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                <title>public service delivery - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>सुविधाएँ बढ़ीं, बजट बढ़ा, फिर भी व्यवस्था वहीं क्यों?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायतों की सूची लंबी है—अस्पताल में दवा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल में शिक्षक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सड़क पर रोशनी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यालय में कर्मचारी नहीं। लेकिन सवाल हो कि जो है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह काम कर रहा है या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आवाज़ धीमी पड़ जाती है। डॉक्टर हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मरीज के सामने नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कक्षा में नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीट पर नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दायित्व पर नहीं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अस्पताल में मशीन है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जाँच नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल में प्रयोगशाला है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयोग नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">मैदान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खेल नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">टंकी है</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184435/facilities-increased-budget-increased-still-why-is-the-system-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1.-prof.-rkjain.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायतों की सूची लंबी है—अस्पताल में दवा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल में शिक्षक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सड़क पर रोशनी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यालय में कर्मचारी नहीं। लेकिन सवाल हो कि जो है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह काम कर रहा है या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आवाज़ धीमी पड़ जाती है। डॉक्टर हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मरीज के सामने नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कक्षा में नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीट पर नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दायित्व पर नहीं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अस्पताल में मशीन है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जाँच नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल में प्रयोगशाला है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयोग नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">मैदान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खेल नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">टंकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नल में पानी नहीं। समस्या सिर्फ सुविधाओं की कमी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मौजूद साधनों और पदों का अपने उद्देश्य से गायब होना है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संसाधन हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुर्सियाँ भरी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिणाम नहीं। सवाल है—इस दिखाई देती अनुपस्थिति को कब तक अनदेखा करेंगे</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हमने सुविधाओं को सेवा का माध्यम नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निजी लाभ का साधन बना लिया है। सरकारी अस्पताल का डॉक्टर सरकारी समय में निजी मरीजों में व्यस्त है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि ओ.पी.डी. में गरीब अपनी बारी का इंतजार करता है। शिक्षक कक्षा के लिए नियुक्त है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मगर उसकी ऊर्जा निजी कोचिंग में खपती है। सरकारी वाहन जनता के लिए है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मगर निजी आवागमन में चलता है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी कंप्यूटर काम के लिए है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मगर निजी कारोबार में इस्तेमाल होता है। सरकारी फोन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कमरा और संसाधन—नाम सरकारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस्तेमाल निजी। यहीं से सुविधा का चरित्र बदल जाता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो साधन जनता की सेवा के लिए था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वही किसी की निजी सुविधा और कमाई का जरिया बन जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विडंबना यह है कि हर समस्या का हल हम नई सुविधा में खोजते हैं—अस्पताल में भीड़ हो तो नया भवन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिणाम कमजोर हों तो नई इमारत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मशीन खराब हो तो नई मशीन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारी कम हों तो नई नियुक्ति। मगर पुरानी सुविधा का हिसाब कौन देगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">लाखों की मशीन खरीदी जाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीशियन न मिले तो धूल खाती है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">दवाइयाँ गोदाम भरती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वितरण की लापरवाही से जरूरतमंद तक नहीं पहुँचतीं और एक्सपायरी उन्हें निगल जाती है। स्कूल में स्मार्ट क्लास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोजेक्टर और स्क्रीन आ जाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर पढ़ाने का ढर्रा वही रहता है। प्रशिक्षण होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रमाणपत्र बंटते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तस्वीरें खिंचती हैं—कक्षा में फिर भी रट्टा चलता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संसाधन बढ़ते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बजट बढ़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खर्च बढ़ता है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">बस उपयोगिता वहीं की वहीं रहती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुविधाएँ शायद इसी लिए चुपचाप सवाल करती हैं। अस्पताल का बिस्तर पूछता है—“मैं मरीज के लिए था या सिर्फ औपचारिकता के लिए</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">किताब पूछती है—“बच्चे तक पहुँची क्यों नहीं</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">स्ट्रीट लाइट पूछती है—“मेरी रोशनी किस काम की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब महीनों खराब पड़ी रहूँ</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">सार्वजनिक शौचालय बनता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सफाई के अभाव में बेकार हो जाता है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">बस स्टैंड खड़ा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मगर यात्री सुविधा से वंचित हैं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">पार्क बनता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देखरेख न हो तो कूड़े और टूटे सामान में बदल जाता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इमारतें खड़ी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मशीनें खड़ी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">योजनाएँ कागज पर चल रही हैं—बस सेवा गायब है। सुविधा का शरीर बचा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उद्देश्य मर चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे बड़ी विडंबना तब सामने आती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब हम दूसरों से ईमानदारी चाहते हैं और अपनी बारी पर “सिस्टम ऐसा ही है” कहकर बच निकलते हैं। डॉक्टर व्यवस्था को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक विभाग को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारी अधिकारी को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारी बजट को और नागरिक पूरे सिस्टम को दोष देता है। मगर सिस्टम है किससे</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">हमसे ही।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">समय पर न पहुँचने वाला कर्मचारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिना पढ़े फाइल बढ़ाने वाला अधिकारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कक्षा को औपचारिकता मानने वाला शिक्षक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मरीज से ज्यादा निजी काम को तरजीह देने वाला डॉक्टर—ये सभी सिस्टम हैं। हम व्यवस्था बदलना चाहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर शुरुआत खुद से नहीं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सिस्टम को कोसना आसान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपने भीतर के स्वार्थ को देखना कठिन। यही हमारी असली सामूहिक विडंबना है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">असली सवाल सुविधा के होने का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके सही इस्तेमाल का है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सही उपयोग हो तो मरीज को इलाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">छात्र को समझ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसान को समय पर जानकारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नागरिक को समय पर प्रमाणपत्र और सड़क को रात में रोशनी मिलती है। दुरुपयोग हो तो डॉक्टर की कुर्सी भरी रहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा खाली</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक का वेतन आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेहनत नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यालय खुला रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समाधान बंद। कहीं नौकरी जिम्मेदारी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्थायी सुविधा बन जाती है—हाजिरी पूरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समय पूरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">काम अपनी मर्जी का। कहीं सरकारी संसाधन निजी काम में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कहीं सार्वजनिक समय निजी लाभ में।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह सिर्फ व्यवस्था की कमजोरी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी सामूहिक बेईमानी है—जिसे हम सुविधाजनक ढंग से “सिस्टम की समस्या” कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच जाते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अब विकास का सवाल भी बदलना होगा। हर बार “नई सुविधा कब मिलेगी</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">से पहले पूछा जाए—</span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">जो मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका परिणाम क्या आया</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">नया अस्पताल बनाने से पहले पुराने की दवा व्यवस्था देखी जाए</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">नई मशीन लाने से पहले पूछा जाए कि पुरानी बंद क्यों है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">नया स्कूल खोलने से पहले देखा जाए कि मौजूदा स्कूल बच्चों को क्या दे रहा है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">नई सड़क से पहले पुरानी सड़क की मरम्मत का हिसाब हो। हर योजना के साथ</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">देखभाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिम्मेदारी और परिणाम</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भी तय हों। सुविधा खरीदना आसान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे उपयोगी बनाए रखना कठिन। बजट से भवन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मशीन और फर्नीचर खरीदे जा सकते हैं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">ईमानदार उपयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिम्मेदारी और संवेदना किसी निविदा में नहीं मिलती।