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                <title>शिक्षा का अधिकार - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>शिक्षा का अधिकार RSS Feed</description>
                
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                <title>भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को किया बर्बाद: अखिलेश यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है, जिससे छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से दूर करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 22 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों को विलय (मर्जर) और अन्य कारणों का हवाला देकर बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184399/bjp-government-ruined-the-education-system-akhilesh-yadav"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-22.00.02.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है, जिससे छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा से दूर करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 22 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों को विलय (मर्जर) और अन्य कारणों का हवाला देकर बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के मंदिरों की बदहाली के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा अध्यक्ष ने कहा कि जहां से बच्चों की शिक्षा की शुरुआत होती है, भाजपा सरकार वहीं से व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में छात्रों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। कई विद्यालयों के भवन जर्जर स्थिति में हैं, कहीं बिजली और पंखों की समस्या है तो कहीं बारिश के दौरान छतों से पानी टपकने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के एजेंडे में शिक्षा और रोजगार कभी प्राथमिकता नहीं रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और छात्र-नौजवान अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र भाजपा की शिक्षा नीतियों से नाराज हैं और आने वाले समय में युवा इसका जवाब देंगे। अखिलेश यादव ने भाजपा पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने नए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बनाने के बजाय पुराने संस्थानों को कमजोर किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा अध्यक्ष ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इसे तोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि विश्वविद्यालयों को नुकसान पहुंचाने वाले कभी समाज के हितैषी नहीं रहे। उन्होंने शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और मजबूती की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 22:04:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बाल श्रम की व्यथा और कठोर श्रम करते हाथ मूल सुविधाओं से वंचित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 1 मई को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस केवल श्रमिकों के सम्मान का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह उन असंख्य अदृश्य हाथों की पीड़ा को भी सामने लाता है जो आज भी अपने अधिकारों से वंचित हैं। भारत जैसे विकासशील देश में यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि यहाँ श्रम के साथ-साथ बाल श्रम की समस्या भी एक गहरी सामाजिक विडंबना के रूप में उपस्थित है।</p>
<p style="text-align:justify;">संविधान और कानूनों के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से खतरनाक उद्योगों, कारखानों, होटलों, ढाबों या अन्य वाणिज्यिक गतिविधियों में कार्य कराना अपराध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177665/the-pain-of-child-labor-and-hard-labor-deprived-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/international-labour-day_-_loom_solar_600x.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 1 मई को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस केवल श्रमिकों के सम्मान का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह उन असंख्य अदृश्य हाथों की पीड़ा को भी सामने लाता है जो आज भी अपने अधिकारों से वंचित हैं। भारत जैसे विकासशील देश में यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि यहाँ श्रम के साथ-साथ बाल श्रम की समस्या भी एक गहरी सामाजिक विडंबना के रूप में उपस्थित है।</p>
<p style="text-align:justify;">संविधान और कानूनों के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से खतरनाक उद्योगों, कारखानों, होटलों, ढाबों या अन्य वाणिज्यिक गतिविधियों में कार्य कराना अपराध है। इसके बावजूद वास्तविकता यह है कि देश के छोटे-बड़े शहरों, कस्बों और गांवों में लाखों बच्चे आज भी श्रम के बोझ तले दबे हुए हैं। वे कभी चाय की दुकानों पर काम करते दिखते हैं, कभी पटाखा उद्योगों में, तो कभी कचरा बीनते या भीख मांगते हुए। यह केवल आर्थिक शोषण नहीं, बल्कि उनके बचपन, शिक्षा और भविष्य का भी हनन है।<br />बाल श्रम की जड़ें गहरी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> गरीबी, भुखमरी, कुपोषण, बेरोजगारी, अशिक्षा और सामाजिक जागरूकता का अभाव इसके प्रमुख कारण हैं। कई परिवारों में आर्थिक मजबूरी इतनी तीव्र होती है कि वे स्वयं अपने बच्चों को श्रम के दलदल में धकेल देते हैं। इसके अतिरिक्त अभिभावकों की असामयिक मृत्यु, बीमारी या परिवार में अधिक सदस्यों का होना भी बच्चों को समय से पहले जिम्मेदारियों के बोझ तले ला देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बाल श्रमिकों का शोषण बहुआयामी होता है शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक। उन्हें वयस्क श्रमिकों की तुलना में बहुत कम पारिश्रमिक दिया जाता है, जिससे नियोजकों के लिए वे सस्ते और सुविधाजनक श्रम का स्रोत बन जाते हैं। यही कारण है कि बाल श्रम की प्रवृत्ति समाप्त होने के बजाय कई स्थानों पर बढ़ती दिखाई देती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार ने कई महत्वपूर्ण कानून और योजनाएँ लागू की हैं, जैसे बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, तथा राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना। इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा पोषण, शिक्षा और बाल संरक्षण से जुड़ी अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन और यूनिसेफ जैसे संगठन बाल श्रम उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन के कन्वेंशन 138 और 182 विशेष रूप से बाल श्रम के उन्मूलन और खतरनाक कार्यों से बच्चों को मुक्त कराने पर केंद्रित हैं। फिर भी, समस्या का समाधान केवल कानून बनाने से नहीं होगा, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से ही संभव है।</p>
