholarship-withdrawal-and-document-manipulation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/sr-group.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ </strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br /> लखनऊ हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता <span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">शिवम मिश्रा </span>ने एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (एसआरजीआई), लखनऊ और बैंक ऑफ बड़ौदा की बीकेटी शाखा पर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकारी दस्तावेजों में जालसाजी और छात्रवृत्ति राशि के गबन का मामला उठाया है। अधिवक्ता शिवम मिश्रा ने मीडिया को जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया है कि वर्ष 2018 में उनके साथ बैंकिंग धोखाधड़ी की गई और कॉलेज प्रशासन ने रिकॉर्ड में हेरफेर कर अपनी संलिप्तता छिपाने का प्रयास किया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मिश्रा का कहना है कि वे 10 जनवरी 2018 से 20 दिसंबर 2019 तक न्यायिक हिरासत में थे। इस दौरान 20 अप्रैल 2018 को उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 50 हजार रुपये की निकासी दिखाई गई। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब वे जेल में बंद थे, तब निकासी प्रपत्र पर हस्ताक्षर कैसे किए गए। उन्होंने इस पूरे मामले में कॉलेज और बैंक अधिकारियों के बीच संभावित सांठगांठ की आशंका जताई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिवक्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि एसआरजीआई ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (एकेटीयू) को भेजे गए पत्र में गिरफ्तारी के स्थान को लेकर भ्रामक जानकारी दी। उनका दावा है कि पुलिस रिकॉर्ड में गिरफ्तारी 9 जनवरी 2018 को कॉलेज परिसर से दर्शाई गई है, जबकि विश्वविद्यालय को भेजे गए पत्र में गिरफ्तारी स्थल “नौवा खेड़ा मंदिर” अंकित किया गया। मिश्रा का कहना है कि यह बदलाव जानबूझकर किया गया ताकि संस्थान की भूमिका को छिपाया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने उनके मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र—हाईस्कूल और डिप्लोमा—पिछले दस वर्षों से अधिक समय से रोके हुए हैं तथा उनकी 10वीं की मार्कशीट नष्ट कर दी गई है। उन्होंने इसे “दस्तावेजों की फिरौती” बताते हुए छात्रवृत्ति गबन से जोड़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस विज्ञप्ति में अधिवक्ता ने दावा किया है कि उनके पास पुलिस गिरफ्तारी मेमो, बैंक स्टेटमेंट, जेल हिरासत प्रमाणपत्र और विश्वविद्यालय को भेजे गए पत्र सहित कई दस्तावेज उपलब्ध हैं, जिन्हें वे जांच एजेंसियों या मीडिया के समक्ष प्रस्तुत करने को तैयार हैं। हालांकि अब तक इन आरोपों के संबंध में किसी औपचारिक पुलिस शिकायत या न्यायालय में दायर याचिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में एसआरजीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा या एकेटीयू की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सार्वजनिक अभिलेखों और समाचार स्रोतों में भी इन विशिष्ट आरोपों की पुष्टि नहीं मिल सकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो यह भारतीय दंड संहिता की धारा 465 (जालसाजी), 420 (धोखाधड़ी) और 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है, जिसके लिए विस्तृत जांच की आवश्यकता होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल यह मामला आरोपों और दावों तक सीमित है। संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और स्वतंत्र जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। समाचार में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे भी अपडेट किया जाएगा।</p>]]>
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                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 20:20:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाएगी सरकार, किरेन रिजिजू बोले- बिना सबूत लगाए आरोप राजनीतिक हलचल तेज</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<h4 style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। केंद्र सरकार ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाने का फैसला किया है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने सदन में बिना किसी ठोस सबूत के सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ गंभीर और भ्रामक आरोप लगाए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">किरन रिजिजू ने बताया कि सदन में उन्होंने राहुल गांधी से उनके दावों के समर्थन में सबूत देने का अनुरोध किया था, लेकिन वे ऐसा करने