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्था केवल नई सुविधाओं से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सही नीयत से बदलती है। डॉक्टर के लिए मरीज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक के लिए कक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारी के लिए सरकारी समय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारी के लिए फाइल के पीछे खड़ा व्यक्ति और नागरिक के लिए सार्वजनिक संसाधन—जब सुविधा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिम्मेदारी बन जाएँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आधी समस्याएँ बिना नए खर्च के खत्म हो सकती हैं। नई सुविधाएँ जरूरी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर पुरानी नीयत के साथ नहीं। असली सुविधा बजट नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका ईमानदार उपयोग है। जिस दिन “मुझे क्या मिला</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">से पहले “जो मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे किसका भला हुआ</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">पूछा जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसी दिन व्यवस्था का हर साधन अपना असली अर्थ पाएगा। तब सुविधाएँ सिर्फ उपलब्ध नहीं होंगी—सार्थक होंगी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 22:34:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नारायणपुर में नए बीडीओ कमलेश कुमार दास ने संभाला पदभार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नारायणपुर, जामताड़ा, झारखंड:     </strong>नारायणपुर प्रखंड के 39वें प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के रूप में कमलेश कुमार दास ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण किया। उन्होंने निवर्तमान प्रभारी बीडीओ एवं अंचलाधिकारी देवराज गुप्ता से कार्यभार संभाला।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि पूर्व बीडीओ मुरली यादव के स्थानांतरण के बाद नारायणपुर के अंचलाधिकारी देवराज गुप्ता को बीडीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। लगभग नौ माह बाद प्रखंड को नियमित बीडीओ मिला है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पदभार ग्रहण करने के बाद बीडीओ कमलेश कुमार दास ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप कार्य</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181604/new-bdo-kamlesh-kumar-das-took-charge-in-narayanpur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images4.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नारायणपुर, जामताड़ा, झारखंड:     </strong>नारायणपुर प्रखंड के 39वें प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के रूप में कमलेश कुमार दास ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण किया। उन्होंने निवर्तमान प्रभारी बीडीओ एवं अंचलाधिकारी देवराज गुप्ता से कार्यभार संभाला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि पूर्व बीडीओ मुरली यादव के स्थानांतरण के बाद नारायणपुर के अंचलाधिकारी देवराज गुप्ता को बीडीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। लगभग नौ माह बाद प्रखंड को नियमित बीडीओ मिला है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पदभार ग्रहण करने के बाद बीडीओ कमलेश कुमार दास ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप कार्य करते हुए आम लोगों को योजनाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से प्रखंड के समग्र विकास को गति दी जाएगी, ताकि विकास की दौड़ में कोई भी व्यक्ति पीछे न रह जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर अंचलाधिकारी देवराज गुप्ता ने नए बीडीओ को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मौके पर सहायक अभियंता कुमार अनुराग, कनीय अभियंता गौतम मंडल, वकील मरांडी, कैलाश मंडल, राहुल सिन्हा, सुशांत कुमार, उदय ओझा, नरेश सोरेन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 18:09:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरही विद्युत विभाग कार्यकाल में विद्युत विपत्र शिकायतें निवारण शिविर का आयोजन </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरही, हजारीबाग, झारखंड:- </strong>   विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से गुरुवार को बरही विद्युत विभाग कार्यालय परिसर में विद्युत विपत्र शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों, विद्युत विपत्र (बिजली बिल) में विसंगतियों तथा मोबाइल नंबर अपडेट कराने से जुड़े अनुरोधों का निपटारा किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे उपभोक्ताओं ने बढ़े हुए बिजली बिल को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। कई उपभोक्ताओं ने बिल में आई अनियमितताओं की जांच कर उचित सुधार की मांग की। विभागीय अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों पर सुनवाई करते हुए आवश्यक कार्रवाई का</div>
