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                <title>mukhtar ansari - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>mukhtar ansari RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गैंगस्टर से सिर्फ रिश्तेदारी के आधार पर संपत्ति जब्त नहीं: इलाहाबाद हाइकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>इलाहाबाद हाइकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि किसी व्यक्ति की संपत्ति केवल इस आधार पर जब्त नहीं की जा सकती कि वह किसी गैंगस्टर का रिश्तेदार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि संपत्ति जब्ती के लिए अपराध और संपत्ति के बीच सीधा संबंध (नेक्सस) साबित होना जरूरी है। जस्टिस राज बीर सिंह की पीठ ने मंसूर अंसारी की अपील स्वीकार करते हुए उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश रद्द कर दिया। मंसूर अंसारी, कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा मंसूर अंसारी की दुकानों और भवन को 'बेनेमी संपत्ति' बताते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173551/allahabad-high-court-will-not-confiscate-property-from-gangster-merely"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/allahabad-high-court2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>इलाहाबाद हाइकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि किसी व्यक्ति की संपत्ति केवल इस आधार पर जब्त नहीं की जा सकती कि वह किसी गैंगस्टर का रिश्तेदार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि संपत्ति जब्ती के लिए अपराध और संपत्ति के बीच सीधा संबंध (नेक्सस) साबित होना जरूरी है। जस्टिस राज बीर सिंह की पीठ ने मंसूर अंसारी की अपील स्वीकार करते हुए उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश रद्द कर दिया। मंसूर अंसारी, कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा मंसूर अंसारी की दुकानों और भवन को 'बेनेमी संपत्ति' बताते हुए जब्त किया गया, जिसे गाजीपुर के विशेष न्यायालय (गैंगस्टर एक्ट) ने भी सही ठहराया।</p>
<p style="text-align:justify;">हाइकोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं असामाजिक क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 के तहत संपत्ति जब्त करने की शक्ति असीमित नहीं है। इसके लिए यह साबित करना आवश्यक है कि संबंधित व्यक्ति ने गैंग के सदस्य या संचालक के रूप में किसी अपराध से अर्जित धन से संपत्ति बनाई।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कहा, “सिर्फ आरोप या संदेह के आधार पर संपत्ति जब्त नहीं की जा सकती। अपराध और संपत्ति के बीच स्पष्ट संबंध होना अनिवार्य है।” कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वास करने का कारण केवल शक या अंदाजे पर आधारित नहीं हो सकता बल्कि ठोस साक्ष्यों पर आधारित होना चाहिए। इस मामले में अदालत ने पाया कि राज्य ऐसा कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका जिससे यह साबित हो कि संपत्ति अपराध से अर्जित धन से बनाई गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने यह भी कहा कि कानून के तहत यह जरूरी नहीं है कि संपत्ति वापस पाने के लिए व्यक्ति खुद अपनी आय का स्रोत साबित करे। पहले राज्य को यह सिद्ध करना होगा कि संपत्ति अपराध से जुड़ी है। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि मंसूर अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाइकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल मुख्तार अंसारी का रिश्तेदार होने के आधार पर संपत्ति जब्त करना पूरी तरह गलत है। अदालत ने जिला मजिस्ट्रेट और स्पेशल कोर्ट के आदेशों को मनमाना और बिना आधार बताते हुए रद्द कर दिया और राज्य सरकार को तत्काल संपत्ति मुक्त करने का निर्देश दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 21:06:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्तार अंसारी की जेल में मौत की जांच याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गैंगस्टर-राजनेता मुख्तार अंसारी की मौत की जांच मामले में बेटे उमर अंसारी की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया. यूपी के दबंग नेता रहे मुख्तार अंसारी की बीते साल यूपी की बांदा जेल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. उमर ने शुरुआत में ही पने पिता मुख्तार अंसारी के लिए सुरक्षा की मांग की थी. साथ ही उन्होंने उन्हें उत्तर प्रदेश से बाहर की जेल में भेजे जाने का अनुरोध किया था. पिता मुख्तार की मौत के बाद उमर ने इस मौत से जुड़ी परिस्थितियों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151591/investigation-petition-for-death-of-mukhtar-ansari-in-jail-rejected"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/supream-court.