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                <title>Environmental Protection India - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Environmental Protection India RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पृथ्वी दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताएं हुई </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली।</strong> पूर्व माध्यमिक विद्यालय नवीनगर में बुधवार को पृथ्वी दिवस कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रधानाचार्या रेनू गुप्ता ने पृथ्वी संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए, छात्र -छात्राओं को शपथ दिलाई।इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पेंटिंग , निबंध प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">छात्र -छात्राओं एवं शिक्षकों ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया।  इस अवसर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र -छात्राओं को पुरस्कार दिए गये।इस दौरान मनोहर लाल सागर, ऋचा सक्सेना , इफ्फ़त महमूद समेत तमाम स्टाफ मौजूद रहा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;">  </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;">  </div>
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</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176977/various-competitions-were-held-on-earth-day"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/2.--------------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली।</strong> पूर्व माध्यमिक विद्यालय नवीनगर में बुधवार को पृथ्वी दिवस कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रधानाचार्या रेनू गुप्ता ने पृथ्वी संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए, छात्र -छात्राओं को शपथ दिलाई।इस दौरान छात्र-छात्राओं ने पेंटिंग , निबंध प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">छात्र -छात्राओं एवं शिक्षकों ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया।  इस अवसर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र -छात्राओं को पुरस्कार दिए गये।इस दौरान मनोहर लाल सागर, ऋचा सक्सेना , इफ्फ़त महमूद समेत तमाम स्टाफ मौजूद रहा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
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</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 21:05:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>न्यू एंजिल्स स्कूल में पृथ्वी दिवस का हुआ आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>न्यू एंजिल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राइमरी और जूनियर विंग में मंगलवार को विश्व पृथ्वी दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पौधे बनकर, चार्ट, स्लोगन और भाषण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।कार्यक्रम की शुरुआत में अक्षत मौर्या, ओम सिंह, शाश्वत मिश्रा, ओबैद, अर्नव त्रिपाठी और आदर्श सिंह ने पेड़-पौधों का रूप धारण कर ‘धरती बचाओ’ का अनूठा संदेश प्रस्तुत किया।मानस डूबे, नैतिक सिंह, स्वरा पांडे, अनमोल सरोज, शिवांश पटेल और आयशा बानो सहित कई छात्र-छात्राओं ने आकर्षक चार्ट बनाए।बच्चों ने चार्ट पर धरती हमें सब कुछ देती है, बदले में हमें</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176969/earth-day-organized-in-new-angeles-school"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260422-wa0075(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>न्यू एंजिल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राइमरी और जूनियर विंग में मंगलवार को विश्व पृथ्वी दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पौधे बनकर, चार्ट, स्लोगन और भाषण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।कार्यक्रम की शुरुआत में अक्षत मौर्या, ओम सिंह, शाश्वत मिश्रा, ओबैद, अर्नव त्रिपाठी और आदर्श सिंह ने पेड़-पौधों का रूप धारण कर ‘धरती बचाओ’ का अनूठा संदेश प्रस्तुत किया।मानस डूबे, नैतिक सिंह, स्वरा पांडे, अनमोल सरोज, शिवांश पटेल और आयशा बानो सहित कई छात्र-छात्राओं ने आकर्षक चार्ट बनाए।बच्चों ने चार्ट पर धरती हमें सब कुछ देती है, बदले में हमें इसे बचाना चाहिये।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पृथ्वी बचाओ - आने वाली पीढ़ी बचाओ और धरती माता करे पुकार, हरा-भरा कर दो संसार जैसे प्रभावशाली स्लोगन लिखे।इज़ना, वेदांश, शिवांश, अंश, तर्श, उबैर्दु रहमान, कौस्तुभ, आकृति, आराध्या, दिव्या, अंशुमान, आसिया बानो आदि विद्यार्थियों ने हिंदी और अंग्रेजी में पृथ्वी बचाने पर सारगर्भित भाषण प्रस्तुत किए। बच्चों ने प्लास्टिक का उपयोग बंद करने, जल संरक्षण और पौधारोपण जैसी नई योजनाएं भी सुझायी।कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुमन सिंह ने किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानाचार्य बीके सोनी ने कहा कि धरती को हरा-भरा रखने के लिए हमें वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण दूर करने का प्रयास करना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए।विद्यालय की चेयरपर्सन डॉ. शाहिदा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि 22 अप्रैल हमें याद दिलाता है कि पृथ्वी ही हमारा एकमात्र घर है,लेकिन प्रदूषण, संसाधनों की बर्बादी और प्लास्टिक के उपयोग से प्रकृति नष्ट हो रही है।हम प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिये। अधिक पेड़ लगाकर और जागरूकता फैलाकर पृथ्वी को हरा-भरा करना  चाहिये।