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                <title>किसान - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>किसान RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>चौका नदी पर पुल की मांग को लेकर सुमरावा ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[सुमरावा, हाजीपुर, घासीपुर, अदवारी, करेहका ऊंचागांव समेत आसपास के दर्जनों गांवों के निवासियों ने संयुक्त आवेदन में बताया कि चौका नदी दोनों किनारों पर बसे इन गांवों को जोड़ने के लिए कोई स्थायी पुल नहीं है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176330/sumrava-villagers-wrote-a-letter-to-the-chief-minister-demanding"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260416-wa0025.jpg" alt=""></a><br /><p>सुमरावा (सकरन ब्लॉक) के  ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चौका नदी पर पक्के पुल के शीघ्र निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल न होने के कारण रोजमर्रा की जिंदगी, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।सुमरावा, हाजीपुर, घासीपुर, अदवारी, करेहका ऊंचागांव समेत आसपास के दर्जनों गांवों के निवासियों ने संयुक्त आवेदन में बताया कि चौका नदी दोनों किनारों पर बसे इन गांवों को जोड़ने के लिए कोई स्थायी पुल नहीं है। खासकर मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ जाने से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है और नाव के सहारे पार करने में जान का खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>आवेदन में मुख्य समस्याओं का उल्लेख किया गया है:</strong></p>
<p><strong>आवागमन में भारी कठिनाई, विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए। </strong></p>
<p><strong>बरसात में नाव से पार करते समय दुर्घटना का लगातार खतरा।किसानों को अपनी फसल नदी पार ले जाने में परेशानी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। </strong></p>
<p>मांग पत्र पर <strong>दीपक कुमार, साबिर खान, लवकुश,उमेश पटेल, सारजन गिरि, अनुराग पांडे, अनवर, रंजीत निर्मल,रिंकू</strong> सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए चौका नदी पर पक्के पुल के निर्माण की स्वीकृति शीघ्र प्रदान की जाए। ग्रामीणों ने लिखा है कि यह पुल क्षेत्र के हजारों निवासियों के लिए एक वरदान साबित होगा।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।सीतापुर जिले के कई इलाकों में नदियों पर पुलों की कमी लंबे समय से विकास की राह में बाधक बनी हुई है। यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू किया जाता है तो क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।</p>
<p><strong> नितिन कुमार (संवाददाता) सुमरावा सीतापुर। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:04:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sachin Bajpai]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाली में गेहूं की क्रॉप कटिंग, औसत उत्पादन 38 कुंतल प्रति हेक्टेयर</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>भदोही। </strong>रबी फसलों के उत्पादन के आकलन के तहत जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने ज्ञानपुर तहसील के ग्राम पाली में गेहूं की फसल की क्रॉप कटिंग कराई।</div>
<div>  </div>
<div>किसान श्रीमती पान देवी व शीतला प्रसाद के खेत में 43.3 वर्ग मीटर क्षेत्र में कटाई व थ्रेसिंग कराई गई, जिसमें क्रमशः 18.02 किग्रा व 14.71 किग्रा उत्पादन प्राप्त हुआ। इसके आधार पर औसत उत्पादन लगभग 38 कुंतल प्रति हेक्टेयर आंका गया।</div>
<div>  </div>
<div>यह प्रयोग भारत सरकार के सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से ऑनलाइन व पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी ने किसानों को कृषि व जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174994/crop-cutting-of-wheat-in-pali-average-production-38-quintals"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260403-wa0008.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>भदोही। </strong>रबी फसलों के उत्पादन के आकलन के तहत जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने ज्ञानपुर तहसील के ग्राम पाली में गेहूं की फसल की क्रॉप कटिंग कराई।</div>
<div> </div>
<div>किसान श्रीमती पान देवी व शीतला प्रसाद के खेत में 43.3 वर्ग मीटर क्षेत्र में कटाई व थ्रेसिंग कराई गई, जिसमें क्रमशः 18.02 किग्रा व 14.71 किग्रा उत्पादन प्राप्त हुआ। इसके आधार पर औसत उत्पादन लगभग 38 कुंतल प्रति हेक्टेयर आंका गया।</div>
<div> </div>
<div>यह प्रयोग भारत सरकार के सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से ऑनलाइन व पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी ने किसानों को कृषि व जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।</div>
<div> </div>