<div> </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181521/electricity-bill-complaints-redressal-camp-organized-during-the-tenure-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/news-6.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरही, हजारीबाग, झारखंड:- </strong>  विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से गुरुवार को बरही विद्युत विभाग कार्यालय परिसर में विद्युत विपत्र शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों, विद्युत विपत्र (बिजली बिल) में विसंगतियों तथा मोबाइल नंबर अपडेट कराने से जुड़े अनुरोधों का निपटारा किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे उपभोक्ताओं ने बढ़े हुए बिजली बिल को लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। कई उपभोक्ताओं ने बिल में आई अनियमितताओं की जांच कर उचित सुधार की मांग की। विभागीय अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों पर सुनवाई करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया, वहीं कुछ मामलों का त्वरित निष्पादन भी किया गया। इस अवसर पर बरही विद्युत विभाग के एसडीओ सौरभ लिंडा ने कहा कि ऐसे शिविरों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान करना है। उन्होंने बताया कि विभाग उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए लगातार प्रयासरत है और भविष्य में भी इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे। शिविर में हजारीबाग के एक्सक्यूटिव क्षेत्रमोहन, बरही जेई अभिषेक आनंद, हरिद्वार मिश्रा, राजेश पांडेय, दिलशाद आलम, रमेश कुमार, दीपक राणा सहित विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:56:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमोढ़ा पुलिस चौकी बनी शोपीस, ताले में कैद जनता की सुरक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र स्थित अमोढ़ा पुलिस चौकी की कार्यशैली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अमोढ़ा पुलिस चौकी अधिकांश समय बंद रहती है और चौकी पर न तो चौकी प्रभारी धर्मेंद्र प्रजापति मौजूद रहते हैं और न ही अन्य पुलिसकर्मी दिखाई देते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी समस्या, विवाद या शिकायत के लिए जब लोग चौकी पहुंचते हैं तो वहां ताला लटका मिलता है। इससे लोगों को मजबूर होकर छावनी थाने का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181481/amodha-police-post-became-a-showpiece-for-the-safety-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0102.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र स्थित अमोढ़ा पुलिस चौकी की कार्यशैली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अमोढ़ा पुलिस चौकी अधिकांश समय बंद रहती है और चौकी पर न तो चौकी प्रभारी धर्मेंद्र प्रजापति मौजूद रहते हैं और न ही अन्य पुलिसकर्मी दिखाई देते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी समस्या, विवाद या शिकायत के लिए जब लोग चौकी पहुंचते हैं तो वहां ताला लटका मिलता है। इससे लोगों को मजबूर होकर छावनी थाने का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी अधिकतर समय थाने पर ही रहते हैं और चौकी केवल नाम मात्र की बनकर रह गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने कहा कि सरकार ने जनता की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए लाखों रुपये खर्च कर पुलिस चौकी का निर्माण कराया था, लेकिन जब चौकी पर पुलिसकर्मी मौजूद ही नहीं रहते तो इसका उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है। लोगों का कहना है कि यदि चौकी हमेशा बंद ही रहनी है तो उसके निर्माण का क्या औचित्य है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों ने पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर चौकी की नियमित कार्यप्रणाली सुनिश्चित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चौकी पर पुलिसकर्मियों की नियमित उपस्थिति से क्षेत्र में कानून व्यवस्था बेहतर होगी और आम जनता को तत्काल सहायता मिल सकेगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:58:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गौआश्रय स्थल में बदहाली देखकर सीडीओ ने जताई नाराजगी</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  सिद्धार्थनगर।</strong> भनवापुर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत नावडीह में शुक्रवार को  सीडीओ बलराम सिंह ने गौआश्रय का औचक निरीक्षण किया गया । निरीक्षण में गौआश्रय  की स्थिति देख कर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ग्राम सचिव को निर्देशित किया कि गौआश्रय में भूसा के साथ दाना, चारा  का सही से प्रयोग करें।  नगर पंचायत बिस्कोहर के वार्ड नंबर 2 के हनुमाननगर के गौआश्रय का  निरीक्षण किया जहां गौआश्रय में कई खामियां मिली। इस दौरान उन्होंने ने कहा कि गौआश्रय में हरा चारा व दाना सुचार रूप से उपलब्ध रहे। उन्होंने  गौआश्रय में कितने कर्मचारी कार्यरत है, इसकी जानकारी ली, बताया</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181143/cdo-expressed-displeasure-after-seeing-the-poor-condition-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781359041719.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong> सिद्धार्थनगर।</strong> भनवापुर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत नावडीह में शुक्रवार को  सीडीओ बलराम सिंह ने गौआश्रय का औचक निरीक्षण किया गया । निरीक्षण में गौआश्रय  की स्थिति देख कर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ग्राम सचिव को निर्देशित किया कि गौआश्रय में भूसा के साथ दाना, चारा  का सही से प्रयोग करें।  नगर पंचायत बिस्कोहर के वार्ड नंबर 2 के हनुमाननगर के गौआश्रय का  निरीक्षण किया जहां गौआश्रय में कई खामियां मिली। इस दौरान उन्होंने ने कहा कि गौआश्रय में हरा चारा व दाना सुचार रूप से उपलब्ध रहे। उन्होंने  गौआश्रय में कितने कर्मचारी कार्यरत है, इसकी जानकारी ली, बताया गया कि तीन कर्मचारियों की ड्यूटी है। इस दौरान खण्ड विकास अधिकारी विनोद मणि त्रिपाठी आदि उपस्थित हो।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:37:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को मिलना चाहिए-जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी  बलराम सिंह की उपस्थिति में शुक्रवार को विकास खण्ड भनवापुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत नावडीह में ग्राम चौपाल-गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  ग्राम चौपाल-गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्रामीणों से विभिन्न योजनाओ के बारे में जानकारी प्राप्त की गई तथा समीक्षा की गई। जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त किया गया कि शासन की योजनाओ की जानकारी मिल रही है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि शासन की योजनाओ का लाभ मिल रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि आज सभी अधिकारी आपके</div>
