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                <title>Bengal politics - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Bengal politics RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>TMC के बैंक खातों में रखे 440 करोड़ रुपये फ्रीज; बागी विधायकों की शिकायत पर कार्रवाई।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बड़ी बगावत का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों में रखे गए क़रीब </span>440<span lang="hi" xml:lang="hi">  करोड़ रुपये की निकासी पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई पार्टी के बागी विधायकों की शिकायत पर हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्होंने इन पैसों के स्रोत की जाँच की मांग की थी। पहले से ही बगावत झेल रहीं ममता बनर्जी को अब इस कार्रवाई से एक और बड़ा झटका लगा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस ताज़ घटना से पार्टी में पैसे के लेन देन पर नियंत्रण को लेकर चल रही आंतरिक लड़ाई और भी तेज हो गई है। ऋतब्रत बनर्जी का</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181815/action-on-the-complaint-of-rebel-mlas-to-freeze-rs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas18.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बड़ी बगावत का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों में रखे गए क़रीब </span>440<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की निकासी पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई पार्टी के बागी विधायकों की शिकायत पर हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्होंने इन पैसों के स्रोत की जाँच की मांग की थी। पहले से ही बगावत झेल रहीं ममता बनर्जी को अब इस कार्रवाई से एक और बड़ा झटका लगा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस ताज़ घटना से पार्टी में पैसे के लेन देन पर नियंत्रण को लेकर चल रही आंतरिक लड़ाई और भी तेज हो गई है। ऋतब्रत बनर्जी का गुट अब पार्टी के लेन देन में गड़बड़ी का आरोप लगा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्राइवेट सेक्टर के एक बैंक में रखे गए इन तीन खातों पर </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">डेबिट फ्रीज</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">लगा दिया गया है। इसका मतलब है कि इन खातों से पैसे निकाले या बाहर ट्रांसफर नहीं किए जा सकते हैं। हालााँकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन खातों में पैसे जमा किए जा सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह कार्रवाई हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद पार्टी में चल रही टूट-फूट के बीच हुई है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में क़रीब </span>60<span lang="hi" xml:lang="hi"> विधायकों ने बगवात की है। अब पार्टी के संगठन और पैसे पर नियंत्रण की कोशिश चल रही है। ऋतब्रत बनर्जी गुट के </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> विधायकों ने बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें एफआईआर दर्ज करने तथा पूरी जांच कराने की मांग की गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायत में इन बागी विधायकों ने पूछा है कि इन खातों में जमा इतना बड़ा पैसा कहाँ से आया</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने जाँच एजेंसियों से यह पता लगाने को कहा है कि क्या यह पैसा वैध स्रोतों से आया या कट-मनी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">घोटालों आदि गैरकानूनी गतिविधियों से जमा किया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बागियों