में</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169180/government-will-bring-breach-of-privilege-notice-against-rahul-gandhi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/rahul-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong></h4>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। केंद्र सरकार ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाने का फैसला किया है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने सदन में बिना किसी ठोस सबूत के सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ गंभीर और भ्रामक आरोप लगाए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">किरन रिजिजू ने बताया कि सदन में उन्होंने राहुल गांधी से उनके दावों के समर्थन में सबूत देने का अनुरोध किया था, लेकिन वे ऐसा करने में असफल रहे। इसके बावजूद उन्होंने सरकार और प्रधानमंत्री पर देश के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अपने भाषण में आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री ने देश के राष्ट्रीय हितों से समझौता किया है और भारत को “बेचने” जैसी बातें कही थीं। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेते हुए भी कुछ गंभीर आरोप लगाए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार का कहना है कि ये आरोप तथ्यहीन, निराधार और सदन की मर्यादा के खिलाफ हैं। ऐसे में यह संसद के विशेषाधिकारों का उल्लंघन है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>किरेन रिजिजू का बयान</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा—</strong></p>
<blockquote>
<blockquote class="format2">“राहुल गांधी ने बिना किसी तर्क, बिना सबूत और बिना पूर्व सूचना के सदन में आरोप लगाए। यह संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने प्रधानमंत्री और सरकार पर झूठे और भ्रामक आरोप लगाए, जो स्वीकार्य नहीं हैं।”</blockquote>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी के भाषण में कई असंसदीय शब्दों और गलत बयानों का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए।</p>
<blockquote>
<p>“उन्होंने कहा कि किसी ने इंडिया बेच दिया और किसी ने इंडिया खरीद लिया। यह पूरी तरह गलत और भ्रामक है। इस देश को न कोई बेच सकता है और न कोई खरीद सकता है।”</p>
</blockquote>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>स्पीकर के सामने नोटिस दाखिल होगा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">रिजिजू ने बताया कि वह इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार हनन का नोटिस दाखिल करेंगे। उनका कहना है कि किसी सांसद द्वारा बिना प्रमाण के इस तरह के आरोप लगाना संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>उन्होंने कहा—</strong></p>
<blockquote>
<blockquote class="format2">“हरदीप सिंह पुरी का नाम लेकर लगाए गए आरोप भी गंभीर हैं और पूरी तरह निराधार हैं। यह विशेषाधिकार का स्पष्ट उल्लंघन है।”</blockquote>
</blockquote>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>भाषण से हटाए जाएंगे विवादित अंश</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सरकार का दावा है कि राहुल गांधी के भाषण के उन हिस्सों को संसद की कार्यवाही से हटाया जाएगा, जिनमें असंसदीय शब्दों और गलत आरोपों का इस्तेमाल किया गया है। इसमें झूठे बयान, तथ्यहीन आरोप और आपत्तिजनक शब्द शामिल हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>राजनीतिक हलचल तेज</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस घटनाक्रम के बाद संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्ष इसे सरकार की आलोचना को दबाने की कोशिश बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि बिना प्रमाण के आरोप लगाना लोकतंत्र और संसदीय मर्यादा के खिलाफ है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>आगे क्या?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अब इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका अहम होगी। अध्यक्ष नोटिस पर विचार करने के बाद तय करेंगे कि विशेषाधिकार समिति को मामला भेजा जाए या नहीं। यदि नोटिस स्वीकार होता है, तो राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल, इस मुद्दे को लेकर संसद में टकराव और राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/ANI/status/2021518703393976455?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2021518703393976455%7Ctwgr%5Eb31edc9d0b959c204ab54877e27686239696c3d1%7Ctwcon%5Es1_&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.news24online.com%2Findia%2Fgovt-to-bring-motion-against-rahul-gandhi%2F1503134%2F">https://twitter.com/ANI/status/2021518703393976455?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2021518703393976455%7Ctwgr%5Eb31edc9d0b959c204ab54877e27686239696c3d1%7Ctwcon%5Es1_&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.news24online.com%2Findia%2Fgovt-to-bring-motion-against-rahul-gandhi%2F1503134%2F</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>]]>
