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                <title>UP Forest News - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>UP Forest News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अवधी भाषा साहित्यिक संगोष्ठी व लोकार्पण समारोह आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>सृजना साहित्यिक संस्था उत्तर प्रदेश के तत्वावधान मे अवधी काव्य संग्रहों का लोकार्पण एवं अन्तर्राष्ट्रीय अवधी भाषा साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन न्यू एंजिल्स सीनियर सेकेन्डरी स्कूल के आडिटोरियम में हुआ।कार्यक्रम मे डॉ. दयाराम मौर्य रत्न द्वारा प्रणीत अवधी काव्य संग्रह आखर आखर सबद,वरिष्ठ कवि कुंजबिहारी काकाश्री विरचित अवधी काव्य संग्रह असल बाप तो हमही अही और श्रीनाथ सरस की पुस्तक शशि की कान्ति का लोकार्पण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर अध्यक्षता करते हुए डॉ. एम गोविन्द राजन ने कहा कि आज अवधी वैश्विक स्तर अपना परचम लहरा रही है।मुख्य अतिथि डॉ. राम बहादुर मिश्र ने कहा कि अवधी आम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176631/awadhi-language-literary-seminar-and-launch-ceremony-organized"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260419-wa0073.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>सृजना साहित्यिक संस्था उत्तर प्रदेश के तत्वावधान मे अवधी काव्य संग्रहों का लोकार्पण एवं अन्तर्राष्ट्रीय अवधी भाषा साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन न्यू एंजिल्स सीनियर सेकेन्डरी स्कूल के आडिटोरियम में हुआ।कार्यक्रम मे डॉ. दयाराम मौर्य रत्न द्वारा प्रणीत अवधी काव्य संग्रह आखर आखर सबद,वरिष्ठ कवि कुंजबिहारी काकाश्री विरचित अवधी काव्य संग्रह असल बाप तो हमही अही और श्रीनाथ सरस की पुस्तक शशि की कान्ति का लोकार्पण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर अध्यक्षता करते हुए डॉ. एम गोविन्द राजन ने कहा कि आज अवधी वैश्विक स्तर अपना परचम लहरा रही है।मुख्य अतिथि डॉ. राम बहादुर मिश्र ने कहा कि अवधी आम जनमानस की भाषा है।इसका साहित्य सर्वग्राह्य है।संपादक वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दयाराम मौर्य 'रत्न' ने कहा कि अवधी लोकमानस और लोकचेतना की भाषा है।अति विशिष्ट अतिथि प्रदीप सारंग ने कहा कि अवधी मे अधिकाधिक लेखन आज समय की मांग है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अति विशिष्ट अतिथि डाॅ. नीरज शुक्ल ने कहा कि अवधी  साहित्य की पहुँच वर्तमान मे विश्व स्तर पर है।इस आयोजन मे शिक्षाविद् डॉ. शाहिदा,आचार्य अनीस देहाती,बेचन लाल विनोदी,लखन प्रतापगढ़ी,सुप्रिया पांडेय,राधेश्याम दीवाना, प्रेमकुमार त्रिपाठी प्रेम,कुंजबिहारी काकाश्री,श्रीनाथ सरस,अमरनाथ बेजोड़,यदुवंशी रसिकाचार्य आदि ने अवधी मे काव्यपाठ किया।कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार निलय ने किया।इस अवसर पर रोशन लाल ऊमरवैश्य,राजेश हर्षपुरी,राकेश कनौजिया,सुनील कुमार,विवेक कुमार आदि उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 20:16:45 +0530</pubDate>
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                <title>हरे भरे पेड़ों पर चला लकड़कट्टो का आरा </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> तहसील शारदा नगर वन रेंज उसिया वीट कलीकापुरवा में  सरकारी नाला के आध दर्जन जामुन व शीशम के हरे भरे पेड़  लकड़कट्टे द्वारा काटे जाने का मामला प्रकाश में आया है।पर्यावरण की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले हरे भरे पेड़ पौधे तमाम कवायदों के बाद भी दिन प्रतिदिन कम होते जा रहे हैं।कारण लक़ड़कट्टा पुलिस व वन विभाग का गठजोड़ हावी है और विभागीय उदासीनता का परिणाम है कि हरे पेड़ों की बेखौफ कटाई की जा रही है। जितने पेड़ कट रहे उसकी तुलना में पौधारोपण व पेड़ों का संरक्षण नहीं हो रहा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार करोड़ों</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176625/wood-sawing-on-lush-green-trees"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/photo02........jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> तहसील शारदा नगर वन रेंज उसिया वीट कलीकापुरवा में  सरकारी नाला के आध दर्जन जामुन व शीशम के हरे भरे पेड़  लकड़कट्टे द्वारा काटे जाने का मामला प्रकाश में आया है।पर्यावरण की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले हरे भरे पेड़ पौधे तमाम कवायदों के बाद भी दिन प्रतिदिन कम होते जा रहे हैं।