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                <title>cyber cell - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>cyber cell RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लोटन पुलिस द्वारा साइबर  जागरुकता अभियान के तहत लोगों को किया गया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong> साइबर जागरूकता अभियान  के तहत कस्बा लोटन सहित गांवों के लोगों को वर्तमान मे हो रहे पैसों  की धोखाधडी/साइबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधों और साइबर अपराध के प्रति लोटन कोतवाली पुलिस द्वारा जागरूक किया गया। बुधवार को थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा  के नेतृत्व में साइबर सेल टीम के द्वारा  कस्बा लोटन सहित गांव के लोगों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत  साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी। अपराधों के रोकथाम हेतु शासन द्वारा जारी  हेल्पलाइन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180969/lotan-police-made-people-aware-under-cyber-awareness-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781100453472-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong> साइबर जागरूकता अभियान  के तहत कस्बा लोटन सहित गांवों के लोगों को वर्तमान मे हो रहे पैसों  की धोखाधडी/साइबर फ्राड/ व सोशल मीडिया (व्हाट्स एप्प फेसबुक,ट्वीटर जैसे सोशल प्लोटफार्म) पर अनावश्यक रूप से अवैध कमेंट/आपत्तिजनक वीडियो और व्यक्तिगत जानकारियों के दुरूपयोग जैसे अपराधों और साइबर अपराध के प्रति लोटन कोतवाली पुलिस द्वारा जागरूक किया गया। बुधवार को थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा  के नेतृत्व में साइबर सेल टीम के द्वारा  कस्बा लोटन सहित गांव के लोगों को साईबर जागरूकता अभियान के अन्तर्गत  साइबर अपराधों से बचने के सम्बन्ध मे जानकारी दी गयी। अपराधों के रोकथाम हेतु शासन द्वारा जारी  हेल्पलाइन नंबर 1930 और एनसीआरपी  पोर्टल पर रिपोर्टिंग निर्देशों से अवगत कराया गया ।सभी ऑनलाइन खातों के लिए एक ही पासवर्ड का उपयोग करने से बचें। व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी कभी भी किसी अज्ञात फोन कॉल या ईमेल पर साझा न करें।अज्ञात स्रोतों से आए लिंक पर क्लिक करने या अटैचमेंट खोलने से बचें।अपने सभी उपकरणों पर एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करें और उसे अपडेट रखें।सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतें।ऑनलाइन खरीददारी के लिए केवल सुरक्षित वेबसाइट्स का ही उपयोग करें। इस दौरान महिला कास्टेबल  पूजा वर्मा आदि उपस्थित रहे।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 20:00:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिटल अरेस्‍ट के बाद आ गए डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स, ऑनलाइन धोखाधड़ी के इस तरीके को समझ लें अभी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>डिजिटल अरेस्‍ट के बाद आ गए डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स, ऑनलाइन धोखाधड़ी के इस तरीके को समझ लें अभी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><em><strong>खबर: अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Disposable domains Scam</strong>: लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के ल‍िए साइबर अपराधी अब ड‍िज‍िटल डोमेन्‍स का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। ये ऐसी वेबसाइटें होती हैं जो कुछ समय के ल‍िए लाइव होती हैं और अपना काम करके गायब हो जाती हैं।   </p>
