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                <title>साथ - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>साथ RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गड़बडा शीतला धाम में मंदिर प्रबंधक के सह पर मंदिर के अंदर  अराजक तत्वों का बोलबाला। </title>
                                    <description><![CDATA[<p>हलिया मीरजापुर। </p>
<p>संवाददाता प्रवीण तिवारी</p>
<p>  </p>
<p>मीरजापुर। हलिया थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध गड़बडा शीतल धाम मे  मंदिर प्रबंधक के सह  पर अराजक तत्वों का बोलबाला जगह-जगह वसूली करने के लिए बिना प्राण प्रतिष्ठा का अन्य देवताओं की रखा गया मूर्ति गड़बडा़ शीतला धाम बना लुटेरों का गढ़ हर सोमवार को दूर दरार से दर्शनार्थी दर्शन करने आते हैं उनके साथ किया जाता है छीना झपटी लुटेरों का कौन है जिम्मेदार सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है लेकिन घटना होने के बाद</p>
<p>सीसीटीवी कैमरे में नहीं कैद होती है। मौके की घटना हलिया प्रशासन से मंदिर प्रबंधक का है अच्छा साठ गाठ  प्रशासन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178911/chaos-prevailed-inside-the-temple-due-to-disturbance-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260511-wa0093.jpg" alt=""></a><br /><p>हलिया मीरजापुर। </p>
<p>संवाददाता प्रवीण तिवारी</p>
<p> </p>
<p>मीरजापुर। हलिया थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध गड़बडा शीतल धाम मे  मंदिर प्रबंधक के सह  पर अराजक तत्वों का बोलबाला जगह-जगह वसूली करने के लिए बिना प्राण प्रतिष्ठा का अन्य देवताओं की रखा गया मूर्ति गड़बडा़ शीतला धाम बना लुटेरों का गढ़ हर सोमवार को दूर दरार से दर्शनार्थी दर्शन करने आते हैं उनके साथ किया जाता है छीना झपटी लुटेरों का कौन है जिम्मेदार सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है लेकिन घटना होने के बाद</p>
<p>सीसीटीवी कैमरे में नहीं कैद होती है। मौके की घटना हलिया प्रशासन से मंदिर प्रबंधक का है अच्छा साठ गाठ  प्रशासन को मिलाकर दर्शनार्थियों को तुरंत हटाकर मामला शांत करा दिया जाता है हर वर्ष लगने वाले मेले में लगातार लुटेरों के द्वारा घटना को अंजाम दिया जाता है।</p>
<p>कभी भी नहीं पकड़े जाते हैं अपराधी मंदिर पर लगे अराजक तत्वों के द्वारा कई प्रकार का किया जाता है अराजकता नहीं होता कभी अराजक तत्व के उपर कार्रवाई ग्रामीणों ने भारी आक्रोश जताते हुए बताया कि जब प्रशासन ठोस कदम उठाएगी तभी अराजक तत्वों में हड़कंप मचेगा तब जाकर छोड़ेंगे मंदिर दलाली का गढ़ बना गड़बड़ा धाम मंदिर।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 14:41:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mirzapur Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरही प्रखंड में शांति व सौहार्द के साथ संपन्न हुआ त्याग और बलिदान का पर्व मुहर्रम </title>
                                    <description><![CDATA[<h3>बरही प्रखंड में शांति व सौहार्द के साथ संपन्न हुआ त्याग और बलिदान का पर्व </h3>
<p><strong>संवाददाता : बरही</strong></p>
<p>मुहर्रम पर्व बरही में शांति व सौहार्द के साथ सम्पन्न हुआ। आज के दिन ही हजरत हुसैन शहीद हुए थे। उनके शहीद  की याद में मुहर्रम पर्व मनाया जाता है। हजरत हुसैन शहीद होकर यजीद के नपाक इरादे को बर्बाद कर दिया था और इंसानियत के परचम को ऊँचा रखा था। हजरत हुसैन की शहादत को गमगीन याद में लोगो ने आंसू भरे विदाई दिया। साथ ही उनके कष्ट भरे जीवन को अपने मूलरूप में अनुभव करते हुए और इमाम के घोड़े</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/132977/muharram-the-festival-of-sacrifice-and-sacrifice-concluded-with-peace"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/27.jpg" alt=""></a><br /><h3>बरही प्रखंड में शांति व सौहार्द के साथ संपन्न हुआ त्याग और बलिदान का पर्व </h3>
<p><strong>संवाददाता : बरही</strong></p>
