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                <title>सुशासन - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>सुशासन RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महाकुंभ-2025 को नवाचार  हेतु मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार।</title>
                                    <description><![CDATA[स्वच्छता के बाद ई-गवर्नेंस में भी महाकुंभ ने रचा इतिहास:नगर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182663/mahakumbh-2025-received-national-e-governance-award-for-innovation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001857032.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री  ए.के. शर्मा ने महाकुंभ-2025 को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उत्तर प्रदेश की उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, आधुनिक तकनीक आधारित प्रबंधन और सुशासन की राष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतिष्ठा का प्रमाण है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि महाकुंभ-2025 अनेक मायनों में दिव्य, भव्य, अद्भुत और विलक्षण आयोजन रहा। इस आयोजन ने न केवल भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को विश्व के सामने गौरवपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया, बल्कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल नवाचार और कुशल प्रशासन के माध्यम से विकसित भारत की नई तस्वीर भी दुनिया को दिखाई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्री शर्मा ने कहा कि महाकुंभ 2025 को इससे पूर्व भारत सरकार द्वारा स्वच्छता-उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था और अब केंद्र सरकार द्वारा ई-गवर्नेंस के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाना इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश ने आयोजन, प्रबंधन, स्वच्छता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नए राष्ट्रीय मानक स्थापित किए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जब महाकुंभ की तैयारियां प्रारंभ हुई थीं, तभी यह स्पष्ट किया गया था कि यह महाकुंभ डिजिटल होगा, आधुनिक तकनीक से संचालित होगा। आज राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान ने उस संकल्प पर भारत सरकार की भी मुहर लगा दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन तथा  मुख्यमंत्री </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">योगी आदित्यनाथ जी के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रेरणा और सतत दिशा-निर्देश को देते हुए उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।उन्होंने महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा बलों, स्वच्छता कर्मियों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े प्रत्येक कर्मयोगी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उनके समर्पण, अनुशासन और अथक परिश्रम ने इस आयोजन को वैश्विक स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल बनाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश आगे भी सुशासन, डिजिटल नवाचार और जनसेवा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:37:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में बाबर नहीं अब रामराज चलेगा-योगी आदित्यनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापारी कल्याण दिवस</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">पर </span>365<span lang="hi" xml:lang="hi">  करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि मुरादाबाद अब कर्फ्यू से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में जाना जाता है. सीएम योगी ने सपा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी में बाबर का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राम राज चलेगा.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुरादाबाद में दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ एवं </span>365<span lang="hi" xml:lang="hi">  करोड़ से रुपए अधिक लागत की</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182324/now-ramraj-will-run-in-up-not-babar-yogi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/image003.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापारी कल्याण दिवस</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">पर </span>365<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि मुरादाबाद अब कर्फ्यू से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में जाना जाता है. सीएम योगी ने सपा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी में बाबर का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राम राज चलेगा.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुरादाबाद में दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ एवं </span>365<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ से रुपए अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि नौ साल पहले मुरादाबाद की पहचान कर्फ्यू और गंदगी से होती थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन आज का मुरादाबाद अपनी पहचान बदल चुका है. इसके साथ उन्होंने सपा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस और बसपा पर हमला बोला और साफ कहा कि यूपी में बाबर का राज नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राम राज चलेगा.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सीएम योगी ने कहा कि आज का मुरादाबाद यहां के युवाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यापार और एक ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में जाना जाता है.नौ साल पहले के मुरादाबाद और आज के मुरादाबाद में जमीन-आसमान का अंतर है. उन्होंने कहा कि मुरादाबाद के पास अपना विश्वविद्यालय है. मुरादाबाद यहां की युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभाओं के लिए जाना जा रहा है. किसानों की नवाचार के लिए अपनी पहचान बना रहा है. अब यहां की सड़कें चौड़ी हैं.</span></p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रोथ इंजन के रूप में जाना जा रहा है यूपी</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि यह तब संभव हो पा रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब आपने अच्छे लोग चुने हैं. आज विकास हो रहा है. गरीब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है. जो योजनाएं हमारी संज्ञान में आती हैं. उस पर कार्यवाही होती है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि </span>2017<span lang="hi" xml:lang="hi"> से पहले कहां तात्कालीन मुख्यमंत्री के पास इतनी फुर्सत थी. जनता-जनार्दन का हालचाल लेने की फुर्सत कहां थी. उसी में जो भूले भटके मिल गये. जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा कहां जाता था. इस पैसे में कैसे डकैती होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मनमाना खर्च होता था. सीएम योगी ने कहा कि पहले नौजवानों के पास नौकरी नहीं थी. यह हाल था कि ‘देख सपाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिटिया घबराई’ का माहौल चलता था. बेटी और व्यापारी मजबूर थे. शासन का कोई विजन नहीं था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अब उत्तर प्रदेश देश के ग्रोथ इंजन के रूप में जाना जा रहा है.