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                <title>River Rejuvenation India - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>River Rejuvenation India RSS Feed</description>
                
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                <title>बस्ती-विकास भवन सभागार में बनेगा सम्पूर्ण नदी सफाई का खाका</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">जनपद बस्ती में विषाक्त हो चुकी6 नदियों की सफाई एवं पुनर्जीवन की मांग को लेकर जारी भूख-हड़ताल सातवें दिन निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई। भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ के दृढ़ संकल्प के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। सातवें दिन सुबह श्री पाण्डेय दर्जनों समर्थकों के साथ ज्ञापन देकर धरने पर बैठे। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों का उन्हें मनाने का सिलसिला शुरू हो गया। सिंचाई एवं बाढ़ खंड के अधिकारियों, क्षेत्राधिकारी नगर एवं उपजिलाधिकारी बस्ती सदर के साथ कई दौर की वार्ता हुई। अधिकारियों ने अवगत कराया कि श्री पाण्डेय का मांग पत्र शासन व संबंधित विभागों को प्रेषित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176121/a-blueprint-for-complete-river-cleaning-will-be-made-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260413-wa0060.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">जनपद बस्ती में विषाक्त हो चुकी6 नदियों की सफाई एवं पुनर्जीवन की मांग को लेकर जारी भूख-हड़ताल सातवें दिन निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई। भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ के दृढ़ संकल्प के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। सातवें दिन सुबह श्री पाण्डेय दर्जनों समर्थकों के साथ ज्ञापन देकर धरने पर बैठे। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों का उन्हें मनाने का सिलसिला शुरू हो गया। सिंचाई एवं बाढ़ खंड के अधिकारियों, क्षेत्राधिकारी नगर एवं उपजिलाधिकारी बस्ती सदर के साथ कई दौर की वार्ता हुई। अधिकारियों ने अवगत कराया कि श्री पाण्डेय का मांग पत्र शासन व संबंधित विभागों को प्रेषित कर दिया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पर पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि 5 फरवरी को दिए गए मांग पत्र पर अब तक हुई ठोस कार्यवाही की जानकारी दी जाए। वार्ता के दौरान प्रशासन द्वारा केंद्रीय जल बोर्ड के सर्वे का उल्लेख किया गया, जिस पर श्री पाण्डेय ने बताया कि यह सर्वे पूर्व में उनके प्रयासों एवं पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी जी के सहयोग से कराया गया था, जिसकी अंतिम रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। श्री पाण्डेय ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में उनके मांग के क्रम में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नदी जल को अत्यंत दूषित बताया जा चुका है, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पाण्डेय के तर्कपूर्ण एवं दृढ़ रुख के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी से वार्ता के बाद निर्णय लिया गया कि मुख्य विकास अधिकारी सभागार में एक व्यापक बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में जनपद के सभी विभागों एवं सिंचाई विभाग के मण्डलीय अधिकारियों की उपस्थिति में नदी सफाई एवं पुनर्जीवन का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि शीघ्र ही अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर नोटिस जारी किया जाएगा, नदियों में गिर रहे नालों पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी तथा सफाई एवं पुनर्जीवन हेतु ठोस कार्ययोजना बनाकर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पर पाण्डेय ने कहा, “हम वार्ता में विश्वास रखते हैं, किन्तु यदि इस बार भी वादाखिलाफी हुई तो हम माननीय मुख्यमंत्री से मिलकर अथवा न्यायालय के माध्यम से लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे।”अंततः प्रशासन द्वारा ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद उपजिलाधिकारी सदर ने जूस पिलाकर श्री पाण्डेय का सात दिवसीय भूख-हड़ताल समाप्त कराया। इस अवसर पर देवशरण शुक्ल, दिग्विजय नाथ पाण्डेय, अभिषेक शर्मा, शिव पूजन चौहान, अमरेश पाण्डेय, महेन्द्र सिंह, राहुल शर्मा, कुलदीप जायसवाल, पशुपतिनाथ चौबे, चन्द्र प्रकाश तिवारी, राजीव पाण्डेय, विमलेंद्र सिंह, शक्तीदीप पाठक, रामधीरज चौधरी सहित सैकड़ों की संख्या में समर्थक उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 18:44:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>नदीयों के पुनरूद्धार के लिए व्यापक रूप लेता आंदोलन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>जनपद की पौराणिक जीवनरेखाएं मानी जाने वाली नदियों  मनोरमा, कुआनो एवं रामरेखा — की बदहाल स्थिति, घाटों पर पसरी गंदगी और विषाक्त हो चुके जल के विरोध में चल रहा धरना एवं भूख-हड़ताल आज छठे दिन भी जारी रहा। दिन बीतने के साथ यह आंदोलन अब और उग्र होता जा रहा है और जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है।आज धरना स्थल पर वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद पाण्डेय एवं अभिषेक तिवारी पहुंचे। दोनों नेताओं ने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए इसे विशुद्ध रूप से जनहित की लड़ाई बताया और कहा कि नदियों का अस्तित्व बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175867/widespread-movement-for-revival-of-rivers-takes-place"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260412-wa0050.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>जनपद की पौराणिक जीवनरेखाएं मानी जाने वाली नदियों  मनोरमा, कुआनो एवं रामरेखा — की बदहाल स्थिति, घाटों पर पसरी गंदगी और विषाक्त हो चुके जल के विरोध में चल रहा धरना एवं भूख-हड़ताल आज छठे दिन भी जारी रहा। दिन बीतने के साथ यह आंदोलन अब और उग्र होता जा रहा है और जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है।आज धरना स्थल पर वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद पाण्डेय एवं अभिषेक तिवारी पहुंचे। दोनों नेताओं ने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए इसे विशुद्ध रूप से जनहित की लड़ाई बताया और कहा कि नदियों का अस्तित्व बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">भूख-हड़ताल पर बैठे भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने प्रशासन की उदासीनता पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “हम संख्या में कम नहीं, बल्कि ज्यादा हैं, क्योंकि हमारे साथ जनहित का मजबूत इरादा खड़ा है। हर दिन सैकड़ों लोग इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं और अपना समर्थन दे रहे हैं। नदियों की दुर्दशा अब किसी से छिपी नहीं है।”</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सुदामा ने जिला प्रशासन को चेतावनी भरे स्वर में कहा कि यदि अब भी ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत कर नदियों की सफाई एवं पुनर्जीवन की दिशा में गंभीर पहल नहीं की गई, तो कल भूख-हड़ताल के सातवें दिन वे प्रशासन की वादाखिलाफी और संवेदनहीनता के विरोध में माननीय प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर भेजने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम किसी भावुकता में नहीं, बल्कि व्यवस्था की चुप्पी तोड़ने के लिए उठाया जाएगाधरना स्थल पर आज भी जनसमर्थन का सिलसिला अनवरत जारी रहा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> इस दौरान प्रमोद पाण्डेय, आशीष तिवारी के साथ देवशरण शुक्ल, दिग्विजय नाथ पाण्डेय, राजीव पाण्डेय, महेंद्र सिंह, राहुल शर्मा, रमेश चौधरी, शकील अहमद, जुवैद, दीनबंधु उपाध्याय, राजेश सिंह, देवेन्द्र पाण्डेय, अनिल तिवारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा उपस्थित रहे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। यह आंदोलन अब केवल नदियों की सफाई तक सीमित नहीं रह गया है। यह जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही की लड़ाई का रूप ले चुका है। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि जिला प्रशासन शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाता है, तो यह जनआंदोलन और अधिक व्यापक एवं तीव्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 20:01:41 +0530</pubDate>
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