की शिकायत की कॉपी में कहा गया है कि विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि गैरकानूनी गतिविधियों से पैसा जमा किया गया हो सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें प्रभाव का दुरुपयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेईमानी से वित्तीय लेन-देन और अवैध वसूली शामिल है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाग़ी विधायकों की शिकायत से कुछ दिन पहले ही वरिष्ठ टीएमसी नेता अरूप विश्वास ने बैंक को चिट्ठी लिखकर खातों की सुरक्षा और ट्रांजेक्शन रोकने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी के </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये से ज़्यादा के जमा को तब तक किसी को ऑपरेट नहीं करने देना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब तक पार्टी में नेतृत्व विवाद सुलझ न जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> <span lang="hi" xml:lang="hi">बिस्वास ने खातों के मैनेजमेंट और कंट्रोल को लेकर चिंता जताते हुए उन्हें फ्रीज़ करने की मांग की थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं बागी विधायकों ने अब फंड के सोर्स की आपराधिक जांच की मांग की है। खास बात यह है कि ये शिकायतें उसी साइबर क्राइम थाने में की गई हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां पहले अरूप विश्वास के ख़िलाफ़ लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे वाले विवाद में केस चल रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 19:20:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल: अभिषेक बनर्जी के बाद TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला, सिर पर लगी चोट</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> प्रदर्शनकारियों ने सांसद कल्याण बनर्जी का रास्ता रोका। बड़ी संख्या में लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से उनके सिर पर चोट लगी। वे थोड़ी देर बाद जमीन पर गिर गए। हमले के बाद जमीन पर लेटे कल्याण बनर्जी फोन पर बात करते हुए नजर आए। पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी के बाद तृणमूल कांग्रेस के एक और सांसद पर कथित रूप से हमला हुआ है। सांसद कल्याण बनर्जी चंडीतला पुलिस स्टेशन में ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर मारपीट की।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180387/tmc-mp-kalyan-banerjee-attacked-after-west-bengal-abhishek-banerjee"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/attack-on-kalyan-banerjee-1780211370965.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> प्रदर्शनकारियों ने सांसद कल्याण बनर्जी का रास्ता रोका। बड़ी संख्या में लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से उनके सिर पर चोट लगी। वे थोड़ी देर बाद जमीन पर गिर गए। हमले के बाद जमीन पर लेटे कल्याण बनर्जी फोन पर बात करते हुए नजर आए। पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी के बाद तृणमूल कांग्रेस के एक और सांसद पर कथित रूप से हमला हुआ है। सांसद कल्याण बनर्जी चंडीतला पुलिस स्टेशन में ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर मारपीट की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों ने सांसद कल्याण बनर्जी का रास्ता रोकते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए। तस्वीरों में नजर आया कि कल्याण बनर्जी भीड़ का सामना कर रहे थे। बड़ी संख्या में लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से उनके सिर पर चोट लगी। वे थोड़ी देर बाद जमीन पर गिर गए। हमले के बाद जमीन पर लेटे