<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/7875/%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>पर्यावरण संरक्षण - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/7875/rss</link>
                <description>पर्यावरण संरक्षण RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>प्रतिबंधित चाइनीज मांझा व सिंथेटिक मांझे की बिक्री पर पूर्ण रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी। </strong> उच्च न्यायालय के आदेशों तथा उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में राज्य कर विभाग, अमेठी में उपायुक्त पीयूषकांत श्रीवास्तव की अध्यक्षता में स्थानीय छोटे दुकानदारों एवं व्यापारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एवं सिंथेटिक मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करना था। उपायुक्त ने बताया कि अमेठी जनपद में कोई निर्माता (मैन्युफैक्चरर) नहीं है और यहां मुख्य रूप से छोटे व्यापारी ही मांझे की खरीद-बिक्री करते हैं। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ऐसे में सभी व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे प्रतिबंधित सिंथेटिक मांझा, सीसायुक्त (प्लास्टिक कोटेड) मांझा,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183119/complete-ban-on-sale-of-banned-chinese-manja-and-synthetic"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1-2.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी। </strong> उच्च न्यायालय के आदेशों तथा उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में राज्य कर विभाग, अमेठी में उपायुक्त पीयूषकांत श्रीवास्तव की अध्यक्षता में स्थानीय छोटे दुकानदारों एवं व्यापारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एवं सिंथेटिक मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करना था। उपायुक्त ने बताया कि अमेठी जनपद में कोई निर्माता (मैन्युफैक्चरर) नहीं है और यहां मुख्य रूप से छोटे व्यापारी ही मांझे की खरीद-बिक्री करते हैं। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ऐसे में सभी व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे प्रतिबंधित सिंथेटिक मांझा, सीसायुक्त (प्लास्टिक कोटेड) मांझा, नायलॉन पतंग डोरी तथा चाइनीज मांझे का भंडारण, उपयोग और बिक्री पूरी तरह बंद करें। बैठक में उपायुक्त ने बताया कि नायलॉन एवं सिंथेटिक मांझा अत्यंत खतरनाक होता है। इससे दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों और पक्षियों के घायल होने तथा जान जाने जैसी गंभीर घटनाएं सामने आती रही हैं। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इसलिए जनहित और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी छोटा या बड़ा दुकानदार प्रतिबंधित मांझे की खरीद-बिक्री अथवा भंडारण में संलिप्त पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपस्थित सभी व्यापारियों ने जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेते हुए प्रतिबंधित मांझे की बिक्री नहीं करने का सामूहिक आश्वासन दिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183119/complete-ban-on-sale-of-banned-chinese-manja-and-synthetic</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183119/complete-ban-on-sale-of-banned-chinese-manja-and-synthetic</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:42:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1-2.jpg"                         length="158072"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरे पेड़ों की अवैध कटान से ग्रामीणों में आक्रोश, वन विभाग व पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के कप्तान गंज  वन रेंज के दुबौलिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सरैया बक्शी के राजस्व गांव रमवापुर एवं ग्राम पंचायत रमवापुर राजा में कथित रूप से बिना अनुमति हरे आम और महुआ के पेड़ों की अवैध कटान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लंबे समय से लकड़ी माफिया सक्रिय हैं और शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग और स्थानीय पुलिस समय पर सख्ती से कार्रवाई करे तो हरे पेड़ों की कटान पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182775/villagers-angry-over-illegal-felling-of-green-trees-questions-raised"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0077.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के कप्तान गंज  वन रेंज के दुबौलिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सरैया बक्शी के राजस्व गांव रमवापुर एवं ग्राम पंचायत रमवापुर राजा में कथित रूप से बिना अनुमति हरे आम और महुआ के पेड़ों की अवैध कटान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लंबे समय से लकड़ी माफिया सक्रिय हैं और शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग और स्थानीय पुलिस समय पर सख्ती से कार्रवाई करे तो हरे पेड़ों की कटान पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। उनका आरोप है कि लगातार हो रही अवैध कटान से जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने मामले से जुड़े साक्ष्य और रिकॉर्डिंग संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई है तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि हरे पेड़ों की अंधाधुंध कटान से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है और शासन की पर्यावरण संरक्षण नीति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही या संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाचार लिखे जाने तक वन विभाग और स्थानीय पुलिस का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका था। संबंधित विभागों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182775/villagers-angry-over-illegal-felling-of-green-trees-questions-raised</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182775/villagers-angry-over-illegal-felling-of-green-trees-questions-raised</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:28:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260705-wa0077.jpg"                         length="338503"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण,  भव्य आयोजन आज</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में 29 जून 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आज विश्वविद्यालय में विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसके उपरांत संपूर्ण कार्यक्रम का अंतिम पूर्वाभ्यास सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यों ने विद्वत पारियात्र के साथ दीक्षांत समारोह की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में जनभवन द्वारा नामित दो नए सदस्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182237/all-preparations-for-tenth-convocation-ceremony-completed-grand-event-today"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782655142971.