<p style="text-align:justify;">साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल स्‍कैम ऐसी मुसीबत बन गई हैं, जो लोगों का पीछा नहीं छोड़ रही। साइबर अपराधी अब एक नए तरीके को आजमा रहे हैं। वो इस्‍तेमाल कर रहे हैं डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152852/disposable-domains-have-come-after-digital-arrest-understand-this-method"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250627-wa0017.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>डिजिटल अरेस्‍ट के बाद आ गए डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स, ऑनलाइन धोखाधड़ी के इस तरीके को समझ लें अभी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><em><strong>खबर: अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Disposable domains Scam</strong>: लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के ल‍िए साइबर अपराधी अब ड‍िज‍िटल डोमेन्‍स का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। ये ऐसी वेबसाइटें होती हैं जो कुछ समय के ल‍िए लाइव होती हैं और अपना काम करके गायब हो जाती हैं।   </p>
<p style="text-align:justify;">साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल स्‍कैम ऐसी मुसीबत बन गई हैं, जो लोगों का पीछा नहीं छोड़ रही। साइबर अपराधी अब एक नए तरीके को आजमा रहे हैं। वो इस्‍तेमाल कर रहे हैं डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स यह साइबर अपराधियों का मायाजाल है जो अपना काम करके फुर्र हो जाता है। आपको इससे बहुत सतर्क रहने की जरूरत है, क्‍योंकि ऐसी धोखाधड़ी अब शुरू हो गई है। सरकार की तरफ से इसे लेकर अलर्ट किया गया है। क्‍या होते हैं डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स। साइबर अपराधी इनका किस तरह से इस्‍तेमाल कर रहे हैं। यह सारी जानकारी हम आपको देने जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>क्‍या हैं डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स (Disposable domains)</strong><br />गृह मंत्रालय के तहत आने वाले एक्‍स अकाउंट साइबर दोस्‍त डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स से होने वाले फ्रॉड को लेकर सचेत किया है। डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स उन वेबसाइटों को कहा जाता है जो कुछ देर के लिए बनाई जाती हैं। यह कुछ घंटों से लेकर सुबह से शाम तक चल सकती हैं। आमतौर पर असली दिखने वाली वेबसाइटों की हूबहू कॉपी होती हैं। लोगों को लगता है कि वो असली वेबसाइट पर हैं। शॉपिंग कर रहे हैं। लेकिन ऐसा होता नहीं। ये वेबसाइटें लोगों की जानकारी चुराकर या उन्‍हें चूना लगाकर गायब हो जाती हैं। यानी गूगल पर ढूंढने से भी नहीं मिलेंगी और आप सोचते रह जाएंगे कि गलती कहां हुई, पैसा कहां निकल गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स काे कैसे पहचानें </strong><br />डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स के जरिए छलने वाली वेबसाइटें भले असली लगें लेकिन उनके यूआरएल यानी डोमेन से आप पहचान कर सकते हैं। अगर किसी वेबसाइट में .click, .buzz .monster जैसा शब्‍द दिख रहा है तो वह फर्जी वेबसाइट हो सकती है। वेबसाइट में स्‍पेलिंग मिस्‍टेक है जैसे गूगल ही सही नहीं लिखा तो वह भी डिस्‍पोजेबल डोमेन हो सकता है। अगर आपको मैसेज में या ईमेल में किसी वेबसाइट का लिंक आ रहा है तो वह भी डिस्‍पोजेबल डोमेन से जुड़ा हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स क्‍या काम करते हैं</strong><br />जैसाकि हमने बताया, डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स मुख्‍य रूप से यूजर की जानकारी चुराते हैं। यह आपके पासवर्डों में सेंध लगा सकते हैं। आपकी डिवाइस जैसे-मोबाइल या कंप्‍यूटर में वायरस लोड कर सकते हैं। फेक शॉपिंग वेबसाइट के रूप में आपके साथ कोई डिस्‍पोजेबल डोमेन आ सकता है। उस वेबसाइट में फर्जी ऑफर दिए जाते हैं और कई बार लोग लालच में फंसकर अपना पैसा गंवा देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स का इस्‍तेमाल ही क्‍यों </strong><br />आप सोच रहे होंगे कि कोई भी डोमेन लेने के लिए काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं, खासतौर पर वह अगर पॉपुलर डोमेन हो। हां यह सच है, लेकिन डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स के मामले में ऐसा नहीं होता। यह काफी सस्‍ते में मिल जाते हैं। बताया गया है कि इन वेबसाइटों को सेटअप करना और डिलीट करना भी बहुत आसान होता है। इन्‍हें