कल्याण बनर्जी फोन पर बात करते हुए नजर आए। इस दौरान सुरक्षाबलों को स्थिति को संभालने का प्रयास करते हुए भी देखा गया। वहीं, टीएमसी समर्थकों ने कल्याण बनर्जी को संभाला और उन्हें भीड़ से दूर ले जाने का प्रयास किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं अकेला आ रहा था। मेरे साथ कोई नहीं था। बीजेपी सदस्यों ने गाली-गलौज की और मेरे सिर पर बॉल से मारा। मेरे सिर से खून बह रहा है।" उन्होंने कहा, "अब लोग तय करेंगे कि यह सही है या गलत कि सांसदों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे पहले, शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। वे चुनाव के बाद शनिवार को हिंसा में मारे गए एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने सोनारपुर गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका विरोध किया। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उनके काफिले पर अंडे व ईंट के टुकड़े फेंके और नारे लगाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, "फिलहाल इलाज घर पर ही किया जाएगा। जितनी जरूरत होगी, सलाइन और ऑक्सीजन घर पर ही दी जाएगी। यदि आवश्यकता पड़ी तो अभिषेक को इलाज के लिए हैदराबाद ले जाया जाएगा।"पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि हमले के बाद अभिषेक बनर्जी के सीने में ब्लड क्लॉट जम गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उस समय अभिषेक के सिर पर हेलमेट नहीं होता, तो घटना जानलेवा साबित हो सकती थी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>अन्य राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 19:06:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नारी बन्दन बिल के सहारे  बीजेपी बंगाल जीतना चाहती थी या चीन मॉडल लागू करना चाहती थी </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रोफेसर अशोक कुमार </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> देश में एक तरफचुनाव का वातावरण बना था पांच राज्यों में चुनाव हो रहा था ।तीन राज्यों का चुनाव भी एक चरण में पूरा होगया है ।दो मजबूत राज्यों बंगाल और तामिलनाडु में तीन चरणों में चुनाव होने वाला है।बंगाल के चुनाव में नब्बे लाख वैध मतदान का नाम चुनाव आयोग हटा दिया है । चुनाव आयोग के इस कृत्य को देश की जनता सब देख रही है। सुन रही जान रही पर मौन है।मौन जब तुटता है तो तूफ़ान  आ जाता है । भारत की जनता  कब अपना मौन तोड़ेगी यह समय बतायेगा।पर बंगाल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176611/bjp-wanted-to-win-bengal-with-the-help-of-nari"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img_20260417_2100471.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रोफेसर अशोक कुमार </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> देश में एक तरफचुनाव का वातावरण बना था पांच राज्यों में चुनाव हो रहा था ।तीन राज्यों का चुनाव भी एक चरण में पूरा होगया है ।दो मजबूत राज्यों बंगाल और तामिलनाडु में तीन चरणों में चुनाव होने वाला है।बंगाल के चुनाव में नब्बे लाख वैध मतदान का नाम चुनाव आयोग हटा दिया है । चुनाव आयोग के इस कृत्य को देश की जनता सब देख रही है। सुन रही जान रही पर मौन है।मौन जब तुटता है तो तूफ़ान  आ जाता है । भारत की जनता  कब अपना मौन तोड़ेगी यह समय बतायेगा।पर बंगाल के चुनाव में जो भी वोटर लिस्ट में धांधली हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  यह एक लोकतांत्रिक देश के लिए शुभ संकेत नहीं है।  अपने ही नागरिकों का वोट का अधिकार छीन कर उनको विदेशी नागरिक कहना उचित नहीं है पर 2014से एक धर्म विशेष के लोगों को हर राज्य में नया नामकरण दिया गया घूसपैठिये और आज तक यानि 2014से अब तक कितने घुसपैठिए हर राज्य में मिले भारत सरकार जनता को चुनाव में नहीं बता पा रही है।  