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                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 16:15:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>‘हम राजेश सिंह हई, अखियां निकाल लेईब’… मऊ में वायरल वीडियो से गरमाया विवाद, कानपुर केस से हो रही तुलना</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">मऊ।</p><p style="text-align:justify;"> उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से एक और विवादित वीडियो सामने आया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। यह मामला मऊ रेलवे स्टेशन का बताया जा रहा है, जहां एक पार्सल अधीक्षक द्वारा आरपीएफ जवान के साथ अभद्र भाषा और धमकी देने का वीडियो वायरल हो रहा है।</p><p style="text-align:justify;">वायरल वीडियो में पार्सल अधीक्षक राजेश सिंह कथित तौर पर आरपीएफ जवान को धमकाते हुए कहते नजर आ रहे हैं—<br />“हम राजेश सिंह हई… अखियां निकाल लेईब… हम सिंह हई, औकात में रहो।”</p><p style="text-align:justify;">इस दौरान वह जवान के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल करते भी</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169170/%E2%80%98hum-rajesh-singh-hai-akhiyaan-nikal-leib%E2%80%99%E2%80%A6-controversy-heated-up"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/mau.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मऊ।</p><p style="text-align:justify;"> उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से एक और विवादित वीडियो सामने आया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। यह मामला मऊ रेलवे स्टेशन का बताया जा रहा है, जहां एक पार्सल अधीक्षक द्वारा आरपीएफ जवान के साथ अभद्र भाषा और धमकी देने का वीडियो वायरल हो रहा है।</p><p style="text-align:justify;">वायरल वीडियो में पार्सल अधीक्षक राजेश सिंह कथित तौर पर आरपीएफ जवान को धमकाते हुए कहते नजर आ रहे हैं—<br />“हम राजेश सिंह हई… अखियां निकाल लेईब… हम सिंह हई, औकात में रहो।”</p><p style="text-align:justify;">इस दौरान वह जवान के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल करते भी दिखाई दे रहे हैं।</p><h3 style="text-align:justify;">मऊ रेलवे स्टेशन पर हुई नोंकझोंक</h3><p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, यह वीडियो मऊ रेलवे स्टेशन का है, जहां पार्सल अधीक्षक और आरपीएफ जवान के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामला तू-तू, मैं-मैं और बदसलूकी तक पहुंच गया, जिसका वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया।</p><p style="text-align:justify;">वीडियो वायरल होते ही लोग इस घटना की तुलना हाल ही में सामने आए कानपुर के एचडीएफसी बैंक विवाद से करने लगे हैं।</p><h3 style="text-align:justify;">बिलासपुर में तैनात हैं आरपीएफ जवान</h3><p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि आरपीएफ जवान अमित कुमार यादव छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित उलसा में तैनात हैं। वह अपने घर मऊ जिले के घोसी आए हुए थे और बिलासपुर से आए पार्सल को लेने रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। इसी दौरान पार्सल अधीक्षक से उनका विवाद हो गया, जो बाद में बढ़ गया।</p><h3 style="text-align:justify;">कानपुर के आस्था सिंह मामले से हो रही तुलना</h3><p style="text-align:justify;">इस घटना को कानपुर के एचडीएफसी बैंक कर्मचारी आस्था सिंह विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ समय पहले कानपुर के पनकी स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह एक व्यक्ति से बहस करते हुए “ठाकुर हूं, ऐसी-तैसी कर दूंगी” कहते हुए नजर आई थीं।</p><p style="text-align:justify;">इस वीडियो के बाद जातिगत टिप्पणी और सार्वजनिक व्यवहार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।</p><h3 style="text-align:justify;">आस्था सिंह ने दी थी सफाई</h3><p style="text-align:justify;">विवाद के बाद आस्था सिंह ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि उनका विवाद किसी ग्राहक से नहीं, बल्कि एक महिला संविदा कर्मचारी के पति से हुआ था, जिसने पहले उनसे जाति पूछकर अभद्रता की थी।</p><p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा था कि गुस्से में कुछ शब्द गलत हो सकते हैं, लेकिन धमकी और अपमानजनक भाषा सहना मुश्किल होता है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि वीडियो को गलत संदर्भ में वायरल किया गया।