<div>निरीक्षण के दौरान पाली-सुरियावां मार्ग की साइड पटरी के कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। इस मौके पर उपजिलाधिकारी भान सिंह, तहसीलदार अजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी इरम कुमारी सहित अन्य अधिकारी व किसान मौजूद रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 19:53:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऐतिहासिक रहा बरही का 'कृषि महोत्सव।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>कटनी/बरही: ।</strong> विजयराघवगढ़ विधानसभा के बरही में आयोजित विशाल 'कृषि महोत्सव' को क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर बताते हुए विधायक संजय पाठक ने इसे अभूतपूर्व सफलता करार दिया है। विधायक पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस दौरे से क्षेत्र को ₹1000 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है, जिससे आने वाले समय में समूचे अंचल की तस्वीर बदल जाएगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>जनसैलाब और विकास की सौगात।</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">दो लाख से अधिक की उपस्थिति: </div><div style="text-align:justify;">  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। अनुमान के मुताबिक,</div><div style="text-align:justify;">सिंचाई</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173300/barhis-agricultural-festival-was-historic"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260314-wa0227.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>कटनी/बरही: ।</strong> विजयराघवगढ़ विधानसभा के बरही में आयोजित विशाल 'कृषि महोत्सव' को क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर बताते हुए विधायक संजय पाठक ने इसे अभूतपूर्व सफलता करार दिया है। विधायक पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस दौरे से क्षेत्र को ₹1000 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है, जिससे आने वाले समय में समूचे अंचल की तस्वीर बदल जाएगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>जनसैलाब और विकास की सौगात।</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">दो लाख से अधिक की उपस्थिति: </div><div style="text-align:justify;"> कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। अनुमान के मुताबिक, लगभग 2 लाख लोगों ने इस महोत्सव में शिरकत की, जो क्षेत्र के प्रति जनता के भरोसे और उत्साह को दर्शाता है।</div><div style="text-align:justify;">सिंचाई योजना का उपहार: मुख्यमंत्री ने बरही-विजयपुर उद्वहन सिंचाई योजना सहित कई बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा और शिलान्यास किया। विधायक पाठक ने बताया कि इन योजनाओं से किसानों की हजारों एकड़ भूमि सिंचित होगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong> ऐतिहासिक स्वागत:।</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> बरही के इतिहास में यह पहला मौका था जब इतनी बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण एक साथ जुटे। मुख्यमंत्री ने भी क्षेत्र की जनता के स्नेह को देखते हुए विकास की गति को और तेज करने का भरोसा दिया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>श्री पाठक विधायक ने कहा कि</strong></div><div style="text-align:justify;">"बरही की पावन धरा पर आज जो जनसमूह उमड़ा, उसने यह साबित कर दिया कि जनता को प्रदेश सरकार की नीतियों और विकास कार्यों पर पूरा विश्वास है। मुख्यमंत्री जी ने ₹1000 करोड़ की जो सौगातें दी हैं, वे केवल आंकड़े नहीं बल्कि लाखों परिवारों की खुशहाली का आधार हैं। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173300/barhis-agricultural-festival-was-historic</link>
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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 21:06:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सच्ची घर वापसी : अपने मूल संस्कार, संस्कृति और स्वदेश का आत्म-साक्षात्कार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">‘घर वापसी’ शब्द प्रायः धार्मिक या संकीर्ण वैचारिक बहसों तक सीमित कर दिया जाता है, जबकि इसके मर्म में निहित अर्थ कहीं अधिक व्यापक, सकारात्मक और राष्ट्रबोध से जुड़ा हुआ है। यदि इसे समग्र दृष्टि से देखा जाए, तो ‘घर वापसी’ का आशय अपने मूल संस्कारों, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र के प्रति आत्मीय निष्ठा की ओर लौटने से है। यहाँ ‘घर’ किसी भौतिक संरचना या सीमित पहचान का नाम नहीं, बल्कि वह राष्ट्र है जो हमारी जन्मभूमि और कर्मभूमि होने के साथ-साथ हमारी पहचान, सुरक्षा और स्वाभिमान का शाश्वत आधार है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सच्ची घर वापसी का प्रथम और</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170495/true-homecoming-self-realization-of-ones-original-values-culture-and-homeland"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/hindi-divas35.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">‘घर वापसी’ शब्द प्रायः धार्मिक या संकीर्ण वैचारिक बहसों तक सीमित कर दिया जाता है, जबकि इसके मर्म में निहित अर्थ कहीं अधिक व्यापक, सकारात्मक और राष्ट्रबोध से जुड़ा हुआ है। यदि इसे समग्र दृष्टि से देखा जाए, तो ‘घर वापसी’ का आशय अपने मूल संस्कारों, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र के प्रति आत्मीय निष्ठा की ओर लौटने से है। यहाँ ‘घर’ किसी भौतिक संरचना या सीमित पहचान का नाम नहीं, बल्कि वह राष्ट्र है जो हमारी जन्मभूमि और कर्मभूमि होने के साथ-साथ हमारी पहचान, सुरक्षा और स्वाभिमान का शाश्वत आधार है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सच्ची घर वापसी का प्रथम और अनिवार्य सोपान है - स्वदेश  हित में सोचना, बात करना और कर्म करना। निस्संदेह आलोचना लोकतंत्र की संजीवनी है, किंतु जब यही आलोचना राष्ट्र की संस्थाओं को दुर्बल करने लगे, उसकी अखंडता पर प्रहार करे या शत्रु शक्तियों को वैचारिक बल प्रदान करने लगे, तब वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं, बल्कि आत्मघाती विघटन का रूप ले लेती है। सच्ची राष्ट्रनिष्ठा का अर्थ यह नहीं कि नीतियों पर प्रश्न न उठाए जाएँ, बल्कि यह है कि विमर्श प्रखर और तथ्याधारित