</span></p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">यूपी में अब चलेगा रामराज</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि कांग्रेस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सपा (</span>SP) <span lang="hi" xml:lang="hi">और बसपा (</span>BSP) <span lang="hi" xml:lang="hi">के पास कोई विजन नहीं है. उनके लिए विजन का मतलब सिर्फ उनका परिवार है. यूपी में दंगे नहीं होते हैं. यूपी में बाबर का राज नहीं चलेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब राम राज चलेगा.पिछली सरकारों की सोच कब्रिस्तान की सोच थी. अब यूपी में सब चंगा (बढ़िया) है.</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि जो भी उद्ममी या व्यापारी जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराता है. तो सरकार </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख का बीमा कवर भी दिया जाता है. उन्होंने कहा कि व्यापारियों की शक्ति प्रदेश की प्रगति का आधार है. परिवर्तन लाने के लिए पीएम मोदी के विजन को जमीन पर उतारा जा रहा है.</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 23:48:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने 20वें सांख्यिकी दिवस समारोह को किया संबोधित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, संवाददाता।</strong></p><p style="text-align:justify;"> प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने सोमवार को आयोजित 20वें सांख्यिकी दिवस-2026 समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि भारत का भविष्य डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के विजन को साकार करने के लिए विश्वसनीय, पारदर्शी और वैज्ञानिक आंकड़ों पर आधारित शासन व्यवस्था आवश्यक है।</p><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182319/principal-secretary-to-the-prime-minister-dr-pk-mishra-addressed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-21.04.24.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, संवाददाता।</strong></p><p style="text-align:justify;"> प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने सोमवार को आयोजित 20वें सांख्यिकी दिवस-2026 समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि भारत का भविष्य डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के विजन को साकार करने के लिए विश्वसनीय, पारदर्शी और वैज्ञानिक आंकड़ों पर आधारित शासन व्यवस्था आवश्यक है।</p><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी विजन दस्तावेज 2026-31, सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति रिपोर्ट तथा श्रम बाजार और अनौपचारिक उद्यमों से जुड़े प्रथम शहर स्तरीय अनुमानों के प्रकाशन की सराहना की। साथ ही प्रोफेसर अरूप बोस को सुखात्मे राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर बधाई भी दी।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>जीडीपी, सीपीआई और आईआईपी के नए आधार वर्ष पर कार्य</strong></h3><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने कहा कि भारत की बदलती अर्थव्यवस्था को अधिक सटीक रूप से दर्शाने के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) तथा औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) सहित प्रमुख व्यापक आर्थिक संकेतकों को नए आधार वर्ष के साथ अद्यतन किया जा रहा है। इससे नीति निर्माण और आर्थिक विश्लेषण अधिक प्रभावी होगा।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>प्रशासनिक आंकड़े बनेंगे राष्ट्रीय संपदा</strong></h3><p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देश में तेजी से हुए डिजिटल परिवर्तन के कारण प्रशासनिक आंकड़ों का विशाल भंडार तैयार हुआ है, जिसे रणनीतिक राष्ट्रीय संपदा के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इन आंकड़ों का उपयोग बेहतर योजनाएं बनाने, लक्षित सेवा वितरण सुनिश्चित करने तथा समयबद्ध निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वित एवं परस्पर संगत डेटा इकोसिस्टम विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि डेटा साझाकरण के दौरान गोपनीयता, सुरक्षा और निजता के उच्चतम मानकों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>सांख्यिकीय प्रणाली में व्यापक सुधार</strong></h3><p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने व्यापक सुधार अभियान चलाया है। विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर 216 सुधारों को स्वीकार कर समयबद्ध ढंग से लागू किया जा रहा है। इसके तहत नए सर्वेक्षण, कंप्यूटर आधारित व्यक्तिगत साक्षात्कार (CAPI), जिला स्तरीय अनुमान, उच्च आवृत्ति वाले सर्वेक्षण और आंकड़ों के शीघ्र प्रकाशन जैसी कई महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं।</p><p style="text-align:justify;">साथ ही राष्ट्रीय मेटाडेटा संरचना 2.0, ओपन एपीआई, ई-सांख्यिकी, जीओआईस्टेट्स, पैमाना तथा ई-साक्षी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए जा रहे हैं, जो डेटा की उपलब्धता, पारस्परिक संगतता और रियल टाइम गवर्नेंस को मजबूत करेंगे।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>एआई के उपयोग में जिम्मेदार शासन जरूरी</strong></h3><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सांख्यिकीय विश्लेषण और नीति निर्माण में नई संभावनाएं लेकर आई है, लेकिन इसके उपयोग के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही और डेटा की स्वतंत्रता बनाए रखते हुए ही एआई का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>विश्वसनीय आंकड़ों पर आधारित होगा विकसित भारत</strong></h3><p style="text-align:justify;">अपने संबोधन के समापन में डॉ. पी.के. मिश्रा ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर ही संभव है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की सही गणना और किसी को भी पीछे न छोड़ने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब सांख्यिकीय प्रणाली गुणवत्ता, गोपनीयता, पारदर्शिता और स्वतंत्रता के उच्च मानकों पर आधारित होगी। उन्होंने कहा कि सुशासन का भविष्य साक्ष्य आधारित निर्णय प्रक्रिया में निहित है और भारत इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 22:02:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी की 12 वर्षों की सत्ता और आम आदमी: वादे, बदलाव और ज़मीनी हकीकत</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181933/modis-12-years-in-power-and-common-mans-promises-change"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(3).