</p><h3 style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया</h3><p style="text-align:justify;">मऊ के इस नए वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सार्वजनिक पदों पर बैठे अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। कई यूजर्स ने इसे “घमंड और सत्ता के दुरुपयोग” से जोड़ते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।</p><p style="text-align:justify;">फिलहाल इस मामले में रेलवे प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, वीडियो के वायरल होने के बाद विभागीय जांच की संभावना जताई जा रही है।</p><p style="text-align:justify;">अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।</p>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 15:23:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शहीद SI वरुण राकेश के परिवार के लिए बलिया पुलिस का संवेदनशील कदम, एक दिन की सैलरी से 10.32 लाख की आर्थिक सहायता</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div><strong>बलिया। </strong></div>
<div>  </div>
<div>सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए उपनिरीक्षक वरुण राकेश के परिजनों को बलिया पुलिस परिवार की ओर से आर्थिक संबल दिया गया। जनपद के पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने मानवीय पहल करते हुए स्वेच्छा से अपने एक-एक दिन का वेतन दान किया, जिससे कुल 10 लाख 32 हजार 350 रुपये की राशि एकत्र हुई।</div>
<div>  </div>
<div>पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह की उपस्थिति में अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) दिनेश कुमार शुक्ल और अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) कृपा शंकर ने दिवंगत उपनिरीक्षक के परिजनों को सहायता राशि का चेक सौंपा।</div>
<div>  </div>
<div>इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते</div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169126/sensitive-step-of-ballia-police-for-the-family-of-martyr"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1000883695.webp" alt=""></a><br /><div><strong>बलिया। </strong></div>
<div> </div>
<div>सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए उपनिरीक्षक वरुण राकेश के परिजनों को बलिया पुलिस परिवार की ओर से आर्थिक संबल दिया गया। जनपद के पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने मानवीय पहल करते हुए स्वेच्छा से अपने एक-एक दिन का वेतन दान किया, जिससे कुल 10 लाख 32 हजार 350 रुपये की राशि एकत्र हुई।</div>
<div> </div>
<div>पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह की उपस्थिति में अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) दिनेश कुमार शुक्ल और अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) कृपा शंकर ने दिवंगत उपनिरीक्षक के परिजनों को सहायता राशि का चेक सौंपा।</div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बलिया पुलिस परिवार हर कठिन समय में अपने साथी और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।</div>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 23:00:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दबंगो के द्वारा होटल मालिक की पिटाई के मामले में मुकदमा दर्ज, जांच शुरू।</title>
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                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>स्वतंत्र प्रभात राहुल जायसवाल की रिपोर्ट </strong></blockquote>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<p>नैनी कोतवाली क्षेत्र के नैनी रेलवे स्टेशन के समीप रविवार की रात खाना खत्म होने पर कुछ दबंग किस्म के लोगों ने होटल मालिक को जमकर मारा पीटा तथा जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद एवं एक अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले में जांच- पड़ताल कर रही है।</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार नैनी रेलवे स्टेशन के समीप राजेश तिवारी ने भोजनालय की दुकान खोल रखी है। उन्होंने नैनी पुलिस को दिए गए तहरीर में बताया, कि रविवार</p></div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169104/case-registered-in-case-of-beating-of-hotel-owner-by"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/427.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>स्वतंत्र प्रभात राहुल जायसवाल की रिपोर्ट </strong></blockquote>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<p>नैनी कोतवाली क्षेत्र के नैनी रेलवे स्टेशन के समीप रविवार की रात खाना खत्म होने पर कुछ दबंग किस्म के लोगों ने होटल मालिक को जमकर मारा पीटा तथा जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद एवं एक अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले में जांच- पड़ताल कर रही है।</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार नैनी रेलवे स्टेशन के समीप राजेश तिवारी ने भोजनालय की दुकान खोल रखी है। उन्होंने नैनी पुलिस को दिए गए तहरीर में बताया, कि रविवार की रात कुछ लोग उसकी दुकान पर पहुंच कर खाने का आर्डर देने लगे।</p>