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में 29 जून 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आज विश्वविद्यालय में विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसके उपरांत संपूर्ण कार्यक्रम का अंतिम पूर्वाभ्यास सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यों ने विद्वत पारियात्र के साथ दीक्षांत समारोह की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में जनभवन द्वारा नामित दो नए सदस्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल कुमार तथा बापू महाविद्यालय, पीपीगंज, गोरखपुर की प्राचार्य डॉ. मंजू मिश्रा भी समारोह में सम्मिलित होंगी। दीक्षांत समारोह में 19 कार्य परिषद सदस्य एवं 51 विद्या परिषद सदस्य सहभागिता करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दशम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल करेंगी। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यावरणविद् डॉ. मधुलिका अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री  रजनी तिवारी उपस्थित रहेंगी। रविवार सायंकाल  राज्यपाल का सिद्धार्थ विश्वविद्यालय आगमन प्रस्तावित है तथा उनके सम्मान में विश्वविद्यालय के कला संकाय सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कल दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ प्रातः 10:00 बजे वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगीत की प्रस्तुति से होगा तथा समापन राष्ट्रगान एवं विद्वत पारियात्रा के प्रत्यावर्तन के साथ किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष दीक्षांत समारोह का मुख्य आकर्षण स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी होंगे। विश्वविद्यालय द्वारा कुल 37 स्वर्ण पदक, जिनमें 13 डोनर स्वर्ण पदक शामिल हैं, प्रदान किए जाएंगे। विशेष रूप से 13 ऐसे विद्यार्थी हैं जिन्हें दो या दो से अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त हो रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह में पीएच.डी. उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों को उपाधि प्रदान की जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चार शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखित आठ पुस्तकों का लोकार्पण, दीक्षा उत्सव कार्यक्रम की झलकियां पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन, नवनिर्मित बालगृह ‘किलकारी’ एवं दिव्यांगजन सुविधायुक्त डिजिटलाइज्ड लाइब्रेरी का लोकार्पण भी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गोद लिए गए गांवों के बच्चों द्वारा पर्यावरण एवं जल संरक्षण विषयक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि, दशम दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों, समाज के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता और नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के समन्वय के साथ निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। यह दीक्षांत समारोह हमारे विद्यार्थियों, शिक्षकों और समस्त विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का गौरवपूर्ण प्रतीक बनेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182237/all-preparations-for-tenth-convocation-ceremony-completed-grand-event-today</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182237/all-preparations-for-tenth-convocation-ceremony-completed-grand-event-today</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 22:34:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1782655142971.jpg"                         length="193646"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दशम दीक्षांत समारोह के लिए तैयारियां अंतिम चरण में, 28 जून को विश्वविद्यालय पहुंचेंगी कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने बताया कि विश्वविद्यालय का दशम दीक्षांत समारोह आगामी 29 जून, 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।कुलपति ने अपने विज्ञप्ति में बताया कि जन भवन से प्राप्त सूचना के आधार पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 28 जून को अपराह्न विश्वविद्यालय परिसर में आगमन करेंगी तथा अगले दिन आयोजित दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर विद्यार्थियों को उपाधि एवं पदक प्रदान करेंगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि प्रतिष्ठित पर्यावरणविद् एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. मधूलिका अग्रवाल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182187/chancellor-anandiben-patel-will-reach-the-university-on-june-28"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782570999060.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने बताया कि विश्वविद्यालय का दशम दीक्षांत समारोह आगामी 29 जून, 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।कुलपति ने अपने विज्ञप्ति में बताया कि जन भवन से प्राप्त सूचना के आधार पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 28 जून को अपराह्न विश्वविद्यालय परिसर में आगमन करेंगी तथा अगले दिन आयोजित दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर विद्यार्थियों को उपाधि एवं पदक प्रदान करेंगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि प्रतिष्ठित पर्यावरणविद् एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. मधूलिका अग्रवाल होंगी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय अति विशिष्ट अतिथि तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि दीक्षांत कार्यक्रम में एक से अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के माता-पिता को भी मंच तक आमंत्रित किया जाएगा, जिससे वे अपने बच्चों की उपलब्धि के इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बन सकें। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के छोटे बच्चों द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">पर्यावरण संरक्षण विषयक आयोजित भाषण, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन विद्यार्थियों को भी कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा सम्मानित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भाषण प्रतियोगिता में कक्षा-7 की खुशी कुमारी, निबंध प्रतियोगिता में कक्षा-8 की रंजनी गुप्ता तथा चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा-8 की मधु को पुरस्कृत किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">कुलपति ने बताया कि जनभवन से प्राप्त निर्देशों के आधार पर इस वर्ष दीक्षांत समारोह के अवसर पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों से चार शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए निर्धारित प्रोफार्मा पूर्व में ही विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों को उपलब्ध करा दिया गया था। प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग के उपरांत चयनित शिक्षकों के नाम घोषित किए जाएंगे तथा उन्हें कुलाधिपति द्वारा मंच से सम्मानित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी बताया कि दीक्षांत समारोह के अवसर पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के आठ शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का लोकार्पण भी मंच से कुलाधिपति के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोधपरक उपलब्धियों का महत्वपूर्ण प्रतिफल है।  साथ ही स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को उनके संबंधित संकायाध्यक्षों के माध्यम से प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। इस बार समारोह की व्यवस्था पूर्व वर्षों की अपेक्षा अधिक व्यवस्थित एवं सहभागी स्वरूप में की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुलपति ने बताया कि कुलाधिपति की उपस्थिति गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह के सभागार में रहेगी तथा वहां से संपूर्ण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों में किया जाएगा। संबंधित संकायों के विद्यार्थी अपने-अपने संकायों में बैठकर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देख सकेंगे तथा इन स्थलों पर शिक्षकों की भी उपस्थिति रहेगी, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी इस ऐतिहासिक अवसर के सहभागी बन सकें।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182187/chancellor-anandiben-patel-will-reach-the-university-on-june-28</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182187/chancellor-anandiben-patel-will-reach-the-university-on-june-28</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 22:21:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1782570999060.jpg"                         length="169240"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन माफिया बेखौफ होकर चला रहे हरियाली पर आरा</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">शिवगढ़ (रायबरेली)।</span></strong></p>
</div>
<div style="text-align:justify;">
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिवगढ़ थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटान थमने का नाम नहीं ले रही है। वन माफिया बेखौफ होकर आम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गूलर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जामुन</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">शीशम आदि बहुमूल्य पेड़ों पर धड़ल्ले से आरा चला रहे हैं। क्षेत्र के संदीप </span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुनील</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रामकिशोर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संगीत आदि ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद वन विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे वन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। लोगों का कहना है कि विभागीय शिथिलता और कथित मिलीभगत के चलते वन माफिया हरे भरे पेड़ों को काटकर बागों</span></p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182177/forest-mafia-is-fearlessly-running-saws-on-greenery"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/20260627_135109.jpg" alt=""></a><br /><div>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">शिवगढ़ (रायबरेली)।</span></strong></p>
</div>
<div style="text-align:justify;">
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिवगढ़ थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटान थमने का नाम नहीं ले रही है। वन माफिया बेखौफ होकर आम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गूलर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जामुन</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">शीशम आदि बहुमूल्य पेड़ों पर धड़ल्ले से आरा चला रहे हैं। क्षेत्र के संदीप </span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुनील</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रामकिशोर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संगीत आदि ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद वन विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे वन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। लोगों का कहना है कि विभागीय शिथिलता और कथित मिलीभगत के चलते वन माफिया हरे भरे पेड़ों को काटकर बागों को वीरान करने में जुटे हुए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/20260627_135109.jpg" alt="वन माफिया बेखौफ होकर चला रहे हरियाली पर आरा" width="1000" height="563"></img></span></p>
</div>
<div style="text-align:justify;">