इस अवसर पर मैनेजर एचआर एंड काउंसलर एफ़ ज़ीनत, आरके सिंह, अनामिका मिश्रा, शकुंतला सिंह, रेखा शुक्ला, साक्षी, तनु, रुचि, आर के मिश्रा सहित सभी शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 20:48:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लोगों में वैज्ञानिक सोच होती तो नदियों में दूध नहीं बहाया जाता- जस्टिस अभय एस ओका</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय एस ओका ने हाल ही में चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के लिए वैज्ञानिक सोच  विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को करने से पहले उसे विज्ञान के आधार पर परखना जरूरी है और यह बात धार्मिक आस्थाओं से जुड़े कार्यों पर भी समान रूप से लागू होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह सही और गलत का आकलन करने में मदद करता है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जस्टिस ओका ने उदाहरण देते हुए कहा कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176877/%E2%80%9Cif-people-had-scientific-thinking-then-milk-would-not-have"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/abhay-960x640.png" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय एस ओका ने हाल ही में चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के लिए वैज्ञानिक सोच  विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को करने से पहले उसे विज्ञान के आधार पर परखना जरूरी है और यह बात धार्मिक आस्थाओं से जुड़े कार्यों पर भी समान रूप से लागू होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह सही और गलत का आकलन करने में मदद करता है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जस्टिस ओका ने उदाहरण देते हुए कहा कि नदियों में दूध बहाना या उनमें स्नान करना जैसी प्रथाएं, यदि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से परखी जाएं, तो यह स्पष्ट होगा कि इससे जलीय जीवन को नुकसान होता है और पानी को पुनः सामान्य होने में लंबा समय लगता है। उन्होंने कहा, “दूध पानी में ऑक्सीजन को अवशोषित करता है, जिससे प्रदूषण बढ़ता है और पर्यावरण को गंभीर नुकसान होता है।” </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह टिप्पणी उन्होंने एन राम, निदेशक, द हिंदू समूह द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में की। यह कार्यक्रम राकेश लॉ फाउंडेशन और रोजा मुथैया रिसर्च लाइब्रेरी द्वारा आयोजित वार्षिक व्याख्यान श्रृंखला का हिस्सा था, जिसका विषय था “पर्यावरण – अधिकार या कर्तव्य”। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जस्टिस ओका ने यह भी कहा कि देश में प्रदूषण का सबसे अधिक प्रभाव गरीबों पर पड़ता है, जबकि शहरों में रहने वाले लोग, जो अक्सर प्रदूषण के लिए अधिक जिम्मेदार होते हैं, अपेक्षाकृत आरामदायक जीवन जीते हैं। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि राजनीतिक दल पर्यावरण के मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने पर्यावरण कार्यकर्ताओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए एम सी मेहता जैसे लोगों की सराहना की, जो कानून के उल्लंघन के खिलाफ आवाज उठाते हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त जन समर्थन नहीं मिल पाता। अंत में, उन्होंने कहा कि पर्यावरण कानूनों और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को शिक्षित करना समय की आवश्यकता है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 21:08:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>संजय गांधी नेशनल पार्क में ‘अवैध मजार’ पर वन विभाग का एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">मुंबई से इस वक्त की बड़ी खबर…मुंबई बोरीवली संजय गांधी नेशनल पार्क के संरक्षित वन क्षेत्र में एक कथित अवैध मजार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस मजार पर लंबे समय से धार्मिक गतिविधियां और नमाज़ अदा की जा रही थी, जबकि यह इलाका पूरी तरह से प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट ज़ोन के अंतर्गत आता है..।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कांदिवली पूर्व समता नगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इस इलाके को जानूपाड़ा मैदान कहते है जिसके ऊपर फॉरेस्ट विभाग के अंदर काफी समय से यहां मजार बनाकर यहां धार्मिक अनुष्ठान करने और सरकारी जमीन को कब्जा करने का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176503/forest-departments-action-on-illegal-shrine-in-sanjay-gandhi-national"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/57520.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">मुंबई से इस वक्त की बड़ी खबर…मुंबई बोरीवली संजय गांधी नेशनल पार्क के संरक्षित वन क्षेत्र में एक कथित अवैध मजार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस मजार पर लंबे समय से धार्मिक गतिविधियां और नमाज़ अदा की जा रही थी, जबकि यह इलाका पूरी तरह से प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट ज़ोन के अंतर्गत आता है..।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कांदिवली पूर्व समता नगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इस इलाके को जानूपाड़ा मैदान कहते है जिसके ऊपर फॉरेस्ट विभाग के अंदर काफी समय से यहां मजार बनाकर यहां धार्मिक अनुष्ठान करने और सरकारी जमीन को कब्जा करने का मामला सामने आया था, स्थानीय रहवासी देवांग दवे के अनुसार यह मजार काफी पुराना है, वन विभाग ने पहले भी इस मजार को लेकर तोड़क कार्रवाई की थी लेकिन फिर दुबारा यहां निर्माण कार्य करने पूरा मजार को व्यवस्थित बनाया गया था..</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस स्थान पर बिना अनुमति के मजार का निर्माण किया गया था। मामले की शिकायत मिलने के बाद समता नगर पुलिस की टीम और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस ढांचे को ध्वस्त कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अब उठ रहे हैं बड़े सवाल</strong></div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं—</div>
