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                <title>समस्या - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>समस्या RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>चौका नदी पर पुल की मांग को लेकर सुमरावा ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[सुमरावा, हाजीपुर, घासीपुर, अदवारी, करेहका ऊंचागांव समेत आसपास के दर्जनों गांवों के निवासियों ने संयुक्त आवेदन में बताया कि चौका नदी दोनों किनारों पर बसे इन गांवों को जोड़ने के लिए कोई स्थायी पुल नहीं है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176330/sumrava-villagers-wrote-a-letter-to-the-chief-minister-demanding"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260416-wa0025.jpg" alt=""></a><br /><p>सुमरावा (सकरन ब्लॉक) के  ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चौका नदी पर पक्के पुल के शीघ्र निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल न होने के कारण रोजमर्रा की जिंदगी, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।सुमरावा, हाजीपुर, घासीपुर, अदवारी, करेहका ऊंचागांव समेत आसपास के दर्जनों गांवों के निवासियों ने संयुक्त आवेदन में बताया कि चौका नदी दोनों किनारों पर बसे इन गांवों को जोड़ने के लिए कोई स्थायी पुल नहीं है। खासकर मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ जाने से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है और नाव के सहारे पार करने में जान का खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>आवेदन में मुख्य समस्याओं का उल्लेख किया गया है:</strong></p>
<p><strong>आवागमन में भारी कठिनाई, विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए। </strong></p>
<p><strong>बरसात में नाव से पार करते समय दुर्घटना का लगातार खतरा।किसानों को अपनी फसल नदी पार ले जाने में परेशानी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। </strong></p>
<p>मांग पत्र पर <strong>दीपक कुमार, साबिर खान, लवकुश,उमेश पटेल, सारजन गिरि, अनुराग पांडे, अनवर, रंजीत निर्मल,रिंकू</strong> सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए चौका नदी पर पक्के पुल के निर्माण की स्वीकृति शीघ्र प्रदान की जाए। ग्रामीणों ने लिखा है कि यह पुल क्षेत्र के हजारों निवासियों के लिए एक वरदान साबित होगा।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।सीतापुर जिले के कई इलाकों में नदियों पर पुलों की कमी लंबे समय से विकास की राह में बाधक बनी हुई है। यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू किया जाता है तो क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।</p>
<p><strong> नितिन कुमार (संवाददाता) सुमरावा सीतापुर। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:04:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sachin Bajpai]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनभद्र के आदर्श नगर पंचायत चोपन में बाल श्रम और नियमों का उल्लंघन ,वार्ड 10 में चल रहे निर्माण कार्य पर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[लोगों ने किया संबंधित ठेकेदार  को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152223/question-on-the-ongoing-construction-work-in-ward-10-violation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/img_20250529_212250.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह (ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/उत्तर प्रदेश -</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">सोनभद्र जिले की आदर्श नगर पंचायत चोपन के वार्ड नंबर 10 में चल रहे निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं और नियमों का सीधा उल्लंघन सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन कार्यों में नाबालिग बच्चों से वाहन चलाने का कार्य कराया जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से बाल श्रम कानूनों का उल्लंघन है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-05/img_20250529_211807.jpg" alt="IMG_20250529_211807" width="720" height="400"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं, जेसीबी जैसे भारी मशीनरी के चालकों के पास वैध लाइसेंस का न होना भी एक बड़ा सुरक्षा जोखिम और कानूनी उल्लंघन है।यह एक अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक विषय है।गौर तलब है कि इन दिनों नगर पंचायत के भीतर चल रहे विकास कार्यों में ही बाल श्रमिकों से कार्य कराया जा रहा है जो भारतीय कानून के अनुसार 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना गैर-कानूनी है और 14 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों से खतरनाक व्यवसायों में काम कराना प्रतिबंधित है। निर्माण कार्य और वाहन चलाना, दोनों ही श्रेणी में आते हैं जो बच्चों के लिए खतरनाक हो सकते हैं।नाबालिक बच्चों को काम पर लगाना न केवल उनके बचपन और शिक्षा के अधिकार का हनन है, बल्कि यह उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है।</p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-05/vid-20250529-wa0032.mp4" controls=""></video>