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा बढ़ाया। उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला। स्वच्छ भारत मिशन ने ग्रामीण शौचालय कवरेज को तेज़ी से बढ़ाया। आयुष्मान भारत योजना ने 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा गरीब परिवारों तक पहुंचाया। जनधन खातों ने वित्तीय समावेशन को बढ़ाया और कोविड काल में डीबीटी से करोड़ों लोगों को सीधी मदद मिली। </p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका मतलब यह हुआ कि सरकारी लाभ के लिए बिचौलियों पर निर्भरता घटी। बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का दायरा बढ़ा, जिससे UPI आज छोटे दुकानदार से लेकर ठेले वाले तक इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<p><br />                हम बात करें इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल भारत की तो इसमें भी प्रगति हुई है और कई सुधार अभी भी बाकी हैं। सड़क, रेल, हवाई अड्डे और एक्सप्रेसवे के निर्माण में तेज़ी आई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, अटल टनल, और नए वंदे भारत ट्रेनें आम यात्रियों के सफर को तेज़ और सुरक्षित बनाने की कोशिश हैं। डिजिटल इंडिया के तहत इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच गांवों तक बढ़ी। इससे शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी सेवाएं मोबाइल पर आ गईं।</p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका फायदा समय की बचत और लागत में कमी के रूप में दिखा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी इंटरनेट की गुणवत्ता और बिजली की आपूर्ति असमान बनी हुई है। हालांकि कर और अर्थव्यवस्था में बदलाव तो हुआ है लेकिन महंगाई के कारण अभी उतनी राहत महसूस नहीं हुई है । GST लागू होने से अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एकजुट हुई। छोटे व्यापारियों के लिए शुरू में जटिलता बढ़ी, लेकिन धीरे-धीरे फाइलिंग आसान हुई। नोटबंदी 2016 का मकसद काला धन और नकली नोट पर चोट था, लेकिन इसका तत्काल असर छोटे कारोबार और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा। महंगाई, बेरोजगारी और निजी निवेश की रफ्तार आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता बनी रही। कोरोना के बाद रिकवरी तेज़ रही, लेकिन असंगठित क्षेत्र में रोज़गार और आय अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आई है।</p>
<p><br /> राजनीतिक संवाद और छवि की बात की जाये तो इसमें मोदी सरकार का कोई जोड़ नहीं है। मोदी की सरकार ने सीधे संवाद पर ज़ोर दिया। मन की बात, सोशल मीडिया और रैलियों के ज़रिए प्रधानमंत्री खुद जनता से जुड़े रहे। “सबका साथ, सबका विकास” का नारा केंद्र में रहा। विरोधियों का आरोप रहा कि आलोचना को जगह कम मिली और मीडिया पर नियंत्रण बढ़ा। आम आदमी के लिए इसका असर यह हुआ कि सरकार की योजनाओं की जानकारी तेज़ी से पहुंची, लेकिन विपरीत राय और स्थानीय समस्याएं कई बार राष्ट्रीय बहस में जगह नहीं बना पाईं।</p>
<p><br /> अलग हम इसकी ज़मीनी हकीकत जानें और यह पता करें कि क्या बदला? तो 12 साल में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सरकार सीधे नागरिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पहले जहां फाइलों और दफ्तरों में काम अटकता था, अब ऑनलाइन पोर्टल और ऐप्स से काम होता है। गरीबों के लिए रसोई गैस, शौचालय, बिजली और बैंक खाता पहले से ज्यादा सुलभ हुए हैं। दूसरी तरफ, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय और शिक्षा-स्वास्थ्य की गुणवत्ता जैसे मुद्दे अभी भी चुनौती हैं। मध्यम वर्ग टैक्स और जीवनयापन की लागत को लेकर दबाव महसूस करता है। ग्रामीण भारत में कृषि पर निर्भरता और मौसम की मार अब भी जीवन को अनिश्चित रखती है।</p>
<p>मोदी की 12 साल की सत्ता ने आम आदमी की ज़िंदगी में बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल पहुंच के मामले में ठोस बदलाव लाए हैं। योजनाओं का लाभ पहले से ज्यादा पारदर्शी हुआ है। लेकिन रोज़गार, महंगाई और असमानता जैसे संरचनात्मक मुद्दे बने हुए हैं। आम आदमी के लिए यह कार्यकाल सुविधाओं में बढ़ोतरी और आर्थिक दबाव दोनों का मिश्रण रहा है। 2026 की सियासत इस बात पर टिकी होगी कि क्या सरकार इन बदलावों को स्थायी रोज़गार और आय में बदल पाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:41:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;जनकल्याण शिविरों से घर-घर पहुंच रहा विकास का प्रकाश&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">बिहार आज विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। केंद्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में परिवर्तन की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य के सभी 534 प्रखंडों में प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों के माध्यम से सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है तथा पात्र लोगों को योजनाओं का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181461/the-light-of-development-reaching-every-home-through-public-welfare"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/bihar-jankalyan-shivir-73-development-projects-phulwarisharif.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">बिहार आज विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। केंद्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में परिवर्तन की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य के सभी 534 प्रखंडों में प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों के माध्यम से सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है तथा पात्र लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फुलवारीशरीफ विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 73 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाना इसी जनहितकारी सोच का प्रमाण है। रिमोट के माध्यम से किए गए इन उद्घाटनों और शिलान्यासों ने यह संदेश दिया कि बिहार में विकास की गति निरंतर जारी है और राज्य को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बनाने का अभियान पूरी मजबूती से आगे बढ़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनकल्याण शिविरों का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए। इन शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, लखपति दीदी योजना तथा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी अनेक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही पात्र लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चेक और आवास की चाबियां भी वितरित की गईं। इससे लोगों में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है और योजनाओं के प्रति जागरूकता भी पैदा हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण को विशेष प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि लाखों महिलाएं आज "लखपति दीदी" बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य इस संख्या को एक करोड़ तक पहुंचाने का है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है बल्कि परिवारों की सामाजिक और आर्थिक प्रगति भी