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                <title>vande bharat train - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>vande bharat train RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मोदी की 12 वर्षों की सत्ता और आम आदमी: वादे, बदलाव और ज़मीनी हकीकत</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181933/modis-12-years-in-power-and-common-mans-promises-change"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(3).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">राजीव शुक्ल-संपादक </blockquote>
<p>2014 में “अच्छे दिन आएंगे” के नारे के साथ केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई 2026 तक लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रह चुके हैं। यह भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे लंबी अखंड सत्ता वाले प्रधानमंत्रियों में से एक कार्यकाल है। इस दौरान सरकार की नीतियों, योजनाओं और राजनीतिक शैली का सीधा असर आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ा है। अलग हम कल्याणकारी योजनाओं और उनके विस्तार के विषय में बात करें तो उनकी फेरहिस्त काफी लंबी है।</p>
<p><br />पिछले 12 साल में सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण को आधार बनाकर योजनाओं का दायरा बढ़ाया। उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला। स्वच्छ भारत मिशन ने ग्रामीण शौचालय कवरेज को तेज़ी से बढ़ाया। आयुष्मान भारत योजना ने 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा गरीब परिवारों तक पहुंचाया। जनधन खातों ने वित्तीय समावेशन को बढ़ाया और कोविड काल में डीबीटी से करोड़ों लोगों को सीधी मदद मिली। </p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका मतलब यह हुआ कि सरकारी लाभ के लिए बिचौलियों पर निर्भरता घटी। बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का दायरा बढ़ा, जिससे UPI आज छोटे दुकानदार से लेकर ठेले वाले तक इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<p><br />                हम बात करें इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल भारत की तो इसमें भी प्रगति हुई है और कई सुधार अभी भी बाकी हैं। सड़क, रेल, हवाई अड्डे और एक्सप्रेसवे के निर्माण में तेज़ी आई। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, अटल टनल, और नए वंदे भारत ट्रेनें आम यात्रियों के सफर को तेज़ और सुरक्षित बनाने की कोशिश हैं। डिजिटल इंडिया के तहत इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच गांवों तक बढ़ी। इससे शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी सेवाएं मोबाइल पर आ गईं।</p>
<p><br />आम आदमी के लिए इसका फायदा समय की बचत और लागत में कमी के रूप में दिखा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी इंटरनेट की गुणवत्ता और बिजली की आपूर्ति असमान बनी हुई है। हालांकि कर और अर्थव्यवस्था में बदलाव तो हुआ है लेकिन महंगाई के कारण अभी उतनी राहत महसूस नहीं हुई है । GST लागू होने से अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एकजुट हुई। छोटे व्यापारियों के लिए शुरू में जटिलता बढ़ी, लेकिन धीरे-धीरे फाइलिंग आसान हुई। नोटबंदी 2016 का मकसद काला धन और नकली नोट पर चोट था, लेकिन इसका तत्काल असर छोटे कारोबार और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा। महंगाई, बेरोजगारी और निजी निवेश की रफ्तार आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता बनी रही। कोरोना के बाद रिकवरी तेज़ रही, लेकिन असंगठित क्षेत्र में रोज़गार और आय अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आई है।</p>
<p><br /> राजनीतिक संवाद और छवि की बात की जाये तो इसमें मोदी सरकार का कोई जोड़ नहीं है। मोदी की सरकार ने सीधे संवाद पर ज़ोर दिया। मन की बात, सोशल मीडिया और रैलियों के ज़रिए प्रधानमंत्री खुद जनता से जुड़े रहे। “सबका साथ, सबका विकास” का नारा केंद्र में रहा। विरोधियों का आरोप रहा कि आलोचना को जगह कम मिली और मीडिया पर नियंत्रण बढ़ा। आम आदमी के लिए इसका असर यह हुआ कि सरकार की योजनाओं की जानकारी तेज़ी से पहुंची, लेकिन विपरीत राय और स्थानीय समस्याएं कई बार राष्ट्रीय बहस में जगह नहीं बना पाईं।</p>