हो, किंतु राष्ट्र की एकता और संप्रभुता सर्वोपरि बनी रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वस्तुतः राष्ट्र केवल मानचित्र पर खिंची रेखाओं का समूह नहीं होता; वह साझा इतिहास, गौरवशाली संस्कृति और असंख्य बलिदानों से निर्मित एक जीवंत चेतना है। इस दृष्टि से ‘घर वापसी’ का सबसे महत्वपूर्ण आयाम अपने उन संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों से पुनः जुड़ना है, जिनसे हम आधुनिकता की अंधी दौड़ या बाह्य प्रभावों के कारण विमुख होते जा रहे हैं। जब कोई नागरिक अपनी सांस्कृतिक थाती को पहचानकर उसे आत्मसात करता है और उसके संरक्षण-संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध होता है, तभी उसका वास्तविक आत्म-साक्षात्कार होता है। देश की आन-बान-शान के लिए स्वयं को अर्पित करने का भाव ही वह कसौटी है, जो नागरिक को राष्ट्ररूपी ‘घर’ से जोड़ती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह राष्ट्रबोध केवल सीमाओं पर तैनात सैनिकों तक सीमित नहीं होना चाहिए। एक निष्ठावान शिक्षक, वैज्ञानिक, किसान, श्रमिक, उद्यमी, प्रशासक या जनप्रतिनिधि आदि सभी के आचरण में राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व समान रूप से प्रतिबिंबित होना चाहिए। राष्ट्रहित में अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य करना भी राष्ट्रसेवा का ही सशक्त रूप है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घर वापसी का एक साहसी और अनिवार्य पक्ष उन भटके हुए स्वरों को भी मुख्यधारा से जोड़ना है, जो जाने-अनजाने में राष्ट्रविरोधी विमर्श या गतिविधियों का हिस्सा बन जाते हैं। राष्ट्रीय अस्मिता और अखंडता के प्रश्न पर तटस्थता सदैव सद्गुण नहीं होती; कई अवसरों पर यह मौन कायरता का पर्याय बन जाती है। जब कोई भारतीय राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का परित्याग कर राष्ट्रहितैषी आचरण की ओर लौटता है, तो वह भी ‘घर वापसी’ का ही एक सशक्त रूप है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राष्ट्रविरोधी गतिविधियाँ वे विचार, क्रियाएँ या आंदोलन हैं जो देश की एकता, संप्रभुता, संविधान और राष्ट्रीय हितों को क्षति पहुँचाते हैं,जैसे अलगाववादी प्रवृत्तियाँ ;  आतंकवाद या हिंसा का समर्थन; देशद्रोही संगठनों से सहानुभूति; संविधान, राष्ट्रीय ध्वज या राष्ट्रगान का अपमान; विदेशी शक्तियों के हित में राष्ट्र को कमजोर करने के प्रयास तथा झूठे प्रचार द्वारा समाज में विद्वेष, अस्थिरता और अविश्वास फैलाना। इसके विपरीत, राष्ट्र समर्थित गतिविधियाँ वे आचरण और प्रयास हैं जो देश की सुरक्षा, विकास और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं,जैसे संविधान और कानून का सम्मान, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की रक्षा, राष्ट्रनिर्माण और आत्मनिर्भरता में योगदान, मर्यादित एवं संवैधानिक ढंग से असहमति व्यक्त करना तथा समाज में सद्भाव, अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देना। राष्ट्रविरोधी मार्ग से राष्ट्रसमर्थित मार्ग की ओर लौटना भी घर वापसी का ही सार्थक अर्थ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घर वापसी का एक आधुनिक और व्यावहारिक आयाम उन भारतीयों से भी जुड़ा है, जो बेहतर सुख-सुविधाओं, आर्थिक अवसरों या पेशेवर कारणों से विदेशों में बस गए हैं और जिन्होंने विदेशी नागरिकता तक ग्रहण कर ली है या ऐसा करने का सोच रहे हैं। वैश्वीकरण के युग में अंतर्राष्ट्रीय अवसरों की खोज स्वाभाविक है, किंतु जब भौतिक समृद्धि के साथ-साथ अपने स्वदेश के प्रति भावनात्मक, सांस्कृतिक और नैतिक दायित्वों का बोध पुनः जागृत होता है, तब स्वदेश लौटने की आकांक्षा स्वयं में एक प्रकार की घर वापसी बन जाती है। ऐसे नागरिकों का भारत लौटना केवल भौगोलिक वापसी नहीं, बल्कि अपने ज्ञान, अनुभव, पूंजी और वैश्विक दृष्टि के साथ राष्ट्रनिर्माण में पुनः सहभागी होना है। यह प्रक्रिया राष्ट्र के लिए ‘ब्रेन गेन’ का मार्ग प्रशस्त करती है।यह भी मेरी नजर में घर वापसी होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दिशा में समाज और शासन,दोनों स्तरों पर सकारात्मक और संवेदनशील प्रयास आवश्यक हैं, ताकि स्वदेश लौटने वालों को सम्मान, अवसर और अनुकूल वातावरण मिल सके। जब विदेशों में अर्जित दक्षता और अनुभव भारत की प्रगति में लगते हैं, तब राष्ट्र भी सशक्त होता है और वह व्यक्ति भी राष्ट्ररूपी घर से पुनः आत्मिक रूप से जुड़ जाता है। भावनात्मक लगाव, सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव और राष्ट्र के भविष्य में सहभागी बनने की यह चेतना भी घर वापसी का ही एक आधुनिक, सृजनात्मक और राष्ट्रहितकारी रूप है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राष्ट्रवादी चेतना हमें यह बोध कराती है कि राष्ट्र की एकता और सुरक्षा पर किसी भी प्रकार का समझौता आत्मघाती सिद्ध होता है। इस चेतना का मार्ग संविधान-सम्मत आचरण तथा राष्ट्रीय प्रतीकों और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अटूट श्रद्धा से होकर गुजरता है। संविधान केवल विधिक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक आत्मा है। तिरंगा हमारा स्वाभिमान है और राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत हमारी एकता का स्वर। इनका सम्मान किसी राजनीतिक विचारधारा के प्रति निष्ठा नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति प्रत्येक नागरिक का प्राथमिक कर्तव्य है।जो लोग इन कर्त्तव्यों का पालन नहीं करते हैं, उन्हें पालन करने के लिए प्रेरित करना भी घर वापसी मुहिम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निष्कर्षतः, घर वापसी किसी एक पहचान को त्यागकर दूसरी को अपनाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपने मौलिक राष्ट्रबोध, सांस्कृतिक गौरव और संवैधानिक मूल्यों की ओर लौटने की यात्रा है। यह वह बिंदु है जहाँ नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी सहर्ष स्वीकार करता है और जहाँ विविधताओं के विशाल समुद्र के बीच राष्ट्रहित सर्वोपरि रहता है। जब व्यक्ति राष्ट्र को अपना घर और उसकी संस्कृति को अपना प्राण मान लेता है, तभी उसकी घर वापसी पूर्ण होती है।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170495/true-homecoming-self-realization-of-ones-original-values-culture-and-homeland</link>