<p>मुहर्रम पर्व बरही में शांति व सौहार्द के साथ सम्पन्न हुआ। आज के दिन ही हजरत हुसैन शहीद हुए थे। उनके शहीद  की याद में मुहर्रम पर्व मनाया जाता है। हजरत हुसैन शहीद होकर यजीद के नपाक इरादे को बर्बाद कर दिया था और इंसानियत के परचम को ऊँचा रखा था। हजरत हुसैन की शहादत को गमगीन याद में लोगो ने आंसू भरे विदाई दिया। साथ ही उनके कष्ट भरे जीवन को अपने मूलरूप में अनुभव करते हुए और इमाम के घोड़े के रूप में पैकवाहा बनकर सारे नगर में बने इमाम के चौके में झूमते नजर आयें। हजरत इमाम हुसैन की शहादत के अवसर बरही प्रखंड के विभिन्न पंचायतो के लगभग दर्जनों अखाड़े और उनके खिलाड़ी अपना खेल का प्रदर्शन किये। प्रदर्शनकारी क्लबों ने अनेको किस्म की मिसाइल बनाकर प्रदर्शन किया। इसे देखने के लिए काफी संख्या में हर क्षेत्र के लोग भारी तादात में पहुंचकर खेल व झांकी का आनंद उठाया। इस अवसर पर इमाम हुसैन, या अली के नारे की धूम रही। दसवीं के दिन क्लब के सारे झाकियां व ताजिया रोड चौराहे के चारो तरफ घूमकर आकर्षक प्रदर्शन किया। इस पर्व को मुस्लिम हिन्दू मिलकर बड़ी सौहार्द के साथ मनाये। जिसको देखकर लोंगो को लगा कि बरही में हिन्दू व मुस्लिम के बीच एकता एक मिसाल है। समाजसेवियों द्वारा पब्लिक सेवा के लिए कई स्थानों पर स्टॉल की व्यवस्था की गई थी। बरही प्रशासन द्वारा सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था। बरही चौक स्थित प्रशासनिक स्तर के पदाधिकारी बैठक कर स्वयं निगरानी कर रहे थे।</p>
<p>मौके पर बरही एसडीओ पूनम कुजुर, एसडीपीओ नाजिर अख्तर, सीओ अरविंद देवाशीष टोप्पो, बरही पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी रोहित कुमार सिंह मौजूद थे। कांग्रेस प्रखण्ड अध्यक्ष अब्दुल मनान वारसी, 20 सूत्री अध्यक्ष इकबाल रजा, सामाजिक कार्यकर्ता भगवान केशरी, रसोइया धमना मो तस्लीम, मो तौकीर रजा, मो वारिस अंसारी, मो ताजुद्दीन, मो तैयब, मो सागिर, रिजवान अली, मो कलीम, मो तबरेज अंसारी, आजाद हुसैन, मो कमाल, जियाउद्दीन सहित अन्य लोग शामिल थे। बताते चलें कि गांगुली निषाद, गणेश निषाद, संदीप निषाद, दीपू निषाद, शिवा निषाद, हरि निषाद भी मल्लाहटोली में तजियां उठाकर सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। वें लोग लगभग कई वर्षों से तजियां उठा रहे हैं। वे लोगों का मानना हैं कि मल्लाह टोली में हिन्दू-मुस्लिम भाई आपस में मिलकर गंगा-जमुना के तहजीब को प्रस्तुत करते हैं। न केवल मुसलमान, बल्कि बड़ी तादात में हिंदू भी इमाम के रोजे की ताजिया बनाते हैं। गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश कर बरही के इलाकों में कई हिंदू घरों में ताजिया बनाने का काम होता है। इधर दुलमहा में हिन्दू कल्याण समिति ट्रस्ट के द्वारा मुहर्रम के अवसर पर मुस्लिम धर्मावलंबियों का स्वागत करते हुए पानी एवं अल्पाहार की व्यवस्था की गई। जिसमें मुखिया नारायण यादव, पूर्व पंसस सह ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष जीतेन्द्र गिरी, हिन्दू कल्याण समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष कमल शंकर पंडित, सचिव दिनेश राणा, सागर कुमार, प्रभु यादव, अनिल साव, मोहम्मद बेलाल, मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद मिनहाज, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद इरफान, रंजीत पंडित, सुरेंद्र यादव, सुनील भुइयां, कृष्णा भुईयां, उमेश पंडित, अंकित पंडित सहित दोनों समुदाय के अन्य लोग उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jul 2023 19:21:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jharkhand Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मणिपुर में आदिवासी महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में भर्रा बस्ती में मणिपुर सरकार का किया गया पुतला दहन </title>
                                    <description><![CDATA[<h3>मणिपुर में आदिवासी महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में भर्रा बस्ती में मणिपुर सरकार का किया गया पुतला दहन </h3>
<p><strong>  जरीडीह /बोकारो /झारखंड:-</strong></p>