<div style="text-align:justify;">डीसीएनआरएलएम</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181087/eligible-people-should-get-the-benefits-of-public-welfare-schemes"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781272991463.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी  बलराम सिंह की उपस्थिति में शुक्रवार को विकास खण्ड भनवापुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत नावडीह में ग्राम चौपाल-गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> ग्राम चौपाल-गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्रामीणों से विभिन्न योजनाओ के बारे में जानकारी प्राप्त की गई तथा समीक्षा की गई। जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त किया गया कि शासन की योजनाओ की जानकारी मिल रही है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि शासन की योजनाओ का लाभ मिल रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि आज सभी अधिकारी आपके ग्राम में आये है आप लोग अपनी समस्याओं के बारे में संबधित विभाग के अधिकारी से सम्पर्क कर निराकरण करा ले।  जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियो को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों को सभी योजनाओ का लाभ मिलना चाहिए। पात्र लोगो का आयुष्मान कार्ड बनवाये। आयुष्मान कार्ड से 05 लाख तक का निःशुल्क इलाज की सुविधा है। किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत फसलों के क्षति पूर्ति का भुगतान एवं किसान सम्मान निधि की समस्याओं का निराकरण कराये। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों से उन्होंने कहा कि यदि किसी को पेंशन से जुड़ी समस्या है, जैसे वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन या दिव्यांग पेंशन नहीं मिल रही है, तो वे तुरंत जानकारी दें। ब्लॉक स्तर के कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि महिलाओं को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र लाभार्थियो का सत्यापन कराकर पेंशन का लाभ दिया जाये।जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि भारत सरकार/प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुॅचाये। इसके किसी भी प्रकार की हीलाहवाली करने पर संबधित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। जन्म प्रमाण-पत्र, आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र का आवेदन निर्धारित समय में निस्तारित कराये।आपदा राहत के अन्तर्गत लाभ दिलाये। कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ दिलाये। किसान अपना फार्मर रजिस्ट्री करा ले जिससे सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओ का लाभ मिल सके। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी इटवा कुणाल, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा,</div>
<div style="text-align:justify;">डीसीएनआरएलएम देवनन्दन दूबे, जिला पूर्ति अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी रविशुकर पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी गणेश प्रसाद, खण्ड विकास अधिकारी भनवापुर विनोदमणि त्रिपाठी, ग्राम प्रधान व अन्य ब्लाक स्तरीय अधिकारी एवं ग्रामवासी आदि उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 21:05:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम चौपाल में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने सुनी जनसमस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही, :– </strong>शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकास खंड ज्ञानपुर/अभोली के ग्राम कसीदहा/सदौपुर स्थित पंचायत भवन में शुक्रवार को ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल की अध्यक्षता जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनी गईं तथा संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।<br />चौपाल में जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तार से समीक्षा</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181073/district-magistrate-and-superintendent-of-police-listened-to-the-public"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260612-wa0018.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही, :– </strong>शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकास खंड ज्ञानपुर/अभोली के ग्राम कसीदहा/सदौपुर स्थित पंचायत भवन में शुक्रवार को ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल की अध्यक्षता जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनी गईं तथा संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।<br />चौपाल में जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बाल विकास परियोजना (सीडीपीओ) विभाग की समीक्षा करते हुए गर्भवती महिलाओं की एएनसी (एंटी नेटल चेकअप), बच्चों के पोषण स्तर तथा आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पात्र लाभार्थियों को समय से राशन वितरण सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।<br />         जिलाधिकारी ने वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन एवं दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा अन्य जनस्वास्थ्य योजनाओं के बारे में जानकारी ली।<br />         इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने आगामी जनगणना की तैयारियों, सामुदायिक शौचालयों की स्थिति, फार्मर रजिस्ट्री, फैमिली आईडी निर्माण, राजस्व संबंधी मामलों तथा विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।<br />          चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने गांव में लगे एक हैंडपंप में समरसेबल पंप डाले जाने की शिकायत जिलाधिकारी के समक्ष रखी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने तत्काल ग्राम विकास अधिकारी एवं संबंधित लेखपाल से मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।