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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 17:56:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उफनाई नहर रिहायशी इलाकों में घुसा पानी, सैकड़ों बीघे फसल जलमग्न</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> क्षेत्र के बाल्हेमऊ नहर पुलिया के पास शुक्रवार देर रात नहर का पानी अचानक उफनाकर गांवों में घुस गया। पानी का दबाव बढ़ने से नहर की कमजोर पटरी के ऊपर से पानी बहने लगा। इससे तीन गांवों में अफरा तफरी मच गई। करीब 500 घर पानी से प्रभावित हुए। लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">रात करीब 4 बजे नहर का पानी बाल्हेमऊ, प्रान सिंह, पूरे जगन्नाथ का पुरवा मंज़रे सहित आसपास के गांवों में भरने लगा। कई घरों में पानी घुस गया था।  खेतों में भी पानी भर गया। सैकड़ों बीघे में खड़ी सरसों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166464/overgrown-canal-water-entered-residential-areas-hundreds-of-bighas-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260117-wa0334.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> क्षेत्र के बाल्हेमऊ नहर पुलिया के पास शुक्रवार देर रात नहर का पानी अचानक उफनाकर गांवों में घुस गया। पानी का दबाव बढ़ने से नहर की कमजोर पटरी के ऊपर से पानी बहने लगा। इससे तीन गांवों में अफरा तफरी मच गई। करीब 500 घर पानी से प्रभावित हुए। लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रात करीब 4 बजे नहर का पानी बाल्हेमऊ, प्रान सिंह, पूरे जगन्नाथ का पुरवा मंज़रे सहित आसपास के गांवों में भरने लगा। कई घरों में पानी घुस गया था।  खेतों में भी पानी भर गया। सैकड़ों बीघे में खड़ी सरसों और गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेश फौजी ने बताया कि उन्नाव शारदा नहर ब्रांच में बीते कई दिनों से पानी छोड़ा जा रहा था। देर रात अचानक पानी का दबाव बढ़ गया। इसी दौरान पानी नहर की पटरी के ऊपर से बहने लगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने नहर विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि नहर की समय से सफाई नहीं की गई और नहर में पानी छोड़ दिया गया। सामचित तरीके से साफ सफाई होती तो नहर के पानी का दबाव इतना ना बढ़ता और पानी उफनाकर गांव में न भरता। ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों की मदद से जेसीबी मशीन लगाकर क्षतिग्रस्त नहर पटरी को ठीक कराया इसके बाद पानी को रोका जा सका। नहर विभाग के अवर अभियंता सौरभ ने बताया कि इस संबंध में जानकारी मिली है और टीम लगाकर जेसीबी से मरम्मत कार्य कराया गया है। पानी को गांव की ओर बहने पर रोक लगा दी गई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 20:20:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM Kisan Yojana: कब आएगी पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त? जान लें ये बड़ा अपडेट </title>
                                    <description><![CDATA[<p>PM Kisan Yojana 22nd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) की 22वीं किस्त को लेकर किसानों में एक बार फिर उत्सुकता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि नए साल 2026 की शुरुआत में सरकार किसानों को बड़ी खुशखबरी दे सकती है। इससे पहले योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी की गई थी, जिसमें 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में 2000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए थे। अब देशभर के किसान अगली किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।</p>
<h3><strong>22वीं किस्त कब जारी हो सकती है?</strong></h3>
<p>फिलहाल सरकार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163857/pm-kisan-yojana-when-will-the-22nd-installment-of-pm"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/pm-kisan-yojana-(13).jpg" alt=""></a><br /><p>PM Kisan Yojana 22nd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) की 22वीं किस्त को लेकर किसानों में एक बार फिर उत्सुकता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि नए साल 2026 की शुरुआत में सरकार किसानों को बड़ी खुशखबरी दे सकती है। इससे पहले योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी की गई थी, जिसमें 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में 2000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए थे। अब देशभर के किसान अगली किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।</p>
<h3><strong>22वीं किस्त कब जारी हो सकती है?</strong></h3>
<p>फिलहाल सरकार की ओर से 22वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम किसान की 22वीं किस्त नए साल 2026 की शुरुआत में जारी की जा सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि फरवरी 2026 के आखिर तक इसकी घोषणा हो सकती है। हालांकि, जब तक सरकार की ओर से पुष्टि नहीं होती, किसानों को सतर्क रहना जरूरी है।</p>
