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                <title>आर्थिक संकट - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>आर्थिक संकट RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दुबई में हार्ट अटैक से प्रवासी मजदूर की मौत, 13 दिन बाद शव पहुंचते ही गांव में पसरा मातम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के नगर थाना क्षेत्र के कतर जंगल निवासी पप्पू रोजी-रोटी की तलाश में दुबई गए एक प्रवासी मजदूर की हार्ट अटैक से हुई असमय मौत के बाद जब 13 दिन बाद उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शव के गांव पहुंचते ही परिजनों का दर्द फूट पड़ा और हर आंख नम हो गई। बुजुर्ग मां की चीखें, पत्नी का विलाप और बच्चों की खामोशी ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।</div>
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<div>कप्तानगंज ब्लॉक के थाना नगर क्षेत्र अंतर्गत कठार जंगल गांव निवासी पप्पू पुत्र हरिहर (करीब 40</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180881/migrant-laborer-dies-of-heart-attack-in-dubai-mourning-spread"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260609-wa0049.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के नगर थाना क्षेत्र के कतर जंगल निवासी पप्पू रोजी-रोटी की तलाश में दुबई गए एक प्रवासी मजदूर की हार्ट अटैक से हुई असमय मौत के बाद जब 13 दिन बाद उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शव के गांव पहुंचते ही परिजनों का दर्द फूट पड़ा और हर आंख नम हो गई। बुजुर्ग मां की चीखें, पत्नी का विलाप और बच्चों की खामोशी ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।</div>
<div> </div>
<div>कप्तानगंज ब्लॉक के थाना नगर क्षेत्र अंतर्गत कठार जंगल गांव निवासी पप्पू पुत्र हरिहर (करीब 40 वर्ष) अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए दुबई में कार्यरत थे। परिवार के अनुसार वह इससे पहले भी कई बार दुबई जा चुके थे और लगभग पांच वर्ष पहले एक बार फिर रोजगार के लिए वहां गए थे। वह एक निजी कंपनी में वॉचमैन के पद पर काम कर रहे थे।</div>
<div> </div>
<div>बताया गया कि 27 मई की रात कंपनी परिसर में ही अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना कंपनी द्वारा तत्काल उनके परिजनों को दी गई। इसके बाद आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते उनका पार्थिव शरीर भारत लाने में समय लगा।</div>
<div> </div>
<div>सोमवार को जब पप्पू का शव गांव पहुंचा तो पूरे कठार जंगल गांव में मातम पसर गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार उनके घर पहुंचे। 80 वर्षीय मां रामरति बेटे के शव को देखकर बेसुध हो गईं। वहीं पत्नी निर्मला देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार परिवार के भविष्य की चिंता जताते हुए विलाप करती रहीं। परिवार की बड़ी बेटी शालिनी (18 वर्ष), छोटी बेटी संध्या (16 वर्ष) और बेटा प्रिंस (15 वर्ष) गहरे सदमे में दिखाई दिए।</div>
<div> </div>
<div>ग्रामीणों ने बताया कि पप्पू परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और उनकी आय पर ही पूरे परिवार का खर्च चलता था। उनकी असमय मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब वृद्ध मां, पत्नी, दो अविवाहित बेटियों और एक नाबालिग बेटे के सामने जीवनयापन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।</div>
<div> </div>
<div>गांव में अंतिम संस्कार के दौरान माहौल पूरी तरह गमगीन रहा। ग्रामीणों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए प्रशासन से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:52:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बढ़ती कीमतों से बिगड़ी मध्यवर्गीय सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मानवी अहंकार के परिणाम स्वरूप अमेरिका ईरान इजरायल और यूक्रेन रूस युद्ध के चलते पेट्रोलियम पदार्थों के दाम लगभग विश्व के हर देश में बढ़ गए हैं। इसी परिपेक्ष में भारत में भी बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों के करण भारतीय मध्यम वर्गीय अर्थव्यवस्था तथा सामाजिक संरचना बृहद रूप में प्रभावित हुई है । विश्व स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, युद्धों और शक्ति-संघर्षों का सबसे अधिक प्रभाव आम नागरिकों पर पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका-ईरान तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध तथा मध्य-पूर्व में इजरायल से जुड़े