<br />         इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने ग्रामीणों से संवाद कर गांव की सामाजिक एवं कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ग्रामीणों से आपसी सौहार्द एवं शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या या विवाद की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते उसका समाधान कराया जा सके। उन्होंने महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा सामाजिक समरसता बनाए रखने के संबंध में भी ग्रामीणों को जागरूक किया।<br />          ग्राम चौपाल के माध्यम से प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। चौपाल के दौरान कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जिससे ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया।<br />        इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल, उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर भानसिंह, जिला विकास अधिकारी सपना अवस्थी, जिला पूर्ति अधिकारी सुनील, जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश त्रिपाठी, जिला प्रोवेशन अधिकारी शत्रुघ्न कन्नौजिया एवं सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे। </div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 20:41:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डीएम एवं एसपी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में सुनी शिकायतें, 8 शिकायतों का हुआ निस्तारण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी की अध्यक्षता में तहसील सदर में शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। सदर तहसील सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 117 फरियादी अपनी समस्याओं के निस्तारण हेतु उपस्थित हुये, जिनमें से राजस्व विभाग की 8 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया गया। सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल प्राप्त 117 शिकायतों में से 74 शिकायतें राजस्व विभाग से, पुलिस विभाग से 06, विकास विभाग से 04, विद्युत विभाग से 02 एवं 31 अन्य विभागों से सम्बन्धित शिकायते प्राप्त हुई। पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों को पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर द्वारा सुना गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सम्पूर्ण समाधान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176603/dm-and-sp-heard-complaints-during-sampoorna-samadhan-diwas-8"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260418-wa0058.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी की अध्यक्षता में तहसील सदर में शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। सदर तहसील सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 117 फरियादी अपनी समस्याओं के निस्तारण हेतु उपस्थित हुये, जिनमें से राजस्व विभाग की 8 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया गया। सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल प्राप्त 117 शिकायतों में से 74 शिकायतें राजस्व विभाग से, पुलिस विभाग से 06, विकास विभाग से 04, विद्युत विभाग से 02 एवं 31 अन्य विभागों से सम्बन्धित शिकायते प्राप्त हुई। पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों को पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर द्वारा सुना गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायतकर्ता हरिकेश बहादुर सिंह निवासी महुली माधोगंज ने शिकायत किया कि गाटा संख्या 325 का संक्रमणीय सहभूमिधर है और मौके पर काबिज दाखिल है, गाटा संख्या 325 का एक पारिवारिक बंटवारा हो चुका है तथा बंटवारे के हिसाब से सभी पक्ष काबिज है तथा निर्माण भी बना लिये है, गाटे में प्रार्थी का 1/2 भाग है परन्तु द्वितीय पक्ष द्वारा प्रार्थी को भूमि पर निर्माण व पिलर नहीं गाड़ने दिया जा रहा है और अवरोध उत्पन्न कर रहे है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रकरण पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि राजस्व व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर जांच करायी जाय एवं प्रकरण का निस्तारण कराया जाय। शिकायतकर्ता बच्चा सिंह निवासी राजगढ़ ने शिकायत किया कि प्रार्थी व अन्य लोग इस समय पेयजल संकट से जूझ रहा है। प्राथी का इण्डिया मार्का हैण्डपम्प दो माह से खराब हो गया है, इसे ठीक नहीं कराया जा रहा है। रिबोर कराना अति आवश्यक है।इस प्रकरण पर जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी सदर को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिकायतकर्ताओं की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण तरीके से शिकायतों का निपटारा करें, जिसमें शिकायतकर्ता की संतुष्टि सबसे महत्वपूर्ण है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की अनदेखी या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिकारियों को प्राप्त सभी शिकायतों का समय पर और सही तरीके से समाधान करने के निर्देश दिये गये। उन्होने निर्देशित किया कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में जो भूमि संबंधी मामले हैं उसमें राजस्व तथा पुलिस की संयुक्त टीम गठित करके मौके पर भेजकर निस्तारण कराएं। उन्होंने कहा कि शासन का सख्त निर्देश है की जमीन संबंधी मामलों को तत्काल निस्तारण कराएं। कोई भी गरीब व्यक्ति किसी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहने पाये, इसका विशेष ध्यान दिया जाये। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने समस्त थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि पुलिस विभाग से सम्बन्धित शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को विनम्रता से सुनते हुए निष्पक्ष जांच कर पीड़ित को न्याय दिलाया जाए। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर अनुष्का शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 19:37:36 +0530</pubDate>
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