बस एक नरेटिव कि बंगाल में ममता चुनाव घुसपैठियों के वोट से जीत रही है एक धर्म के वोट से जीत रही  है उनको वोट के अधिकार से वंचित करना है । जो चुनाव आयोग सरकार का कठपुतली बन कर कर दिया। नब्बे लाख का नाम काट दिया।  अब चुनाव में वोट नहींदेगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विपक्ष का आरोप सही कि देश की सभी सम्वैधानिक संस्थानों पर व  न्यायालय हो चुनाव आयोग हो ई डी सी बी आई हर पर एक पार्टी एक विचार धारा का कब्जा हो गया है।यह बात भारत के जनमानस के  साथ  विश्व के जनमानस में भी यही गुज रहा है कि 2014के बाद भारत में लोकतंत्र कमजोर होगया।  बस एक नेता एक पार्टी कीबात होनेलगी है विपक्ष कहीं जिन्दा नहीं  रहे।उसको संसद से सड़क तक लड़ने का अधिकार नहीं जब जब संसद से सड़क पर आया लड़ने उसको देशद्रोही पाक परस्त छदम सेकुलर अवसर वादी न जाने किन किन अलंकरणों से भारतीय मिडिया भाजपा का आईटी सेल सोशल मिडिया अलंकृत करता रहता है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बंगाल के चुनाव में एक और बात बहुत दिलचप्स  हो रही की कभी ममता के विधायक रहे हुमाऊ कबीर ममता को छोड़ कर भाजपा में गये फिर वहां से सौदे बाजी करके अलग पार्टी बनाया। भाजपा ने ममता को हराने के लिए एक हजार करोड़ और उपमुख्यमंत्री के पद पर समझौता किया यह बात एक स्टिंग ऑपरेशन करके किसी ने खुलासाकर दिया  विडियो बनाकर  सोशल मिडिया में चला रहा है। मैं यह नहीं कह सकता हूं दावे के साथ की यह विडियो सही या ग़लत  है।जो सोशल मिडिया पर चल रहा उसी की बात कर रहा हूं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सच क्या है जांच हो तो सब जनता जाने ।इसी विडियो से  परेशान होकर देश की सरकार  जो हर समय बस  चुनाव में रहती हैं परेशान हो ग ई जीत का सपना जो बंगाल में  देख रही थी  काबफूर होने लगा। तब वह  एक नया गेम प्लान लेकर आई कि बीच चुनाव में ही संसद का विशेष सत्र तीन दिन का बुला लिया कि अब देश की नारी आधी आबादी शायद बंगाल जीतादे।  जो  नारी शक्ति वन्दन बिल यानि महिला आरक्षण 2023मे पास हो चुका है और 2029के चुनाव में लागू होगा  जिसमें जनगणना और परिसीमन की बात थी ।उसको बदलने के लिए ही विशेष सत्र को बुलाया जो गलत है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोकतंत्र में संख्या बल का खेल है। तो सरकार सत्ता में संसद का विशेष सत्र बुला लिया।और तीन अलग अलग बिल पेश कर दिया। 16अप्रैल से बहस चल रही है 17शाम चार बजे के बाद वोटिंग होगी  इस में भी सरकारकिस नियम से वोटिंग करायेगी।इस महिला बिल का विपक्ष समर्थन कर रहा उनका कहना है महिलाओं को आरक्षण 545सासद के वर्तमान नम्बर में से कर दिया जाये।  लेकिन भाजपा कह रही हम देश में नये राजाओं की संख्या बढायेंगे वह 850करके उस संख्या में से महिलाओं को तैंतीस प्रतिशत आरक्षण देने की बात कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन इस आरक्षण में भी एक खेल होगया अनुसुचित जाति और अनुसूचितजन जाति को तो लिया है परन्तु पिछड़ी जाति को आरक्षण में नहीं लिया है।विपक्ष का कहना है फिर परिसीमन  नहीं हो गा तबतक जब तक  जनगणना नही हो जायेगी जनगणना जातिय आधार पर होगी उसके बाद ही महिलाओं को आरक्षण और संसदों तथा प्रदेश में विधानसभा में विधायकों की संख्या बढ़ेगी। भाजपा परिसीमन को जनगणना से नहीं जोड़ना चाहती है भाजपा कि एक मंशा यह भी होगी कि परिसीमन बिल पास कराले। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">न ई जनगणना में जातियों की गणना नहीं करायेगे यह आशंका है कि जातिय जनगणाना भाजपा नहीं करना चाहती है।