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीणों ने बताया कि जब से खेत खाली हुए हैं पिछले </span>2 <span lang="hi" xml:lang="hi">महीनों में दहिगवां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बैंती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तरौजा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुम्भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेडारु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुम्हरावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भवानीगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पड़रिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नेरथुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रामपुर  खास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देहली</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">हंसवा</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">गूढ़ा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पड़ीरा</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">पाराकला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाराखुर्द तथा नगर पंचायत शिवगढ़ के विभिन्न वार्डों में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित पेड़ों की कटान हुई है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/20260627_135109.jpg" alt="वन माफिया बेखौफ होकर चला रहे हरियाली पर आरा" width="1000" height="563"></img><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/20260627_140213.jpg" alt="वन माफिया बेखौफ होकर चला रहे हरियाली पर आरा" width="1000" height="563"></img></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">दहिगवां गांव ग्राम पंचायत में तो पिछले </span>20 <span lang="hi" xml:lang="hi">दिनों में आम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गूलर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जामुन</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">छोहरिया सहित दर्जनों प्रतिबंध पेड़ काटकर धरासायी कर दिए गए। ग्रामीणों ने अवैध कटान पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।</span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>
</div>
<div>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">वन क्षेत्राधिकारी विक्रमजीत सिंह ने बताया कि दहिगवां में गूलर के पेड़ों की कटान की सूचना पर कार्रवाई की गई थी। यदि अन्य पेड़ों की कटान की हुई है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।</span></p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182177/forest-mafia-is-fearlessly-running-saws-on-greenery</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182177/forest-mafia-is-fearlessly-running-saws-on-greenery</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 22:12:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/20260627_135109.jpg"                         length="498961"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन पर कार्रवाई, फिर भी नहीं थम रहा अवैध खनन का खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><strong>उन्नाव।</strong></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जिले के सोहरामऊ और अजगैन क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। बीती रात सोहरामऊ थाना क्षेत्र के गोआमापुर और चिलौली गांव में कथित अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए सात डंपरों का चालान किया। इसके बावजूद विभिन्न क्षेत्रों में खनन गतिविधियां जारी रहने के आरोप सामने आ रहे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, माखी थाना क्षेत्र की ओर भी मिट्टी खनन जारी रहने की शिकायतें मिली हैं। वहीं सुबह थाना पुलिस ने बिना वैध रॉयल्टी के संचालन के संदेह में तीन डंपरों को रोककर जांच की। जांच के</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182173/action-against-illegal-soil-mining-in-the-area-still-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/screenshot_2026-06-27-19-39-09-51_680d03679600f7af0b4c700c6b270fe7.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><strong>उन्नाव।</strong></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जिले के सोहरामऊ और अजगैन क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। बीती रात सोहरामऊ थाना क्षेत्र के गोआमापुर और चिलौली गांव में कथित अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए सात डंपरों का चालान किया। इसके बावजूद विभिन्न क्षेत्रों में खनन गतिविधियां जारी रहने के आरोप सामने आ रहे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, माखी थाना क्षेत्र की ओर भी मिट्टी खनन जारी रहने की शिकायतें मिली हैं। वहीं सुबह थाना पुलिस ने बिना वैध रॉयल्टी के संचालन के संदेह में तीन डंपरों को रोककर जांच की। जांच के दौरान चालकों द्वारा प्रस्तुत रॉयल्टी पर्चियों की वैधता अवधि समाप्त पाई गई, जिसके बाद राजस्व चोरी और खनन नियमों के उल्लंघन की आशंका को लेकर मामला चर्चा का विषय बन गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन के कारण सरकारी सड़कें, नहर की पटरी तथा चक मार्ग तेजी से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इसके साथ ही किसानों की भूमि और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पाली, माखी सहित कई इलाकों में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध खनन से जुड़े मामलों में कुछ राजस्व कर्मियों की भूमिका पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि खनन माफिया की गतिविधियों के चलते पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित विभागों द्वारा निष्पक्ष जांच एवं कठोर कार्रवाई आवश्यक होगी, ताकि राजस्व की चोरी पर रोक लग सके तथा पर्यावरण और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182173/action-against-illegal-soil-mining-in-the-area-still-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182173/action-against-illegal-soil-mining-in-the-area-still-the</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 21:54:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/screenshot_2026-06-27-19-39-09-51_680d03679600f7af0b4c700c6b270fe7.jpg"                         length="404049"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल में एथेनॉल: सस्ते ईंधन का सपना या गाड़ियों के लिए खतरा? लोगों में बढ़ता डर</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">कानपुर। 2020 से सरकार ने E20 यानी 20% एथेनॉल वाला पेट्रोल पूरे देश में लागू करने का लक्ष्य रखा है। 2025 तक ज्यादातर शहरों में यही पेट्रोल मिल रहा है। मकसद साफ है: तेल आयात कम करना, किसानों को फायदा पहुंचाना और प्रदूषण घटाना। लेकिन सड़कों पर एक अलग बहस चल रही है - "क्या एथेनॉल मेरी गाड़ी का इंजन खराब कर देगा?" अभी तक ईरान - इजरायल युद्ध से पहले पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथेनॉल मिला कर बेचा जा रहा था।</p><p style="text-align:justify;"> एक्सपर्ट बताते हैं कि दस फीसदी मिलावट को भारत की सभी गाड़ियां सह लेंगी लेकिन जैसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181925/ethanol-in-petrol-dream-of-cheap-fuel-or-danger-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(1).