<p>उसके द्वारा खाना खत्म हो गया बताने पर उन लोगों ने उसे जमकर मारा पीटा तथा कहीं शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर पुलिस अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया। एसीपी करछना के आदेश पर नैनी कोतवाली की पुलिस ने कुलदीप मिश्रा, अनिल भारतीया एवं एक अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले में जांच- पड़ताल कर रही है।</p>
<p>नैनी कस्बा चौकी प्रभारी बलिराम कुमार ने बताया की आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए मेजा पैतृक गांव आया गया है जहां उनके घर पर ताला लगा हुआ है अब रात मे बनारस के लिए रवाना होंगे।</p>
</div>]]>
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                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169104/case-registered-in-case-of-beating-of-hotel-owner-by</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 22:33:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गोरखपुर पुलिस में नई शुरुआत: एक्शन मोड में एसएसपी डॉ. कौस्तुभ</title>
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                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो- शत्रुघ्नं त्रिपाठी</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद के नवागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने पदभार ग्रहण करते ही अपनी कार्यशैली का स्पष्ट संकेत दे दिया है। शनिवार को विधिवत कार्यभार संभालने के बाद सोमवार को उन्होंने कार्यालय में पहला कार्यदिवस बिताया, लेकिन उससे पहले ही पुलिस कार्यालय के सभी संभागों और शाखाओं का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था को परख लिया। उनके इस कदम से पुलिस महकमे में अनुशासन और सक्रियता का माहौल बनता नजर आया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने पुलिस लाइन स्थित आदेश कक्ष और उससे जुड़े विभिन्न अनुभागों का विस्तार से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पटल प्रभारियों से</div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168996/new-beginning-in-gorakhpur-police-ssp-dr-kaustubh-in-action"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/p--31.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो- शत्रुघ्नं त्रिपाठी</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद के नवागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने पदभार ग्रहण करते ही अपनी कार्यशैली का स्पष्ट संकेत दे दिया है। शनिवार को विधिवत कार्यभार संभालने के बाद सोमवार को उन्होंने कार्यालय में पहला कार्यदिवस बिताया, लेकिन उससे पहले ही पुलिस कार्यालय के सभी संभागों और शाखाओं का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था को परख लिया। उनके इस कदम से पुलिस महकमे में अनुशासन और सक्रियता का माहौल बनता नजर आया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने पुलिस लाइन स्थित आदेश कक्ष और उससे जुड़े विभिन्न अनुभागों का विस्तार से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पटल प्रभारियों से लंबित मामलों की जानकारी ली और अभिलेखों, रजिस्टरों तथा प्रार्थना पत्रों के रख-रखाव की स्थिति देखी। कई स्थानों पर कमियां मिलने पर उन्होंने तत्काल सुधार के निर्देश दिए और चेताया कि कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने कहा कि पुलिस कार्यालय आम जनता के लिए न्याय और उम्मीद का केंद्र होता है। यहां आने वाला हर फरियादी समाधान की अपेक्षा करता है, ऐसे में शिकायतों को लंबित रखना गलत परंपरा है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन का समय से पंजीकरण किया जाए, उसकी प्रगति नियमित रूप से दर्ज हो और फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ पांडेय, एसपी मंदिर संतोष कुमार तथा सीओ ऑफिस दीपांशी सिंह राठौर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने अनुभाग की कार्यप्रणाली से एसएसपी को अवगत कराया।