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                <title>police custody issue India - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>police custody issue India RSS Feed</description>
                
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                <title>हिन्दू युवा शक्ति को ढोल मंजीरे वादक नचैया बनाने का षडयंत्र! </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल </strong></div>
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<div style="text-align:justify;">अभी दो दिन पहले वृंदावन में यमुना जी में स्टीमर पलटने से हुए हादसे में महिलाओं बच्चों समेत करीब डेढ़ दर्जन जीवन अकाल मौत का शिकार हो गए। वहीं इस हादसे के एक दिन बाद ही वृंदावन में ही एक कथावाचक मृदुल कृष्ण शास्त्री और श्रद्धालुओं की कार भिड़ंत के बाद रोडरेज मारपीट की वारदात भी चर्चा का बिंदु बनी है। आज इन दोनों हादसा और वारदात तथा धर्म नगरी में फैले अनाचार कदाचार दुर्व्यवहार और धर्म के नाम पर चल रही दुकान का सटीक विश्लेषण करने की जरूरत है ।</div>
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<div style="text-align:justify;">सबसे पहले वृंदावन की नाव दुर्घटना</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176225/conspiracy-to-convert-hindu-youth-power-into-drummer-and-dancer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas13.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अभी दो दिन पहले वृंदावन में यमुना जी में स्टीमर पलटने से हुए हादसे में महिलाओं बच्चों समेत करीब डेढ़ दर्जन जीवन अकाल मौत का शिकार हो गए। वहीं इस हादसे के एक दिन बाद ही वृंदावन में ही एक कथावाचक मृदुल कृष्ण शास्त्री और श्रद्धालुओं की कार भिड़ंत के बाद रोडरेज मारपीट की वारदात भी चर्चा का बिंदु बनी है। आज इन दोनों हादसा और वारदात तथा धर्म नगरी में फैले अनाचार कदाचार दुर्व्यवहार और धर्म के नाम पर चल रही दुकान का सटीक विश्लेषण करने की जरूरत है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे पहले वृंदावन की नाव दुर्घटना का संदर्भ लें किस तरह लुधियाना से आए श्रद्धालुओं के परिवार जरा सी लापरवाही और प्रशासन की नाकामी के चलते अपना जीवन दे गए। आपको पता हो कि मथुरा के वृंदावन में यमुना में हुए नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है. हादसे के तीन दिन बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, जहां 13 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 3 लोग अब भी लापता हैं. सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की बड़ी टीम लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वृंदावन में एक नाव हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. वहीं कुछ परिवार अब भी अपने अपनों के मिलने की आस में नदी किनारे टकटकी लगाए खड़े हैं. हादसा शुक्रवार को हुआ, जब श्रद्धालुओं से भरी एक मोटर बोट देवरहा बाबा के दर्शन के लिए जा रही थी. किसे पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा. इस हादसे में मरने वाले अधिकांश युवक युवती और बच्चे शामिल हैं। इस हादसे में मृत डिंकी बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी, जिसके सपने अभी अधूरे ही रह गए. वहीं ऋषभ शर्मा 12वीं पास था और अपने पिता के काम में हाथ बंटाता था. दोनों अपने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे, लेकिन यह यात्रा कभी खत्म न होने वाले दर्द में बदल गई.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">युवा शक्ति को पुरूषार्थी योगी पराक्रमी चरित्रवान नैतिकता और सदाचार का कठोर जीवन अभ्यास करने वाला साहसी निडर धर्म रक्षक देश भक्त बनने की प्रेरणा दें सिर्फ ढोलक मंजीरे नृत्य से मनोरंजन से पर्यटन और कुछ फर्जी बाबाओं गुरू घंटालो की जेब भरने का व्यवसाय चल रहा है और युवा पीढ़ी का धर्म और भक्ति की गलत व्याख्या कर धर्मभीरू परावलंबी कृतध्न और चमत्कार की उम्मीद में जीवन को तबाह बर्बाद करने की ओर धकेलने की धृष्टता अक्षम्य अपराध है। सनातन संस्कृति को सबसे ज्यादा खतरा इसकी आड़ लेकर धर्म के नाम पर अनर्थ कर रहे छिपे कालनेमियो से है। विचार करें सिर्फ़ लाइफ जेकेट पहन लेते तो पंद्रह जीवन बचाए जा सकते थे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब दूसरी वारदात का हवाला लेंकोतवाली क्षेत्र के राधानिवास स्थित बस स्टैंड के समीप शनिवार की दोपहर कथावाचक आचार्य मृदुलकांत शास्त्री अपनी कार से घर जा रहे थे।