संघर्षों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में हुई वृद्धि ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180351/middle-class-socio-economic-system-deteriorated-due-to-rising-prices"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/images-(1)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मानवी अहंकार के परिणाम स्वरूप अमेरिका ईरान इजरायल और यूक्रेन रूस युद्ध के चलते पेट्रोलियम पदार्थों के दाम लगभग विश्व के हर देश में बढ़ गए हैं। इसी परिपेक्ष में भारत में भी बढ़ते पेट्रोल डीजल के दामों के करण भारतीय मध्यम वर्गीय अर्थव्यवस्था तथा सामाजिक संरचना बृहद रूप में प्रभावित हुई है । विश्व स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, युद्धों और शक्ति-संघर्षों का सबसे अधिक प्रभाव आम नागरिकों पर पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका-ईरान तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध तथा मध्य-पूर्व में इजरायल से जुड़े संघर्षों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में हुई वृद्धि ने लगभग प्रत्येक देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने विशेष रूप से भारतीय मध्यम वर्ग की आर्थिक और सामाजिक संरचना को गहरे स्तर पर प्रभावित किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि का सीधा प्रभाव घरेलू बाजार पर पड़ता है। पेट्रोल और डीजल केवल वाहन चलाने के साधन नहीं हैं, बल्कि वे संपूर्ण आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ हैं। परिवहन, कृषि, उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र लगभग सभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन पर निर्भर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डीजल की कीमतों में वृद्धि का सबसे अधिक प्रभाव परिवहन क्षेत्र पर पड़ता है। देश में अधिकांश माल ढुलाई ट्रकों के माध्यम से होती है। जब डीजल महंगा होता है, तो परिवहन लागत बढ़ जाती है। इसका परिणाम यह होता है कि खाद्यान्न, फल-सब्जियां, दूध, दालें, निर्माण सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें स्वतः बढ़ने लगती हैं। व्यापारी अतिरिक्त लागत का भार अंततः उपभोक्ताओं पर डाल देते हैं। इस प्रकार महंगाई का एक ऐसा चक्र प्रारंभ हो जाता है, जिससे सामान्य नागरिक बच नहीं पाता।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय मध्यम वर्ग पहले से ही शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार संबंधी चुनौतियों से जूझ रहा है। पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों ने उसकी मासिक आय और व्यय के संतुलन को और बिगाड़ दिया है। जिन परिवारों के पास निजी वाहन हैं, उनके लिए कार्यालय, विद्यालय और अन्य आवश्यक यात्राओं का खर्च बढ़ गया है। वहीं रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि ने घरेलू बजट को प्रभावित किया है। परिणामस्वरूप परिवारों को अपनी आवश्यकताओं और इच्छाओं के बीच समझौता करना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">महंगाई का सामाजिक प्रभाव भी कम गंभीर नहीं है। जब आय स्थिर हो और खर्च लगातार बढ़ता जाए, तो परिवारों में तनाव बढ़ने लगता है। आर्थिक दबाव पारिवारिक संबंधों, सामाजिक सहभागिता और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। मध्यम वर्ग, जो समाज की स्थिरता और विकास का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है, स्वयं असुरक्षा और भविष्य की चिंताओं से घिर जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि क्षेत्र भी इससे प्रभावित हुआ है। डीजल से चलने वाले पंप, ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों की लागत बढ़ने से खेती महंगी हो गई है। उत्पादन लागत बढ़ने पर किसान अपनी उपज का उचित मूल्य चाहते हैं, जिससे बाजार में खाद्य पदार्थों की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इस प्रकार महंगाई का प्रभाव खेत से लेकर थाली तक दिखाई देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अर्थशास्त्री लंबे समय से कहते रहे हैं कि ऊर्जा की कीमतें किसी भी अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण संकेतक होती हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने अनेक अवसरों पर ऊर्जा सुरक्षा को आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक बताया था। वहीं अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने भी विकास को केवल आय वृद्धि नहीं बल्कि जीवन-स्तर की गुणवत्ता से जोड़कर देखा है। यदि बढ़ती महंगाई लोगों की बुनियादी आवश्यकताओं को प्रभावित करती है, तो विकास का वास्तविक लाभ समाज तक नहीं पहुंच पाता।</p>