<p style="text-align:justify;">दुर्भाग्यवश, कई बार इन कानूनों का पालन कराने वाली एजेंसियाँ भ्रष्टाचार, लापरवाही और लालफीताशाही की शिकार हो जाती हैं। परिणामस्वरूप, नियोजक आसानी से बच निकलते हैं और बच्चे शोषण की आग में झोंक दिए जाते हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि बाल श्रम केवल एक कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि एक सामाजिक और नैतिक प्रश्न भी है। जब तक समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता नहीं बढ़ेगी, जब तक हम बच्चों को श्रम नहीं बल्कि शिक्षा और संस्कार का अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध नहीं होंगे, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मजदूर वर्ग की व्यापक स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिक आज भी न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षित कार्यस्थल जैसे मूल अधिकारों से वंचित हैं। प्रवासी मजदूरों की स्थिति, विशेषकर महामारी के समय, ने इस सच्चाई को उजागर कर दिया कि श्रमिक वर्ग हमारे विकास का आधार होने के बावजूद सबसे अधिक उपेक्षित है। आज आवश्यकता इस बात की है कि बाल श्रम और श्रमिक शोषण के विरुद्ध एक समन्वित और सख्त नीति अपनाई जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए कानूनों का कठोर और पारदर्शी क्रियान्वयन,शिक्षा और पोषण योजनाओं का प्रभावी विस्तार, गरीब परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा, और समाज में जागरूकता का प्रसार अत्यंत आवश्यक है। यदि हम सचमुच एक सशक्त और विकसित राष्ट्र का निर्माण करना चाहते हैं, तो हमें अपने बच्चों को श्रम की बेड़ियों से मुक्त कर शिक्षा और अवसरों की मुख्यधारा में लाना होगा। अन्यथा, आज का यह बाल श्रमिक कल का कमजोर नागरिक बनेगा, और एक सुदृढ़ राष्ट्र का सपना अधूरा ही रह जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>संजीव ठाकुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:08:14 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार:  विधायक श्यामधनी राही</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर /</strong>    समग्र शिक्षा अभियान के तहत जन जागरूकता के उद्देश्य से विकास क्षेत्र बर्डपुर में सोमवार को  ब्लाक  स्तरीय   "स्कूल चलो अभियान, विशेष नामांकन पखवाड़ा तथा संचारी रोग नियंत्रण" रैली निकाली गई। रैली को सदर विधायक श्यामधनी राही ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। तथा स्वयं शिक्षकों एवं बच्चों के साथ नगर का भ्रमण कर लोगों को बच्चों के शत–प्रतिशत नामांकन के लिए आह्वान किया</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ब्लाक  संसाधन केन्द्र बर्डपुर से सभी बच्चे अपने–अपने हाथों में स्लोगन लिखी हुई तख्तियां और बैनर लेकर नगर का भ्रमण किया। और पूरे  कस्बे  में गूंजे नारा, शिक्षा है अधिकार हमारा। बच्चे मांगे प्यार</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176040/education-is-the-fundamental-right-of-every-child-mla-shyamadhani"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1776088332086.jpg" alt=""></a><br /><div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर /</strong>  समग्र शिक्षा अभियान के तहत जन जागरूकता के उद्देश्य से विकास क्षेत्र बर्डपुर में सोमवार को  ब्लाक  स्तरीय   "स्कूल चलो अभियान, विशेष नामांकन पखवाड़ा तथा संचारी रोग नियंत्रण" रैली निकाली गई। रैली को सदर विधायक श्यामधनी राही ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। तथा स्वयं शिक्षकों एवं बच्चों के साथ नगर का भ्रमण कर लोगों को बच्चों के शत–प्रतिशत नामांकन के लिए आह्वान किया</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ब्लाक  संसाधन केन्द्र बर्डपुर से सभी बच्चे अपने–अपने हाथों में स्लोगन लिखी हुई तख्तियां और बैनर लेकर नगर का भ्रमण किया। और पूरे  कस्बे  में गूंजे नारा, शिक्षा है अधिकार हमारा। बच्चे मांगे प्यार दो, शिक्षा का अधिकार दो। हर घर में किरण जलेगा, हर बच्चा स्कूल चलेगा, आदि नारे लगाते हुए लोगों को शिक्षा और नामांकन के प्रति जागरूक किया। और पुनः ब्लॉक संसाधन केन्द्र बर्डपुर पर आकर रैली समाप्त हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सदर विधायक श्यामधनी रही ने छात्र छात्राओं अभिभावकों और उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा, प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है, इसीलिए शासन द्वारा पूर्णतया निःशुल्क रूप से बच्चों को पाठ्य पुस्तक, ड्रेस, जूता मोजा, बैग, कॉपी कलम, फल, दूध, मध्यान्ह भोजन, खेल की सामग्री, स्मार्ट क्लास आदि की व्यवस्था की गई  है। अभिभावकों को चाहिए कि वे इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाएं और अपने बच्चों का परिषदीय विद्यालयों में शत प्रतिशत नामांकन कराएं। जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रैली समापन के उपरांत खण्ड शिक्षा अधिकारी रामू प्रसाद ने आए हुए सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया। रैली के दौरान  पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री कलीमुल्लाह, प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक  अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार मिश्र, महेश कुमार, अब्दुल अजीज, सेराज अहमद, नगमा बानो, बैतुल्लाह, साधू शरण चौहान,बंदना सिंह, निधि गुप्ता, हीरा मणि, सालिक राम चौधरी, बलवंत चौधरी, विनोद बजाज, मोहिउद्दीन अभिमन्यु गुप्ता  आदि  उपस्थित रहे।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 21:08:02 +0530</pubDate>
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