सुनिश्चित हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी बिहार ने उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य के लगभग 94 लाख लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि जिन परिवारों का आधार लिंक या ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, उन्हें भी जल्द से जल्द इस प्रक्रिया से जोड़कर लाभान्वित किया जाए। जिलाधिकारियों को ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। यह सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रमाण है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऊर्जा के क्षेत्र में भी बिहार तेजी से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की योजना लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर घर तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का प्रयास कर रही है, जिससे अगले 25 वर्षों तक लोगों को सस्ती, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बिजली उपलब्ध हो सके। यह कदम न केवल बिजली की लागत कम करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनकल्याण शिविरों की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक लगभग 3.25 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2.75 लाख का निष्पादन भी किया जा चुका है। यह प्रशासनिक दक्षता और सरकार की कार्यशैली का परिचायक है। पहले जहां लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब सरकार स्वयं लोगों के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">फुलवारीशरीफ क्षेत्र के विकास के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। नत्थूपुर सड़क को एम्स गोलंबर से जोड़ने की योजना क्षेत्रीय यातायात को सुगम बनाएगी। नदियावां विद्यालय को प्लस-टू विद्यालय के रूप में विकसित करने की घोषणा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा सभी प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल स्थापित करने की योजना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देगी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। नए अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। एम्स और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से आम नागरिकों को राहत मिल रही है और चिकित्सा सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सुलभ हुई हैं।अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है। आधुनिक तकनीक, बेहतर पुलिसिंग और प्रशासनिक निगरानी के माध्यम से अपराध पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं। सुरक्षित वातावरण निवेश, व्यापार और रोजगार के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करता है, जिसका सीधा लाभ राज्य के विकास को मिलता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बुनियादी ढांचे के विकास में बिहार निरंतर आगे बढ़ रहा है। सड़कों, पुलों, फ्लाईओवरों, नई टाउनशिप और मरीन ड्राइव जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था न केवल लोगों की सुविधा बढ़ाती है बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति प्रदान करती है। उद्योग, व्यापार और पर्यटन के विकास में भी इन परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी बिहार अपनी गौरवशाली विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा है। नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार और विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन की दिशा में किए जा रहे प्रयास बिहार की ऐतिहासिक पहचान को विश्व स्तर पर पुनः स्थापित कर रहे हैं। शिक्षा और ज्ञान की इस परंपरा को आधुनिक स्वरूप देकर नई पीढ़ी को बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज बिहार कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, महिला सशक्तीकरण, बुनियादी ढांचा और सामाजिक सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। जनकल्याण शिविरों जैसी पहलें इस विकास यात्रा को और अधिक प्रभावी बना रही हैं। सरकार का लक्ष्य केवल विकास करना नहीं, बल्कि विकास के लाभ को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। फुलवारीशरीफ से 73 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास बिहार की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह दर्शाता है कि राज्य में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर उतरकर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। आज का बिहार आत्मविश्वास, विकास और जनभागीदारी के नए अध्याय लिख रहा है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि विकास के अनेक मानकों पर बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह किसी भी राज्य से कम नहीं है। जनकल्याण की यह निरंतर यात्रा आने वाले वर्षों में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की क्षमता रखती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181461/the-light-of-development-reaching-every-home-through-public-welfare</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:49:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा सरकार में  जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी को मिल रहा है - विधायक श्यामधनी राही</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> उसका बाजार  कस्बा  में गुरुवार  को सदर विधायक श्यामधनी राही  ने  चेयरमैन प्रतिनिधि हेमन्त कुमार जायसवाल और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ केंद्र सरकार की 12 वर्ष पूर्ण होने पर जनसंपर्क अभियान शुरू किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान विधायक श्यामधनी राही ने कहा की   केंद्र की मोदी सरकार के 12 वर्ष और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार के साढ़े नौ वर्ष की जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार में सभी लोगों को बिना किसी भेदभाव के  सरकारी  योजनाओं लाभ मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान भाजपा  मंडल अध्यक्ष राकेश आर्य, मंडल उपाध्यक्ष सोमनाथ</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181031/everyone-is-getting-the-benefits-of-public-welfare-schemes-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781189741010.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> उसका बाजार  कस्बा  में गुरुवार  को सदर विधायक श्यामधनी राही  ने  चेयरमैन प्रतिनिधि हेमन्त कुमार जायसवाल और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ केंद्र सरकार की 12 वर्ष पूर्ण होने पर जनसंपर्क अभियान शुरू किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान विधायक श्यामधनी राही ने कहा की   केंद्र की मोदी सरकार के 12 वर्ष और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार के साढ़े नौ वर्ष की जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार में सभी लोगों को बिना किसी भेदभाव के  सरकारी  योजनाओं लाभ मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान भाजपा  मंडल अध्यक्ष राकेश आर्य, मंडल उपाध्यक्ष सोमनाथ मिश्र, अनूप छापड़िया, रामेश्वर पाण्डेय, पवन छापड़िया, सतीश तुलस्यान, अभिषेक दूबे, मंटू, वेद प्रकाश अग्रहरी,अशोक जायसवाल, मनीष अग्रहरी, शिव जायसवाल आदि  रहे।</div>
