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                <title>प्रधानमंत्री - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>प्रधानमंत्री RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मैक्रों की पुकार, मोदी का संकेत: क्या बदलेगा डिजिटल भविष्य?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली के</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत मंडपम</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">में एआई इंपैक्ट समिट का वह क्षण ऐतिहासिक बन गया।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इमैनुएल मैक्रों</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मंच पर खड़े थे</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">आँखों में गहरी चिंता और स्वर में पिता-सी व्याकुलता। उन्होंने प्रधानमंत्री की ओर देख कहा— “मिस्टर प्राइम मिनिस्टर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या आप इस क्लब में शामिल होंगे</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">यह केवल कूटनीतिक प्रश्न नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक पिता की पुकार और सभ्यता की चेतावनी थी।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने पूछा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">जो चीजें वास्तविक जीवन में अपराध हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे हमारे बच्चों के सामने क्यों परोसी जा रही हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">फ्रांस पंद्रह वर्ष से कम आयु के लिए सोशल मीडिया</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170493/macrons-call-modis-indication-what-will-change-the-digital-future"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/4141.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली के</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत मंडपम</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">में एआई इंपैक्ट समिट का वह क्षण ऐतिहासिक बन गया।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इमैनुएल मैक्रों</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मंच पर खड़े थे</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">आँखों में गहरी चिंता और स्वर में पिता-सी व्याकुलता। उन्होंने प्रधानमंत्री की ओर देख कहा— “मिस्टर प्राइम मिनिस्टर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या आप इस क्लब में शामिल होंगे</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">यह केवल कूटनीतिक प्रश्न नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक पिता की पुकार और सभ्यता की चेतावनी थी।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने पूछा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">जो चीजें वास्तविक जीवन में अपराध हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वे हमारे बच्चों के सामने क्यों परोसी जा रही हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">फ्रांस पंद्रह वर्ष से कम आयु के लिए सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध की दिशा में बढ़ रहा है। स्पेन और ग्रीस भी आगे हैं। अब भारत को ‘कोलिशन ऑफ विलिंग’ में शामिल होने का आमंत्रण है— क्योंकि यह नियमों से बढ़कर हमारी सभ्यता का प्रश्न है।” उनके शब्द सभागार में गूँजे और असंख्य माता-पिताओं के हृदय तक पहुँचे। क्या हम अब भी मौन रहेंगे</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह विमर्श अब केवल तकनीक की प्रगति का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारे बच्चों के मन और मर्म की सुरक्षा का प्रश्न बन चुका है। वैज्ञानिक शोध निरंतर चेतावनी दे रहे हैं कि सामाजिक माध्यम किशोरों में अवसाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चिंता और आत्महत्या जैसे विचारों की प्रवृत्ति को बढ़ा रहे हैं। अनवरत स्क्रीन पर अंगुली चलाने की आदत ऐसी जकड़ बन चुकी है कि बच्चे नींद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अध्ययन और वास्तविक संबंधों से दूर होते जा रहे हैं। भारत में पचास करोड़ से अधिक युवा इंटरनेट से जुड़े हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें दस से चौदह वर्ष आयु के लाखों बच्चे इंस्टाग्राम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यूट्यूब और टिकटॉक जैसे मंचों पर घंटों डूबे रहते