एकसाथ बल्‍क में तैयार किया जा सकता है यानी एक साथ कई नकली वेबसाइटें बनाई जा सकती हैं। सबसे खतरनाक बात कि ऐसी वेबसाइटों को ट्रेस कर पाना काफी मुश्किल होता है। इसलिए अगर आप भी ऑनलाइन एक्टिव रहते हैं। वेबसाइटों से शॉपिंग करते हैं, तो अलर्ट हो जाएं। डिस्‍पोजेबल डोमेन्‍स की पहचान करके खुद को सेफ रखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jun 2025 18:27:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Uttrakhand]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश, सात लाख रुपया बरामद </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>  </strong><strong>कुशीनगर।</strong></div>
<div>जिले के थाना कसया, स्वाट व साईबर सेल की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 59/2024 धारा 406/420 भादवि का अनावरण करते हुए जनपद व आस-पास के क्षेत्रो के रहने वाले भोले-भाले लोगो को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़े कर कुटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके साथ छलकपट कर धनउगाही करने वाले गिरोह के 04 नफर अभियुक्तों मुकेश रावत उर्फ रंजन कुमार सिंह पुत्र मदन रावत निवासी त्रिलोकपुर थाना उचका गांव जिला गोपालगंज बिहार,प्रिन्स कुमार उर्फ सुल्तान दुर्रानी पुत्र उमाशंकर पटेल निवासी अन्ना चौराहा थाना चकेरी जनपद कानपुर नगर ,मंतोष तिवारी पुत्र</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138815/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bthug-gang-busted-seven-lakh-rupees-recovered"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/फोटो-41.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong> </strong><strong>कुशीनगर।</strong></div>
<div>जिले के थाना कसया, स्वाट व साईबर सेल की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 59/2024 धारा 406/420 भादवि का अनावरण करते हुए जनपद व आस-पास के क्षेत्रो के रहने वाले भोले-भाले लोगो को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़े कर कुटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके साथ छलकपट कर धनउगाही करने वाले गिरोह के 04 नफर अभियुक्तों मुकेश रावत उर्फ रंजन कुमार सिंह पुत्र मदन रावत निवासी त्रिलोकपुर थाना उचका गांव जिला गोपालगंज बिहार,प्रिन्स कुमार उर्फ सुल्तान दुर्रानी पुत्र उमाशंकर पटेल निवासी अन्ना चौराहा थाना चकेरी जनपद कानपुर नगर ,मंतोष तिवारी पुत्र सीताराम तिवारी निवासी अभिनायकपुर थाना कसया कुशीनगर ,संजीत गुप्ता पुत्र भकोल गुप्ता निवासी पाण्डेय बरदहा थाना पटहेरवा कुशीनगर को गिरफ्तार किया गया ।</div>
<div> </div>
<div>गिरफ्तार अभियुक्तगण के पास से सात लाख दो हजार रूपये नगद, अपराध में प्रयुक्त तीन अदद लैपटाप भिन्न भिन्न कंपनीयो के, अपराध में प्रयुक्त 13 अदद मोबाईल भिन्न भिन्न कंपनीयो के आईफोन सहित, 22 अदद बन्धक पासपोर्ट, 40 अदद कुटरचित मुहरे (सरकारी व गैर सरकारी), 25 अदद फर्जी कुटरचित आधार कार्ड, अपराध में प्रयुक्त 39 अदद फर्जी सिम कार्ड, 68  अदद कुटरचित एग्रीमेन्ट लेटर सम्बन्धित केन्या राष्ट्र, 23 अदद आफर लेटर भिन्न भिन्न विदेशी कंपनीयो के (कुटरचित) व 23 अदद भिन्न भिन्न मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट कुटरचित मोहर व हस्ताक्षर सहित, फर्जीवाड़े में प्रयुक्त दो अदद मानीटर, एक अदद सीपीयू, एक अदद किबोर्ड, एक बण्डल फर्जीवाड़े के हिसाब किताब के रजिस्टर, 87 अदद जाब आफर लेटर केन्या देश का, 16 अदद रिज्यूम लेटर तथा उक्त अपराधिक कृत्य में अपराध हेतु प्रयुक्त एक अदद मोटरसाईकिल बरामद किया गया। बरामदगी के आधार पर उक्त मुकदमें में 467/468/471/120बी भादवि व 66C व 66D आईटी एक्ट की बढोत्तरी की गयी  है। </div>
<div> </div>
<div><strong>अपराध का तरीका</strong></div>