<p style="text-align:justify;">आज आवश्यकता इस बात की है कि वैश्विक स्तर पर युद्ध और संघर्ष की राजनीति के स्थान पर संवाद और सहयोग को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही भारत को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में और अधिक प्रयास करने होंगे। सौर ऊर्जा, जैव ईंधन और विद्युत वाहनों को बढ़ावा देकर पेट्रोलियम पर निर्भरता कम की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">बढ़ती पेट्रोलियम कीमतें केवल आर्थिक समस्या नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक स्थिरता और जीवन की गुणवत्ता से भी जुड़ी हुई हैं। युद्धों और वैश्विक तनावों की कीमत अंततः आम नागरिक चुकाता है। इसलिए विश्व शांति, ऊर्जा सुरक्षा और संतुलित आर्थिक नीतियां ही मध्यम वर्ग को राहत प्रदान कर सकती हैं। जब तक पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण नहीं होगा, तब तक महंगाई का दबाव भारतीय मध्यम वर्ग की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करता रहेगा।<br /><br /><strong>संजीव ठाकुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:43:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने अपनी मांग को लेकर सीएमओ को सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>तीन माह से वेतन न मिलने के कारण संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के द्वारा सोमवार को  एमडी एनएचएम को संबोधित मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया l</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  जिलाअध्यक्ष  मनीष पांडेय  ने ज्ञापन देते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा समस्त संविदा कर्मियों का 3 माह से वेतन न मिलने के कारण पूरा परिवार अर्थिक संकट से जूझ रहा है यदि जल्द इसका निस्तारण नहीं किया गया तो समस्त कर्मी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे I  जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सीएचओ संघ के जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179571/draft-add-your-titledraft-add-your-title"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1779115490546.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>तीन माह से वेतन न मिलने के कारण संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के द्वारा सोमवार को  एमडी एनएचएम को संबोधित मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया l</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जिलाअध्यक्ष  मनीष पांडेय  ने ज्ञापन देते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा समस्त संविदा कर्मियों का 3 माह से वेतन न मिलने के कारण पूरा परिवार अर्थिक संकट से जूझ रहा है यदि जल्द इसका निस्तारण नहीं किया गया तो समस्त कर्मी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे I  जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सीएचओ संघ के जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार,  डाक्टर अनुप  यादव  समीर सिंह,  देवेन्द्र कुमार, सतीश पटेल आदि रहे।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 19:17:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो माह से मानदेय न मिलने पर संविदा कर्मियों का कार्य बहिष्कार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)। </strong>दो माह से मानदेय न मिलने से नाराज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को सीएचसी परिसर में सांकेतिक कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शासन और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर चल रहे तीन दिवसीय सांकेतिक कार्य बहिष्कार के तहत सुबह करीब 10 बजे कर्मचारी सीएचसी परिसर में एकत्र हुए। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार और मंत्री सचिन गुप्ता के नेतृत्व में कर्मचारियों ने बकाया मानदेय भुगतान की मांग उठाई। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179544/work-boycott-of-contract-workers-for-not-receiving-honorarium-for"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260519-wa0057.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर (शाहजहांपुर)। </strong>दो माह से मानदेय न मिलने से नाराज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को सीएचसी परिसर में सांकेतिक कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शासन और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर चल रहे तीन दिवसीय सांकेतिक कार्य बहिष्कार के तहत सुबह करीब 10 बजे कर्मचारी सीएचसी परिसर में एकत्र हुए। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार और मंत्री सचिन गुप्ता के नेतृत्व में कर्मचारियों ने बकाया मानदेय भुगतान की मांग उठाई। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि पिछले दो माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट गहरा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि लगातार स्वास्थ्य सेवाएं देने के बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। संविदा कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान डॉ. अभिषेक जौहरी, प्रियंका यादव, संगीता, शिवानी, मीनू समेत बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 18:15:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>गरीब बिटिया की शादी में फरिश्ता बने हाईकोर्ट के अधिवक्ता के.एल. तिवारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong>बस्ती जिले के हरैया तहसील के मुईली गांव में एक गरीब परिवार की बेटी की शादी उस समय संकट में पड़ गई, जब मेहनत-मजदूरी कर जोड़े गए 70 हजार रुपये अचानक खाते से गायब हो गए। पीड़ित श्याम नारायण निषाद की पुत्री सपना निषाद की शादी 21 अप्रैल 2026 को तय है।</div>
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<div style="text-align:justify;">अपरिवार का आरोप है कि हर्रैया द्वितीय क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य जवाहर लाल और उनके पुत्र दिवाकर विक्रम द्वारा संचालित खाते से गरीब खाताधारकों का करोड़ों रुपये गबन कर फरार हो गए हैं।</div>
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<div style="text-align:justify;">इस घटना का खुलासा तब हुआ जब शादी की तैयारियों के लिए परिजन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176695/high-court-advocate-kl-tiwari-became-an-angel-at-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260420-wa0059.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong>बस्ती जिले के हरैया तहसील के मुईली गांव में एक गरीब परिवार की बेटी की शादी उस समय संकट में पड़ गई, जब मेहनत-मजदूरी कर जोड़े गए 70 हजार रुपये अचानक खाते से गायब हो गए। पीड़ित श्याम नारायण निषाद की पुत्री सपना निषाद की शादी 21 अप्रैल 2026 को तय है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपरिवार का आरोप है कि हर्रैया द्वितीय क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य जवाहर लाल और उनके पुत्र दिवाकर विक्रम द्वारा संचालित खाते से गरीब खाताधारकों का करोड़ों रुपये गबन कर फरार हो गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना का खुलासा तब हुआ जब शादी की तैयारियों के लिए परिजन पैसा निकालने बैंक पहुंचे, लेकिन खाते में शून्य राशि देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसकी शिकायत कई जगह किया गया लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से निराश हो करके लौट आए</div>
<div style="text-align:justify;">इस विपरीत परिस्थिति में जब परिवार पूरी तरह टूट चुका था, तब “सेवा समर्पण भाव परिवार” के मुखिया दिलीप पांडे ने सोशल मीडिया के माध्यम से मदद की अपील की। यह अपील इंसानियत की मिसाल बन गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जैसे ही यह खबर हाईकोर्ट इलाहाबाद के अधिवक्ता के.एल. तिवारी तक पहुंची, वे रविवार देर शाम खुद पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और न केवल 5 साड़ियां, कुर्ता-धोती, गमछा भेंट किया बल्कि आर्थिक सहायता देकर बेटी की शादी में सहयोग का भरोसा भी दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान दिलीप पांडे, पशुपतिनाथ चतुर्वेदी, आकाश त्रिपाठी, उमंग पांडे सहित गांव के कई लोग मौजूद रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिवक्ता तिवारी द्वारा किए गए इस मानवीय कार्य की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है और सोशल मीडिया पर भी लोग इसे “इंसानियत की मिसाल” बता रहे हैं। समाज सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं अधिवक्ता कन्हैया लाल तिवारी हमेशा गरीबों की सहायता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं भगवान उनकी मदद करें</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 17:59:16 +0530</pubDate>
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