</div>
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<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181031/everyone-is-getting-the-benefits-of-public-welfare-schemes-in</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 20:48:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिव्यांग छात्र की पीड़ा सुन भावुक हुए जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश - </strong>जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के समक्ष मानवता और संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। जनसुनवाई में प्राथमिक विद्यालय बंजरिया के छात्र रवि पटेल पुत्र कमलेश पटेल ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बताया कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग है तथा कक्षा-5 की छात्रवृत्ति की धनराशि अभी तक उसे प्राप्त नहीं हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दिव्यांग छात्र की स्थिति को देखकर जिलाधिकारी श्री गौड़ ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।  दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधिकारियों को छात्र को तुरंत ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिसके क्रम में जिलाधिकारी ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180980/district-magistrate-became-emotional-after-hearing-the-pain-of-disabled"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001717275.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश - </strong>जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के समक्ष मानवता और संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। जनसुनवाई में प्राथमिक विद्यालय बंजरिया के छात्र रवि पटेल पुत्र कमलेश पटेल ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बताया कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग है तथा कक्षा-5 की छात्रवृत्ति की धनराशि अभी तक उसे प्राप्त नहीं हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिव्यांग छात्र की स्थिति को देखकर जिलाधिकारी श्री गौड़ ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।  दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधिकारियों को छात्र को तुरंत ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिसके क्रम में जिलाधिकारी ने स्वयं अपने हाथों से रवि पटेल को ट्राइसाइकिल प्रदान की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि छात्र की लंबित छात्रवृत्ति की धनराशि का तत्काल सत्यापन कर उसे उसके बैंक खाते में प्रेषित कराना सुनिश्चित करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी की इस संवेदनशील एवं मानवीय पहल से छात्र रवि तथा उसके परिजनों के चेहरे पर खुशी झलक उठी। ट्राइसाइकिल प्राप्त होने पर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े और उन्होंने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। जनसुनवाई में की गई यह पहल प्रशासन की जनकल्याणकारी एवं संवेदनशील कार्यशैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:33:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बदले की राजनीति और बंगाल का बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल की राजनीति लंबे समय तक वैचारिक संघर्ष, सांस्कृतिक चेतना और जन आंदोलनों के लिए जानी जाती रही है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में राज्य की राजनीति पर भ्रष्टाचार, राजनीतिक प्रतिशोध, तुष्टिकरण, हिंसा और प्रशासनिक दुरुपयोग के आरोप लगातार गहराते गए। तृणमूल कांग्रेस और उसकी प्रमुख ममता बनर्जी पर यह आरोप लगते रहे कि उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की जगह राजनीतिक बदले की भावना को अधिक महत्व दिया। यही कारण है कि बंगाल की राजनीति में एक बड़े परिवर्तन की मांग लगातार तेज होती गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शारदा और रोजवैली चिटफंड घोटालों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को गहरे संकट में डाल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178848/politics-of-revenge-and-change-of-bengal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/rajneeti1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल की राजनीति लंबे समय तक वैचारिक संघर्ष, सांस्कृतिक चेतना और जन आंदोलनों के लिए जानी जाती रही है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में राज्य की राजनीति पर भ्रष्टाचार, राजनीतिक प्रतिशोध, तुष्टिकरण, हिंसा और प्रशासनिक दुरुपयोग के आरोप लगातार गहराते गए। तृणमूल कांग्रेस और उसकी प्रमुख ममता बनर्जी पर यह आरोप लगते रहे कि उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की जगह राजनीतिक बदले की भावना को अधिक महत्व दिया। यही कारण है कि बंगाल की राजनीति में एक बड़े परिवर्तन की मांग लगातार तेज होती गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शारदा और रोजवैली चिटफंड घोटालों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को गहरे संकट में डाल दिया। इन मामलों में जिन नेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आए, उनमें अधिकांश का संबंध सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से बताया गया। विपक्ष का आरोप था कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय जांच एजेंसियों पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए। ममता बनर्जी लगातार केंद्र सरकार और सीबीआई पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाती रहीं। इससे यह धारणा मजबूत हुई कि सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे नेताओं को बचाने का प्रयास कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों ने उस समय और जोर पकड़ा जब भाजपा नेताओं के खिलाफ विभिन्न मामलों में कार्रवाई शुरू हुई। तत्कालीन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राहुल सिन्हा को कथित रूप से पशु तस्करी के मामले में फंसाने की कोशिश की घटना ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया। राहुल सिन्हा का दावा था कि पुलिसकर्मी निजी व्यक्ति बनकर उनके संपर्क में आए और उन्हें अवैध गतिविधियों में शामिल दिखाने का प्रयास किया। इस घटना के बाद भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने और झूठे मामलों में फंसाने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी प्रकार भाजपा नेता जयप्रकाश मजूमदार की गिरफ्तारी और भाजपा महिला मोर्चा की नेता जूही चौधरी पर लगाए गए आरोपों को भी विपक्ष ने राजनीतिक षड्यंत्र बताया। शिशु तस्करी जैसे गंभीर मामले में केवल आरोपों के आधार पर भाजपा नेताओं के नाम सामने आने से राजनीतिक विवाद और बढ़ गया। भाजपा नेताओं का कहना था कि बिना ठोस साक्ष्यों के केवल बयानबाजी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। इससे आम जनता के बीच यह संदेश गया कि