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                <title>child welfare India - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>डीएनए टेस्ट में पिता न होने पर भरण-पोषण नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने मां की अपील खारिज की</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज-</strong> सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने कहा है कि यदि डीएनए परीक्षण से यह साबित हो जाए कि कोई व्यक्ति बच्चे का जैविक पिता नहीं है, तो उसे भरण-पोषण देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, भले ही बच्चा वैवाहिक संबंध के दौरान जन्मा हो। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिस्वर सिंह की खंडपीठ ने मां द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पक्षकारों की शादी 2016 में हुई थी। बाद में विवाद उत्पन्न होने पर महिला ने घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत अपने और बच्चे के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177023/no-maintenance-if-father-is-not-found-in-dna-test"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/untitled-design-2026-04-22t211803.878.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज-</strong> सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने कहा है कि यदि डीएनए परीक्षण से यह साबित हो जाए कि कोई व्यक्ति बच्चे का जैविक पिता नहीं है, तो उसे भरण-पोषण देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, भले ही बच्चा वैवाहिक संबंध के दौरान जन्मा हो। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिस्वर सिंह की खंडपीठ ने मां द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पक्षकारों की शादी 2016 में हुई थी। बाद में विवाद उत्पन्न होने पर महिला ने घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत अपने और बच्चे के लिए अंतरिम भरण-पोषण की मांग की।  सुनवाई के दौरान पति की मांग पर डीएनए परीक्षण कराया गया, जिसमें यह सामने आया कि वह बच्चे का जैविक पिता नहीं है। इसके आधार पर ट्रायल कोर्ट ने बच्चे के लिए भरण-पोषण देने से इनकार कर दिया, जिसे अपीलीय अदालत और हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सामान्यतः कानून के तहत विवाह के दौरान जन्मे बच्चे को वैध माना जाता है, लेकिन जब डीएनए टेस्ट जैसी वैज्ञानिक जांच से पितृत्व स्पष्ट रूप से खारिज हो जाए और उस रिपोर्ट को चुनौती भी न दी गई हो, तो ऐसे साक्ष्य को प्राथमिकता दी जाएगी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि, कोर्ट ने बच्चे के कल्याण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिया कि वह बच्चे की स्थिति—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण—का आकलन करे और आवश्यक होने पर सहायता सुनिश्चित करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि भरण-पोषण के मामलों में जैविक संबंध महत्वपूर्ण है और वैज्ञानिक साक्ष्य के सामने पारंपरिक कानूनी धारणा टिक नहीं सकती। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 22:14:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>राज्यपाल  ने राजकीय बालगृह परिसर-खुल्दाबाद पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं, की जानकारी प्राप्त की</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> राज्यपाल ने किशोरों, बालिकाओं को दृढ़संकल्प के साथ परिश्रम करने तथा सकारात्मक सोंच के साथ आगे बढ़ने के लिए कहा राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय बालगृह परिसर-खुल्दाबाद पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं, सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा अंतःवासियों के साथ संवाद किया। उन्होंने सर्वप्रथम राजकीय बालगृह (बालिका) की बालिकाओं द्वारा बनाये गये टीचिंग लर्निंग मैटेरियल का अवलोकन किया और उनके द्वारा बनाये गये आर्ट एण्ड क्राफ्ट मैटेरियल, टाइप आफ हाउसेस, एआई हेल्थ केयर मॉडल का अवलोकन करते हुए स्वास्थ्य की देखभाल कैसे करते है तथा बीपी क्यों बढ़ता</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176047/the-governor-reached-the-government-childrens-home-complex-khuldabad-and-got"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260411-wa0183.