<p style="text-align:justify;">ऐसे कार्यों में दुर्घटनाओं का जोखिम भी बहुत अधिक होता है।बाल श्रम को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें जुर्माना और कारावास दोनों शामिल हैं। यह देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।मामले की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब जेसीबी के ड्राइवर से पूछताछ में पता चला कि उसके पास वैध लाइसेंस भी नहीं है। जेसीबी जैसे भारी वाहन को चलाने के लिए विशेष कौशल और वैध ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">बिना लाइसेंस के ऐसे वाहन को चलाना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है।एक अनुभवहीन और गैर-लाइसेंसशुदा चालक द्वारा भारी मशीनरी का संचालन करने से कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं का दावत देने के साथ जोखिम भरा है और जोखिम का ग्राफ कई गुना बढ़ जाता है, जिससे मजदूरों और आम जनता दोनों की जान को खतरा हो सकता है।ठेकेदार या संबंधित अधिकारी, जो ऐसे अवैध रूप से नियुक्त चालकों को काम पर रख रहे हैं, सीधे तौर पर कानूनी जवाबदेही के दायरे में आते हैं।यह घटना आदर्श नगर पंचायत चोपन के नाम पर ही सवालिया निशान खड़ा करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक आदर्श नगर पंचायत से अपेक्षा की जाती है कि वह कानून का पालन करे, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और विकास कार्यों में पारदर्शिता और नैतिक मानकों को बनाए रखे। ऐसे में यह लापरवाही कई गंभीर प्रश्न उठाती है।क्या नगर पंचायत ने इन कार्यों के लिए ठेकेदारों को नियुक्त करते समय उनकी पृष्ठभूमि और श्रम कानूनों के पालन की जांच की थी।क्या निर्माण कार्यों का नियमित रूप से पर्यवेक्षण नहीं किया जा रहा है? यदि पर्यवेक्षण होता, तो ऐसी अनियमितताएं तुरंत पकड़ में आनी चाहिए थीं।क्या स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी इन गंभीर उल्लंघनों से अनजान हैं, या जानबूझकर इन पर आंखें मूंद रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आवश्यक कार्रवाई और आगे का रास्ता यह मामला तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग करता है। संबंधित अधिकारियों को त्वरित जांच करनी चाहिए और निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए।वार्ड नंबर 10 में चल रहे निर्माण कार्यों को तुरंत रोका जाए और सभी आरोपों की गहन जांच की जाए।यदि नाबालिग बच्चों से काम कराया जा रहा है, तो उन्हें तुरंत काम से हटाया जाए, उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाए और उन्हें शिक्षा से जोड़ा जाए।सभी वाहन चालकों के लाइसेंस की जांच की जाए और बिना लाइसेंस वाले चालकों को तुरंत हटाया जाए।नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन अधिकारियों की निगरानी में यह कार्य चल रहा था उनकी जवाबदेही तय की जाए और लापरवाही पाए जाने पर उन पर भी कार्रवाई हो।स्थानीय स्तर पर बाल श्रम और सुरक्षित कार्यप्रणाली के बारे में जागरूकता अभियान चलाए जाएं। चोपन नगर पंचायत को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसे नियमों का उल्लंघन न हो और विकास कार्य वास्तव में आदर्श मानकों के अनुरूप हों, जहाँ कानून का सम्मान हो और सभी नागरिकों, विशेषकर बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जाए। यह घटना सोनभद्र में समग्र प्रशासनिक निगरानी और प्रवर्तन प्रणाली पर भी सवाल उठाती है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 May 2025 21:40:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विद्युत नगरी ओबरा में 'चिराग तले अंधेरा', बिजली कटौती से त्रस्त उपभोक्ता</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय लोगों ने लगाया अधिकारियों के ऊपर मनमानी का आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151151/consumers-stricken-by-dark-power-cuts-under-the-lamp-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-04/img-20250418-wa0007.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>गौरव चौहान (संवाददाता) </em></strong></p>