<h3><strong>22वीं किस्त पाने के लिए जरूरी काम</strong></h3>
<p>अगर आप चाहते हैं कि पीएम किसान की अगली किस्त बिना किसी रुकावट के आपके खाते में आए, तो नीचे दिए गए जरूरी काम समय रहते पूरे कर लें।</p>
<p>सबसे पहले e-KYC पूरा करना बेहद जरूरी है। अगर e-KYC अपडेट नहीं है, तो आपकी किस्त अटक सकती है। इसके अलावा बैंक अकाउंट को आधार से लिंक कराना भी अनिवार्य है, क्योंकि बिना आधार लिंक के पैसे खाते में नहीं आएंगे।</p>
<p>साथ ही यह सुनिश्चित करें कि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) ऑप्शन आपके बैंक खाते में चालू हो, ताकि योजना की रकम सीधे खाते में ट्रांसफर हो सके। बैंक डिटेल्स जैसे IFSC कोड, अकाउंट नंबर और नाम सही हैं या नहीं, इसकी भी जांच जरूर कर लें।</p>
<p>इसके अलावा पीएम किसान बेनिफिशियरी लिस्ट में अपना नाम जरूर चेक करें। अगर लिस्ट में नाम नहीं है, तो आपको किस्त का लाभ नहीं मिलेगा।</p>
<h3><strong>किसान रजिस्ट्री भी हुई अनिवार्य</strong></h3>
<p>सरकार ने अब पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए ‘किसान रजिस्ट्री’ को भी जरूरी कर दिया है। सिर्फ रजिस्ट्रेशन होना अब काफी नहीं है। किसान अपने राज्य के पोर्टल या नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर किसान रजिस्ट्री का फॉर्म भर सकते हैं। किसान रजिस्ट्री पूरी न होने पर भविष्य की किस्तों में दिक्कत आ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/163857/pm-kisan-yojana-when-will-the-22nd-installment-of-pm</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 13:18:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM Kisan Yojana: कब आएगी पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त? जान लें ये बड़ा अपडेट </title>
                                    <description><![CDATA[<p>PM Kisan Yojana 22nd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) की 22वीं किस्त को लेकर किसानों में एक बार फिर उत्सुकता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि नए साल 2026 की शुरुआत में सरकार किसानों को बड़ी खुशखबरी दे सकती है। इससे पहले योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी की गई थी, जिसमें 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में 2000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए थे। अब देशभर के किसान अगली किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।</p>
<h3><strong>22वीं किस्त कब जारी हो सकती है?</strong></h3>
<p>फिलहाल सरकार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163563/pm-kisan-yojana-when-will-the-22nd-installment-of-pm"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/pm-kisan-yojana-(13).jpg" alt=""></a><br /><p>PM Kisan Yojana 22nd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) की 22वीं किस्त को लेकर किसानों में एक बार फिर उत्सुकता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि नए साल 2026 की शुरुआत में सरकार किसानों को बड़ी खुशखबरी दे सकती है। इससे पहले योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी की गई थी, जिसमें 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में 2000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए थे। अब देशभर के किसान अगली किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।</p>
<h3><strong>22वीं किस्त कब जारी हो सकती है?</strong></h3>
<p>फिलहाल सरकार की ओर से 22वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम किसान की 22वीं किस्त नए साल 2026 की शुरुआत में जारी की जा सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि फरवरी 2026 के आखिर तक इसकी घोषणा हो सकती है। हालांकि, जब तक सरकार की ओर से पुष्टि नहीं होती, किसानों को सतर्क रहना जरूरी है।</p>
<h3><strong>22वीं किस्त पाने के लिए जरूरी काम</strong></h3>
<p>अगर आप चाहते हैं कि पीएम किसान की अगली किस्त बिना किसी रुकावट के आपके खाते में आए, तो नीचे दिए गए जरूरी काम समय रहते पूरे कर लें।</p>
<p>सबसे पहले e-KYC पूरा करना बेहद जरूरी है। अगर e-KYC अपडेट नहीं है, तो आपकी किस्त अटक सकती है। इसके अलावा बैंक अकाउंट को आधार से लिंक कराना भी अनिवार्य है, क्योंकि बिना आधार लिंक के पैसे खाते में नहीं आएंगे।</p>
<p>साथ ही यह सुनिश्चित करें कि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) ऑप्शन आपके बैंक खाते में चालू हो, ताकि योजना की रकम सीधे खाते में ट्रांसफर हो सके। बैंक डिटेल्स जैसे IFSC कोड, अकाउंट नंबर और नाम सही हैं या नहीं, इसकी भी जांच जरूर कर लें।</p>
<p>इसके अलावा पीएम किसान बेनिफिशियरी लिस्ट में अपना नाम जरूर चेक करें। अगर लिस्ट में नाम नहीं है, तो आपको किस्त का लाभ नहीं मिलेगा।</p>
<h3><strong>किसान रजिस्ट्री भी हुई अनिवार्य</strong></h3>
<p>सरकार ने अब पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए ‘किसान रजिस्ट्री’ को भी जरूरी कर दिया है। सिर्फ रजिस्ट्रेशन होना अब काफी नहीं है। किसान अपने राज्य के पोर्टल या नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर किसान रजिस्ट्री का फॉर्म भर सकते हैं। किसान रजिस्ट्री पूरी न होने पर भविष्य की किस्तों में दिक्कत आ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 10:26:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM kisan Yojana: पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त का नहीं मिला पैसा? यहां करें संपर्क </title>
