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                <title>बच्चों की सुरक्षा गर्मी - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>बच्चों की सुरक्षा गर्मी RSS Feed</description>
                
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                <title>भीषण प्रचंड गर्मी से बेहाल प्रदेश के सरकारी स्कूल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी भीषण गर्मी ने अपना तांडव मचा रखा है। मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल के अंत तक लू और प्रचंड गर्मी का दौर जारी रहने की संभावना है। एक और राज्य सरकारें लोगों को गर्मी से बचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कर दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं दूसरी ओर उन्हीं सरकारों के आदेश से हर वर्ष अप्रैल माह में स्कूलों का संचालन जारी रहता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नर्सरी से बारहवीं तक के बच्चे तपती दोपहरी में स्कूल से घर लौटते नजर आते हैं।</span></p><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> सरकारें भले</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176452/government-schools-of-the-state-are-suffering-from-severe-heat"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश के अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी भीषण गर्मी ने अपना तांडव मचा रखा है। मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल के अंत तक लू और प्रचंड गर्मी का दौर जारी रहने की संभावना है। एक और राज्य सरकारें लोगों को गर्मी से बचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कर दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं दूसरी ओर उन्हीं सरकारों के आदेश से हर वर्ष अप्रैल माह में स्कूलों का संचालन जारी रहता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नर्सरी से बारहवीं तक के बच्चे तपती दोपहरी में स्कूल से घर लौटते नजर आते हैं।</span></p><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> सरकारें भले ही स्कूलों का समय दोपहर </span>12 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे तक सीमित करने के निर्देश जारी करती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वास्तविक समस्या इससे कहीं अधिक गंभीर है। मध्यम और निम्न वर्ग के अधिकांश बच्चे पैदल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साइकिल या ऑटो से स्कूल आते-जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो कई बच्चों को कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी स्थिति में जब स्कूलों की छुट्टी दोपहर </span>12 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे के बाद होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब बच्चों को अपने घर पहुँचने में डेढ़ से दो घंटे तक का समय लग जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो दिन का सबसे अधिक गर्म और खतरनाक समय होता है। इस दौरान लू और तेज धूप के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।</span></p><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों से आने वाले विद्यार्थियों की स्थिति और भी चिंताजनक है। उन्हें भीषण गर्मी के इस प्रकोप से बचाने के लिए राज्य सरकारों को गंभीरता से मंथन करना चाहिए। यदि स्कूलों का संचालन जून माह से प्रारंभ किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बच्चों को गर्मी से काफी हद तक राहत मिल सकती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वर्तमान समय में पर्यावरणीय असंतुलन का प्रभाव भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। मानव द्वारा प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के कारण हर वर्ष गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। यहां तक कि जो क्षेत्र पहले ठंडे माने जाते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां भी अब कूलर और एसी की आवश्यकता महसूस होने लगी है।</span></p><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में देशभर की राज्य सरकारों को चाहिए कि वे शैक्षणिक सत्र की शुरुआत </span>1 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल के बजाय </span>1 <span lang="hi" xml:lang="hi">जून से करने पर गंभीरता से विचार करें। यह निर्णय न केवल व्यावहारिक होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बच्चों और शिक्षकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक साबित होगा। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अतः प्रतिवर्ष बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए सरकार को नए शैक्षणिक सत्र के समय में बदलाव पर निर्णय लेना चाहिए और </span>1 <span lang="hi" xml:lang="hi">जून से स्कूल खोलने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। यही विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में एक संवेदनशील और दूरदर्शी पहल होगी।</span></p><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">                                                                                                                                                                 </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अरविंद रावल</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 18:35:38 +0530</pubDate>
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