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                <title>बिजली कटौती समस्या - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>बिजली कटौती समस्या RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>श्रीभूमि जिले के मॉडल विलेज कृष्णनगर में केबल लाइन कनेक्शन की वर्षों पुरानी मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> श्रीभूमि जिला के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के दुल्लभछड़ा के समीप दरगारबंद जीपी के अंतर्गत मॉडल विलेज कृष्णनगर के ग्रामीण लंबे समय से बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि क्षेत्र में पुरानी बिजली तारों को हटाकर केबल लाइन के माध्यम से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में बड़ी संख्या में बांस के झुरमुट और पेड़-पौधे होने के कारण थोड़ी सी हवा, आंधी या बारिश होते ही बिजली की लाइन में खराबी आ जाती है। बार-बार फ्यूज उड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/187192/years-old-demand-for-cable-line-connection-in-model-village"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-09/img_20260619_222312.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> श्रीभूमि जिला के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के दुल्लभछड़ा के समीप दरगारबंद जीपी के अंतर्गत मॉडल विलेज कृष्णनगर के ग्रामीण लंबे समय से बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि क्षेत्र में पुरानी बिजली तारों को हटाकर केबल लाइन के माध्यम से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में बड़ी संख्या में बांस के झुरमुट और पेड़-पौधे होने के कारण थोड़ी सी हवा, आंधी या बारिश होते ही बिजली की लाइन में खराबी आ जाती है। बार-बार फ्यूज उड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, गांव के कई स्थानों पर बिजली के तार काफी नीचे तक झूल रहे हैं और कई जगहों पर ये तार लोगों के हाथ की पहुंच के करीब हैं। इससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का दावा है कि इस समस्या की जानकारी बिजली विभाग के कर्मचारियों को कई बार दी गई, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली के खंभों के ऊपर से गुजरने वाले पुराने तार अक्सर पेड़-पौधों और बांस की डालियों के संपर्क में आ जाते हैं। हल्की हवा चलने पर भी लाइन में तकनीकी खराबी उत्पन्न हो जाती है, जिससे 440 वोल्ट की बिजली लाइन प्रभावित होती है और पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई, घरेलू कार्यों तथा अन्य जरूरी कामों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों ने मॉडल विलेज कृष्णनगर में केबल लाइन के माध्यम से बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग को एक बार फिर जोरदार तरीके से उठाया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा तथा Assam Power Distribution Company Limited (APDCL) के दुल्लभछड़ा कार्यालय के संबंधित SDO का ध्यान आकर्षित करते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में केबल लाइन की व्यवस्था कर दी जाती है, तो बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या के साथ-साथ नीचे झूल रहे बिजली तारों से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाएगा।मॉडल विलेज कृष्णनगर के ग्रामीणों को उम्मीद है कि बिजली विभाग के संबंधित दुल्लभछड़ा APDCL के अधिकारी और SDO उनकी वर्षों पुरानी मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करेंगे और क्षेत्र की बिजली समस्या का स्थायी समाधान करेंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 20:54:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
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                <title>स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट पर यूपी सरकार ने लगाया ब्रेक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> उत्तर प्रदेश में तेजी से चल रहे स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट पर फिलहाल सरकार ने रोक लगा दी है। प्रदेशभर में पुराने बिजली मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चल रहा था, जिसके तहत करीब साढ़े तीन करोड़ उपभोक्ताओं को कवर किया जाना था। अब तक लगभग 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन हाल के दिनों में बढ़ती शिकायतों ने इस पूरे प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">दरअसल, प्रयागराज समेत कई जिलों से उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिल में अचानक बढ़ोतरी हो गई है। इसके</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176593/up-government-puts-brakes-on-smart-meter-project-orders-investigation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260419-wa0291.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> उत्तर प्रदेश में तेजी से चल रहे स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट पर फिलहाल सरकार ने रोक लगा दी है। प्रदेशभर में पुराने बिजली मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चल रहा था, जिसके तहत करीब साढ़े तीन करोड़ उपभोक्ताओं को कवर किया जाना था। अब तक लगभग 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन हाल के दिनों में बढ़ती शिकायतों ने इस पूरे प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">दरअसल, प्रयागराज समेत कई जिलों से उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिल में अचानक बढ़ोतरी हो गई है। इसके अलावा बिना पूर्व सूचना के बिजली कटने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे आम लोगों में असंतोष बढ़ता गया। कई जगहों पर उपभोक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किए और पुराने मीटर वापस लगाने की मांग उठाई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इन लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि जब तक उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक इस योजना को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए एक तकनीकी कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, बिलिंग सिस्टम और डेटा रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया की गहराई से जांच करेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कहीं तकनीकी खामी या सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी तो नहीं है, जिसके कारण बिल अधिक आ रहे हैं या बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट को किस तरह आगे बढ़ाया जाए। यदि जांच में खामियां सामने आती हैं, तो उन्हें सुधारने के बाद ही दोबारा इंस्टॉलेशन शुरू किया जाएगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस बीच, सरकार ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए और किसी भी उपभोक्ता को बिना सूचना बिजली न काटी जाए। साथ ही जिन इलाकों में ज्यादा शिकायतें हैं, वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट को बिजली व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा था, लेकिन मौजूदा हालात में यह योजना जांच के दायरे में आ गई है। अब सबकी नजर तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जो इस प्रोजेक्ट का भविष्य तय करेगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 19:19:41 +0530</pubDate>
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