                                    <description><![CDATA[<p>PM kisan Yojana 21th Installment: देश के करोड़ों किसानों का इंतजार अब खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी है। तमिलनाडु के कोयंबटूर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने DBT प्रणाली के माध्यम से लगभग 18,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर किए। इस किस्त का लाभ देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों को मिला है।</p>
<p>पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये सहायता राशि दी जाती है। 21वीं किस्त जारी होने के साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163093/pm-kisan-yojana-money-for-21st-installment-of-pm-kisan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/pm-kisan-yojana-(10).jpg" alt=""></a><br /><p>PM kisan Yojana 21th Installment: देश के करोड़ों किसानों का इंतजार अब खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी है। तमिलनाडु के कोयंबटूर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने DBT प्रणाली के माध्यम से लगभग 18,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर किए। इस किस्त का लाभ देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों को मिला है।</p>
<p>पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये सहायता राशि दी जाती है। 21वीं किस्त जारी होने के साथ ही करोड़ों किसानों के खातों में पैसे पहुंच चुके हैं और लाभार्थियों को किस्त का मैसेज भी भेजा गया है।</p>
<p><strong>किस्त न मिलने पर क्या करें किसान?</strong></p>
<p>अगर कोई किसान लाभार्थी सूची में शामिल होने के बावजूद 21वीं किस्त नहीं पा सका है, तो वह हेल्पलाइन या ईमेल के जरिए अपनी समस्या दर्ज करा सकता है। किसान <a class="decorated-link cursor-pointer">pmkisan-ict@gov.in</a> पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा 155261, 1800115526 (टोल फ्री), 011-23381092 पर किसान योजना से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p><strong>कैसे चेक करें Beneficiary Status?</strong></p>
<p>अगर आपके खाते में किस्त नहीं आई है, तो सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।</p>
<ul>
<li>
<p>‘Farmers Corner’ सेक्शन में जाएं।</p>
</li>
<li>
<p>यहां ‘Beneficiary Status’ विकल्प पर क्लिक करें।</p>
</li>
<li>
<p>इसके बाद आप आधार नंबर, मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करके अपनी किस्त की स्थिति देख सकते हैं।</p>
</li>
</ul>
<p>यदि रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है, तो ‘Know Your Registration Number’ पर क्लिक करके आधार या मोबाइल नंबर की मदद से इसे प्राप्त किया जा सकता है। OTP और कैप्चा भरने के बाद किसान किस्त की स्थिति जान सकते हैं कि आखिर पैसा क्यों अटका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/163093/pm-kisan-yojana-money-for-21st-installment-of-pm-kisan</link>
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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 22:42:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM kisan Yojana: पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त का नहीं मिला पैसा? यहां करें संपर्क </title>
                                    <description><![CDATA[<p>PM kisan Yojana 21th Installment: देश के करोड़ों किसानों का इंतजार अब खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी है। तमिलनाडु के कोयंबटूर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने DBT प्रणाली के माध्यम से लगभग 18,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर किए। इस किस्त का लाभ देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों को मिला है।</p>
<p>पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये सहायता राशि दी जाती है। 21वीं किस्त जारी होने के साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162002/pm-kisan-yojana-money-for-21st-installment-of-pm-kisan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/pm-kisan-yojana-(10).jpg" alt=""></a><br /><p>PM kisan Yojana 21th Installment: देश के करोड़ों किसानों का इंतजार अब खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी है। तमिलनाडु के कोयंबटूर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने DBT प्रणाली के माध्यम से लगभग 18,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर किए। इस किस्त का लाभ देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों को मिला है।</p>
<p>पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये सहायता राशि दी जाती है। 21वीं किस्त जारी होने के साथ ही करोड़ों किसानों के खातों में पैसे पहुंच चुके हैं और लाभार्थियों को किस्त का मैसेज भी भेजा गया है।</p>
<p><strong>किस्त न मिलने पर क्या करें किसान?</strong></p>
<p>अगर कोई किसान लाभार्थी सूची में शामिल होने के बावजूद 21वीं किस्त नहीं पा सका है, तो वह हेल्पलाइन या ईमेल के जरिए अपनी समस्या दर्ज करा सकता है। किसान <a class="decorated-link cursor-pointer">pmkisan-ict@gov.in</a> पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा 155261, 1800115526 (टोल फ्री), 011-23381092 पर किसान योजना से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p><strong>कैसे चेक करें Beneficiary Status?</strong></p>
<p>अगर आपके खाते में किस्त नहीं आई है, तो सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।</p>
<ul>
<li>
<p>‘Farmers Corner’ सेक्शन में जाएं।</p>
</li>
<li>