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">कानपुर। 2020 से सरकार ने E20 यानी 20% एथेनॉल वाला पेट्रोल पूरे देश में लागू करने का लक्ष्य रखा है। 2025 तक ज्यादातर शहरों में यही पेट्रोल मिल रहा है। मकसद साफ है: तेल आयात कम करना, किसानों को फायदा पहुंचाना और प्रदूषण घटाना। लेकिन सड़कों पर एक अलग बहस चल रही है - "क्या एथेनॉल मेरी गाड़ी का इंजन खराब कर देगा?" अभी तक ईरान - इजरायल युद्ध से पहले पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथेनॉल मिला कर बेचा जा रहा था।</p><p style="text-align:justify;"> एक्सपर्ट बताते हैं कि दस फीसदी मिलावट को भारत की सभी गाड़ियां सह लेंगी लेकिन जैसे ही ईरान - इजरायल युद्ध शुरू हुआ और देश में पेट्रोल की कमी हुई सरकार ने ई- 20 पेट्रोल सभी पेट्रोल पंप पर बेचना शुरू कर दिया। सरकार की इस नीति से लोगों में एक नई बहस छिड़ गई है। बहुत से एक्स्पर्ट बताते हैं कि ई-20 पेट्रोल 2023 से पहले की गाड़ियों के लिए ठीक नहीं है एक तो इससे माइलेज पर असल पड़ रहा है और दूसरा यह इंजन के कई पार्ट्स को भी ख़राब कर देगा।</p><p style="text-align:justify;"> केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोगों की इस बात को गलत बताया है और कहा है कि ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। ई-20 के बाद, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ई-85 और इसके बाद 100 फीसदी एथेनॉल को भी मंजूरी दे दी। सरकार का मानना है कि इससे करोड़ों डालर का फायदा होगा जिसे हम अन्य विकास कार्यों में लगा सकते हैं।</p><p style="text-align:justify;"><br />एथेनॉल क्यों बढ़ाया जा रहा है? आर्थिक कारण - भारत हर साल 85% कच्चा तेल आयात करता है। 2024 में इस पर $180 बिलियन खर्च हुए। ई-20 से हर साल 4-5 बिलियन डॉलर की बचत का अनुमान है। किसान हित- एथेनॉल गन्ना, मक्का और अनाज से बनता है। इससे चीनी मिलों और किसानों को नया बाजार मिला है। पर्यावरण-  एथेनॉल जलने पर CO और CO2 कम निकलता है। सरकार का दावा है कि ई20 से सालाना 50 लाख टन CO2 कम होगी।</p><p style="text-align:justify;"><br />           लोगों का डर कहां से आ रहा है? सोशल मीडिया और मैकेनिकों की दुकानों पर 4 बातें सबसे ज्यादा सुनाई देती हैं: माइलेज घट रहा है- एथेनॉल की कैलोरी वैल्यू पेट्रोल से 30% कम होती है। यानी ई-20 पर गाड़ी को उतनी ही पावर के लिए ज्यादा ईंधन जलाना पड़ता है। टेस्ट में 3-6% तक माइलेज ड्रॉप दिखा है। रोज 50 km चलने वाले के लिए महीने का खर्च 200-400 रु बढ़ सकता है।<br /> रबर और प्लास्टिक पार्ट्स का खराब होना- पुरानी गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले रबर होज, सील और गैस्केट एथेनॉल से जल्दी घिसते हैं। 2010 से पहले की गाड़ियां ई-10 के लिए भी डिजाइन नहीं थीं। अगर टैंक में पानी चला गया तो एथेनॉल उसे एब्जॉर्ब कर लेता है और इंजन में जंग लग सकती है। स्टार्टिंग और परफॉर्मेंस इश्यू- ठंड में एथेनॉल ब्लेंड स्टार्ट होने में दिक्कत करता है। कुछ लोग कहते हैं कि गाड़ी "खींचती" नहीं है, खासकर पहाड़ों और हाईवे पर।</p><p style="text-align:justify;"><br />पारदर्शिता की कमी-  पंप पर अक्सर ये नहीं लिखा होता कि टैंक में E10 है या E20। लोग अनजाने में भरवा लेते हैं और बाद में दिक्कत होने पर एथेनॉल को दोष देते हैं। सरकार और ऑटो कंपनियां क्या कहती हैं? सड़क परिवहन मंत्रालय और IOC का कहना है कि 2023 के बाद बनी सभी गाड़ियां E20 कम्पैटिबल हैं। Maruti, Hyundai, Tata, Mahindra ने अपनी नई गाड़ियों को E20 Ready बताया है। पुरानी गाड़ियों के लिए सरकार ने "E20 मैटेरियल कम्पैटिबल" किट का ऑप्शन दिया है, जिसमें रबर पार्ट्स बदलने पड़ते हैं। खर्च 3,000-8,000 रु तक आ सकता है। तकनीकी हकीकत क्या है? इंजन- अगर गाड़ी E20 कम्पैटिबल है तो इंजन पर कोई फर्क नहीं पड़ता। ECU सॉफ्टवेयर एथेनॉल के हिसाब से फ्यूल मिक्स एडजस्ट कर देता है। फ्यूल सिस्टम- पुरानी गाड़ियों में नायलॉन और स्टेनलेस स्टील पार्ट्स होते हैं जो ठीक रहते हैं। लेकिन पुराने रबर वाले पार्ट्स 2-3 साल में बदलने पड़ सकते हैं। </p><p style="text-align:justify;">लॉन्ग टर्म इफेक्ट- अभी E20 देश में सिर्फ 2-3 साल हुआ है। 10 साल बाद इंजन पर क्या असर होगा, इसका बड़ा डेटा उपलब्ध नहीं है। दुनिया में क्या हो रहा है? ब्राजील 40 साल से E27 चला रहा है। वहां 90% गाड़ियां Flex Fuel हैं जो E0 से E100 तक चलती हैं। अमेरिका में E10 स्टैंडर्ड है। भारत ने सीधे E10 से E20 पर छलांग लगाई, इसलिए लोगों को झटका लगा। आम आदमी क्या करे? गाड़ी के फ्यूल लिड या मैनुअल पर लिखा होता है - E10, E20 या E20 Compatible। पुरानी गाड़ी है तो- अगर गाड़ी 2015 से पुरानी है और रोज 80-100 km चलती है, तो रबर पार्ट्स की जांच करवा लो। जरूरत लगे तो बदल दो। पंप पर पूछो भरवाने से पहले पूछ लो कि E10 है या E20।</p><p style="text-align:justify;"><br />पैनिक मत करो- 2-3% माइलेज ड्रॉप और थोड़ी मेंटेनेंस के अलावा ज्यादातर नई गाड़ियों में दिक्कत नहीं आ रही। एथेनॉल नीति देश के लिए जरूरी है - विदेशी मुद्रा बचती है, किसान को फायदा होता है, प्रदूषण घटता है। लेकिन सरकार ने कम्युनिकेशन में कमी रखी। लोगों को लगा कि उनकी 5 साल पुरानी गाड़ी एक दिन में "आउटडेटेड" हो गई। अगर ऑटो कंपनियां फ्री सर्विस कैंप लगाकर पुरानी गाड़ियों की जांच करें और पंप पर क्लियर लेबलिंग हो, तो ये डर काफी हद तक कम हो सकता है। अभी समस्या तकनीक से ज्यादा भरोसे की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181925/ethanol-in-petrol-dream-of-cheap-fuel-or-danger-to</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181925/ethanol-in-petrol-dream-of-cheap-fuel-or-danger-to</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 16:33:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/images-%281%29.jpeg"                         length="64291"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 उत्साहपूर्वक मनाया गया</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र सिंह भुल्लर </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, 21 जून।</strong> वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" थीम के तहत बड़े उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया गया। अस्पताल परिसर में आयोजित सामूहिक योग सत्र में 1,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिनमें संकाय सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी, विद्यार्थी, प्रशासनिक कर्मचारी तथा अन्य स्टाफ सदस्य शामिल रहे। यह संस्थान द्वारा आयोजित सबसे बड़े स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रमों में से एक रहा।