<div style="text-align:justify;">आखिर संरक्षित वन क्षेत्र में यह ढांचा कैसे बना?</div>
<div style="text-align:justify;">इतने समय तक यहां गतिविधियां कैसे चलती रहीं?</div>
<div style="text-align:justify;">संबंधित विभागों की नजर इससे कैसे चूक गई?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवैध निर्माण को लेकर हमने संजय गांधी नेशनल पार्क के अधिकारी असिस्टेंट कंजरवेटर सुधीर सोनावले से सीधी बातचीत की... वही मामले में स्थानीय रहवासी बीजेपी प्रवक्ता रत्नाकर सिंह की प्रतिक्रिया ली है.. शिकायतकर्ता देवांग दवे का वायरल वीडियो.. मजार को दिखाते हुए... शिकायतकर्ता के अनुसार यहां वन विभाग में बड़े पैमाने पर मजार के नाम पर लैंड जिहाद की कोशिश जारी है..बार बार एक्शन के बाद भी जिहादी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है... फिलहाल, प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल है और अब सभी की नजर इस पर है कि इस पूरे मामले में आगे क्या जांच और खुलासे होते हैं..</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>महाराष्ट्र/गोवा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 20:01:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नदीयों के पुनरूद्धार के लिए व्यापक रूप लेता आंदोलन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>जनपद की पौराणिक जीवनरेखाएं मानी जाने वाली नदियों  मनोरमा, कुआनो एवं रामरेखा — की बदहाल स्थिति, घाटों पर पसरी गंदगी और विषाक्त हो चुके जल के विरोध में चल रहा धरना एवं भूख-हड़ताल आज छठे दिन भी जारी रहा। दिन बीतने के साथ यह आंदोलन अब और उग्र होता जा रहा है और जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है।आज धरना स्थल पर वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद पाण्डेय एवं अभिषेक तिवारी पहुंचे। दोनों नेताओं ने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए इसे विशुद्ध रूप से जनहित की लड़ाई बताया और कहा कि नदियों का अस्तित्व बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175867/widespread-movement-for-revival-of-rivers-takes-place"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260412-wa0050.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>जनपद की पौराणिक जीवनरेखाएं मानी जाने वाली नदियों  मनोरमा, कुआनो एवं रामरेखा — की बदहाल स्थिति, घाटों पर पसरी गंदगी और विषाक्त हो चुके जल के विरोध में चल रहा धरना एवं भूख-हड़ताल आज छठे दिन भी जारी रहा। दिन बीतने के साथ यह आंदोलन अब और उग्र होता जा रहा है और जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है।आज धरना स्थल पर वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद पाण्डेय एवं अभिषेक तिवारी पहुंचे। दोनों नेताओं ने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए इसे विशुद्ध रूप से जनहित की लड़ाई बताया और कहा कि नदियों का अस्तित्व बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">भूख-हड़ताल पर बैठे भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने प्रशासन की उदासीनता पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “हम संख्या में कम नहीं, बल्कि ज्यादा हैं, क्योंकि हमारे साथ जनहित का मजबूत इरादा खड़ा है। हर दिन सैकड़ों लोग इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं और अपना समर्थन दे रहे हैं। नदियों की दुर्दशा अब किसी से छिपी नहीं है।”</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सुदामा ने जिला प्रशासन को चेतावनी भरे स्वर में कहा कि यदि अब भी ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत कर नदियों की सफाई एवं पुनर्जीवन की दिशा में गंभीर पहल नहीं की गई, तो कल भूख-हड़ताल के सातवें दिन वे प्रशासन की वादाखिलाफी और संवेदनहीनता के विरोध में माननीय प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर भेजने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम किसी भावुकता में नहीं, बल्कि व्यवस्था की चुप्पी तोड़ने के लिए उठाया जाएगाधरना स्थल पर आज भी जनसमर्थन का सिलसिला अनवरत जारी रहा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> इस दौरान प्रमोद पाण्डेय, आशीष तिवारी के साथ देवशरण शुक्ल, दिग्विजय नाथ पाण्डेय, राजीव पाण्डेय, महेंद्र सिंह, राहुल शर्मा, रमेश चौधरी, शकील अहमद, जुवैद, दीनबंधु उपाध्याय, राजेश सिंह, देवेन्द्र पाण्डेय, अनिल तिवारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा उपस्थित रहे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। यह आंदोलन अब केवल नदियों की सफाई तक सीमित नहीं रह गया है। यह जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही की लड़ाई का रूप ले चुका है। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि जिला प्रशासन शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाता है, तो यह जनआंदोलन और अधिक व्यापक एवं तीव्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 20:01:41 +0530</pubDate>
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