<p>यहां ‘Beneficiary Status’ विकल्प पर क्लिक करें।</p>
</li>
<li>
<p>इसके बाद आप आधार नंबर, मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करके अपनी किस्त की स्थिति देख सकते हैं।</p>
</li>
</ul>
<p>यदि रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है, तो ‘Know Your Registration Number’ पर क्लिक करके आधार या मोबाइल नंबर की मदद से इसे प्राप्त किया जा सकता है। OTP और कैप्चा भरने के बाद किसान किस्त की स्थिति जान सकते हैं कि आखिर पैसा क्यों अटका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Nov 2025 13:34:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM kisan Yojana: पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त का नहीं मिला पैसा? यहां करें संपर्क </title>
                                    <description><![CDATA[<p>PM kisan Yojana 21th Installment: देश के करोड़ों किसानों का इंतजार अब खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी है। तमिलनाडु के कोयंबटूर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने DBT प्रणाली के माध्यम से लगभग 18,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर किए। इस किस्त का लाभ देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों को मिला है।</p>
<p>पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये सहायता राशि दी जाती है। 21वीं किस्त जारी होने के साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160905/pm-kisan-yojana-money-for-21st-installment-of-pm-kisan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/pm-kisan-yojana-(10).jpg" alt=""></a><br /><p>PM kisan Yojana 21th Installment: देश के करोड़ों किसानों का इंतजार अब खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी है। तमिलनाडु के कोयंबटूर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने DBT प्रणाली के माध्यम से लगभग 18,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर किए। इस किस्त का लाभ देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों को मिला है।</p>
<p>पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये सहायता राशि दी जाती है। 21वीं किस्त जारी होने के साथ ही करोड़ों किसानों के खातों में पैसे पहुंच चुके हैं और लाभार्थियों को किस्त का मैसेज भी भेजा गया है।</p>
<p><strong>किस्त न मिलने पर क्या करें किसान?</strong></p>
<p>अगर कोई किसान लाभार्थी सूची में शामिल होने के बावजूद 21वीं किस्त नहीं पा सका है, तो वह हेल्पलाइन या ईमेल के जरिए अपनी समस्या दर्ज करा सकता है। किसान <a class="decorated-link cursor-pointer">pmkisan-ict@gov.in</a> पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा 155261, 1800115526 (टोल फ्री), 011-23381092 पर किसान योजना से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p><strong>कैसे चेक करें Beneficiary Status?</strong></p>
<p>अगर आपके खाते में किस्त नहीं आई है, तो सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।</p>
<ul>
<li>
<p>‘Farmers Corner’ सेक्शन में जाएं।</p>
</li>
<li>
<p>यहां ‘Beneficiary Status’ विकल्प पर क्लिक करें।</p>
</li>
<li>
<p>इसके बाद आप आधार नंबर, मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करके अपनी किस्त की स्थिति देख सकते हैं।</p>
</li>
</ul>
<p>यदि रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है, तो ‘Know Your Registration Number’ पर क्लिक करके आधार या मोबाइल नंबर की मदद से इसे प्राप्त किया जा सकता है। OTP और कैप्चा भरने के बाद किसान किस्त की स्थिति जान सकते हैं कि आखिर पैसा क्यों अटका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 11:27:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: हरियाणा की बेटी राजस्थान में बनीं DSP, किसान परिवार से निकलकर बनीं DSP</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Success Story:</strong> कहते है की मेहनत करने वालों की कभी भी हार नहीं होती है इसकी कहानी हम आपको बताने जा रहें है, जिसकी प्रेरणा बनी DSP अंजू यादव। जिन्होंने जिंदगी की हर मुश्किल को सीढ़ी बनाया। घूंघट से निकलकर पढ़ाई की और राजस्थान पुलिस सर्विस परीक्षा पास की और आज डीएसपी पद पर तैनात हैं। आइए जानते हैं उनकी सक्सेस स्टोरी...</p>
<p><strong>ऐसे बनीं DSP</strong></p>
<p>हरियाणा के नारनौल जिले के छोटे से गांव धौलेड़ा में 1988 में जन्मी अंजू यादव किसान परिवार से आती हैं। पिता लालाराम खेती और परचून की दुकान से परिवार चलाते थे, मां हाउसवाइफ थीं। चार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158636/success-story-haryanas-daughter-became-dsp-in-rajasthan-she-came"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-20t165230.1182.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Success Story:</strong> कहते है की मेहनत करने वालों की कभी भी हार नहीं होती है इसकी कहानी हम आपको बताने जा रहें है, जिसकी प्रेरणा बनी DSP अंजू यादव। जिन्होंने जिंदगी की हर मुश्किल को सीढ़ी बनाया। घूंघट से निकलकर पढ़ाई की और राजस्थान पुलिस सर्विस परीक्षा पास की और आज डीएसपी पद पर तैनात हैं। आइए जानते हैं उनकी सक्सेस स्टोरी...</p>
<p><strong>ऐसे बनीं DSP</strong></p>
<p>हरियाणा के नारनौल जिले के छोटे से गांव धौलेड़ा में 1988 में जन्मी अंजू यादव किसान परिवार से आती हैं। पिता लालाराम खेती और परचून की दुकान से परिवार चलाते थे, मां हाउसवाइफ थीं। चार बेटियों का पालन-पोषण आसान नहीं था, लेकिन माता-पिता ने कभी उन्हें बेटों से कम नहीं समझा। आज इसी परवरिश का नतीजा है कि अंजू राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) में DSP हैं। Success Story</p>