राज्य की एजेंसियां निष्पक्षता के बजाय राजनीतिक दबाव में काम कर रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल में लंबे समय से कानून व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठते रहे हैं। चुनावी हिंसा, राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्याएं और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं पर हमलों की घटनाएं लगातार चर्चा में रहीं। भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य में लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है और विपक्ष को खुलकर काम नहीं करने दिया जा रहा। इससे आम मतदाताओं में असुरक्षा और असंतोष की भावना बढ़ी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तुष्टिकरण की राजनीति भी पश्चिम बंगाल में एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनी। भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार वोट बैंक की राजनीति के लिए एक विशेष वर्ग को खुश करने में लगी रही, जबकि सामान्य जनता की समस्याओं की अनदेखी हुई। दुर्गा पूजा विसर्जन, रामनवमी यात्राओं और धार्मिक आयोजनों को लेकर समय-समय पर हुए विवादों ने इस बहस को और तेज किया। विपक्ष ने इसे सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बनाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा भी बंगाल की राजनीति में प्रमुखता से उभरा। सीमावर्ती जिलों में अवैध घुसपैठ और उससे बदलते जनसांख्यिकीय संतुलन को लेकर लगातार चिंता व्यक्त की जाती रही। भाजपा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विषय बताया। विपक्ष का आरोप था कि राजनीतिक लाभ के लिए राज्य सरकार इस समस्या को नजरअंदाज करती रही। यही कारण रहा कि नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर जैसे मुद्दों पर बंगाल में तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भ्रष्टाचार के आरोपों ने भी तृणमूल सरकार की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया। शिक्षक भर्ती घोटाला, कोयला तस्करी, पशु तस्करी और विभिन्न आर्थिक अनियमितताओं के मामलों ने जनता के बीच सरकार की विश्वसनीयता को कमजोर किया। शिक्षित युवाओं में यह भावना बढ़ी कि रोजगार और सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता समाप्त हो रही है। जब बेरोजगार युवा सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे, तब सरकार पर आरोप लगा कि वह समस्याओं के समाधान के बजाय विरोध दबाने में अधिक रुचि रखती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ममता बनर्जी की राजनीतिक शैली भी लगातार विवादों में रही। विपक्ष का आरोप था कि वे आलोचना को सहन नहीं करतीं और विरोधियों के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाती हैं। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी राजनीति में संघर्ष और टकराव का तत्व अधिक दिखाई देता है। यही कारण है कि समय के साथ बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ता गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दूसरी ओर भाजपा ने बंगाल में खुद को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, सनातन परंपरा और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों से जोड़कर प्रस्तुत किया। पार्टी ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को बचाने और भ्रष्टाचार मुक्त शासन स्थापित करने के लिए राजनीतिक परिवर्तन आवश्यक है। रामनवमी, दुर्गा पूजा और बंगाल की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को भाजपा ने अपने अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया। इससे बड़ी संख्या में युवा और शहरी मतदाता भाजपा की ओर आकर्षित हुए।</div>
<div style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की मांग केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक असंतोष का भी परिणाम थी। जनता का एक वर्ग मानने लगा था कि राज्य को हिंसा, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति से बाहर निकालकर विकास, पारदर्शिता और सांस्कृतिक आत्मविश्वास की दिशा में ले जाने की आवश्यकता है। इसी सोच ने बंगाल की राजनीति में बदलाव की पृष्ठभूमि तैयार की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज पश्चिम बंगाल का राजनीतिक संघर्ष केवल सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे विचारधारा, सांस्कृतिक पहचान और प्रशासनिक पारदर्शिता की लड़ाई के रूप में भी देखा जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह तय होगा कि बंगाल किस दिशा में आगे बढ़ता है, लेकिन इतना स्पष्ट है कि राज्य की जनता अब केवल नारों से संतुष्ट नहीं है। वह सुशासन, सुरक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक सम्मान की अपेक्षा रखती है। यही अपेक्षाएं पश्चिम बंगाल की राजनीति का भविष्य तय करेंगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">            <strong>*कांतिलाल मांडोत*</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 13:06:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना ऊंज का किया अर्धवार्षिक निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने एवं थाना स्तर की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बुधवार की रात थाना ऊंज का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना कार्यालय के अपराध रजिस्टर, विवेचना रजिस्टर, त्योहार रजिस्टर, जीडी रजिस्टर, हथियार रजिस्टर एवं वाहन रजिस्टर सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का गहन अवलोकन किया। अभिलेखों की प्रविष्टियों की जांच करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। अपर पुलिस अधीक्षक ने मालखाना, शस्त्रागार, मिशन शक्ति केंद्र एवं महिला हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया। मालखाने में</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178484/additional-superintendent-of-police-conducted-half-yearly-inspection-of-police"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260507-wa00321.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने एवं थाना स्तर की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बुधवार की रात थाना ऊंज का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना कार्यालय के अपराध रजिस्टर, विवेचना रजिस्टर, त्योहार रजिस्टर, जीडी रजिस्टर, हथियार रजिस्टर एवं वाहन रजिस्टर सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का गहन अवलोकन किया। अभिलेखों की प्रविष्टियों की जांच करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। अपर पुलिस अधीक्षक ने मालखाना, शस्त्रागार, मिशन शक्ति केंद्र एवं महिला हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया। मालखाने में रखे सामान, सीलबंद सामग्री तथा शस्त्रागार में हथियारों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई। वहीं मिशन शक्ति केंद्र में महिलाओं से संबंधित शिकायतों के निस्तारण एवं काउंसलिंग व्यवस्था का जायजा लिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने थाना परिसर, बैरक एवं भोजनालय की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था और बेहतर करने के निर्देश दिए। लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए विवेचकों को गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र में रात्रि गश्त, पैदल गश्त एवं वाहन गश्त को और अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिसकर्मी आमजन से संवाद स्थापित करें तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क नजर रखें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा थाना परिसर में खड़े लावारिस एवं मुकदमाती वाहनों की सूची तैयार कर नियमानुसार शीघ्र नीलामी प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के बाद अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने कहा कि थाना स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही ही जनता के विश्वास को मजबूत करती है तथा प्रत्येक थाना मॉडल थाने की तरह कार्य करे, जिससे जनपद में अपराधमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण स्थापित हो सके।