</div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के अंत में एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने स्पष्ट कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा, जबकि लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई तय है। उनके इस सख्त लेकिन सकारात्मक संदेश से पुलिस महकमे में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और आने वाले दिनों में व्यवस्था में और सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168996/new-beginning-in-gorakhpur-police-ssp-dr-kaustubh-in-action</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 23:08:29 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भूमि विकास बैंक प्रतिनिधि चुनाव में नवाबगंज भदपुरा निर्विरोध हुए प्रत्याशी विजई </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भूमि विकास बैंकों के प्रतिनिधियों के चुनाव हेतु आज नामांकन पत्र दाखिल करने का अवसर था इस पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं पूर्व पालिका अध्यक्ष नवाबगंज भूमि विकास बैंक निर्देशक रविंद्र सिंह राठौड़ नवाबगंज भदपुरा से पूर्व ब्लाक प्रमुख हर प्रसाद गंगवार के नामांकन पत्र दाखिल किए गए इनके विपरीत किसी भी राजनीतिक दल ने अपना नामांकन पत्र दाखिल करने की जनमत नहीं जुटाई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इस चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का समय 3:00 बजे था 3:00 बजे तक किसी भी दूसरे प्रत्याशी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया जिसके तहत दोनों</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img_20260120_183909.jpg" alt="भूमि विकास बैंक प्रतिनिधि चुनाव में नवाबगंज भदपुरा निर्विरोध हुए प्रत्याशी विजई " width="1200" height="800" /></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166866/nawabganj-bhadpura-candidate-vijay-was-unopposed-in-the-bhoomi-vikas"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img_20260120_183909.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भूमि विकास बैंकों के प्रतिनिधियों के चुनाव हेतु आज नामांकन पत्र दाखिल करने का अवसर था इस पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं पूर्व पालिका अध्यक्ष नवाबगंज भूमि विकास बैंक निर्देशक रविंद्र सिंह राठौड़ नवाबगंज भदपुरा से पूर्व ब्लाक प्रमुख हर प्रसाद गंगवार के नामांकन पत्र दाखिल किए गए इनके विपरीत किसी भी राजनीतिक दल ने अपना नामांकन पत्र दाखिल करने की जनमत नहीं जुटाई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का समय 3:00 बजे था 3:00 बजे तक किसी भी दूसरे प्रत्याशी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया जिसके तहत दोनों प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित मान लिया गया परंतु चुनावी प्रक्रिया के तहत इनको 22 जनवरी को निर्विरोध निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img_20260120_183909.jpg" alt="भूमि विकास बैंक प्रतिनिधि चुनाव में नवाबगंज भदपुरा निर्विरोध हुए प्रत्याशी विजई " width="1200" height="800"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> भदपुरा से पूर्व ब्लाक प्रमुख हर प्रसाद गंगवार के निर्विरोध निर्वाचित होने पर ब्लॉक प्रांगण में ब्लॉक प्रमुख रवि शंकर गंगवार ने प्रत्याशी के निर्विरोध होने पर उन्हें फूल मलाई पहनकर एवं मिष्ठान खिलाकर स्वागत किया इस अवसर पर प्रधान संघ अध्यक्ष राम प्रताप गंगवार विधायक आर्य के अनुज लेखराज गंगवार भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष राजीव गंगवार मंडल अध्यक्ष गणेश प्रसाद गन्ना समिति अध्यक्ष निर्भय गंगवार गन्ना समिति डायरेक्टर पीतांबर सिंह राकेश गंगवार गन्ना समिति उपाध्यक्ष सर्वेश गंगवार के साथ ही अनेकों प्रधान गण उपस्थित थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> नवाबगंज से रविंद्र सिंह राठौड़ के निर्विरोध जीतने पर उनके फार्म हाउस बायपास रोड स्थित पर विधायक डॉक्टर एमपी आर्य नवाबगंज पालिका अध्यक्ष पति भाजपा जिला उपाध्यक्ष नीरेंद्र सिंह राठौड़ शशि कपूर रोहित गंगवार समेत अनेकों लोगों ने उनकी जीत पर बधाई दी और हर्ष व्यक्ति किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इधर भदपुरा ब्लॉक प्रमुख रवि शंकर गंगवार दोनों प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचित होने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा देश व प्रदेश में भाजपा की सरकार द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारियों की वजह से विरोधियों के साहस टूटे जा रहे हैं अब जनता भाजपा के साथ मजबूती से खड़ी है जिसका परिणाम स्वरूप दोनों प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित किए गए हैं इसके लिए उन्होंने देश व प्रदेश का नेतृत्व कर रहे प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के कार्यों की सराहना करते हुए कहा यह उनके कार्य कुशलता का परिणाम है जिसके तहत दोनों प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।</div>]]>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166866/nawabganj-bhadpura-candidate-vijay-was-unopposed-in-the-bhoomi-vikas</link>