<p><br /> अलग हम इसकी ज़मीनी हकीकत जानें और यह पता करें कि क्या बदला? तो 12 साल में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सरकार सीधे नागरिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पहले जहां फाइलों और दफ्तरों में काम अटकता था, अब ऑनलाइन पोर्टल और ऐप्स से काम होता है। गरीबों के लिए रसोई गैस, शौचालय, बिजली और बैंक खाता पहले से ज्यादा सुलभ हुए हैं। दूसरी तरफ, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय और शिक्षा-स्वास्थ्य की गुणवत्ता जैसे मुद्दे अभी भी चुनौती हैं। मध्यम वर्ग टैक्स और जीवनयापन की लागत को लेकर दबाव महसूस करता है। ग्रामीण भारत में कृषि पर निर्भरता और मौसम की मार अब भी जीवन को अनिश्चित रखती है।</p>
<p>मोदी की 12 साल की सत्ता ने आम आदमी की ज़िंदगी में बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल पहुंच के मामले में ठोस बदलाव लाए हैं। योजनाओं का लाभ पहले से ज्यादा पारदर्शी हुआ है। लेकिन रोज़गार, महंगाई और असमानता जैसे संरचनात्मक मुद्दे बने हुए हैं। आम आदमी के लिए यह कार्यकाल सुविधाओं में बढ़ोतरी और आर्थिक दबाव दोनों का मिश्रण रहा है। 2026 की सियासत इस बात पर टिकी होगी कि क्या सरकार इन बदलावों को स्थायी रोज़गार और आय में बदल पाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:41:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Vande Bharat Express: रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस की हुई शुरुआत </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">Vande Bharat Express: प्रधानमंत्री</span> <span class="cf0">नरेंद्र</span> <span class="cf0">मोदी</span><span class="cf0"> 8 </span><span class="cf0">नवंबर</span><span class="cf0"> 2025 </span><span class="cf0">को</span> <span class="cf0">अपने</span> <span class="cf0">संसदीय</span> <span class="cf0">क्षेत्र</span> <span class="cf0">वाराणसी</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">थे</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">जहां</span> <span class="cf0">उन्होंने</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">साथ</span><span class="cf0"> चार नई </span><span class="cf0">वंदे</span><span class="cf0"> भारत </span><span class="cf0">एक्सप्रेस</span><span class="cf0"> ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन ट्रेनों में </span><span class="cf0">बनारस</span><span class="cf0"> से </span><span class="cf0">खजुराहो</span><span class="cf0">, लखनऊ से </span><span class="cf0">सहारनपुर</span><span class="cf0">, पंजाब के </span><span class="cf0">फिरोजपुर</span><span class="cf0"> से दिल्ली और केरल की राजधानी </span><span class="cf0">कोच्चि</span><span class="cf0"> के </span><span class="cf0">एर्नाकुलम</span><span class="cf0"> से कर्नाटक की राजधानी </span><span class="cf0">बेंगलुरु</span><span class="cf0"> तक की ट्रेन शामिल हैं।</span></p>
<p><span class="cf0">एर्नाकुलम-बेंगलुरु</span> <span class="cf0">वंदे</span><span class="cf0"> भारत (26651/26652) की </span><span class="cf0">बुकिंग</span><span class="cf0"> खुलते ही सभी सीटें भर गईं। एसी </span><span class="cf0">चेयर</span><span class="cf0"> कार की सभी सीटें और </span><span class="cf0">एग्जीक्यूटिव</span><span class="cf0"> क्लास की सीटें अगले 10 दिनों तक उपलब्ध नहीं थीं। एसी </span><span class="cf0">चेयर</span><span class="cf0"> कार का </span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159448/vande-bharat-express-good-news-for-railway-passengers-four-new"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/vande-bharat-express.