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                <title>FDRE project India - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>जूनिपर ग्रीन एनर्जी ने रचा इतिहास, भारत का पहला एफडीआरई प्रोजेक्ट कमीशनिंग फेज़ में पहुँचा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>जूनियर ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने बीकानेर में भारत का पहला मर्चेंट बीईएसएस स्थापित करने के बाद, अब एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने भारत सरकार की प्रमुख एफडीआरई गाइडलाइंस के तहत देश के पहले फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (एफडीआरई) प्रोजेक्ट की कमीशनिंग शुरू कर दी है, जो भारतीय पॉवर सेक्टर के लिए एक और ऐतिहासिक कदम है। यह इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट 259 मेगावॉट पी सोलर, 280 मेगावॉट विंड और 200 मेगावॉट आवर बीईएसएस को जोड़ता है, *जो राजस्थान और गुजरात में फैला हुआ है।* इसे इस तरह डिज़ाइन किया गया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176811/juniper-green-energy-creates-history-indias-first-fdre-project-reaches"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001734984.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>जूनियर ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने बीकानेर में भारत का पहला मर्चेंट बीईएसएस स्थापित करने के बाद, अब एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने भारत सरकार की प्रमुख एफडीआरई गाइडलाइंस के तहत देश के पहले फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (एफडीआरई) प्रोजेक्ट की कमीशनिंग शुरू कर दी है, जो भारतीय पॉवर सेक्टर के लिए एक और ऐतिहासिक कदम है। यह इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट 259 मेगावॉट पी सोलर, 280 मेगावॉट विंड और 200 मेगावॉट आवर बीईएसएस को जोड़ता है, *जो राजस्थान और गुजरात में फैला हुआ है।* इसे इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि ग्रिड की जरूरत के अनुसार भरोसेमंद, स्थिर और समय पर स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जूनिपर ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के सीईओ अंकुश मलिक ने कहा, "यह भारत के पहले फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट की शुरुआत है, जो हमारे उस विचार का अहम् पड़ाव है, जिसमें हम तय समय पर और भरोसेमंद स्वच्छ ऊर्जा देने पर काम कर रहे हैं। यह जूनिपर ग्रीन एनर्जी की मजबूत कार्य क्षमता, तकनीकी समझ और सस्टेनेबल एनर्जी के भविष्य को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को उजागर करता है। सोलर, विंड और बैटरी स्टोरेज को एक साथ जोड़कर हम न सिर्फ भारत की क्लीन एनर्जी क्षमता प्रदर्शित कर रहे हैं, बल्कि इस क्षेत्र में भरोसे और नवाचार के नए मानक भी स्थापित कर रहे हैं। एफडीआरई सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह हमारे विचार को सामने लाने का माध्यम है कि भारत भविष्य में अपनी ऊर्जा जरूरतों को आगे कैसे पूरा करेगा।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>एफडीआरई फ्रेमवर्क: </strong></div>
<div style="text-align:justify;">जरूरत के हिसाब से बिजली देने की दिशा में एक बड़ा कदम जैसे-जैसे भारत में रिन्यूएबल एनर्जी तेजी से बढ़ी, वैसे-वैसे ग्रिड को संतुलित रखना एक बड़ी चुनौती बन गया, क्योंकि सोलर रात में बिजली नहीं देता और विंड को हमेशा जरूरत के समय इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसी कमी को दूर करने के लिए जून 2023 में विद्युत् मंत्रालय ने एफडीआरई गाइडलाइंस जारी कीं, जिनमें डेवलपर्स को सोलर, विंड और बैटरी स्टोरेज को एक ही प्रोजेक्ट में जोड़ने को कहा गया, ताकि डिस्कॉम की माँग के अनुसार तय समय पर बिजली दी जा सके। पारंपरिक रिन्यूएबल एनर्जी के मुकाबले एफडीआरई तय और जरूरत के अनुसार उपलब्ध रहता है, जिससे यह पहली बार कोयला आधारित बिजली का एक स्वच्छ और भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रोजेक्ट के प्रमुख पड़ाव</strong></div>