अगर जातिय जन गणना देश की होगी तो बहुत कुछ देश में बदल जायेगा राजनिति का सन्तुलन भी गड़बड़ होगा फिर नारा वहीं चलेगा जिसकी जितनी सख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी ।इसी कारण से यह तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया।है या इस सत्र के परिणाम को जनता में ले जाकर सहानभूति लेने का राजनिति चाल  था।  बंगाल के चुनाव प्रचार में पता चलेगा बिल के पीछे का असली मकसद  क्या था या नकली चेहरा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी कारण भाजपा 2011या किसी भी जनगणना से किसी भी राज्य की संसदों की सख्या निर्धारित करने का एकाधिकार चाहती है। जो बहुत ग़लत है विपक्ष विरोध कर रहा यह तो निश्चित है जिस राज्य में जन संख्या कम होगी वहां सांसद कम होंगे इस बिल से उत्तर भारत में यूं पी बिहार राजस्थान  एम पी में सांसदों की संख्या बढ़ेगी और इन राज्यो  की तुलना में दक्षिण राज्यों में कम संख्या सांसदों की होगी पूर्वोत्तर राज्यों में भी कामोवेश यही होगा ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब एक न ई लड़ाई इस बिल से उत्तर भारत और दक्षिण भारत में शुरू होगया है यह सब एक सुनियोजित चाल से भारत में लोकतंत्र को चीनी लोकतंत्र में बदलने का कुचक्र  तो नहीं चल रहा है कि चुनाव में दो तिहाई बहुमत मिले सम्विधान बदले और चीनी राष्ट्रपति की प्रणाली बना कर  भाजपा सत्ता में सदा के लिए बनी रहे  अगर मंशा साफ होता तो  महिलाओं को आरक्षण  तो2024मे दे दिया होता। पर नारी के पीछे छिपकर देश में नया लोकतंत्र स्थापित करने की एक मंशा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परन्तु इस बिल में एक बात और है कि राज्य सभा कि सीट नहीं बढ़ाया जा रहा अनुपातिक तौर पर राज्य सभा में भी सीट बढ़े।  कारण अगर विधानसभा में हर राज्य में पचास प्रतिशत सीट बढ़ रही है तो राज्य सभा का क्योंनही बढ़ेगी। यह और तरह का खेल है कि अगर राज्य सभा में बहुमत नहीं होगा तो दोनों सदनों को मिलाकर कोई बिल‌विधेयक पास हो जायेगा विपक्ष यहां क्यौ मौन है राज्य  सभा में बढ़े पचास प्रतिशत।विपक्ष यह चाल भाजपा का समझ गया और या जाल मेंनही फंसा उस कबुतर की तरह । इस बिल से आभास हो रहा है नाम नारी शक्ति वन्दन पर खेल कुछ और है।</div>
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<div style="text-align:justify;">अब बंगाल का चुनाव बिल पास होगा तब भी नहीं पास होगा तब भी नारीशक्ति वन्दन के सहारे चलेगा सारा फोकस भाजपा का यही होगा  कि हम नारी सम्मान करतेहै  बिल आपके लिए शक्ति देगा नहीं पास हुआ तो  विपक्ष नारी विरोधी है यही गुंजेगा।परन्तु एक बात जो जनता को पूछना होगा अपने नेताओं से कि हम भारत के नागरिक इतने अमीर हो गये है कि 545राजा ससद के चार हजार विधानसभा के राजाओं  के ऐशो आराम के लिए जो अभी टैक्स दे रहे हैं। फिर 307सासदो और 2100 विधायको को जो बिल पास होने के बाद आयेंगे इनको पालने के लिए कितना और टैक्स देंगे लगभग हर वर्ष सभी राजाओं को पालने ऐशो आराम के लिए पन्द्रह हजार करोड़ लगेगा कहा से आयेगा।</div>
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<div style="text-align:justify;">कैसे आयेगा क्या और टैक्स लगेगा कोई राजनेता संसद में यह बात नहीं कर रहा नहीं सत्ता पक्ष यह जनता को बता रहा हैं कि इन सभी राजाओं को पालने का खर्च किस मद से होगा बस नारी शक्ति वन्दन हो रहा है। इन राजाओं के साथ साथ देश की जनता पूर्व सांसदों विधायकों को भी पाल रही है।इनके लालनपालन पर हर वर्ष ग्यारह हजार करोड़ खर्च होता पेंशन और मुफ्त यात्रा में यह सब गरीब भारत की जनता है पांच किलो मुफ्त राशन वाले असृसी करोड़ भी इनके लालपाल में अपना योगदान दे रहे हैं।अब भारत इतना अमीर तो नहीं है कि हजारों राजाओं को अपने। जनता के टैक्स पर पाले जा रहे हैं।</div>