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा थीं। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चारू बांबा, वरिष्ठ</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181883/international-yoga-day-2026-celebrated-with-enthusiasm-in-vmmc-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260621-wa0032.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र सिंह भुल्लर </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, 21 जून।</strong> वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" थीम के तहत बड़े उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया गया। अस्पताल परिसर में आयोजित सामूहिक योग सत्र में 1,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिनमें संकाय सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी, विद्यार्थी, प्रशासनिक कर्मचारी तथा अन्य स्टाफ सदस्य शामिल रहे। यह संस्थान द्वारा आयोजित सबसे बड़े स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रमों में से एक रहा।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा थीं। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चारू बांबा, वरिष्ठ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आर.पी. अरोड़ा, केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद सीसीआरवाईएन की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. सुजाता सहित वरिष्ठ संकाय सदस्य, विभागाध्यक्ष, स्वास्थ्यकर्मी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।अपने संबोधन में डॉ. कविता शर्मा ने योग को शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए एक समग्र जीवनशैली बताया। उन्होंने कहा कि योग न केवल रोगों की रोकथाम में सहायक है, बल्कि यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, तनाव कम करता है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाता है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;">योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने डॉ. सुजाता और उनकी टीम के मार्गदर्शन में कॉमन योगा प्रोटोकॉल (सीवाईपी) का अभ्यास किया। सत्र में विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान और विश्राम तकनीकों का अभ्यास कराया गया। विशेषज्ञों ने योग के वैज्ञानिक लाभों और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम में इसकी भूमिका के बारे में भी जानकारी दी।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कोलकाता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण भी देखा और सुना। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में स्वास्थ्य, सामंजस्य, आत्मबल और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।योग सत्र के बाद अस्पताल परिसर में वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। निदेशक डॉ. कविता शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चारू बांबा और वरिष्ठ सीएमओ डॉ. आर.पी. अरोड़ा ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान परिसर में कई पौधे लगाए गए, जो पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. आर.पी. अरोड़ा रहे, जिनके नेतृत्व और प्रयासों से आयोजन का सफल संचालन सुनिश्चित हुआ। आयोजन टीम ने विभिन्न विभागों की सहभागिता सुनिश्चित करने और कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</div>
<div style="text-align:justify;">यह आयोजन वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल की निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, जनकल्याण, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, इसने आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली में पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों के महत्व को भी रेखांकित किया।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने, परिवार और समाज में स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देने तथा एक स्वस्थ, खुशहाल और टिकाऊ समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। 1,000 से अधिक प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के लिए योग की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181883/international-yoga-day-2026-celebrated-with-enthusiasm-in-vmmc-and</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181883/international-yoga-day-2026-celebrated-with-enthusiasm-in-vmmc-and</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 13:23:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260621-wa0032.jpg"                         length="223191"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के भांभर रेंज में मनाया गया 12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर  </strong>  12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के वन विश्राम भवन, भांभर रेंज में एक विशेष 'वन योग कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। रेंजर श्री योगेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रकृति की शांत वादियों के बीच वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों ने मिलकर योग का अभ्यास किया और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उत्तम स्वास्थ्य का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">
<div>प्रातःकाल आयोजित इस योग शिविर में वन विभाग की टीम के साथ-साथ देश की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा</div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181879/12th-international-yoga-day-celebrated-in-bhambhar-range-of-sohelwa"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260621-wa0312.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर  </strong> 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के वन विश्राम भवन, भांभर रेंज में एक विशेष 'वन योग कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। रेंजर श्री योगेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रकृति की शांत वादियों के बीच वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों ने मिलकर योग का अभ्यास किया और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उत्तम स्वास्थ्य का संदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<div>प्रातःकाल आयोजित इस योग शिविर में वन विभाग की टीम के साथ-साथ देश की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जवानों और वन कर्मियों का यह अनूठा संगम अनुशासन और स्फूर्ति की मिसाल पेश कर रहा था। इसके अलावा क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं ने भी इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।</div>