<div style="text-align:justify;">259 मेगावॉट पी सोलर क्षमता ने मार्च 2026 में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू किया, जबकि 200 मेगावॉट आवर बीईएसएस क्षमता ने अप्रैल 2026 में काम शुरू किया।जब हरियाणा को सबसे ज्यादा जरूरत, तब मिलेगी स्वच्छ बिजली उत्तर भारत में गर्मी बढ़ने के साथ हरियाणा में बिजली की माँग रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचने की उम्मीद है। ऐसे में, तय समय से पहले एफडीआरई प्रोजेक्ट की कमीशनिंग शुरू कर जूनिपर ग्रीन एनर्जी इस जरूरत को सीधे पूरा कर रहा है, जो भरोसेमंद और स्वच्छ ऊर्जा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रोजेक्ट के प्रमुख पड़ाव</strong></div>
<div style="text-align:justify;">259 मेगावॉट पी सोलर क्षमता ने मार्च 2026 में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू किया, जबकि 200 मेगावॉट आवर बीईएसएस क्षमता ने अप्रैल 2026 में काम शुरू किया। जब हरियाणा को सबसे ज्यादा जरूरत, तब मिलेगी स्वच्छ बिजली उत्तर भारत में गर्मी बढ़ने के साथ हरियाणा में बिजली की माँग रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचने की उम्मीद है। ऐसे में, तय समय से पहले एफडीआरई प्रोजेक्ट की कमीशनिंग शुरू कर जूनिपर ग्रीन एनर्जी इस जरूरत को सीधे पूरा कर रहा है, जो भरोसेमंद और स्वच्छ ऊर्जा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>एसजेवीएन एफडीआरई टेंडर</strong></div>
<div style="text-align:justify;">जूनिपर ग्रीन एनर्जी का यह एफडीआरई प्रोजेक्ट एसजेवीएन लिमिटेड द्वारा उसकी एसजेवीएन एफडीआरई योजना के तहत निकाले गए एक टेंडर के माध्यम से मिला, जिसमें प्रतिस्पर्धी रिवर्स ऑक्शन के जरिए देश की प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों ने हिस्सा लिया। जूनिपर ने एसजेवीएन के साथ 200 मेगावॉट का पॉवर परचेस एग्रीमेंट (पीपीए) साइन किया और इसके बाद एसजेवीएन ने हरियाणा पॉवर परचेस सेंटर (एचपीपीसी) के साथ बैक-टू-बैक पॉवर सेल एग्रीमेंट (पीएसए) किया, जिससे हरियाणा को तय और स्वच्छ रिन्यूएबल बिजली उपलब्ध हो सके। इस टेंडर में सफल बोली लगाने वाले सभी डेवलपर्स में जूनिपर ग्रीन एनर्जी पहला है, जिसने सबसे पहले कमीशनिंग शुरू की और बिजली सप्लाई देना भी शुरू किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>एफडीआरई: भारत के ऊर्जा बदलाव का अगला कदम</strong></div>
<div style="text-align:justify;">भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एफडीआरई का असर कई स्तरों पर दिख रहा है। यह डिस्कॉम को उनकी जरूरत के हिसाब से स्वच्छ बिजली लेने में मदद करता है, साथ ही बैटरी स्टोरेज में बड़े निवेश को बढ़ावा देता है और देश में स्टोरेज सिस्टम को तेजी से आगे बढ़ाता है। वर्ष 2023 में विद्युत मंत्रालय द्वारा एफडीआरई गाइडलाइंस जारी होने के बाद, एसजेवीएन, एनएचपीसी, सेकी और एनटीपीसी जैसी एजेंसियों ने 14 गीगावॉट से ज्यादा क्षमता के 10 से अधिक टेंडर जारी किए हैं, जिनमें से करीब 10 गीगावॉट प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जो भारत के बड़े स्तर के रिन्यूएबल एनर्जी बाजार में तेजी से बढ़ते हिस्सों में से एक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जूनिपर ग्रीन एनर्जी के लिए एफडीआरई उसकी लंबी अवधि की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कंपनी सोलर, विंड और एनर्जी स्टोरेज को साथ जोड़कर और शुरुआती चरण में ही प्रोजेक्ट्स पर काम करते हुए इस बदलाव को आगे बढ़ा रही है। जैसे-जैसे नए टेंडर सामने आ रहे हैं, जूनिपर बड़े स्तर के एफडीआरई प्रोजेक्ट्स को विकसित और शुरू करने की ओर अग्रसर है, जिससे भरोसेमंद और स्थिर बिजली देने के साथ इस क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए जा सकें।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:21:54 +0530</pubDate>
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