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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 21:38:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>डीएम ने सीएमओ कार्यालय का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;">स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  बलरामपुर जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव, बजट प्रबंधन एवं औषधि भंडारण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेडिकल बोर्ड कक्ष, डिस्पैच रजिस्टर, पीसीपीएनडीटी कक्ष, वैक्सीन स्टोर, लेखा कक्ष, आईडीएसपी सेल, क्वालिटी सेल, आयुष्मान भारत कक्ष, जिला मलेरिया कक्ष एवं मेडिसिन स्टोर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने निर्देश दिए</div>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166860/dm-conducted-a-surprise-inspection-of-cmo-office-and-thoroughly"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260120-wa0448.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> बलरामपुर जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव, बजट प्रबंधन एवं औषधि भंडारण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेडिकल बोर्ड कक्ष, डिस्पैच रजिस्टर, पीसीपीएनडीटी कक्ष, वैक्सीन स्टोर, लेखा कक्ष, आईडीएसपी सेल, क्वालिटी सेल, आयुष्मान भारत कक्ष, जिला मलेरिया कक्ष एवं मेडिसिन स्टोर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (एसीएमओ) का स्पष्ट कार्य-विभाजन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रत्येक जिम्मेदारी निर्धारित हो और कार्यों में पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता बनी रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उन्होंने कार्यालय में अभिलेखों के व्यवस्थित रख-रखाव पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देशित किया कि सभी अलमारियों/रेक में रखे अभिलेखों की सूची/जानकारी स्पष्ट रूप से चस्पा की जाए, जिससे आवश्यकता के समय दस्तावेज शीघ्र उपलब्ध हो सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेडिकल रिम्बर्समेंट से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ऐसी सभी फाइलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों/हितग्राहियों को अनावश्यक विलंब न हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने विभिन्न मदों में उपलब्ध बजट की समीक्षा करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति के निकट है, अतः सभी स्वीकृत बजट का समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यकतानुसार फर्नीचर व्यवस्था एवं रंग-रोगन हेतु उपलब्ध बजट का नियमानुसार उपयोग किया जाए, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर वातावरण व सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मेडिसिन स्टोर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्टॉक पंजिका का अवलोकन कर दवा स्टॉक का मिलान किया तथा निर्देश दिए कि स्टॉक रजिस्टर नियमित रूप से मेंटेन एवं अपडेट रखा जाए, ताकि किसी भी स्तर पर औषधियों की उपलब्धता प्रभावित न हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मुकेश रस्तोगी व अन्य संबंधित अधिकारी / कर्मचारीगण उपस्थित रहें।</div>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 21:29:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एनडीटीवी केस: हाईकोर्ट ने प्रणय और राधिका रॉय को भेजे आयकर नोटिस रद्द किए, विभाग पर जुर्माना।</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></blockquote><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली हाईकोर्ट ने एनडीटीवी के संस्थापकों प्रणय रॉय और राधिका रॉय को मार्च </span>2016<span lang="hi" xml:lang="hi">  में जारी किए गए इनकम टैक्स री-असेसमेंट नोटिस रद्द कर दिए हैं. इसके अलावा अदालत ने आयकर विभाग पर कुल </span>2<span lang="hi" xml:lang="hi">  लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए निर्देश दिया है कि प्रत्येक याचिकाकर्ता को </span>1–1<span lang="hi" xml:lang="hi">  लाख रुपये दिए जाएं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ज्ञात हो कि ये नोटिस एनडीटीवी के प्रमोटर समूह की कंपनी आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड को कथित रूप से बिना ब्याज दिए गए ऋण से जुड़े थे. इस मामले में विस्तृत फैसला अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस</span></p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166827/ndtv-case-high-court-cancels-income-tax-notices-sent-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/delhi-high-court.