हैं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इमैनुएल मैक्रों</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इसे स्पष्ट शब्दों में “डिजिटल अब्यूज” कहते हैं। प्रश्न यह है— क्या हम इसे अब भी मात्र “एक्सपोजर” का नाम देकर टालते रहेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या फिर समय की पुकार सुनकर अपने बच्चों को इस विषैली स्क्रीन-जगत से बचाने का साहस करेंगे</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में यह बहस पुरानी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर अब निर्णायक हो चली है। आर्थिक सर्वेक्षण ने सोशल मीडिया पर आयु-आधारित सीमा की अनुशंसा की है। एआई</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इंपैक्ट समिट में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अश्विनी वैष्णव</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने कहा कि सरकार मंचों से डीपफेक और आयु-नियंत्रण पर चर्चा कर रही है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आंध्र प्रदेश</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सोलह वर्ष से कम आयु के लिए प्रतिबंध का प्रस्ताव रख चुका है। पर प्रश्न है— क्या केवल कानून पर्याप्त होगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">फेक आईडी और वीपीएन को कैसे रोका जाएगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑस्ट्रेलिया</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने सोलह वर्ष से कम आयु पर प्रतिबंध लगाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिर भी चुनौतियाँ बनी रहीं। भारत जैसे विशाल देश में यह और कठिन होगा। फिर भी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इमैनुएल मैक्रों</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का प्रश्न स्पष्ट है— क्या बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि होगी</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विरोधी पक्ष का कहना है कि पूर्ण प्रतिबंध व्यावहारिक समाधान नहीं है। बच्चे शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संवाद और सृजन के लिए इन मंचों का उपयोग करते हैं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">कठोर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिबंध उन्हें छिपे और अनियंत्रित उपयोग की ओर धकेल सकता है। इसलिए सख्त अभिभावकीय निगरानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रभावी आयु-सत्यापन और सुदृढ़ सामग्री छनन को अधिक संतुलित विकल्प माना जा रहा है। डिजिटल व्यक्तिगत आँकड़ा संरक्षण अधिनियम अठारह वर्ष से कम आयु के लिए अभिभावकीय सहमति अनिवार्य करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किंतु प्रश्न शेष है— क्या यह पर्याप्त है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">इमैनुएल मैक्रों</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का स्पष्ट मत है— जब तक मंच स्वयं जवाबदेही नहीं स्वीकारेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी। फ्रांस में विधेयक आगे बढ़ चुका है। अब प्रश्न भारत के सामने है— क्या वह प्रतीक्षा करेगा</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह प्रश्न केवल बच्चों तक सीमित नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे समाज का है। सोशल मीडिया ने सूचना को जनसुलभ बनाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर साथ ही घृणा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्पीड़न और मिथ्या समाचार का खुला बाजार भी खड़ा कर दिया। सबसे आसान लक्ष्य हमारे बच्चे बनते हैं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एआई</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के दौर में डीपफेक और एआई</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जेनरेटेड कंटेंट ने खतरा दोगुना कर दिया है। ग्रोक चैटबॉट से हजारों बच्चों की सेक्शुअलाइज्ड इमेज बनने की घटना ने दुनिया को झकझोर दिया। इमैनुएल मैक्रों</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने स्पष्ट कहा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">एआई सबके लिए होनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नरेंद्र मोदी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने भी उत्तर दिया कि एआई को ‘फैमिली-गाइडेड’ और ‘चाइल्ड-सेफ’ बनाना अनिवार्य है। जब दोनों नेता एक स्वर में चेतावनी दे रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो प्रश्न यही है— क्या यह संकल्प केवल मंचीय शब्द बनकर रह जाएगा</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अब निर्णय की घड़ी आ पहुँची है। भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी डेमोग्राफी हमारी ताकत है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन अगर हम बच्चों को डिजिटल जहर से नहीं बचाएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह ताकत कमजोर पड़ सकती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मैक्रों</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का प्रस्ताव एक सीधी चुनौती है— क्या हम यूरोप के साथ संतुलित और नियंत्रित मार्ग चुनेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या अमेरिकी मॉडल (फ्रीडम फर्स्ट) को अपनाएंगे</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">जी-</span>7 <span lang="hi" xml:lang="hi">की अध्यक्षता इस समय फ्रांस के पास है और यह विषय उनकी प्राथमिकताओं में अग्रणी है। यदि भारत इस पहल से जुड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वैश्विक मानक तय हो सकते हैं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">निस्संदेह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्रियान्वयन सरल नहीं होगा। प्लेटफॉर्म्स प्रतिरोध करेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उपयोगकर्ता असंतोष प्रकट करेंगे। पर प्रश्न सीधा है— जब बच्चों का भविष्य दाँव पर हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब क्या कठिनाई निर्णय को टालने का कारण बन सकती है</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अंततः प्रश्न हम सबके लिए है— क्या हम सोशल मीडिया को अपने बच्चों का मित्र मानते हैं या अनजाने में उन्हें उनके भविष्य का शत्रु बना रहे हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">इमैनुएल मैक्रों</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने दिल्ली की धरती पर जो कहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह केवल फ्रांस की नीति की घोषणा नहीं थी</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">वह समूची मानवता के अंत:करण से उठी चेतावनी थी। अगर हम अब नहीं जागे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">समय आ गया है कि भारत दृढ़ और साहसी निर्णय ले। बच्चों की हँसी आभासी परदे की चमक में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वास्तविक जीवन की खुली धूप में खिलनी चाहिए। प्रश्न यही है— क्या हम इस परिवर्तन के लिए तैयार हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">उत्तर किसी और के पास नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारे सामूहिक संकल्प में छिपा है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 17:51:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीजेपी  ने मनमोहन सिंह को 2004 में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देने से रोका था: जयराम रमेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को एक पुराने वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने से रोका था।</p>
<p>कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मनमोहन सिंह का 10 मार्च 2005 को दिये गए एक भाषण का एक वीडियो ‘एक्स’ पर साझा किया, जिसमें सिंह ने इस बात का उल्लेख किया था कि 10 जून 2004 को उन्हें धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने से रोका गया था।</p>
<p>रमेश ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168352/bjp-had-prevented-manmohan-singh-from-replying-to-the-presidents"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/410.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को एक पुराने वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने से रोका था।</p>
<p>कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मनमोहन सिंह का 10 मार्च 2005 को दिये गए एक भाषण का एक वीडियो ‘एक्स’ पर साझा किया, जिसमें सिंह ने इस बात का उल्लेख किया था कि 10 जून 2004 को उन्हें धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने से रोका गया था।</p>
<p>रमेश ने बुधवार देर रात वीडियो का हवाला देते हुए कहा था कि यह इस बात को याद दिलाने के लिए है कि 10 जून 2004 को तत्कालीन प्रधानमंत्री को भाजपा ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने नहीं दिया था।</p>