<p><br />बीते दिनों मणिपुर में दो आदिवासी महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में बीते गुरुवार को बोकारो के भर्रा बस्ती में आदिवासी सेंगेल‌ अभियान के तहत मणिपुर सरकार बीरेन सिंह का पुतला दहन किया गया। इस पुतला दहन में  मौजूद झारखंड प्रदेश संयोजक सुगदा किस्कू ने कहा कि मणिपुर में 4 मई 2023 की वीडियो द्वारा जो कुछ देश के सामने आया है। वह दिल को दहलाने वाला व पीड़ादायक है। यह घटना मानवता को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/132677/effigy-of-manipur-government-burnt-in-bharra-township-to-protest"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/मणिपुर-में-आदिवासी-महिलाओं-के-साथ-हुए.jpg" alt=""></a><br /><h3>मणिपुर में आदिवासी महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में भर्रा बस्ती में मणिपुर सरकार का किया गया पुतला दहन </h3>
<p><strong> जरीडीह /बोकारो /झारखंड:-</strong></p>
<p><br />बीते दिनों मणिपुर में दो आदिवासी महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में बीते गुरुवार को बोकारो के भर्रा बस्ती में आदिवासी सेंगेल‌ अभियान के तहत मणिपुर सरकार बीरेन सिंह का पुतला दहन किया गया। इस पुतला दहन में  मौजूद झारखंड प्रदेश संयोजक सुगदा किस्कू ने कहा कि मणिपुर में 4 मई 2023 की वीडियो द्वारा जो कुछ देश के सामने आया है। वह दिल को दहलाने वाला व पीड़ादायक है। यह घटना मानवता को शर्मसार करती है। इसके लिए और अब तक जारी हिंसा के लिए राज्य सरकार को दोषी मानना गलत नहीं होगा। अतएव हमारी माँग है कि मणिपुर सरकार को अविलंब बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।</p>
<p>  श्री किस्कूने कहा कि मणिपुर हिंसा के पूरे प्रकरण को माननीय सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से जाँच की जाए। चूँकि अब मणिपुर हिंसा के पीछे बहुसंख्यक ऊँची मैतेई जाति का प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष समर्थन हो सकता है। मुख्यमंत्री भी इसी जाति से हैं और यह जाति अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त करने को व्याघ्र है। जिससे पहले से अनुसूचित जनजाति सूची (ST) में शामिल कुकी एवं अन्य जातियों के समक्ष मरता क्या नहीं करता वाली स्थिति बना दी गई है।</p>
<p>    श्री किस्कू ने कहा कि अनुसूचित जनजाति की माँग के लिए हुए प्रदर्शन के दौरान पूर्व में असम की राजधानी गुवाहाटी के बेलतोला में 24 नवंबर 2007 को एक आदिवासी महिला लक्ष्मी उरांव को भी नंगा कर सारे आम अपमानित किया गया था। उस घटना की ना तो कोई जाँच हुई और ना ही उनके अपराधियों को अब तक कोई सजा हुई। यह मामला भी असम के झारखंडी आदिवासियों द्वारा लगभग 10,000 की संख्या में असम की राजधानी गुवाहाटी के बेलतोला में एक जनसभा और रैली के दौरान हुई थी। इसके पीछे असम सरकार के हाथ होने का शंका बनता है। इसकी भी सीबीआई जाँच अनिवार्य है।</p>
<p>     मौके पर मौजूद सेंगेल बोकारो जिलाध्यक्ष सुखदेव मुर्मू ने कहा कि मणिपुर हिंसा के पीछे असली आदिवासियों के अस्तित्व, पहचान और हिस्सेदारी का मामला छिपा हुआ है। इसे देश को गंभीरता से समझने की जरूरत है। अन्यथा आदिवासियों का नरसंहार निश्चित है। आदिवासियों को प्रदत संवैधानिक आरक्षण के बगैर उन्हें न्याय, सुरक्षा और समानता नहीं मिल सकती है। मगर यदि कतिपय ऊँची जातियाँ और बड़ी संख्या वाली जातियाँ खुद अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा हड़प कर आदिवासी आरक्षण के कवच में घुसपैठ करेंगे तो असली आदिवासियों का नरसंहार निश्चित है।</p>
<p> फिलवक्त मणिपुर हिंसा को शांत करने के लिए अन्य सभी उपयोगी उपायों पर त्वरित क्रियान्वयन किया जाय। परन्तु आदिवासी सेंगेल अभियान की माँग है कि किसी भी नई जाति को एसटी का दर्जा देने की प्रक्रिया को अगले 30 वर्षों तक बंद रखा जाए। साथ ही किसी भी नई जाति को एसटी में शामिल करने के पूर्व यह गारंटी करना जरूरी है कि पूर्व से शामिल असली एसटी का अस्तित्व, पहचान, हिस्सेदारी आदि अक्षुण रखा जा सके।</p>
<p><br />    पुतला दहन कार्यक्रम में सेंगेल छात्र मोर्चा के अध्यक्ष कोमल किस्कू, सेंगेल महिला मोर्चा चास प्रखंड महासचिव सविता मरांडी, चास नगर निगम सेंगेल‌ अध्यक्ष लवली किस्कू, सेंगेल परगना चास प्रखंड जलेश्वर किस्कू, कृष्णा किस्कू, राजकुमार किस्कू, सरिता किस्कू, नेहा मुर्मू, सोनी किस्कू, खुशबू किस्कू, पार्वती किस्कू, मीना किस्कू, लक्ष्मी मुर्मू, साधमती किस्कू, लक्ष्मी किस्कू, रिंकी हेम्बरम, राज हांसदा, विशाल किस्कू, सोनी टुडू आदि सैकड़ों लोग मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jul 2023 17:16:51 +0530</pubDate>
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