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178484/additional-superintendent-of-police-conducted-half-yearly-inspection-of-police</link>
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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 19:16:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>औचक निरीक्षण में सख्त दिखीं आयुक्त कुमुद सहाय, चंदवा अंचल कार्यालय को दी समयबद्ध सेवा और पारदर्शिता की नसीहत</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लातेहार, झारखंड:-</strong>   प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय ने मंगलवार को जिले के चंदवा अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए कार्यालय में संधारित विभिन्न दस्तावेजों, अभिलेखों एवं पंजियों का बारीकी से अवलोकन किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
</div>
<div style="text-align:justify;">आयुक्त ने कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से लंबित प्रमाण पत्रों, दाखिल-खारिज मामलों एवं अन्य राजस्व संबंधी आवेदनों की स्थिति की जानकारी ली और सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि आम जनता को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178245/commissioner-kumud-sahay-appeared-strict-during-the-surprise-inspection-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/news-3.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लातेहार, झारखंड:-</strong>  प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय ने मंगलवार को जिले के चंदवा अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए कार्यालय में संधारित विभिन्न दस्तावेजों, अभिलेखों एवं पंजियों का बारीकी से अवलोकन किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div style="text-align:justify;">आयुक्त ने कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से लंबित प्रमाण पत्रों, दाखिल-खारिज मामलों एवं अन्य राजस्व संबंधी आवेदनों की स्थिति की जानकारी ली और सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि आम जनता को समयबद्ध और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजस्व संग्रहण की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि राजस्व संग्रहण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करने के लिए ठोस एवं प्रभावी पहल सुनिश्चित की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों में हलचल देखी गई और सभी को अपने-अपने कार्यों में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 20:56:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जब व्यवस्था बोलती है, तो नाम सिविल सेवकों का होता है</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस उस अदृश्य शक्ति का उत्सव है जो देश की शासन व्यवस्था को गति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्थिरता और दिशा प्रदान करती है। </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल को मनाया जाने वाला यह दिन उन सिविल सेवकों के योगदान को रेखांकित करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो केवल प्रशासनिक पदों पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि परिवर्तन के वाहक के रूप में कार्य करते हैं। ये अधिकारी योजनाओं को नीति-पत्रों से निकालकर समाज की वास्तविक जरूरतों से जोड़ते हैं और विकास को जमीनी स्तर पर जीवंत बनाते हैं। संकट की घड़ी हो या विकास की चुनौती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी त्वरित निर्णय क्षमता और निष्ठा पूरे राष्ट्र को</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176705/when-the-system-speaks-the-name-of-the-civil-servants"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/national_civil_services_day.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस उस अदृश्य शक्ति का उत्सव है जो देश की शासन व्यवस्था को गति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्थिरता और दिशा प्रदान करती है। </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल को मनाया जाने वाला यह दिन उन सिविल सेवकों के योगदान को रेखांकित करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो केवल प्रशासनिक पदों पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि परिवर्तन के वाहक के रूप में कार्य करते हैं। ये अधिकारी योजनाओं को नीति-पत्रों से निकालकर समाज की वास्तविक जरूरतों से जोड़ते हैं और विकास को जमीनी स्तर पर जीवंत बनाते हैं। संकट की घड़ी हो या विकास की चुनौती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी त्वरित निर्णय क्षमता और निष्ठा पूरे राष्ट्र को संतुलन और विश्वास देती है। यह अवसर हमें उनके मौन लेकिन प्रभावशाली योगदान को समझने और एक ऐसे प्रशासन के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो अधिक उत्तरदायी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संवेदनशील और जनकेंद्रित हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस का ऐतिहासिक आधार उतना ही प्रेरक है जितना इसका वर्तमान संदेश।