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">Vande Bharat Express: प्रधानमंत्री</span> <span class="cf0">नरेंद्र</span> <span class="cf0">मोदी</span><span class="cf0"> 8 </span><span class="cf0">नवंबर</span><span class="cf0"> 2025 </span><span class="cf0">को</span> <span class="cf0">अपने</span> <span class="cf0">संसदीय</span> <span class="cf0">क्षेत्र</span> <span class="cf0">वाराणसी</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">थे</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">जहां</span> <span class="cf0">उन्होंने</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">साथ</span><span class="cf0"> चार नई </span><span class="cf0">वंदे</span><span class="cf0"> भारत </span><span class="cf0">एक्सप्रेस</span><span class="cf0"> ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन ट्रेनों में </span><span class="cf0">बनारस</span><span class="cf0"> से </span><span class="cf0">खजुराहो</span><span class="cf0">, लखनऊ से </span><span class="cf0">सहारनपुर</span><span class="cf0">, पंजाब के </span><span class="cf0">फिरोजपुर</span><span class="cf0"> से दिल्ली और केरल की राजधानी </span><span class="cf0">कोच्चि</span><span class="cf0"> के </span><span class="cf0">एर्नाकुलम</span><span class="cf0"> से कर्नाटक की राजधानी </span><span class="cf0">बेंगलुरु</span><span class="cf0"> तक की ट्रेन शामिल हैं।</span></p>
<p><span class="cf0">एर्नाकुलम-बेंगलुरु</span> <span class="cf0">वंदे</span><span class="cf0"> भारत (26651/26652) की </span><span class="cf0">बुकिंग</span><span class="cf0"> खुलते ही सभी सीटें भर गईं। एसी </span><span class="cf0">चेयर</span><span class="cf0"> कार की सभी सीटें और </span><span class="cf0">एग्जीक्यूटिव</span><span class="cf0"> क्लास की सीटें अगले 10 दिनों तक उपलब्ध नहीं थीं। एसी </span><span class="cf0">चेयर</span><span class="cf0"> कार का </span><span class="cf0">टिकट</span> <span class="cf1">1,615</span><span class="cf0"> रुपये</span> <span class="cf0">और </span><span class="cf0">एग्जीक्यूटिव</span> <span class="cf0">चेयर</span><span class="cf0"> कार का टिकट </span><span class="cf1">2,980</span><span class="cf0"> रुपये</span> <span class="cf0">है। यह ट्रेन आठ डिब्बों वाली है और नियमित </span><span class="cf0">ऑपरेशन</span><span class="cf0"> 11 नवंबर से शुरू होगा।</span></p>
<p><span class="cf0">इस ट्रेन का मार्ग </span><span class="cf0">त्रिशूर</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">पलक्कड</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">कोयम्बटूर</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">तिरुपुर</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">इरोड</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">सेलम</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">कृष्णराजपुरम</span><span class="cf0"> से होते हुए </span><span class="cf0">बेंगलुरु</span><span class="cf0"> पहुंचेगा। ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी, केवल बुधवार को नहीं। </span><span class="cf0">एर्नाकुलम</span><span class="cf0"> से सुबह 14:20 बजे रवाना होकर </span><span class="cf0">बेंगलुरु</span><span class="cf0"> 23:00 बजे पहुंचेगी, जबकि वापसी में सुबह 5:10 बजे </span><span class="cf0">बेंगलुरु</span><span class="cf0"> से चलकर 13:50 बजे </span><span class="cf0">एर्नाकुलम</span><span class="cf0"> पहुंचेगी।</span></p>
<p><span class="cf0">नई </span><span class="cf0">वंदे</span><span class="cf0"> भारत ट्रेन के शुरू होने से </span><span class="cf0">एर्नाकुलम</span><span class="cf0"> से </span><span class="cf0">बेंगलुरु</span><span class="cf0"> की यात्रा का समय 8 घंटे 40 मिनट में पूरा होगा, जबकि वर्तमान में इस </span><span class="cf0">रूट</span><span class="cf0"> पर सबसे तेज़ ट्रेन 11 घंटे 5 मिनट में सफर करती है। इस वजह से यात्रियों ने इसे पसंद किया है।</span></p>
