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                <title>रैविज संक्रमण का भय # उरुआ क्षेत्र का मामला - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>रैविज संक्रमण का भय # उरुआ क्षेत्र का मामला RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गोरखपुर में हड़कंप: रेबीज संक्रमित भैंस का दूध पीने वाले 30 लोगों ने लगवाए एंटी-रेबीज इंजेक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>जिला ब्युरो/ कार्यालय गोरखपुर (यूपी)</strong></p>
<p><strong>गोरखपुर</strong> जिले के उरुवा क्षेत्र स्थित बेसहनी गांव में रेबीज से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। यहां एक भैंस, जिसे करीब दो महीने पहले पागल कुत्ते ने काट लिया था, रेबीज से संक्रमित हो गई और 17 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। भैंस की मौत के बाद यह खुलासा हुआ कि उसका दूध गांव के करीब 30 लोग नियमित रूप से पी रहे थे, जिससे हड़कंप मच गया।</p>
<p><strong>भैंस की हालत बिगड़ने पर हुआ खुलासा</strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार, भैंस के मालिक अभय नाथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176909/panic-in-gorakhpur-30-people-who-drank-milk-of-rabies"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img_20260422_115125.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जिला ब्युरो/ कार्यालय गोरखपुर (यूपी)</strong></p>
<p><strong>गोरखपुर</strong> जिले के उरुवा क्षेत्र स्थित बेसहनी गांव में रेबीज से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। यहां एक भैंस, जिसे करीब दो महीने पहले पागल कुत्ते ने काट लिया था, रेबीज से संक्रमित हो गई और 17 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। भैंस की मौत के बाद यह खुलासा हुआ कि उसका दूध गांव के करीब 30 लोग नियमित रूप से पी रहे थे, जिससे हड़कंप मच गया।</p>
<p><strong>भैंस की हालत बिगड़ने पर हुआ खुलासा</strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार, भैंस के मालिक अभय नाथ को कुत्ते के काटने की जानकारी उस समय हुई जब भैंस ने अचानक खाना-पीना छोड़ दिया और उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। पशु चिकित्सक को बुलाकर जांच कराई गई, जिसमें भैंस के रेबीज संक्रमित होने की पुष्टि हुई। अगले ही दिन भैंस की मौत हो गई, जिससे गांव में भय का माहौल बन गया।</p>
<p><strong>दो परिवारों के 30 लोग थे दूध उपभोक्ता</strong></p>
<p>बताया जा रहा है कि भैंस का दूध अभय नाथ के परिवार के करीब 15 सदस्य और दूध निकालने वाले ग्वाला संत यादव के परिवार के लगभग 15 सदस्य इस्तेमाल करते थे। कुल मिलाकर 30 लोग इस दूध का सेवन कर रहे थे। जैसे ही भैंस के रेबीज संक्रमित होने की जानकारी सामने आई, सभी लोग डर के साये में आ गए और तत्काल चिकित्सा सहायता लेने का निर्णय लिया।</p>
<p><strong>सभी ने लगवाए एंटी-रेबीज इंजेक्शन</strong></p>
<p>डॉक्टरों की सलाह पर सभी प्रभावित लोग उरुवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचे, जहां उन्हें एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई। इंजेक्शन लगवाने वालों में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी को आवश्यक उपचार और परामर्श दिया।</p>
<p><strong>डॉक्टरों की सलाह: उबला दूध सुरक्षित</strong></p>
<p>उरुवा पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जे.पी. तिवारी ने बताया कि रेबीज संक्रमित पशु का कच्चा दूध पीना जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि, यदि दूध को अच्छी तरह उबालकर या चाय के रूप में सेवन किया जाए तो संक्रमण का खतरा नहीं रहता। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।</p>
<p><strong>प्रशासन ने लोगों से बरतने को कहा एहतियात</strong></p>
<p>घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गांव में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को पशुओं के व्यवहार में बदलाव पर नजर रखने और समय रहते सूचना देने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात बरतने की अपील लगातार की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:52:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[शत्रुघन मणि त्रिपाठी ]]></dc:creator>
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