इसी दौरान दिल्ली के श्रद्धालुओं की कार ने ओवरटेक करते हुए दोनों कार  टकरा गयी । कथावाचक के चालक ने श्रद्धालुओं की कार को रोका और चाबी निकाल कर कालर पकड़ कर बाहर निकाला जिस पर दोनो पक्षों में मारपीट शुरू हो गई ।आरोप है कि कार में टक्कर कथावाचक और उनके कार चालक ने उतरकर दिल्ली के श्रद्धालुओं से अपना विरोध जताया तो वह बदसलूकी करने लगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्रद्धालु सुरेंद्र सिंह नाम के व्यक्ति ने स्वजन के साथ मिलकर कथावाचक और चालक भगवान सिंह संग मारपीट की।कथावाचक शास्त्री ने रोडरेज की इस वारदात को लूट का रंग दे दिया। तहरीर के अनुसार जब ड्राइवर भगवान सिंह ने टक्कर का विरोध किया, तो विपक्षी कार से सुरेंद्र सिंह नामक व्यक्ति अपने पांच अन्य साथियों (जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं) के साथ नीचे उतरा। आरोप है कि इन लोगों ने उतरते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और मृदुल कांत शास्त्री के साथ मारपीट की। हमलावरों ने उनके कपड़े फाड़ दिए और गले से सोने की चेन व रुद्राक्ष की माला तोड़कर गायब कर दी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने उन पर जान से मारने की नीयत से हमला किया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कथावाचक और उनके सहयोगी स्थानीय लोगों के दबाव में तीन महिलाओं दो छोटे बच्चों समेत छह लोगों को रात भर पुलिस हिरासत में रखा गया। काफी चिरौरी के बावजूद कथावाचक अपने डीआईजी एसएसपी सर्किल अफसर और कोतवाल से सहयोग मिलने के बयान देते रहे उधर आकस्मिक तनाव में रोडरेज का दूसरा पक्ष महिलाओं बच्चो को भूखे हवालात में रखा गया लेकिन कथावाचक अपनी शान में कथित गुस्ताखी के लिए महिलाओं बच्चो को भी हवालात से बाहर कराने के लिए तैयार नहीं हुए। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह बेहद शर्मनाक है कि मंचों पर क्षमा करुणा और परोपकार का प्रवचन करने वाला कथित संत महिलाओं बच्चो को लाकअप में रखवा कर आत्मसंतुष्टि अनुभव करते हैं। दूसरे पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने एकतरफ़ा कारवाई की। कथावाचक ने रसूख का दुरुपयोग कर के इस परिवार के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर के इनको पूरी रात पुलिस लॉकअप में बन्द रखते हैं। इस तरह का एकतरफ़ा प्रकरण  ब्रज क्षेत्र के धर्माटन और पर्यटन लिए पतन का कारण भी बन सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">यहां श्रद्धालु परिवार दर्शन के लिए आते हैं और श्रद्धा के साथ आते हैं उनके सम्मान की और सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? यदि ऐसे पक्षपात पूर्ण कारवाई होगी तो एक दिन वो आजाएगा कि श्रद्धालु बृज में आने से ही डरेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि कथा का धंधा इंडस्ट्री बन गया है कथा वाचक अपने तिलिस्म और रसूख के बूते पर तमाम कानून को अपने चरणों में मानने लगे हैं सैकड़ों करोड़ की संपत्ति जुटा कर धर्म की मर्यादा को तोड़ रहे हैं।  आपको पता रहे कि धर्म के दस मूल सिद्धांत शम दम क्षमा धैर्य अस्तेय इंद्रिय निग्रह विद्या पवित्रता सत्य अक्रोध को जीवन में उतारने का अभ्यास करें कथावाचकों की खरपतवार इन धर्म की मूल बुनियाद को आमजन को समझाने के लिए तैयार नहीं है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्योंकि वह स्वयं अपने जीवन में इन सिद्धांतों पर आचरण नही करते और भांति भांति के प्रपंच कर आस्था और श्रद्धा का शोषण कर अपने सुख सुविधा संपन्नता के लिए संपत्ति बटोरने में लगे हुए हैं ऐसे लोग किसी को सही दिशा दिखा कर अपना धंधा चौपट नही करेंगे। सावधान रहें सतर्क रहें वरना बहुत सारे अशोक खरात रामपाल रहीम आपकी अस्मिता से खेलने की साजिश में आपके विश्वास का दोहन करने की जुगत में है। इसलिए अंध कूप मंडूप नहीं बनकर जागरूक धर्म रक्षक देश भक्त बनें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:42:55 +0530</pubDate>
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