<p>लोकसभा में बुधवार को उस वक्त नाटकीय दृश्य देखने को मिला, जब विपक्ष की कई महिला सांसद बैनर लेकर प्रधानमंत्री की सीट की ओर बढ़ गई थीं। उस समय ऐसी संभावना थी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देने के लिए सदन में आ सकते हैं।</p>
<p>इस घटना के समय प्रधानमंत्री मोदी सदन में मौजूद नहीं थे और भाजपा सदस्य पी. पी. चौधरी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपनी बात रख रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 22:54:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्तव्य पथ पर दिखेगी गोरखपुर के कथक कलाकार बद्रीश नारायण मिश्रा की विशिष्ट प्रस्तुति</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सहजनवां /</strong> गोरखपुर जनपद के प्रतिभाशाली कथक नृत्य कलाकार बद्रीश नारायण मिश्रा ने जनपद का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। गोरखपुर निवासी प्रमोद मिश्रा लेखा विभाग, आईटीएम गीडा, गोरखपुर एवं माता रमा मिश्रा के सुपुत्र हैं तथा वर्तमान में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी से कथक नृत्य में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अपनी कला, अनुशासन और निरंतर साधना के बल पर बद्रीश नारायण मिश्रा को 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर कर्तव्य पथ पर देश के प्रधानमंत्री सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों के समक्ष नृत्य प्रस्तुति देने का गौरव प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166701/special-presentation-of-kathak-artist-badrish-narayan-mishra-of-gorakhpur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/p--4,,,.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सहजनवां /</strong> गोरखपुर जनपद के प्रतिभाशाली कथक नृत्य कलाकार बद्रीश नारायण मिश्रा ने जनपद का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। गोरखपुर निवासी प्रमोद मिश्रा लेखा विभाग, आईटीएम गीडा, गोरखपुर एवं माता रमा मिश्रा के सुपुत्र हैं तथा वर्तमान में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी से कथक नृत्य में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपनी कला, अनुशासन और निरंतर साधना के बल पर बद्रीश नारायण मिश्रा को 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर कर्तव्य पथ पर देश के प्रधानमंत्री सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों के समक्ष नृत्य प्रस्तुति देने का गौरव प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे गोरखपुर जनपद के लिए गर्व का विषय है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस विशेष अवसर पर वे मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध लोकनृत्य बरेदी की प्रस्तुति फोक फैसिलिटी सेंटर की टीम के साथ देंगे। कार्यक्रम का संयोजन मनीष यादव द्वारा किया जा रहा है, जबकि नृत्य निर्देशन का दायित्व काफ़ी हाशमी निभा रहे हैं। उनकी इस राष्ट्रीय स्तर की प्रस्तुति से भारतीय लोक एवं शास्त्रीय नृत्य परंपरा को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166701/special-presentation-of-kathak-artist-badrish-narayan-mishra-of-gorakhpur</link>
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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 20:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपाइयों ने प्रधानमंत्री के मन की बात 105वें एपिसोड को सुना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">स्वतंत्र प्रभात</p>
<p style="text-align:justify;">अंबेडकर नगर। प्रत्येक माह के अन्तिम रविवार को होने वाले प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के 105वीं संस्करण को भाजपा कार्यकर्ताओं ने निर्धारित बूथों पर बूथ समिति की बैठक कर लाइव प्रसारण सुना।<br />                भाजपा जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी ने टांडा विधान सभा क्षेत्र की हंसवर मंडल के बूथ संख्या 221 जल्लापुर साबुकपुर में मण्डल अध्यक्ष सुग्रीव कन्नौजिया, बूथ अध्यक्ष अमित प्रताप सिंह, प्रमोद पाण्डेय, प्रधान प्रदीप कुमार अमर प्रताप सिंह, हरिश्चंद्र चौबे, पूनम देवी, संतोष कुमार धीरेंद्र प्रताप सिंह के साथ बूथ समिति की बैठक और मन की बात कार्यक्रम के दौरान कहा कि मजबूत बूथ से<br />          <br />      <br />        </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135101/bjp-members-listened-to-the-108th-episode-of-prime-ministers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/img-20230924-wa0026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">स्वतंत्र प्रभात</p>