<div>गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि हम लोग नार्थन टूर एण्ट ट्रैवेल्स एजेन्सी की आड में जो सैकडो भोले-भाले लोगो को विदेश भेजने के नाम पर फर्जी व धोखाधडी से हवाई टिकट कूटरचना कर उपलब्ध करा देते थे तथा अपने नार्थन टूर एण्ट ट्रैवेल्स एजेन्सी नाम से स्थापित संस्थान के कार्यालय में स्थापित किये गये इलेक्ट्रानिक सिस्टम से आनलाईन पेन सिग्नेचर गुगल बेवसाईट से साईट से भिन्न- भिन्न देशो जैसे कुवैत,उज्बेकिस्तान,कतर, सउदी अरब, कम्बोडिया, मलेशिया,  हांकांग, इजिप्ट, केन्या आदि के अन्तर्गत स्थित भिन्न-भिन्न कम्पनियों के सर्विस आफर लेटर को हैकर तथा कम्पनी के विभागध्यक्षो के नाम व हस्ताक्षर को अपने इलेक्ट्रानिक सिस्टम में एमएस वर्ड व एमएस एक्सेल में सिफ्ट कर कूटरचित दस्तावेजो को निकालकर तथा मौजूद कूटरचित मुहरो की सहायता से स्वफर्जी हस्ताक्षरित कर भोले भाले लोगो को धोखाधडी से उक्त कागजात उपलब्ध करा देते है</div>
<div> </div>
<div>तथा उनसे मोटी रकम ले लेते है तथा इन भोले -भाले लोगो का स्वास्थ्य का फिटनेश सर्टीफिकेट भी अपनी मर्जी से फर्जीवाडा कर तथा इनसे अलग से हजारो रूपये वसूलकर कूटरचित दस्तावेजो का भी इस्तेमाल कर फिटनेस सर्टीफिकेट कुशीनगर व गोरखपुर में स्थित भिन्न-भिन्न संस्थानो जैसे- शंकर पैथोलाजी एण्ड एक्सरे सेन्टर कसया कुशीनगर, वीजन इमैजिन एण्ड डाईग्नेस्टिक सेन्टर गोरखपुर के कुछ व्यक्तियों के मिलीभगत से भोले भाले लोगो से ज्यादा मात्रा में पैसा वसूलते है तथा इनको छल कर उनमें से भी आधा पैसा उसके बिना जानकारी के आपस में बाट लेते है एवं इनको दिल्ली मुंम्बई आदि एयरपोर्टो में भेजकर विदेश जाने के लिए भेजे देते है। इन भोले भाले लोगो को तब पता लगता है कि यह एयर टिकट व बीजा कागजात व आफरिंग लेटर फर्जी है तथा निराश होकर मन मारकर वापस आ जाते है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/138815/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bthug-gang-busted-seven-lakh-rupees-recovered</link>
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                <pubDate>Tue, 20 Feb 2024 17:18:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस कर ₹30000 की रकम वापस  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बाराबंकी </strong></p>
<p>साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस कर ₹30000 की रकम गवाने वाले पीड़ित को साइबर सेल टीम बाराबंकी पुलिस द्वारा रकम वापस दिला दी गई। </p>
<p>थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी के देवा रोड रफीनगर सी/1209 निवासी मोहम्मद कफील खान पुत्र स्वर्गीय अजीम खान ने साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी कर यूपीआई के माध्यम से ₹30000 निकाल लिए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए साइबर सेल टीम द्वारा पूरी रकम वापस करा दी गई। </p>
<p>शिकायत का निस्तारण करने वाली साइबर सेल टीम में निरीक्षक विजय सिंह सिरोही प्रभारी साइबर सेल मुख्य आरक्षित चंद्र प्रकाश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/131820/caught-in-the-clutches-of-cyber-criminals-the-amount-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/साइबर-अपराधियों-के-चंगुल-में-फंस-कर-₹30000-की-रकम-वापस- .jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बाराबंकी </strong></p>
<p>साइबर अपराधियों के चंगुल में फंस कर ₹30000 की रकम गवाने वाले पीड़ित को साइबर सेल टीम बाराबंकी पुलिस द्वारा रकम वापस दिला दी गई। </p>
<p>थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी के देवा रोड रफीनगर सी/1209 निवासी मोहम्मद कफील खान पुत्र स्वर्गीय अजीम खान ने साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी कर यूपीआई के माध्यम से ₹30000 निकाल लिए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए साइबर सेल टीम द्वारा पूरी रकम वापस करा दी गई। </p>
<p>शिकायत का निस्तारण करने वाली साइबर सेल टीम में निरीक्षक विजय सिंह सिरोही प्रभारी साइबर सेल मुख्य आरक्षित चंद्र प्रकाश यादव कुलदीप यादव अनुराग उपाध्याय आरक्षी अभिषेक चपराणा, राजन यादव गौरव त्रिपाठी आदि पुलिसकर्मी शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Jul 2023 22:11:40 +0530</pubDate>
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