<p><span class="cf0">इसी दिन </span><span class="cf0">फिरोजपुर</span> <span class="cf0">कैंट</span><span class="cf0"> से दिल्ली </span><span class="cf0">जंक्शन</span><span class="cf0"> तक नई </span><span class="cf0">वंदे</span><span class="cf0"> भारत ट्रेन (26462/26461) को भी हरी झंडी दिखाई गई। यह ट्रेन सुबह 8:05 बजे रवाना होकर </span><span class="cf0">फरीदकोट</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">बठिंडा</span><span class="cf0">, </span><span class="cf0">धूरी</span><span class="cf0">, पटियाला, </span><span class="cf0">अंबाला</span><span class="cf0"> छावनी, कुरुक्षेत्र और </span><span class="cf0">पानीपत</span><span class="cf0"> के बाद 15:05 </span><span class="cf0">बजे</span> <span class="cf0">दिल्ली</span> <span class="cf0">जंक्शन</span> <span class="cf0">पहुंचेगी</span><span class="cf0">।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Nov 2025 13:40:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बनारस से छिवकी पहुँची वंदे भारत ट्रेन, हरी झंडी दिखाकर किया रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी , प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस से खजुराहो के लिए सुबह वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ बनारस स्टेशन से किया। यह ट्रेन छिवकी जंक्शन पर 11.17 मिनट पर पहुंची। जहां ट्रेन का यहां पर बाजे गाजे के साथ स्वागत किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ट्रेन के पहुंचने पर जय श्री राम के नारे भी लगे।ट्रेन को छिवकी जंक्शन पर हरी झंडी दिखाकर चित्रकूट से खजुराहो के लिए रवाना किया गया। इस शुभारंभ के दौरान डीआरएम उत्तर मध्य रेलवे, महापौर गणेश केसरवानी, सांसद दीपक पटेल,सभी पार्षद सहित तमाम लोग लोग मौजूद रहे।इस दौरान पार्षद मयंक यादव,समाजसेवी समर बहादुर सिंह, भाजपा नेता राजन</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159404/vande-bharat-train-reached-chhivki-from-banaras-and-flagged-off"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img-20251108-wa0133.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी , प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस से खजुराहो के लिए सुबह वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ बनारस स्टेशन से किया। यह ट्रेन छिवकी जंक्शन पर 11.17 मिनट पर पहुंची। जहां ट्रेन का यहां पर बाजे गाजे के साथ स्वागत किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ट्रेन के पहुंचने पर जय श्री राम के नारे भी लगे।ट्रेन को छिवकी जंक्शन पर हरी झंडी दिखाकर चित्रकूट से खजुराहो के लिए रवाना किया गया। इस शुभारंभ के दौरान डीआरएम उत्तर मध्य रेलवे, महापौर गणेश केसरवानी, सांसद दीपक पटेल,सभी पार्षद सहित तमाम लोग लोग मौजूद रहे।इस दौरान पार्षद मयंक यादव,समाजसेवी समर बहादुर सिंह, भाजपा नेता राजन शुक्ला, पार्षद राकेश जायसवाल, पवन यादव, घनश्याम जायसवाल, शुभाष चन्द्र केशरवानी, संजय श्रीवास्तव आदि रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/159404/vande-bharat-train-reached-chhivki-from-banaras-and-flagged-off</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 22:02:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेल मंत्री बोले वन्दे मातरम के रंग के पीछे कोई राजनीति नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Rail:</strong> रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में पत्रकारों से बातचीत में इस धारणा को खारिज कर दिया कि नारंगी रंग की वंदे भारत ट्रेनें शुरू करने के पीछे कोई राजनीति है। उन्होंने कहा कि रंगों का चयन वैज्ञानिक सोच से किया गया था। उन्होंने कहा कि मानव आँखों के लिए, दो रंग सबसे अधिक दृश्यमान माने जाते हैं - पीला और नारंगी। यूरोप में, लगभग 80 प्रतिशत ट्रेनों में या तो नारंगी या पीले और नारंगी का संयोजन होता है। उन्होंने कहा कि सिल्वर जैसे कई अन्य रंग भी हैं, जो पीले और नारंगी जैसे चमकीले होते हैं,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135531/railway-minister-said-there-is-no-politics-behind-the-color"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/vande-bharat-orange_large_1301_8.webp" alt=""></a><br /><p><strong>Rail:</strong> रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में पत्रकारों से बातचीत में इस धारणा को खारिज कर दिया कि नारंगी रंग की वंदे भारत ट्रेनें शुरू करने के पीछे कोई राजनीति है। उन्होंने कहा कि रंगों का चयन वैज्ञानिक सोच से किया गया था। उन्होंने कहा कि मानव आँखों के लिए, दो रंग सबसे अधिक दृश्यमान माने जाते हैं - पीला और नारंगी। यूरोप में, लगभग 80 प्रतिशत ट्रेनों में या तो नारंगी या पीले और नारंगी का संयोजन होता है। उन्होंने कहा कि सिल्वर जैसे कई अन्य रंग भी हैं, जो पीले और नारंगी जैसे चमकीले होते हैं, लेकिन अगर हम मानव आंखों की दृश्यता की दृष्टि से बात करें तो ये दो रंग सबसे अच्छे माने जाते हैं।</p>