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गैंगस्टर-राजनेता मुख्तार अंसारी की मौत की जांच मामले में बेटे उमर अंसारी की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया. यूपी के दबंग नेता रहे मुख्तार अंसारी की बीते साल यूपी की बांदा जेल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. उमर ने शुरुआत में ही पने पिता मुख्तार अंसारी के लिए सुरक्षा की मांग की थी. साथ ही उन्होंने उन्हें उत्तर प्रदेश से बाहर की जेल में भेजे जाने का अनुरोध किया था. पिता मुख्तार की मौत के बाद उमर ने इस मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की मांग की थी.।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने कहा कि चूंकि याचिका मूल रूप से उमर के पिता के जीवित रहते ही दायर की गई थी. इसलिए पीठ ने उनकी मृत्यु के बाद कार्यवाही जारी रखने में अनिच्छा व्यक्त की.। इस मामले को लेकर पीठ ने उमर से कहा कि वह किसी भी कानूनी कार्यवाही के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएं. उमर ने दावा किया कि हालांकि उनके पिता की मौत की न्यायिक जांच की गई थी, लेकिन उन्हें अब तक रिपोर्ट नहीं मिली.।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बीते साल जुलाई में उमर ने दावा किया था कि उसके पिता को दिए गए भोजन के माध्यम से उन्हें "ज़हर" दिया गया था. इसके साथ ही उन्हें जरूरी मेडिकल सेवाएं भी नहीं दी गई थीं. जिसकी वजह से हिरासत में ही मुख्तार अंसारी की मौत हो गई थी. उमर अंसारी ने साल 2023 में एक याचिका दायर कर यूपी के बांदा जेल में बंद अपने पिता मुख्तार अंसारी की सुरक्षा को खतरा होने का आरोप लगाया था.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बीते साल 28 मार्च को मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र से 5 बार विधायक रहे अंसारी की बांदा के एक अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. उमर के वकील ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल को अपने पिता की सुरक्षा को लेकर जो डर था, वही हुआ</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 May 2025 21:50:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मऊ एमपी-एमएलए कोर्ट में  अब्बास अंसारी विडियो कांफ्रेंस से  हुई पेशी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मऊ </strong></p>
<p>  मऊ सदर सीट से सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी की पेशी एमपी एमएलए कोर्ट मऊ में हुई। जबकि कासगंज जेल में बंद हैं वहीं से अब्बास अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एमपी एमएलए कोर्ट में पेश हुआ। मुख्य मजिस्ट्रेट श्वेता चौधरी ने सुनवाई करते हुए हेट स्पीच के मामले में अगली तारीख 15 जुलाई मुकर्रर की है।</p>
<h4><strong>आचार संहिता उल्लंघन और हेट स्पीच मामले में दर्ज है मुकदमा</strong></h4>
<p>माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे व मऊ की सदर सीट से विधायक अब्बास अंसारी पर 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन और हेट स्पीच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/131825/abbas-ansari-produced-through-video-conference-in-mau-mp-mla-court"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/मऊ-एमपी-एमएलए-कोर्ट-में- अब्बास-अंसारी-विडियो-कांफ्रेंस-से.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मऊ </strong></p>
<p> मऊ सदर सीट से सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी की पेशी एमपी एमएलए कोर्ट मऊ में हुई। जबकि कासगंज जेल में बंद हैं वहीं से अब्बास अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एमपी एमएलए कोर्ट में पेश हुआ। मुख्य मजिस्ट्रेट श्वेता चौधरी ने सुनवाई करते हुए हेट स्पीच के मामले में अगली तारीख 15 जुलाई मुकर्रर की है।</p>
<h4><strong>आचार संहिता उल्लंघन और हेट स्पीच मामले में दर्ज है मुकदमा</strong></h4>
<p>माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे व मऊ की सदर सीट से विधायक अब्बास अंसारी पर 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन और हेट स्पीच के मामले में मऊ के कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। लेकिन अब्बास अंसारी के भाई उमर अंसारी के कोर्ट में हाजिर नहीं होने से जज ने मामले में अगली तारीख 15 जुलाई निर्धारित की है।</p>
<h4><strong>तीन बार एनबीडब्ल्यू वारंट जारी होने के बावजूद भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ उमर अंसारी</strong></h4>
<p>मऊ नगर के कोतवाली में आचार संहिता उल्लंघन और हेट स्पीच के मामले में दर्ज मुकदमे में विधायक अब्बास अंसारी के साथ भाई उमर अंसारी और चाचा मंसूर का भी नाम है। अब्बास अंसारी और मंसूर अंसारी कोर्ट में पेश हो चुके हैं लेकिन हेट स्पीच के मामले में कोर्ट के द्वारा बार-बार वारंट जारी करने के बावजूद भी उमर अंसारी कोर्ट में पेश नहीं होता है। </p>
<p>एमपी एमएलए कोर्ट मऊ की जज श्वेता चौधरी उमर अंसारी को कोर्ट में पेश करने के लिए तीन बार गैर जमानती वारंट भी जारी कर चुकी हैं इसके बावजूद भी उमर अंसारी अभी तक कोर्ट में नहीं पेश हुआ। उमर अंसारी के कोर्ट में पेश नहीं होने के चलते हेट स्पीच और और आचार संहिता उल्लंघन मामले में कोर्ट में आरोप पत्र नहीं दाखिल हो पा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Jul 2023 22:40:35 +0530</pubDate>
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