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> राज्यपाल ने किशोरों, बालिकाओं को दृढ़संकल्प के साथ परिश्रम करने तथा सकारात्मक सोंच के साथ आगे बढ़ने के लिए कहा राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय बालगृह परिसर-खुल्दाबाद पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं, सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा अंतःवासियों के साथ संवाद किया। उन्होंने सर्वप्रथम राजकीय बालगृह (बालिका) की बालिकाओं द्वारा बनाये गये टीचिंग लर्निंग मैटेरियल का अवलोकन किया और उनके द्वारा बनाये गये आर्ट एण्ड क्राफ्ट मैटेरियल, टाइप आफ हाउसेस, एआई हेल्थ केयर मॉडल का अवलोकन करते हुए स्वास्थ्य की देखभाल कैसे करते है तथा बीपी क्यों बढ़ता है, की भी जानकारी बालिकाओं से ली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने राजकीय बालिका गृह में आवासित बच्चियों से मुलाकात की तथा उनसे संवाद करते हुए वहां पर उन्हें दिए जा रहे टेªनिंग प्रोग्राम-पाक कला, योग प्रशिक्षण, बागवानी प्रशिक्षण, सिलाई-कढ़ाई एवं क्राफ्ट प्रशिक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि आगे बढ़ना है, तो शिक्षा, ज्ञान व प्रशिक्षण प्राप्त करना ही होगा, इसलिए आप सभी पूरे मनोयोग के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करें।  राज्यपाल  ने छोटे कॉमन हॉल में पहुंचकर उनके द्वारा बनाये गये क्राफ्ट सामग्री, कपड़े से बनाये गये साज-सज्जा के सामानों के स्टॉल का अवलोकन किया, तत्पश्चात उन्होंने किचन व स्टोर का भी निरीक्षण किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">माननीय राज्यपाल महोदया ने कॉमन हॉल में बालगृह (बालिका) की साक्ष्य पीड़िताओं (पाक्सों पीड़ित) से संवाद किया तथा उनके शिक्षा, स्वास्थ्य एवं संस्था में प्राप्त हो रहे प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनने हेतु मार्गदर्शन दिया और उन्हें स्वच्छता अपनाये जाने, विचारों में सकारात्मकता लाये जाने तथा पोषण युक्त भोजन करने के साथ नियमित दिनचर्या का पालन करने के लिए कहा। उन्होंने पाक्सों पीडित बालिकाओं को मिष्ठान व स्वच्छता किट का वितरण किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके उपरांतय राज्यपाल महोदया ने परिसर में स्थित राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) के कॉमन हॉल में पहुंचकर वहां पर रह रहे किशोरों से विस्तार से संवाद किया। उन्होंने किशारों के साथ संवाद करते हुए कहा ‘‘अच्छा पढ़ो, अच्छा करों और अच्छा बनो’’। उन्होंने संवाद करते हुए प्रतिदिन की दिनचर्या, किए गए कार्यों तथा विचारों को डायरी में प्रतिदिन अंकित किए जाने के लिए कहा है। उन्होंने किशोरों को नियमित रूप से योग, मेडिटेशन, साफ-सफाई से रहना, सभी कार्यों को स्वयं करना, पेंटिंग, स्पोर्ट्स एवं शैक्षिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने तथा अनुशासित दिनचर्या के साथ रहने के लिए कहा। उन्होंने वहां पर बनायी गयी लाईब्रेरी में जाकर उन्हें ज्ञानवर्धक पुस्तकों, महापुरूषों एवं वैज्ञानिकों के विचारों को जानने तथा लाईब्रेरी में पढ़े गये विषय की समरी रिपोर्ट भी बनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आत्मअवलोकन करें कि आप किस क्षेत्र में ज्यादा बेहतर कर सकते है तथा आगे भी अपनी रूचि के अनुसार उसी दिशा में सकारात्मक सोच के साथ कार्य करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">माननीय राज्यपाल महोदया ने वहां पर स्मार्ट क्लास व कम्प्यूटर की उपलब्धता की जानकारी ली, जिसपर बताया गया कि स्मार्ट क्लास बनाये जाने तथा 8 कम्प्यूटर लगाये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिसपर राज्यपाल महोदया ने किशोरों की संख्या के अनुसार वहां पर 20 कम्प्यूटर की व्यवस्था कराये जाने तथा लाईब्रेरी में और विभिन्न विषयों की अधिक बुक रखवायें जाने, अखबार को नियमित रूप से मंगाये जाने की व्यवस्था कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने वहां के संरक्षक से किशोरों के बीच स्पोर्ट्स, म्यूजिक, योग सहित अन्य गतिविधियों में समय-समय पर प्रतियोगिता आयोजित कराये जाने के लिए कहा है तथा इन क्षेत्रों में अच्छा करने वाले किशोरों को उसी क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए कहा है। उन्होंने सभी किशोरों को दृढ़संकल्प के साथ पिछली गलतियों को भुलाते हुए और परिश्रम करने तथा सकारात्मक सोंच के साथ आगे बढ़ने के लिए कहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर पूर्व महापौर श्रीमती अभिलाषा गुप्ता नंदी, प्रो0 राजेन्द्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा, डीसीपी नगर श्री मनीष कुमार शांडिल्य, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर श्री सत्यम मिश्र, सिटी मजिस्टेªट श्री विनोद कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सदर श्री अभिषेक सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री सर्वजीत सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक श्री पी0एन0 सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री अनिल कुमार, सीडीपीओ श्रीमती संजिता सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 21:17:52 +0530</pubDate>
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