<p>वैष्णव ने कहा कि इसके पीछे कोई राजनीति नहीं है और यह 100 प्रतिशत वैज्ञानिक सोच है। उन्होंने कहा कि इन्हीं कारणों से विमानों और जहाजों में ब्लैक बॉक्स नारंगी रंग के होते हैं। उन्होंने कहा कि यहां तक ​​कि बचाव नौकाएं और जीवन जैकेट, जिनका उपयोग राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल करता है, नारंगी रंग के होते हैं। भारतीय रेलवे ने 24 सितंबर को केरल के कासरगोड और तिरुवनंतपुरम के बीच अपनी पहली नारंगी-ग्रे रंग की वंदे भारत ट्रेन शुरू की। यह उन नौ वंदे भारत ट्रेनों में से एक थी जिसे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 सितंबर को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में हरी झंडी दिखाई थी। कासरगोड-तिरुवनंतपुरम 31वीं वंदे भारत ट्रेन थी, जो 19 अगस्त को तमिलनाडु के चेन्नई के पेरंबूर में रेल कोच निर्माता इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में ट्रायल रन के लिए ट्रैक पर उतरी थी।</p>
<p>अश्विनी वैष्णव का यह बयान ऐसे समय में आया है। जब वंदे भारत ट्रेन के नारंगी रंग को लेकर राजनीति होती दिखाई दे रही थी। भले ही इसको लेकर सरकार पर सीधे तौर पर आरोप नहीं लगाई जा रहे थे। लेकिन कहीं ना कहीं यह दावा किया जा रहा था कि सरकार की सोच भगवाकरण की दिशा में है और उसी को लेकर वंदे भारत को भी नारंगी रंग दिया गया है जो बिल्कुल भगवा रंग से मिलता जुलता है। कहीं ना कहीं अपना बयान देकर इस तरह के सोच रखने वाले लोगों को अश्विनी वैष्णव ने सही जानकारी दे दी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Oct 2023 13:59:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब में वंदे भारत ट्रेनों के स्लीपर कोच आरसीएफ कपूरथला में बनेंगे , डिजाइन पर चल रहा काम, एसी सुविधा से लैश </title>
                                    <description><![CDATA[<p>स्वतंत्र प्रभात  </p>
<p>  </p>
<p>रेलवे बोर्ड से मिले आदेश के अनुसार स्लीपर वर्जन के 16 ट्रेन के सेट बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। उत्पादन इकाई में वंदे भारत कोच के लिए जिग और शेड तैयार हो चुका है।</p>
<p>देश की हाईटेक वंदे भारत ट्रेन का स्लीपर वर्जन कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) में तैयार होगा। रेलवे बोर्ड से आरसीएफ प्रशासन को मिले ऑर्डर के बाद से तमाम अनिवार्य प्रबंधों पर काम तेजी से जारी है। आरसीएफ में बनने वाली वंदे भारत स्लीपर वर्जन ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित (एसी) होगी। इसमें यात्रियों के आराम का विशेष ध्यान रखा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134803/sleeper-coaches-of-vande-bharat-trains-in-punjab-will-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/images-(2)2.jpg" alt=""></a><br /><p>स्वतंत्र प्रभात  </p>
<p> </p>
<p>रेलवे बोर्ड से मिले आदेश के अनुसार स्लीपर वर्जन के 16 ट्रेन के सेट बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। उत्पादन इकाई में वंदे भारत कोच के लिए जिग और शेड तैयार हो चुका है।</p>
<p>देश की हाईटेक वंदे भारत ट्रेन का स्लीपर वर्जन कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) में तैयार होगा। रेलवे बोर्ड से आरसीएफ प्रशासन को मिले ऑर्डर के बाद से तमाम अनिवार्य प्रबंधों पर काम तेजी से जारी है। आरसीएफ में बनने वाली वंदे भारत स्लीपर वर्जन ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित (एसी) होगी। इसमें यात्रियों के आराम का विशेष ध्यान रखा जाएगा। पहले चरण में 16 रैक यानी 16 ट्रेनों के कोच तैयार होंगे। भविष्य में और ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।</p>
<p> डिजाइन को आकर्षक बनाने पर चल रहा कार्य <br />आरसीएफ के जीएम अशेष अग्रवाल व जनसंपर्क अधिकारी जितेश कुमार ने बताया कि रेलवे बोर्ड से मिले आदेश के अनुसार स्लीपर वर्जन के 16 ट्रेन के सेट बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। उत्पादन इकाई में वंदे भारत कोच के लिए जिग और शेड तैयार हो चुका है। इस समय आरसीएफ का डिजाइन विभाग वंदे भारत कोच का आकर्षक डिजाइन बनाने पर काम कर रहा है। डिजाइन तैयार होते ही इसे अप्रूवल के लिए रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा। रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।</p>