कारण लक़ड़कट्टा पुलिस व वन विभाग का गठजोड़ हावी है और विभागीय उदासीनता का परिणाम है कि हरे पेड़ों की बेखौफ कटाई की जा रही है। जितने पेड़ कट रहे उसकी तुलना में पौधारोपण व पेड़ों का संरक्षण नहीं हो रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार करोड़ों का बजट देकर हरे पेड़ों को लगाने और संरक्षित करने की पुरजोर कोशिश कर रही है।वहीं जनपद लखीमपुर खीरी  में शारदा नगर रेंज के वीट उसिया के गांव कलीकापुरवा में आधा दर्जन हरेभरे, पेड़ काट  डाले जा रहें हैं। हरे भरे जामुन व शीशम आदि प्रतिबंधित पेड़ों पर आरा चलाया जा रहा है इसके बावजूद  लकड़ी ठेकेदारों के खिलाफ   तहसील प्रशासन व वन विभाग शारदा नगर रेंज व पुलिस शारदा नगर  द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होना चर्चा का विषय बना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 20:09:30 +0530</pubDate>
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                <title>भांभर रेंज में वन विभाग का सर्च ऑपरेशन तेज, ड्रोन से निगरानी; 24 घंटे गश्त जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> जनपद के पचपेड़वा ब्लॉक अंतर्गत भांभर रेंज के रेहरा ग्राम में हाल ही में हुई मानव-वन्य जीव संघर्ष की दुखद घटना के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। विभाग द्वारा वन क्षेत्र से सटे गांवों में युद्ध स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाते हुए 24 घंटे गश्त और वन्य जीवों की लगातार ट्रैकिंग की जा रही है।वन विभाग की टीम ने 11 और 12 अप्रैल को सुबह 6 बजे से 9 बजे तक रेहरा, बेलभरिया, परसरामपुर और पिपरा सडवा गांवों के आसपास करीब 4 से 6 किलोमीटर तक पैदल ट्रैकिंग की, हालांकि इस दौरान किसी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175883/forest-departments-search-operation-in-bhambhar-range-intensified-24-hour-patrolling"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260412-wa0358.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> जनपद के पचपेड़वा ब्लॉक अंतर्गत भांभर रेंज के रेहरा ग्राम में हाल ही में हुई मानव-वन्य जीव संघर्ष की दुखद घटना के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। विभाग द्वारा वन क्षेत्र से सटे गांवों में युद्ध स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाते हुए 24 घंटे गश्त और वन्य जीवों की लगातार ट्रैकिंग की जा रही है।वन विभाग की टीम ने 11 और 12 अप्रैल को सुबह 6 बजे से 9 बजे तक रेहरा, बेलभरिया, परसरामपुर और पिपरा सडवा गांवों के आसपास करीब 4 से 6 किलोमीटर तक पैदल ट्रैकिंग की, हालांकि इस दौरान किसी भी वन्य जीव के पगमार्ग की पुष्टि नहीं हो सकी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भांभर रेंज के वन दरोगा और वन रक्षकों की टीम लगातार क्षेत्र में सक्रिय है और आसपास के गांवों—रेहरा, छोटका-बड़का भुकुरवा, परसरामपुर और गिद्धहवा—में गश्त करते हुए लोगों से वन्य जीवों की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ भी तैनात किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वन विभाग द्वारा गांवों में बैनर, पोस्टर, ई-रिक्शा और लाउडस्पीकर के माध्यम से "क्या करें, क्या न करें" की एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। संवेदनशील गांवों, विशेषकर रेहरा और परसरामपुर में ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा, शाम के समय वन क्षेत्र के पास पटाखे फोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि जंगली जानवर आबादी की ओर न बढ़ें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं, जिससे वन्य जीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। साथ ही ग्राम प्रधानों के सहयोग से चौपाल और जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन कर ग्रामीणों को महुआ बीनने, पशु चराने या लकड़ी लेने के लिए जंगल में न जाने की सख्त हिदायत दी जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डीएफओ ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में वन क्षेत्र में प्रवेश न करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग या स्थानीय पुलिस को सूचना दें। वन विभाग ने विभिन्न रेंज अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत संपर्क किया जा सके। वन विभाग की इस सतर्कता और सघन निगरानी अभियान से क्षेत्र में लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है, वहीं प्रशासन स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 20:33:36 +0530</pubDate>
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