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                <title>बैंक खाता दुरुपयोग - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>बैंक खाता दुरुपयोग RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>साइबर ठगी के संगठित गिरोह का भंडाफोड़, पांच आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>नई दिल्ली।</strong> दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस के थाना सरिता विहार की टीम ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान "साइ-हॉक 5.0" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कमीशन के आधार पर साइबर ठगी की रकम निकालने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 9 लाख रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम की निकासी को रोकने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, जसोला के शाखा प्रबंधक से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी साइबर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181429/organized-gang-of-cyber-fraud-busted-five-accused-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260617-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>नई दिल्ली।</strong> दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस के थाना सरिता विहार की टीम ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान "साइ-हॉक 5.0" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कमीशन के आधार पर साइबर ठगी की रकम निकालने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 9 लाख रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम की निकासी को रोकने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, जसोला के शाखा प्रबंधक से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से निकालने का काम कर रहे थे। इस संबंध में थाना सरिता विहार में एफआईआर संख्या 297/2026 दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है जांच में इस गिरोह के तार मुंबई में दर्ज एक बड़े साइबर ठगी मामले से जुड़े पाए गए हैं। मुंबई के एक निजी कंपनी के साथ कथित सीईओ/व्हाट्सएप प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) धोखाधड़ी के जरिए करीब 10.40 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। यह रकम 3 जून से 15 जून 2026 के बीच 63 अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से निकाली गई थी। इस मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच के दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज प्रकरण के तहत की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूरे वित्तीय नेटवर्क में संदिग्ध लेनदेन की राशि 10 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास 22 वंश 2 फैयाज आलम 22 अमित 28 और बलवीर कुमार 23 के रूप में हुई है। सभी आरोपी दिल्ली के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के कुछ अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई को थाना सरिता विहार के प्रभारी निरीक्षक युधवीर सिंह, उपनिरीक्षक वैभव सिंह, उपनिरीक्षक सतीश भाटी, बीसी नितेश, कांस्टेबल ओम प्रकाश और मनीष की टीम ने अंजाम दिया। अभियान का पर्यवेक्षण एसीपी अनिल शर्मा ने किया, जबकि पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-द्वितीय जसबीर सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 21:06:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>सरकारी योजना व सस्ते लोन के नाम पर साइबर ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब, तीन शातिर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं व सस्ते लोन का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के तीन अभ्यस्त आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी को अंजाम दिया है।</div>
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<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में अंशुल मिश्रा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176375/cyber-fraud-gang-in-the-name-of-government-schemes-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260416-wa0008.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं व सस्ते लोन का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के तीन अभ्यस्त आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी को अंजाम दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में अंशुल मिश्रा निवासी कावलचक सिखारी थाना ज्ञानपुर, मोहम्मद शोएब निवासी यादवपुर महासी सबलापुर जनपद बहराइच तथा कपिल रावत निवासी धरमंगत खेड़ा थाना मोहनलालगंज जनपद लखनऊ शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले की शुरुआत ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के बालीपुर निवासी अमन कुमार बिन्द की शिकायत से हुई, जिन्होंने आरोप लगाया कि अभियुक्तों ने उन्हें लोन दिलाने के नाम पर उनका व उनकी बहन का बैंक खाता खुलवाया और एटीएम कार्ड, पासबुक व लिंक मोबाइल नंबर अपने कब्जे में ले लिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इस पर साइबर क्राइम थाना में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ग्रामीण व भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं व आसान लोन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद खातों से जुड़े एटीएम कार्ड, पासबुक व सिम कार्ड अपने कब्जे में लेकर देशभर में साइबर ठगी की रकम इन्हीं खातों में मंगाते थे। ठगी के लिए ये लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम व इंस्टाग्राम के जरिए जुड़े रहते थे और इन्वेस्टमेंट, ट्रेडिंग, शॉपिंग व क्रेडिट कार्ड के नाम पर फर्जी लिंक व मालवेयर एपीके भेजकर लोगों को शिकार बनाते थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अभियुक्तों के मोबाइल फोन की जांच में 200 से अधिक बैंक खातों का विवरण मिला है, जिनके खिलाफ राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर 500 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं।पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ठगी की रकम को छिपाने के लिए मोहनलालगंज स्थित ‘शशि फिलिंग स्टेशन’ पेट्रोल पंप का इस्तेमाल करता था। यहां स्वाइप मशीन  के जरिए फर्जी ट्रांजेक्शन कर रकम को कैश में बदला जाता था। आरोपी कपिल रावत इसी पेट्रोल पंप पर कार्यरत था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गोपीगंज ओवरब्रिज के पास से तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से साइबर ठगी से संबंधित चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।इस कार्रवाई में निरीक्षक संतोष कुमार श्रीवास्तव, क्षेत्राधिकारी क्राइम चमन सिंह चावड़ा समेत साइबर थाना व स्वाट टीम के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, कॉल या लोन ऑफर के झांसे में न आएं और साइबर ठगी से संबंधित किसी भी घटना की तुरंत शिकायत करें।</div>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 20:11:54 +0530</pubDate>
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