<p><strong>21 साल में शादी, 24 में बनीं मां</strong></p>
<p>बहुत कम उम्र में शादी और फिर मां बनने के बाद अंजू की जिंदगी जिम्मेदारियों से भर गई। ससुराल से सपोर्ट न मिलने पर वे मायके लौट आईं। बेटे मुकुलदीप की परवरिश की जिम्मेदारी भी उन पर ही आ गई। यही वह दौर था जब ज्यादातर लोग अपने सपनों को खत्म मान लेते हैं, लेकिन अंजू ने हार मानने के बजाय खुद को साबित करने की ठानी। Success Story</p>
<p><strong>सरकारी स्कूल से पढ़ाई</strong></p>
<p>गांव के सरकारी स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद उन्होंने डिस्टेंस मोड से ग्रेजुएशन किया। कोई बड़ा स्कूल, कोई महंगी कोचिंग नहीं, सिर्फ हौसला और लगन ही उनके साथ थी। करियर की शुरुआत शिक्षक के तौर पर की। अंजू ने अपनी मेहनत से तीन बार सरकारी टीचर की नौकरी हासिल की। 2016 में पहली बार मध्यप्रदेश के भिंड में जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ाने लगीं। इसके बाद राजस्थान और दिल्ली के सरकारी स्कूलों में भी पढ़ाया। दिल्ली में उन्होंने करीब पांच साल तक बच्चों को पढ़ाया। इस दौरान उन्होंने बेटे की परवरिश और नौकरी दोनों साथ में किया। Success Story</p>
<p><strong>हिम्मत का फैसला</strong></p>
<p>2021 में पति नित्यानंद का बीमारी से निधन हो गया। अकेले बेटे और जिम्मेदारियों के बीच यह समय बेहद कठिन था, लेकिन अंजू ने इस दुख को अपनी ताकत बनाया। उसी साल राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की परीक्षा का फॉर्म भरा। लगातार मेहनत की और 2023 में रिजल्ट आने पर विधवा कोटे से 1725वीं रैंक हासिल की। Success Story</p>
<p><strong>सितंबर 2025 DSP बनी अंजू</strong></p>
<p>लंबे संघर्ष और मेहनत के बाद आखिरकार सितंबर 2025 में उनकी पासिंग परेड हुई और वे राजस्थान पुलिस सेवा में DSP बन गईं। वर्दी पहनकर उन्होंने साबित कर दिया कि असली जीत हालात से लड़कर ही मिलती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 23:03:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Cardamom Farming: किसान साथी करें इलायची की खेती, लाखों में कर सकेंगे कमाई </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Cardamom Farming: </strong>किसान साथियों के लिए बड़ी जानकारी आज हम बताने जा रहें है। आपको आज ऐसी खेती के बारे में बता रहे हैं। यदि आप प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपये कमाना चाहते हैं तो आप इलायची की खेती करके यह कमाई भी बड़ी आसानी से कर सकते हैं क्योंकि देश के प्रत्येक कण-कण में इलायची की आवश्यकता पड़ती है, इसी को लेकर ऐसे में इलायची का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आज इसकी संपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं। </p>
<p><strong>करें ये खेती</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, आपको बता दें कि देश में इलायची की मुख्य रूप से की जाती है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157542/cardamom-farming-farmers-should-cultivate-cardamom-and-they-will-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-17t142505.361.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Cardamom Farming: </strong>किसान साथियों के लिए बड़ी जानकारी आज हम बताने जा रहें है। आपको आज ऐसी खेती के बारे में बता रहे हैं। यदि आप प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपये कमाना चाहते हैं तो आप इलायची की खेती करके यह कमाई भी बड़ी आसानी से कर सकते हैं क्योंकि देश के प्रत्येक कण-कण में इलायची की आवश्यकता पड़ती है, इसी को लेकर ऐसे में इलायची का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आज इसकी संपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं। </p>
<p><strong>करें ये खेती</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, आपको बता दें कि देश में इलायची की मुख्य रूप से की जाती है। यह प्रदेश कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु आंध्र जैसे प्रदेशों में बड़े पैमाने पर की जाती है, बता दें कि इलायची की डिमांड इंडियन मार्केट में ही नहीं बल्कि सारे विश्व  में बड़ी हुई है। </p>
<p><strong>पौधा कैसे बढ़ता है?</strong></p>
<p>आपको बता दें कि इलायची की खेती करने के लिए काली चिकनी मिट्टी अच्छी होती है इसमें काली मिट्टी सर्वोत्तम मानी गई है, क्योंकि इसमें जल की निकासी की व्यवस्था उपयुक्त की जाती है और इसका तापमान करीबन 10 से 35 डिग्री का तापमान मान्य किया जाता है। </p>
<p>जानकारी के मुताबिक, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मानसून के दौरान इलायची के पौधे को लगा दें, क्योंकि भारतीय तापमान के मुताबिक इस जुलाई महीने में लगाया जाता है, इसी के साथ सिंचाई निश्चित रूप से करें, अन्यथा पौधे में इलायची की कमी आ सकती है। इसी के साथ ही इस धुप तथा उत्पादन की वृद्धि को बढ़ाने के लिए इसकी सुरक्षा करना आवश्यक है।</p>
<p><strong>पैसा कमा सकते हैं?</strong></p>
<p>आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इलायची पूर्ण रूप से सूख जाने के बाद इसे तोड़ लिया जाता है और रंग के मुताबिक क्रमबद्ध निकाला जाता है इसके पश्चात यदि प्रति हेक्टेयर में 135 से 150 किलोग्राम तक इसका का उत्पादन करते हैं तो इससे आपको₹2000 प्रति किलो तक का उत्पादन मिल सकता है इससे आप प्रत्येक वर्ष के 6 से 7 लाख रुपए घर बैठे कमा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 17 Oct 2025 14:25:49 +0530</pubDate>
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