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                <title>FIR controversy - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>FIR controversy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डीएम के आदेश में BNS 316(5), FIR से गायब: आखिर किसके निर्देश पर हटी गंभीर धारा?</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>राज्य ब्यूरो - विपिन शुक्ला </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">धान खरीद केंद्र बी-पैक्स असाईदपुर कला के केंद्र प्रभारी दुर्गा प्रसाद पाण्डेय के खिलाफ दर्ज एफआईआर ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश में जहां आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के तहत भी अभियोग दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे, वहीं थाना भीटी में दर्ज एफआईआर में केवल धारा 3 और 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम ही दर्ज की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">हैरानी की बात यह है कि एफआईआर के तथ्यात्मक विवरण में स्वयं यह उल्लेख किया गया है</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183667/bns-3165-missing-from-fir-as-per-dms-order-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001123229-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>राज्य ब्यूरो - विपिन शुक्ला </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धान खरीद केंद्र बी-पैक्स असाईदपुर कला के केंद्र प्रभारी दुर्गा प्रसाद पाण्डेय के खिलाफ दर्ज एफआईआर ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश में जहां आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के तहत भी अभियोग दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे, वहीं थाना भीटी में दर्ज एफआईआर में केवल धारा 3 और 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम ही दर्ज की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हैरानी की बात यह है कि एफआईआर के तथ्यात्मक विवरण में स्वयं यह उल्लेख किया गया है कि कथित कूटरचित ऑनलाइन समर्पण पत्र BNS की धारा 316(5) के दायरे में आता है, लेकिन यही धारा एफआईआर के सेक्शन कॉलम से गायब है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी कार्यालय के आदेश में अभियोजन कार्यालय की रिपोर्ट के आधार पर कहा गया था कि केंद्र प्रभारी द्वारा धान खरीद से जुड़े ऑनलाइन समर्पण पत्र में कथित अनियमितता और मूल्यवान कूटरचित दस्तावेज तैयार किए जाने के प्रथम दृष्टया तथ्य पाए गए हैं। इसी आधार पर धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा BNS की धारा 316(5) के तहत मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बावजूद 15 जुलाई 2026 को दर्ज एफआईआर में केवल आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराएं दर्ज की गईं। इससे यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि जब जिलाधिकारी के आदेश और एफआईआर के कथानक दोनों में धारा 316(5) का उल्लेख है, तो फिर इसे एफआईआर की धाराओं में शामिल क्यों नहीं किया गया?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्या यह विवेचना के दौरान हुई तकनीकी चूक है, या फिर किसी स्तर पर गंभीर धारा जोड़ने से परहेज किया गया? यह सवाल अब प्रशासनिक और पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस सूत्रों के अनुसार, धारा 316(5) को शामिल न किए जाने को लेकर विभाग के भीतर भी चर्चाएं हैं। हालांकि, इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए इस संबंध में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अब निगाहें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के जवाब पर टिकी हैं कि जिलाधिकारी के निर्देशों के बावजूद गंभीर धारा एफआईआर के सेक्शन से क्यों गायब रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उठ रहे हैं ये बड़े सवाल</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डीएम के आदेश में BNS की धारा 316(5) का स्पष्ट उल्लेख।</div>
<div style="text-align:justify;">एफआईआर के तथ्यों में भी धारा 316(5) का जिक्र।</div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन सेक्शन कॉलम में केवल धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम।</div>
<div style="text-align:justify;">क्या यह तकनीकी त्रुटि है या किसी स्तर पर लिया गया निर्णय?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्या पुलिस इस मामले में पूरक धाराएं जोड़ने की तैयारी कर रही है?</div>