<p style="text-align:justify;">अंबेडकर नगर। प्रत्येक माह के अन्तिम रविवार को होने वाले प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के 105वीं संस्करण को भाजपा कार्यकर्ताओं ने निर्धारित बूथों पर बूथ समिति की बैठक कर लाइव प्रसारण सुना।<br />        भाजपा जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी ने टांडा विधान सभा क्षेत्र की हंसवर मंडल के बूथ संख्या 221 जल्लापुर साबुकपुर में मण्डल अध्यक्ष सुग्रीव कन्नौजिया, बूथ अध्यक्ष अमित प्रताप सिंह, प्रमोद पाण्डेय, प्रधान प्रदीप कुमार अमर प्रताप सिंह, हरिश्चंद्र चौबे, पूनम देवी, संतोष कुमार धीरेंद्र प्रताप सिंह के साथ बूथ समिति की बैठक और मन की बात कार्यक्रम के दौरान कहा कि मजबूत बूथ से संगठन का कार्य सुगमता से सम्पन्न किया जा सकता है। संगठन का कार्य सच्ची निष्ठा और लगन के साथ किया जाना चाहिए। कहा कि प्रधानमंत्री जी राष्ट्र हित में जो कहते हैं वह काम भी पूरा करते हैं।इसी लिए देश की जनता का अटूट विश्वास उन पर रहता है।मेरा बूथ सबसे मजबूत की संकल्प को याद दिलाते हुए कहा कि बूथ जीता तो चुनाव जीता के नारे को आगामी लोकसभा चुनाव में सभी सभी को चरितार्थ करना है। कहा कि प्रत्येक परिवार में सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे यह प्रयत्न किया जाना चाहिए। कहा कि प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में हैदराबाद की संकर्षणा द्वारा बच्चों के लिए स्थापित किए गए पुस्तकालय के प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि वह बच्चों के भविष्य को संवारने में योगदान दे रहीं हैं।<br />          निवर्तमान जिलाध्यक्ष डाक्टर मिथिलेश त्रिपाठी ने कहा कि मोदी जी ने कहा कि भारत का प्रयास है कि हमारे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थानों को विश्व धरोहर स्थलों के रूप में मान्यता मिले।भारत ने अफ्रीकी संघ को जी 20 ब्लॉक का पूर्ण सदस्य बनाकर अपने नेतृत्व का प्रदर्शन किया है।<br />      मन की बात कार्यक्रम के जिला संयोजक/जिला मंत्री दीपक तिवारी ने बताया कि जनपद के सभी 23 मंडलों की 315 शक्ति केंद्र के 1169 बूथों पर 27003 लोगों ने मन की बात कार्यक्रम को सुना।<br />        जिला मीडिया प्रभारी बाल्मीकि उपाध्याय ने जारी विज्ञप्ति में बताया है कि मन की बात कार्यक्रम को मुख्य रूप से विधान परिषद सदस्य डाक्टर हरि ओम पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा, निवर्तमान जिलाध्यक्ष डाक्टर मिथिलेश त्रिपाठी, पूर्व मंत्री धर्म राज निषाद, पूर्व जिलाध्यक्ष राम प्रकाश यादव, यमुना प्रसाद चतुर्वेदी, रमा शंकर सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा, भारती सिंह, पूर्व विधायक त्रिवेणी राम, अनीता कमल, पूर्व विधान सभा प्रत्याशी अवधेश द्विवेदी, ब्लॉक प्रमुख मौसम वर्मा, कुंवर संजय सिंह, जिला महामंत्री बाबा राम शब्द यादव, सुरेश कन्नौजिया, अमरेंद्र कांत सिंह, दिलीप पटेल देव सहित जिला पदाधिकारी, शक्तिकेंद् संयोजक बूथ अध्यक्ष शामिल रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Sun, 24 Sep 2023 22:32:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खाद्य प्रसंस्करण ईकाई स्थाापना, जागरूकता कार्यशाला का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात, हेमेन्द्र क्षीरसागर। जिला ब्यूरो। मध्यप्रदेश। </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बालाघाट। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) अंतर्गत जन सामान्य में जागरूकता हेतु एवं बैंक में अधिक से अधिक उद्यमी, कृषकों के आवेदन प्रस्तुत करने हेतु प्रोत्साहन देने 06 जुलाई 2023 को दोपहर 12 बजे से जिला स्तरीय संगोष्ठी (एक दिवसीय कार्यशाला) कमला नेहरू सभागार, सर्किट हाउस के पास बालाघाट में आयोजित की गई है। इस कार्यशाला में खाद्य प्रसंस्क रण ईकाई स्थाूपना के इच्छु्क लघु उद्यमियों को आमंत्रित किया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">सहायक संचालक उद्यान हरगोविंद धुवारे ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) अंतर्गत खाद्य प्रसंस्कदरण ईकाई की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/131871/organization-of-food-processing-unit-establishment-awareness-workshop"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/swatantra_prabhat1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात, हेमेन्द्र क्षीरसागर। जिला ब्यूरो। मध्यप्रदेश। </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बालाघाट। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) अंतर्गत जन सामान्य में जागरूकता हेतु एवं बैंक में अधिक से अधिक उद्यमी, कृषकों के आवेदन प्रस्तुत करने हेतु प्रोत्साहन देने 06 जुलाई 2023 को दोपहर 12 बजे से जिला स्तरीय संगोष्ठी (एक दिवसीय कार्यशाला) कमला नेहरू सभागार, सर्किट हाउस के पास बालाघाट में आयोजित की गई है। इस कार्यशाला में खाद्य प्रसंस्क रण ईकाई स्थाूपना के इच्छु्क लघु उद्यमियों को आमंत्रित किया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">सहायक संचालक उद्यान हरगोविंद धुवारे ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) अंतर्गत खाद्य प्रसंस्कदरण ईकाई की स्थानपना पर 35 प्रतिशत अधिकतक 10 लाख रुपये का अनुदान एवं 03 प्रतिशत ब्याघज अनुदान दिया जाता है। सभी कृषक बंधु जो शिक्षित बेरोजगार है या उद्यमी है और खाद्य प्रसंस्कारण ईकाई लगाना चाहते हैं तो प्रधानमंत्री सूक्ष्म लघु उद्योग योजना के तहत नया उद्यम लगा सकते हैं या पुराने उद्यम का उन्नकयन कर सकते है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस योजना में राइस मील, आटा मील, पापड़ उद्योग, पास्ता उद्योग, आटा चक्की, मसाला चक्की, नमकीन उद्योग, राइस अपग्रेडेशन या कोई भी उद्योग जैसे संतरा के उत्पाद-संतरा जूस, कैंडी, मुरब्बा, मार्मलेड, संतरा पाउडर, टमाटर के उत्पाद-टोमैटो केचप, टोमैटो चटनी, टोमैटो ड्राई पावडर, टोमैटो सॉस, मिर्च उत्पाद-चिली सॉस, चिली ड्रायर, चिली पावडर, आम के उत्पाद-आम आचार, आम का अमचूर, आम की अमकारिया, आम की अमौट, आम जूस उद्योग, नीबू के उत्पाद-नीबू आचार, नीबू स्क्वास, नीबू मरमेलैंड, अमरूद उत्पाद- अमरूद जैम ,अमरूद जैली, आंवला उत्पाद-आंवला आचार, आंवला अवरेठी, आंवला कैंडी, आंवला चूर्ण, आंवला सुपाड़ी, आंवला मुरब्बा आदि उद्यम लगा सकते है। </p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार लहसुन उत्पाद-गार्लिक पेस्ट, पाउडर, प्याज के उत्पाद-डीहाईड्रैट ऑनियन, ओनियन पाउडर, हल्दी पाउडर-अदरक की सोठ, पेस्ट, धान के उत्पाद- धान मील, बासमती चावल ब्रांडिग, पोहा मील, पोहा ब्रांडिग, पलवराइज राइस, आटा मील-आटा ब्रांडिग, आटा चक्की, ब्रेड उद्योग, टोस उद्योग मसाला चक्की-गीला मसाला पीसने वाली चक्की, गीली उड़द दाल पीसने वाली चक्की, पापड़ उद्योग,पास्ता उद्योग, करैला अचार उद्योग, करैला जूस उद्योग, फल जूस उद्योग, नमकीन उद्योग, मशरूम उद्योग, ऑयल एक्सट्रेक्सन प्लांट-लेमन ग्रास, मेंथा ऑयल, पोदिना ऑयल, आलू एवम केला चिप्स उद्योग, चॉकलेट और कोको उत्पाद, सोया निर्मित उत्पाद, उच्च प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ, सॉफ्ट ड्रिंक, खाने और पकाने के लिए तैयार उत्पाद, नमकीन, स्नैक्स, चिप्स, बिस्कुट, नूडल्स और इंस्टेंट नूडल्स, एडिबल नट्स प्रसंस्करण और पैकेजिंग, पान मसाला उद्योग, डायबिटिक फूड और मसाला उद्योग आदि लगाये जा सकते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उद्योग लगाने के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म लघु उद्योग के तहत कुल लागत का 35 प्रतिशत अनुदान उद्यानिकी एव खाद्य प्रसंस्करण विभाग से उद्योग लगाने पर  10 लाख का अनुदान प्राप्त कर सकते है ।</p>
<p style="text-align:justify;">जिले के समस्त वरि.उ.वि.अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इस योजना में नये आवेदक, जिनके बैंक में प्रकरण पेडिंग है, उन्हें कार्यशाला में अनिवार्य रूप से आमंत्रित करें। साथ ही जिनकी यूनिट प्रारंभ हो चुकी है ऐसे भी हितग्राहियों को आमंत्रित किया जाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही अपने क्षेत्र के बैंकर्स को भी आमंत्रित करने कहा गया है ।समस्त विकासखण्ड हेतु 15-15 आवेदक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिनके प्रकरण स्वीकृत है उन्हें दिनांक 06 जुलाई 2023 को मंच के माध्यम से अतिथि/अध्यक्ष के हस्ते स्वीकृत प्रकरण के प्रमाण पत्र भी प्रदाय किया जायेगा। </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/131871/organization-of-food-processing-unit-establishment-awareness-workshop</link>
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                <pubDate>Thu, 06 Jul 2023 14:47:36 +0530</pubDate>
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