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></blockquote><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली हाईकोर्ट ने एनडीटीवी के संस्थापकों प्रणय रॉय और राधिका रॉय को मार्च </span>2016<span lang="hi" xml:lang="hi"> में जारी किए गए इनकम टैक्स री-असेसमेंट नोटिस रद्द कर दिए हैं. इसके अलावा अदालत ने आयकर विभाग पर कुल </span>2<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए निर्देश दिया है कि प्रत्येक याचिकाकर्ता को </span>1–1<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये दिए जाएं.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ज्ञात हो कि ये नोटिस एनडीटीवी के प्रमोटर समूह की कंपनी आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड को कथित रूप से बिना ब्याज दिए गए ऋण से जुड़े थे. इस मामले में विस्तृत फैसला अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनोद कुमार की खंडपीठ ने माना कि आयकर विभाग द्वारा आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े लेन-देन को दोबारा खंगालने की कोशिश गलत थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इनकी पहले ही जांच हो चुकी थी.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने रॉय दंपति की इस दलील से सहमति जताई कि एक ही मामले का दोबारा आकलन करना आयकर अधिनियम के तहत ‘राय में बदलाव’ (चेंज ऑफ ओपिनियन) के बराबर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो स्वीकार्य नहीं है.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बिज़नेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयकर विभाग ने आरोप लगाया था कि विश्‍वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड से आरआरपीआर को दिया गया </span>403.85<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ ही आरआरपीआर और रॉय दंपति के बीच हुए शेयर ट्रांसफर की एक श्रृंखला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर से बचने के उद्देश्य से की गई ‘दिखावटी लेन-देन’ (कलरेबल ट्रांजैक्शन) थे.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रॉय दंपति ने नवंबर </span>2017<span lang="hi" xml:lang="hi"> में इस री-असेसमेंट के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया था. उन्होंने बताया कि आयकर विभाग जुलाई </span>2011<span lang="hi" xml:lang="hi"> में पहले ही आकलन दोबारा खोल चुका था और उस दौरान इन्हीं मुद्दों की जांच की गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका निपटारा मार्च </span>2013<span lang="hi" xml:lang="hi"> में पारित री-असेसमेंट आदेश के साथ हो गया था.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रॉय दंपति ने नवंबर </span>2017<span lang="hi" xml:lang="hi"> में हाईकोर्ट का रुख किया था. उनका कहना था कि यह री-असेसमेंट की कार्यवाही उसी आकलन वर्ष (असेसमेंट ईयर) के लिए दूसरी बार आकलन दोबारा खोलने के बराबर है.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने दलील दी थी कि विभाग पहले ही जुलाई </span>2011<span lang="hi" xml:lang="hi"> में आकलन दोबारा खोल चुका था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका निपटारा मार्च </span>2013<span lang="hi" xml:lang="hi"> में पुनर्मूल्यांकन आदेश के साथ हो गया था. पीठ ने माना कि आयकर विभाग पहले की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में जांचे जा चुके मुद्दों को दोबारा नहीं उठा सकता.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने आयकर विभाग के अधिकारियों पर जुर्माना भी लगाया और कहा कि ऐसे मामलों में कोई भी राशि पर्याप्त नहीं हो सकती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन एक प्रतीकात्मक जुर्माना लगाना ज़रूरी है.</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रिपोर्ट में बताया गया कि री-असेसमेंट नोटिस से जुड़ी सभी आगे की कार्यवाहियों को भी रद्द कर दिया गया है. अदालत ने आदेश दिया</span>, ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों रिट याचिकाएं स्वीकार की जाती हैं. याचिकाकर्ताओं को </span>31<span lang="hi" xml:lang="hi"> मार्च </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को जारी नोटिस तथा उनके आधार पर पारित कोई भी आदेश या शुरू की गई कोई भी कार्यवाही रद्द की जाती है.</span></p>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 20:00:14 +0530</pubDate>
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