</span> 21 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल </span>1947 <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सरदार वल्लभभाई पटेल ने दिल्ली के मेटकाफ हाउस में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय प्रशासनिक सेवा (</span><span lang="hi" xml:lang="hi">आईएएस</span>) <span lang="hi" xml:lang="hi">के प्रथम बैच के परिवीक्षाधीन अधिकारियों</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को संबोधित किया था। उन्होंने उन्हें ‘देश का स्टील फ्रेम’ (</span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्टील फ्रेम ऑफ इंडिया</span>) <span lang="hi" xml:lang="hi">कहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो एक मजबूत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निष्पक्ष और ईमानदार प्रशासन की राष्ट्र निर्माण में अनिवार्य भूमिका को दर्शाता है। उनका यह संदेश सिविल सेवकों के लिए निर्भीकता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निष्पक्षता और जनसेवा की स्पष्ट दिशा बन गया। यह दिवस उसी विचार को जीवंत करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब प्रशासनिक सेवाओं के महत्व को पुनः स्मरण करते हुए उनके योगदान को सम्मान और कृतज्ञता के साथ स्वीकार किया जाता है तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी निर्णायक भूमिका को और अधिक सशक्त करने का संकल्प लिया जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस का उद्देश्य सिविल सेवकों के योगदान को सम्मान देना ही नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उन्हें जनसेवा में अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनने की प्रेरणा देना है। इस अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारियों/जिलों/संगठनों</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री पुरस्कार</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदान किए जाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो उनके उल्लेखनीय प्रयासों और सफल क्रियान्वयन का सम्मान है। यह सम्मान न केवल उनकी मेहनत को मान्यता देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे प्रशासन तंत्र में बेहतर कार्य की प्रेरणा भी पैदा करता है। साथ ही यह दिन पारदर्शिता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जवाबदेही और जन-केंद्रित शासन को मजबूत करने का संदेश देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि सरकारी योजनाएँ बिना बाधा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सकें।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत जैसे देश में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ सामाजिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता अत्यधिक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिविल सेवकों की भूमिका केवल प्रशासन तक सीमित नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि राष्ट्र की जीवनरेखा के समान है। वे नीतियों को लागू करने वाले साधारण कार्यकर्ता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समानता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न्याय और सामाजिक सद्भाव के वास्तविक रक्षक हैं। विकास योजनाओं को गाँव-गाँव तक पहुँचाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वंचित और कमजोर वर्ग के अधिकारों को सुनिश्चित करना तथा समाज को एकता के सूत्र में बाँधना—ये सभी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ उनके कंधों पर होती हैं। संकट के समय उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। चाहे कोविड-</span>19 <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसी महामारी हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएँ हों या कोई अन्य राष्ट्रीय संकट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिविल सेवक सदैव अग्रिम पंक्ति में रहकर देश को संभालते हैं। उनकी अटूट निष्ठा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समर्पण और कर्तव्यपरायणता ही भारत को हर कठिन परिस्थिति में स्थिरता और प्रगति की दिशा प्रदान करती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज का समय तकनीकी परिवर्तन और डिजिटल नवाचार का युग है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने सिविल सेवकों की जिम्मेदारियों को पहले से अधिक व्यापक और जटिल बना दिया है। अब उन्हें पारंपरिक प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर शासन को अधिक पारदर्शी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेज और प्रभावी बनाना होता है। डिजिटल इंडिया जैसी पहलों ने ई-गवर्नेंस को मजबूत किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे ऑनलाइन सेवाएँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल लेन-देन और सरल प्रक्रियाएँ जनता तक सुविधाजनक रूप से पहुँच रही हैं। साथ ही साइबर सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डेटा संरक्षण और डिजिटल जागरूकता जैसी नई चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। ऐसे में सिविल सेवकों का दायित्व है कि वे इन चुनौतियों का समाधान करते हुए प्रशासन को अधिक सक्षम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जन-केंद्रित और भविष्य उन्मुख बनाएँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि भारत एक सशक्त डिजिटल राष्ट्र के रूप में निरंतर आगे बढ़ सके।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज सिविल सेवकों के सामने सामाजिक-आर्थिक असमानता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरणीय संकट और जनसंख्या वृद्धि जैसी गंभीर चुनौतियाँ हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनके लिए दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान जरूरी हैं। इनसे निपटने के लिए नवाचार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सहयोग और दूरदर्शी सोच अपनाना आवश्यक है। आदर्श सिविल सेवक वही है जो निष्पक्षता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईमानदारी और जवाबदेही के साथ जनहित को सर्वोपरि रखे। राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस इस विचार को मजबूत करता है और प्रशासन में सुधार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दक्षता और पारदर्शिता पर चिंतन का अवसर देता है। निरंतर प्रशिक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी दक्षता और मजबूत व्यवस्था से सिविल सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है तथा जन-केंद्रित दृष्टिकोण से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि प्रशासन वास्तव में जनता के हित में कार्य करे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस सिविल सेवकों के लिए आत्मचिंतन और कर्तव्यनिष्ठा को पुनः जागृत करने का प्रेरक अवसर है। यह दिन सरदार वल्लभभाई पटेल के उस विचार को फिर से सशक्त करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उन्होंने निष्पक्षता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईमानदारी और जनता के प्रति जवाबदेही को सुशासन की आधारशिला बताया था। इस अवसर पर सिविल सेवकों को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे देश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संविधान और नागरिकों के हित में पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेंगे। उनकी यह निष्ठा ही भारत को मजबूत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समावेशी और प्रगतिशील राष्ट्र बनाने में आधार बनती है। यह दिवस उनके योगदान को सम्मान देने के साथ यह विश्वास भी जगाता है कि सिविल सेवाएँ ही राष्ट्र की एकता और विकास की वास्तविक शक्ति हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="en-in" xml:lang="en-in"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">कृति आरके जैन</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 18:30:32 +0530</pubDate>
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