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<div style="text-align:justify;">देश के उस समय अटल की सरकार ने 2003मे सरकारी कर्मचारियों का पेंशन यह कह कर बन्द कर दिया कि देश की जीडीपी पेंशन के भार को नहीं उठा पायेगी परन्तु इन राजाओं का  पेंशन वेतन मुफ्त आवास चिकित्सा यात्रा भत्ता देश  उठा रहा है।पर हम जनता मौन है। अपने लड़कों के हक में नहीं बोल रहे हैं।यह बिल जो लाया गया है देश हित में नहीं है जितनी पहले सांसदों की सख्या है उसी में से महिलाओं को आरक्षण दिया जाये सांसदों और विधायकों की सख्या न बढ़ाई जाये नहीं तो जनता कभी भी सड़क पर आयेगी तो क्या दृश्य होगा इसकी कल्पना कोई राजनेता या ज्योतिषी नहीं कर सकता है। </div>
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<div style="text-align:justify;">यदि नये राजाओं की संख्या देश में बढ़ी तो शायद फिर देश में कोई नया गांधी सुभाष आजाद भगत बनकर जरूर आयेगा इन राज्यों से मुक्ति जनता को मिलेगी जैसे मुगलों से अग्रेजो से देशी राजाओं से मिला था उसी तरह फिर लड़ना होगा नये राजाओ को हटाने के लिए ।भाजपा का मकसद नारी के नाम को चुनाव में लेकर सत्ता तक पहुचना है। वह नारी सम्मान कितना किये है और करेंगे संसद में  दिये गये भाषण को जनता याद कर रही कि आज वही व्यक्ति नारी वन्दन कर रहा जो कभी किसी नारी को विधवा न जाने कैसे कैसे अलंकरणों से सुशोभित किया था।</div>
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<div style="text-align:justify;">भाजपा के ऊपर जो तमाम आरोप लग रहे हैं उसी से जनता और महिलाओं के ध्यान को हटाने के लिए बंगाल तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए यह बिल लाया गया भाजपा को पता है बिल पास नहीं होगा फिर भी यह खेल किया कि चुनाव में विपक्ष को महिलाओं के विरोधी के रुप में स्थापित करके अपनी छबि को बचाने का नया कुचक्र  है।विपक्ष जब मांग कर रहा था कि ईरान अमेरिका इजरायल युद्ध और देश की ऊर्जा सुरक्षा पर बहस के लिए विशेष संसद का सत्र बुलाने की मांग नहीं माना और चर्चा नहीं हुआ वह ईरान पर मौन बस इजरायल अमेरिका के साथ खड़े हैं अब क्यों अमेरिका इजरायल के साथ है यह कूटनिती की कोई भाषा होगी।</div>
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<div style="text-align:justify;">कल संसद में मोदी गारंटी दे रहे थे बिल की पर शायद वह हर चुनाव में गारंटी देते आरहे है क्यो पूरा नहीं हुआ दोकरोड रोजगार बिहार में उघोग सौ स्मार्ट सीटी सब कहां  है।अब तो बिल पास नहीं हुआ। यह जो बिल गिरा भारत बच गया अगर बिल पास होगया होता तो 2029मेका आखिरी चुनाव होता या 2027मे मध्यावधि चुनाव कराकर सम्विधान बदले देते की भारत में एक दलित प्रणाली ही होगी।पर विपक्ष की गजब की एक जुटता कल देखने को मिला बिल गिर गया देश बच गया।अब  पांच राज्योचुनाव परिणाम का इन्तजार करे वैसे महंगाई के लिए भी जनता कमर कस ले।</div>
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<div style="text-align:justify;">29अप्रैल शाम पांच बजे देश का मौसम गुलाबी होगा जब तेल के दाम बढ़ेंगे यानही बढ़ेंगे  तब भी  भी मौसम गुलाबी रहेगा कारण पांच राज्यों का एक्जिट पोल पर बहस होगी कौन मुख्य मंत्री बनेगा तमाम बातें होंगी फिर लोग नारी शक्ति वन्दन भूल जायेंगे। इस माडल को हराने में दक्षिण के राज्य तृणमूल कांग्रेस के सहयोग की सराहना होनी चाहिए भाजपा समर्थक ससद दक्षिण के जो थे जनता उनसे हिसाब ले क्यों दक्षिण से धोखा किया।।अभी इसे जीत न माने न खुशी माने यह तो बस आरम्भ है।अभी सत्ता से विपक्ष को और लड़ना होगा जनता को भी  लड़ना होगा।</div>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 19:55:11 +0530</pubDate>
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