<div>समाजसेवियों और ग्रामीणों ने भी लिया हिस्सा</div>
<div> </div>
<div>योग केवल सरकारी अमले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें स्थानीय समाज की भी गहरी भागीदारी दिखी। क्षेत्र के युवा समाजसेवी सुनील कुमार त्रिपाठी, बबलू वाल्मीकि, रमेश कुमार यादव, और रामसूरत ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर विभिन्न आसन और प्राणायाम किए।</div>
<div>रेंजर श्री योगेश कुमार सिंह ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि, "प्रकृति और योग का गहरा संबंध है। जंगलों के बीच योग करने से मानसिक शांति और शुद्ध ऑक्सीजन मिलती है, जो हमारे फेफड़ों और संपूर्ण शरीर के लिए संजीवनी का काम करती है।" कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने दैनिक जीवन में योग को अपनाने और सोहेलवा के जंगलों व वन्यजीवों की रक्षा करने का संकल्प लिया।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181879/12th-international-yoga-day-celebrated-in-bhambhar-range-of-sohelwa</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181879/12th-international-yoga-day-celebrated-in-bhambhar-range-of-sohelwa</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 13:20:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260621-wa0312.jpg"                         length="253086"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्राकृतिक खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने दिलाया विकसित कृषि का संकल्प।।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में शुक्रवार को "प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाकर किसानों की आय में भी वृद्धि करती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181676/emphasis-on-increasing-the-income-of-farmers-through-natural-farming"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0182-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में शुक्रवार को "प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाकर किसानों की आय में भी वृद्धि करती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने तथा कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं, जैविक खाद के उपयोग, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। किसानों को प्राकृतिक खेती से मिलने वाले लाभों एवं सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सांसद प्रवीण पटेल, विधायकगण, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी), भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष, महापौर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, किसान एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने कृषि क्षेत्र को अधिक उन्नत, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों के हित में कार्य करने का संकल्प लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181676/emphasis-on-increasing-the-income-of-farmers-through-natural-farming</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181676/emphasis-on-increasing-the-income-of-farmers-through-natural-farming</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:14:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260619-wa0182-%281%29.jpg"                         length="243381"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी के जन्मदिवस पर सीएचसी सरेनी में वृक्षारोपण व फल वितरण*</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज ( रायबरेली )</strong> सरेनी।नेता प्रतिपक्ष एवं रायबरेली सांसद राहुल गांधी के 56वें जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरेनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा वृक्षारोपण एवं फल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों को फल वितरित कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण किया तथा जनसेवा को संगठन की प्राथमिकता बताया।इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष नीरज शुक्ला,ब्लॉक प्रभारी कामता प्रसाद गौड़,यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव शिव प्रताप सिंह,सरेनी विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र द्विवेदी,चंदन द्विवेदी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181643/tree-plantation-and-fruit-distribution-in-chc-sareni-on-rahul"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260619-wa0384.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज ( रायबरेली )</strong> सरेनी।नेता प्रतिपक्ष एवं रायबरेली सांसद राहुल गांधी के 56वें जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरेनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा वृक्षारोपण एवं फल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों को फल वितरित कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण किया तथा जनसेवा को संगठन की प्राथमिकता बताया।इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष नीरज शुक्ला,ब्लॉक प्रभारी कामता प्रसाद गौड़,यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव शिव प्रताप सिंह,सरेनी विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र द्विवेदी,चंदन द्विवेदी एवं आशु महाराज सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।ब्लॉक अध्यक्ष नीरज शुक्ला ने कहा कि राहुल गांधी के जन्मदिवस को सेवा दिवस के रूप में मनाते हुए मरीजों के बीच फल वितरण और वृक्षारोपण किया गया है।उनका जीवन जनसेवा,सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए समर्पित रहा है।ब्लॉक प्रभारी कामता प्रसाद गौड़ ने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।राहुल गांधी के जन्मदिवस पर पौधे लगाकर स्वच्छ और हरित भारत का संदेश दिया गया है।यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव शिव प्रताप सिंह ने कहा कि युवाओं को समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभानी चाहिए।राहुल गांधी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष जितेंद्र द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता सदैव जनहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं।मरीजों के बीच फल वितरण कर मानव सेवा का संदेश दिया गया है।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उनके जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181643/tree-plantation-and-fruit-distribution-in-chc-sareni-on-rahul</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181643/tree-plantation-and-fruit-distribution-in-chc-sareni-on-rahul</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 20:46:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260619-wa0384.jpg"                         length="253615"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। पीके सिंह।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इफको घियानगर फूलपुर के सामुदायिक केन्द्र में पर्यावरण सप्ताह का समापन समारोह समपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह एवं विशिष्ट अतिथि इफको फूलपुर परिवार की प्रथम महिला सरिता सिंह रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह ने कहा कि हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। आप सभी लोग अपने टाउनशिप को हराभरा अवश्य रखे, क्योंकि इसका लाभ आप के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी होगा। पालीथीन एवं प्लास्टिक का प्रयोग बिलकुल भी ना करें, क्योंकि पर्यावरण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181042/we-are-celebrating-environment-week-but-this-program-is-year-round"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001823231.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इफको घियानगर फूलपुर के सामुदायिक केन्द्र में पर्यावरण सप्ताह का समापन समारोह समपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह एवं विशिष्ट अतिथि इफको फूलपुर परिवार की प्रथम महिला सरिता सिंह रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह ने कहा कि हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। आप सभी लोग अपने टाउनशिप को हराभरा अवश्य रखे, क्योंकि इसका लाभ आप के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी होगा। पालीथीन एवं प्लास्टिक का प्रयोग बिलकुल भी ना करें, क्योंकि पर्यावरण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वरिष्ठ प्रबंधक ई.पी.सी. उमेश कुमार ने पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत हुए आ कार्यक्रम का विस्तार पूर्वक विवरण दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी,कर्मचारी, महिलाओं एवं बच्चों ने कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया तथा कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम का संचालन हेमलता सिजोरिया तथा धन्यवाद ज्ञापन अनूप यादव ने किया। इस दौरान महाप्रबंधक क्रमशः पी.के.पटेल, रत्नेश कुमार,ए.के.गुप्ता,सतर्कता अधिकारी अजय कुमार मिश्र, सुरेश कुमार सिंह <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1001823230.jpg" alt="1001823230" width="1280" height="851"></img>(ईपीसी) मौजूद रहे।  पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार विजेताओं के नाम निम्नलिखित हैः-</div>
<div style="text-align:justify;">चित्रकला प्रतियोगिता (विषय- पर्यावरण)</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 1 से कक्षा 3 तक</div>
<div style="text-align:justify;">1. सोनाली पाल</div>
<div style="text-align:justify;">2. अर्शी यादव</div>
<div style="text-align:justify;">3. श्रुति पाल</div>
<div style="text-align:justify;">4. आदविक कुशवाहा</div>
<div style="text-align:justify;">5. सामर्थ्य पाल</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 4 से प तक </div>
<div style="text-align:justify;">1. आनवी कुशवाहा</div>
<div style="text-align:justify;">2. श्रुति प्रसाद</div>
<div style="text-align:justify;">3. आदया सूद</div>
<div style="text-align:justify;">4. आरध्या गुप्ता</div>
<div style="text-align:justify;">5. शिवांश शंकर</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- पानी की बर्बादीः क्या हम अनजाने में पानी नष्ट कर रहे हैं और इसे कैसे रोका जाये।)</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी</div>
<div style="text-align:justify;">1. पार्वी दुबे </div>
<div style="text-align:justify;">2. आंगना सरकार</div>
<div style="text-align:justify;">3. नाइशा यादव</div>
<div style="text-align:justify;">4. सानवी शर्मा</div>
<div style="text-align:justify;">5. आकांक्षा कुमारी</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 9 से 10  तक के विद्यार्थी</div>
<div style="text-align:justify;">(विषयः- आधुनिक तकनीक और ई कचरा क्या गैजेट्स का बढ़ता इस्तेमाल पर्यावरण के लिए एक नया और गंभीर संकट है)</div>
<div style="text-align:justify;">1. अनुष्का यादव</div>
<div style="text-align:justify;">2. आइजा फात्मा</div>
<div style="text-align:justify;">3. सृजन पाण्डेय</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों एवं उनके समाधान हेतु प्रकृति- आधारित उपाय)</div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारी वर्ग</div>
<div style="text-align:justify;">1. अश्वनी श्रीवास्तव</div>
<div style="text-align:justify;">2. नीतू सिंह</div>
<div style="text-align:justify;">3. सुबोधना शर्मा</div>
<div style="text-align:justify;">4. रजत पाठक</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली एवं घरेलू अपशिष्ट का उचित प्रबंधन)</div>
<div style="text-align:justify;">महिला वर्ग </div>
<div style="text-align:justify;">1. प्रतिमा दुबे</div>
<div style="text-align:justify;">2. आशा त्रिपाठी</div>
<div style="text-align:justify;">3. मालती तिवारी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      सादर</div>
<div style="text-align:justify;">  (स्वयम् प्रकाश)</div>
<div style="text-align:justify;">जनसम्पर्क अधिकारी</div>
<div style="text-align:justify;">   इफको फूलपुर</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181042/we-are-celebrating-environment-week-but-this-program-is-year-round</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181042/we-are-celebrating-environment-week-but-this-program-is-year-round</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 21:17:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1001823231.jpg"                         length="208647"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        