<p>रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेल के बेड़े में शुमार होने वाली प्रीमियम ट्रेन बनाने के लिए विशेष तौर आरसीएफ का चयन किया है। पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 75 वंदे भारत ट्रेनों के बेड़े में से 16 ट्रेन बनाने का दायित्व आरसीएफ प्रबंधन को दिया गया है। आरसीएफ में पहले से कालका-शिमला टॉय ट्रेन के लिए 30 नैरोगेज पैनोरोमिक कोच तैयार किए जा रहे हैं। वहीं कार्गो लाइनर डबल डेकर भी बनाया जा रहा है। इसके निचले डेक को पार्सल परिवहन के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Sep 2023 17:57:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज तक नहीं लखनऊ तक ही चलेगी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong><br /><strong>प्रयागराज ।</strong></p>
<p>  गोरखपुर से शुरू होने वाली बंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन प्रयागराज तक नहीं होगा। इसका संचालन गोरखपुर से लखनऊ के बीच ही होगा रेलवे बोर्ड के अफसरों के अनुसार पहले वंदे भारत प्रयागराज तक चलाए जाने की योजना थी, लेकिन अब यह लखनऊ तक ही चलेगी।</p>
<p>गोरखपुर वंदे भारत को लेकर शुरू से यही कहा जा रहा था कि. इसका संचालन प्रयागराज तक होगा। इसकी एक संभावित समय सारिणी भी जारी हुई। उसके हिसाब से ट्रेन गोरखपुर से सुबह सात बजे रवाना होकर 9.109.12 बजे अयोध्या, 11.10-11.25 बजे लखनऊ एवं दिन में 2.25 बजे उसका प्रयागराज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/131969/vande-bharat-express-train-will-not-run-till-prayagraj-but"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/प्रयागराज-तक-नहीं-लखनऊ-तक-ही-चलेगी-वंदे-भारत-एक्सप्रेस-ट्रेन.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong><br /><strong>प्रयागराज ।</strong></p>
<p> गोरखपुर से शुरू होने वाली बंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन प्रयागराज तक नहीं होगा। इसका संचालन गोरखपुर से लखनऊ के बीच ही होगा रेलवे बोर्ड के अफसरों के अनुसार पहले वंदे भारत प्रयागराज तक चलाए जाने की योजना थी, लेकिन अब यह लखनऊ तक ही चलेगी।</p>
<p>गोरखपुर वंदे भारत को लेकर शुरू से यही कहा जा रहा था कि. इसका संचालन प्रयागराज तक होगा। इसकी एक संभावित समय सारिणी भी जारी हुई। उसके हिसाब से ट्रेन गोरखपुर से सुबह सात बजे रवाना होकर 9.109.12 बजे अयोध्या, 11.10-11.25 बजे लखनऊ एवं दिन में 2.25 बजे उसका प्रयागराज में आगमन होना था।</p>
<p>इसी तरह वापसी में प्रयागराज की इसकी रवानगी दोपहर तीन बजे होकर शाम 6.00-6.15 बजे लखनऊ, रात 8.13-8.15 बजे अयोध्या एवं रात 10.25 बजे गोरखपुर पहुंचती। लेकिन वंदे भारत का प्रयागराज तक ट्रायल न होने से इस बात के संकेत मिल गए थे कि ट्रेन यहां नहीं आएगी। बुधवार को रेलवे बोर्ड ने भी वंदे भारत के प्रयागराज तक संचालन न होने के मामले में अपनी मुहर लगा दी है। </p>
<p>रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक सूचना प्रसार अमिताभ शर्मा का कहना है कि गोरखपुर वंदे भारत फिलहाल प्रयागराज तक नहीं चलेगी। इसका संचालन गोरखपुर से लखनऊ तक ही होगा। गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस का प्रयागराज तक संचालन न होने के पीछे तमाम वजह भी सामने आई हैं। दरअसल प्रयागराज से इसकी रवानगी का संभावित समय दिन में तीन बजे दर्शाया गया था, जबकि यहां से लखनऊ इंटरसिटी हर रोज दोपहर 3.20 बजे रवाना होती है। ऐसे में किराया सस्ता होने की वजह से लोग इंटरसिटी एक्सप्रेस को ही तरजीह देते।</p>
<p>वाया लखनऊ चलाए जाने की वजह से प्रयागराज से अयोध्या और गोरखपुर की दूरी भी बढ़ जाती। वंदे भारत प्रयागराज से गोरखपु पहुंचने में सवा सात घंटे का वक्त लेती, जबकि प्रयागराज रामबाग से<br />वाया वाराणसी चलने वाली बापूधाम महज 6.30 घंटे में ही यह दूरी तय कर लेती है। ऐसे में जब यात्री कम किराया देकर कम समय में गोरखपुर पहुंच जा रहे हैं तो वह वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर करने से पहले दो बार जरूर सोचते</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jul 2023 22:15:37 +0530</pubDate>
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