<div style="text-align:justify;">यह संस्करण पत्रकारिता की दृष्टि से अधिक सशक्त है और दस्तावेज़ों पर आधारित सवाल उठाता है, जबकि अप्रमाणित आरोपों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं करता।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 21:10:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती जिले में भू माफियाओं का आतंक राजस्व निरीक्षक से की मिली भगत से गरीबों की जमीन पर दबंगों का कब्जा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले सदर तहसील क्षेत्र कलवारी थाना क्षेत्र के ग्रामअमिलहा के राजस्व निरीक्षक अशर्फी लाल व हल्का लेखपाल द्वारा दबंग भू माफिया को जमीन बिना पैमाइश किए ज्यादा कब्जा करवा रहे हैं ग्रामीणों के विरोध पर दबंग भूमिया महिलाओं के साथ अभद्रता करते हुए जान माल की धमकी दिया राजस्व निरीक्षककीभूमिकासंदिग्ध,ग्रामीणों की गैर मौजूदगी में दबंगों से मिल षड़यंत्र कर करवाया गलत पैमाइश व पत्थर नसब,दबंगों से अधिक जमीन कब्जा करवाने की कर रहे कोशिश?</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अमिलहा में आसिफ नाम का व्यक्ति खुद को  सरकारी कर्मचारी का आदमी बता विवादित जमीन पर जबरन कब्जे की कर रहा कोशिश कवरेज</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176619/terror-of-land-mafia-in-basti-district-occupation-of-poors"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260419-wa0033.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले सदर तहसील क्षेत्र कलवारी थाना क्षेत्र के ग्रामअमिलहा के राजस्व निरीक्षक अशर्फी लाल व हल्का लेखपाल द्वारा दबंग भू माफिया को जमीन बिना पैमाइश किए ज्यादा कब्जा करवा रहे हैं ग्रामीणों के विरोध पर दबंग भूमिया महिलाओं के साथ अभद्रता करते हुए जान माल की धमकी दिया राजस्व निरीक्षककीभूमिकासंदिग्ध,ग्रामीणों की गैर मौजूदगी में दबंगों से मिल षड़यंत्र कर करवाया गलत पैमाइश व पत्थर नसब,दबंगों से अधिक जमीन कब्जा करवाने की कर रहे कोशिश?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमिलहा में आसिफ नाम का व्यक्ति खुद को  सरकारी कर्मचारी का आदमी बता विवादित जमीन पर जबरन कब्जे की कर रहा कोशिश कवरेज करने गए पत्रकार को,खबर चलाने पर पत्रकारों को दे रहा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दिया। मौके पर मौजूद लेखपाल राजस्व निरीक्षक ने विवादित जमीन पर जेसीबी द्वारा कार्य कराया जा रहा है ग्रामीणों के विरोध से कार्य रुकवा नहीं जिसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को दे दी गई हैदबंगों को साथ लेकर गांव में अनुसूचित जाति की महिलाओं से हाथापाई व  गाली-गलौज, जेसीबी से जमीन में खोदकर तोपने की धमकी देने वाले आसिफ व उसके गुर्गों के उपर अब तक थाने मे व डीएम,एसपी के यहां पड़े शिकायत पत्र को दे कर कार्रवाई का मांग किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कानूनगो अशर्फी लाल व हल्का लेखपाल की भूमिका संदिग्ध,ग्रामीणों की गैर मौजूदगी में दबंगों से मिल षड़यंत्र कर करवाया गलत पैमाइश व पत्थर नसब,दबंगों से अधिक जमीन कब्जा करवाने की कर रहे कोशिश भ्रष्ट राजस्व निरीक्षक और लेखपाल मोटी रकम लेकर के जबरदस्ती जमीन को कब जाना चाहते हैंग्रामीणों का आरोप पत्थर नसब में दो पत्थर गड़वा कागजों में बताएं गए चार,अपने फर्जी रिपोर्ट के आधार पर जालसाजो से मिल कानूनगो ने निर्दोष व्यक्ति रामदेव पर दर्ज कराया एफआईआर दबंग भूमिया के खिलाफ कोई कार्रवाई न करके ग्रामीणों में असंतोष फैला हुआ हैकानूनगो का रिश्वत लेते वीडियो होने का भी दावा कर रहा आसिफ नाम का व्यक्ति,ग्रामीणों के मुताबिक आपराधिक प्रवृति व मानसिक विक्षिप्त किस्म का व्यक्ति हैं भैरोपुर निवासी आसिफ दूसरे ग्राम पंचायत का निवासी होने के बावजूद भी राजस्व निरीक्षक की गंदी हरकत से ग्रामीण परेशान है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजस्व निरीक्षक नेक्षेत्र के नामी भू-माफियाओं से मिल जमीनी रंजिश में गरीब महिलाओं को मकान-दुकान पर जा,रास्ते में दबंगों से रुकवा,फोन कर दे रहा भद्दी-भद्दी गालियां व जान से मारने की धमकी आधी रात में दबंगों संग मिल पत्थर उखाड़ कर दूसरी जगह लगा भाग गए बहरूपिये?विवादित जमीन पर कब्जा करने के लिए वास्तविक तथ्यों को छिपा न्यायालय व पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा जाल साज दबंग भू माफिया आसिफ , ने ग्रामीणों के दी जान से मारने की धमकी जिसका प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी महोदय के कार्यालय में दिया गया लेकिन फिर भी अभी कार्य रुका नहीं आखिर योगी राज में भू माफिया को मिट्टी में मिला देने वाले दावे को कब सच कर दिखाएंगे अधिकारी,कलवारी थाना अंतर्गत अमिलहा गांव का पूरा मामला।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 20:01:47 +0530</pubDate>
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