<p><strong><em>ओबरा/सोनभद्र- </em></strong> विद्युत नगरी के रूप में पहचान रखने वाले ओबरा में "चिराग तले अंधेरा" की कहावत चरितार्थ हो रही है। एशिया के सबसे बड़े पावर प्लांट में से एक ओबरा नगर में स्थित होने के बावजूद, यहां के पीसीएल (पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति भी नसीब नहीं हो पा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">विडंबना यह है कि सुविधा के नाम पर यहां के निवासी केवल परियोजना से निकलने वाला धुआं और प्रदूषण झेलने को मजबूर हैं। ओबरा तहसील मुख्यालय होने के साथ-साथ प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गौड़ का गृह क्षेत्र भी है, लेकिन बिजली आपूर्ति की बदहाल स्थिति इन सभी दावों को खोखला साबित कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीसीएल विभाग में लगातार फाल्ट के नाम पर हो रही अघोषित विद्युत कटौती से उपभोक्ता बुरी तरह परेशान हैं। आए दिन फाल्ट का बहाना बनाकर कभी 12 घंटे तो कभी पूरे 24 घंटे बिजली गुल रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अभी गर्मी की शुरुआत ही हुई है और विद्युत विभाग ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। घरों में लगे स्मार्ट मीटर केवल कहने भर को स्मार्ट हैं, जबकि विद्युत व्यवस्था आज भी अपनी पुरानी और जर्जर स्थिति से उबरने का नाम नहीं ले रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरुवार की रात को ओबरा नगर के सेक्टर 10 सब स्टेशन से होने वाली आपूर्ति में मुख्य बाजार चूड़ी गली की विद्युत सप्लाई अचानक रात 11 बजे से एक फेज गायब हो गई, जो पूरी रात बाधित रही। कुछ उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग से संपर्क कर इसकी सूचना दी,</p>
<p style="text-align:justify;">तो संबंधित क्षेत्र के विद्युत संविदा कर्मी ने यह कहकर फोन काट दिया कि रात में कुछ नहीं हो सकता और विद्युत व्यवस्था ठीक करने के लिए सुबह तक इंतजार करना होगा, क्योंकि रात्रि में कोई स्टाफ उपलब्ध नहीं है। इस लापरवाही के चलते भीषण गर्मी में रात भर सैकड़ों घरों में बिजली गुल रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आए दिन हो रही इस तरह की समस्याओं से उपभोक्ता त्रस्त हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मियों में कई घरों में अवैध रूप से लगे एयर कंडीशनर के कारण बिजली की सप्लाई अक्सर ट्रिप हो जाती है और लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। ऐसे में सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर ऑफिस और अन्य कार्यों के लिए निकलने वाले कर्मचारी तक परेशान रहे और विद्युत विभाग के अधिकारियों को कोसते रहे। यह स्थिति केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि लगभग हर दिन फाल्ट के नाम पर घंटों बिजली कटौती कर उपभोक्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/151151/consumers-stricken-by-dark-power-cuts-under-the-lamp-in</link>
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                <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 09:20:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरही विधानसभा में बिजली की समस्या को लेकर हज़ारीबाग अधीक्षण अभियंता से मिले पूर्व विधायक मनोज यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<h3>बरही विधानसभा में बिजली की समस्या को लेकर हज़ारीबाग अधीक्षण अभियंता से मिले पूर्व विधायक मनोज यादव</h3>
<p><strong>बरही- धनंजय कुमार </strong></p>
<p>बरही विधानसभा क्षेत्र में बिजली की समस्या को लेकर हज़ारीबाग अधीक्षण अभियंता से पूर्व विधायक मनोज कुमार यादव ने मुलाकात किया। ज्ञात हो कि बिजली आँख मिचौनी एंव जले हुए ट्रांसफार्मर का विभाग को सुचना देने के बाद समय पर ट्रांसफार्मर रिप्लेस नहीं होने से आम जन को इस उमस भरी गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि चौपारण चटट्टी में 200 केवीए का ट्रांसफार्मर जला हुआ है, बरही प्रखंड अंतर्गत भण्डारो पंचायत के ग्राम बैरीसाल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/132892/former-mla-manoj-yadav-met-hazaribagh-superintendent-engineer-regarding-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/untitled1.jpg" alt=""></a><br /><h3>बरही विधानसभा में बिजली की समस्या को लेकर हज़ारीबाग अधीक्षण अभियंता से मिले पूर्व विधायक मनोज यादव</h3>
<p><strong>बरही- धनंजय कुमार </strong></p>
<p>बरही विधानसभा क्षेत्र में बिजली की समस्या को लेकर हज़ारीबाग अधीक्षण अभियंता से पूर्व विधायक मनोज कुमार यादव ने मुलाकात किया। ज्ञात हो कि बिजली आँख मिचौनी एंव जले हुए ट्रांसफार्मर का विभाग को सुचना देने के बाद समय पर ट्रांसफार्मर रिप्लेस नहीं होने से आम जन को इस उमस भरी गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि चौपारण चटट्टी में 200 केवीए का ट्रांसफार्मर जला हुआ है, बरही प्रखंड अंतर्गत भण्डारो पंचायत के ग्राम बैरीसाल में  एंव चौपारण प्रखंड के ग्राम जोकट तिलैया में बोधो भुइया के घर के पास 25 केवीए का ट्रांसफार्मर ज्यादा ग्राहक होने से लोड नहीं ले पा रहा है। पूर्व विधायक ने अधीक्षण अभियंता को सुझाव दिया कि आम जनों के समस्या को तत्काल संज्ञान मे लिया जाये। इसपर अधीक्षण अभियंता ने सकारात्मक जबाब देते हुए कहा कि शीघ्र ही चौपारण चट्टी 200 केवीए का ट्रांसफार्मर रिप्लेस कर दिया जायेगा और जँहा 25 केवीए के ट्रांसफार्मर से लोड नहीं संभल रहा है, उसे बढ़ाते हुए 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जायेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Jul 2023 17:37:15 +0530</pubDate>
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